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नुक्कड़ नाटक के माध्यम से SIR के प्रति जागरुकता के लिए शिविर का आयोजन किया गया

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

निर्वाचन विभाग, यूटी चंडीगढ़ ने भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के केंद्रीय संचार ब्यूरो के सहयोग से आज सुखना लेक पर विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया।

नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कलाकारों ने मतदाता सूची को अद्यतन रखने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मतदाताओं से 14 जुलाई 2026 की अंतिम तिथि से पहले अपने गणना प्रपत्र (Enumeration Form) जमा करने की अपील की। इस पहल को सुखना लेक पर आए नागरिकों ने सराहा।

एसआईआर अभियान के अंतर्गत 11 एवं 12 जुलाई 2026 को यूटी चंडीगढ़ के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक मतदाताओं की सहायता के लिए उपलब्ध रहेंगे।

सभी मतदाताओं से अनुरोध है कि वे अपने संबंधित मतदान केंद्र पर जाकर उपलब्ध सहायता का लाभ उठाएं तथा 14 जुलाई 2026 तक अपना गणना प्रपत्र अवश्य जमा करें।

अधिक जानकारी के लिए मतदाता वोटर हेल्पलाइन 1950 पर संपर्क कर सकते हैं अथवा ईसीआईनेट (ECINet) ऐप एवं पोर्टल पर उपलब्ध ‘Book a Call with BLO’ सुविधा का उपयोग कर अपने संबंधित बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं।

उत्तराखंड में 8.39 लाख वोट काटने की तैयारी, Pre SIR में पहले ही कट चुके 4.53 वोट

देहरादून / सत्ता संदेश

चुनाव आयोग की प्री एसआईआर में मृत, शिफ्ट या अनुपस्थित होने के चलते 4.53 लाख मतदाताओं के वोट कटने के बाद अब एसआईआर में 8.39 लाख वोट और काटने की तैयारी है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि ये भी ऐसे लोगों के वोट हैं, जो या तो मर चुके हैं या फिर कहीं शिफ्ट हो चुके हैं। ऐसे भी हैं जो कि दोहरे मतदाता थे या पते पर मौजूद नहीं मिले। 14 जुलाई को जारी होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची से इनको अलग कर दिया जाएगा।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ.विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि राज्य में एक जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर आठ जून से सात जुलाई तक प्रदेश में गणनापत्रों के वितरण और डिजिटाइज का कार्य पूरा होना है। 79 लाख 60 हजार 762 मतदाताओं के सापेक्ष 70 लाख 98 हजार 501 मतदाताओं के फार्म डिजिटाइज कर दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में 8 लाख 39 हजार 486 मतदाता अनकलेक्टेड श्रेणी में शामिल हैं। जिसके तहत 1 लाख 23 हजार 836 मृत, 4 लाख 77 हजार 148 स्थायी रूप से शिफ्ट, 61,764 पहले से पंजीकृत, 1 लाख 68 हजार 259 अनुपस्थित और 8479 मतदाता अन्य कारणों से शामिल हैं।

14 जुलाई को वोटर लिस्ट से अलग कर दिए जाएंगे

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट रोल का प्रकाशन किया जाएगा। जो भी मतदाता अनकलेक्टेड श्रेणी के हैं, वे इस मतदाता सूची से अलग कर दिए जाएंगे। उनकी अलग से सूची राजनैतिक दलों व अन्य जगहों पर उपलब्ध कराई जाएगी। 14 जुलाई से 13 अगस्त के बीच दावे एवं आपत्तियों को दर्ज करने का समय दिया गया है। 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक नोटिस की अवधि एवं दावे आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर को किया जाएगा। उन्होंने सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों से शत-प्रतिशत बूथ लेवल एजेंट्स नियुक्त करने की अपील की। 11,733 पोलिंग बूथ के सापेक्ष 23,102 बीएलए तैनात हैं।

4.53 लाख मतदाता प्री एसआईआर में कटे

उत्तराखंड में पिछले साल छह जनवरी को जारी मतदाता सूची में 84,29,459 मतदाता थे। इस साल जनवरी में नई सूची जारी नहीं हुई। इसके बजाए मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने एएसडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृतक) सूची पर काम किया। नतीजतन प्री एसआईआर के बाद जो डाटा सामने आया, उसमें प्रदेश में 4,53,459 मतदाता हटा दिए गए थे। कुल संख्या करीब 79 लाख की बची थी। अब इसमें से करीब आठ लाख मतदाता और कटने के बाद संख्या 70 लाख तक बचेगी।

चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: 22 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में होगा मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण (SIR), अप्रैल से शुरू होगी प्रक्रिया

नेशनल डेस्क: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने देश के 22 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की तैयारी शुरू कर दी है। आयोग ने इन राज्यों को इस प्रक्रिया के लिए तैयार रहने और संबंधित तैयारियों को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

अप्रैल 2026 से शुरू होगा काम: निर्वाचन आयोग के अनुसार, शेष बचे हुए राज्यों में यह विशेष गहन संशोधन अप्रैल 2026 से शुरू होगा। इस प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया जाएगा और नए मतदाताओं को पंजीकृत किया जाएगा। आयोग ने इसके लिए एक विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया है, जिसमें मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशन, दावे और आपत्तियां प्राप्त करना और अंत में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन शामिल है।

इन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में होगा SIR : आगामी अप्रैल महीने में जिन प्रमुख क्षेत्रों में यह प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है, उनमें दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, और उत्तराखंड शामिल हैं। इसके अलावा पूर्वोत्तर के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा में भी यह पुनरीक्षण किया जाएगा।

क्या है SIR का उद्देश्य? SIR का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के सभी पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल हों ताकि वे अपने वोट के अधिकार का उपयोग कर सकें। इस चरण के पूरा होने के बाद भारत के सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश SIR के दायरे में आ जाएंगे। गौरतलब है कि बिहार में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में यह वर्तमान में जारी है।