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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और दक्षिण कोरिया के पूर्व सैनिक मामलों के मंत्री क्वोन ओह-यूल ने सियोल में भारतीय युद्ध स्मारक का उद्घाटन किया


दिल्ली / सत्ता संदेश

यह स्‍मारक कोरियाई युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों के शौर्य, बलिदान और मानवीय योगदान को श्रद्धांजलि है

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह और दक्षिण कोरिया के पूर्व सैनिक मामलों के मंत्री श्री क्वोन ओह-यूल ने 21 मई, 2026 को सियोल के इमजिनगैक पार्क में संयुक्त रूप से भारतीय युद्ध स्मारक का उद्घाटन किया। कोरियाई युद्ध की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में निर्मित यह स्मारक, युद्ध के दौरान भारतीय सेना की 60 पैरा फील्ड एम्बुलेंस और कस्‍टोडियन फोर्स ऑफ इंडिया (सीएफआई) के साहस, बलिदान और मानवीय सेवा को श्रद्धांजलि अर्पित करता है।

दोनों मंत्रियों ने स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और उन बहादुर भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि दी जिनकी सेवा को कोरिया गणराज्य के लोग आज भी गहरे सम्मान और कृतज्ञता के साथ याद करते हैं।

रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और मानवीय सहायता के क्षेत्र में भारत के अमिट योगदान की चर्चा की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों का साझा इतिहास और बलिदान भारत-कोरिया विशेष रणनीतिक साझेदारी की मजबूत नींव बने हुए हैं।

श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सैनिकों की भूमिका को याद करने से लोगों के बीच आपसी समझ मजबूत होती है और दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों पर नए सिरे से ध्यान जाता है। स्मारक की स्थापना में बहुमूल्य सहयोग के लिए उन्होंने कोरिया गणराज्य की सरकार, विशेष रूप से पूर्व सैनिक मामलों के मंत्रालय के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की।

दक्षिण कोरिया के पूर्व सैनिक मामलों के मंत्री ने कोरियाई युद्ध के दौरान भारत की भूमिका की सराहना की। उन्होंने भारतीय सैनिकों के बलिदान और मानवीय सेवा के माध्यम से निर्मित अटूट मित्रता के बंधन को स्वीकार किया।

कोरियाई युद्ध में भाग लेने वाले सैनिकों को सम्मानित करने और उनके बीच आदान-प्रदान को मजबूत करने के उद्देश्य से दोनों मंत्रियों ने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। सैनिकों के निस्वार्थ बलिदान की स्मृति में एक संस्मरण भी जारी किया गया।

कोरियाई युद्ध के दौरान लेफ्टिनेंट कर्नल (डॉ.) ए.जी. रंगराज (महावीर चक्र विजेता) के नेतृत्व में 60 पैरा फील्ड एम्बुलेंस ने भीषण गोलीबारी के बीच हजारों घायल सैनिकों और नागरिकों की उत्कृष्ट चिकित्सा सेवा और उपचार करके व्यापक प्रशंसा अर्जित की थी। उनके अद्वितीय साहस और मानवीय दृष्टिकोण के लिए उन्हें घायल सैनिकों और नागरिकों द्वारा ‘मरून एंजल्स’ की उपाधि से नवाजा गया।

युद्धविराम के बाद भी भारत ने सीएफआई के माध्यम से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसे तटस्थ राष्ट्र प्रत्यावर्तन आयोग (एनएनआरसी) के तहत जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। 1953 में कोरियाई युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर के बाद युद्धबंदियों के मानवीय प्रत्यावर्तन और हिरासत को सुविधाजनक बनाने के लिए लेफ्टिनेंट जनरल के.एस. थिमैया के नेतृत्व में भारत की अध्यक्षता में एनएनआरसी की स्थापना की गई थी।

सीएफआई ने इस संवेदनशील और जटिल जिम्मेदारी को पेशेवरता, निष्पक्षता और करुणा के साथ निभाया, जिसके लिए उसे कोरियाई प्रायद्वीप में शांति, सुलह और मानवीय सिद्धांतों में योगदान के लिए अंतरराष्ट्रीय स्‍वीकृति मिली। लेफ्टिनेंट जनरल थिमैया का विशिष्ट नेतृत्व और कूटनीतिक कुशलता कोरियाई युद्ध के दौरान भारत की रचनात्मक और शांतिप्रिय भूमिका का एक स्थायी प्रतीक बनी हुई है।

भारतीय युद्ध स्मारक का निर्माण उसी क्षेत्र में किया गया है जहां सितंबर 1954 में सीएफआई ने ‘हिंद नगर’ की स्थापना की थी, जिसमें लगभग 22,000 युद्धबंदियों को उनके शांतिपूर्ण प्रत्यावर्तन तक रखा गया था। यह परियोजना भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के वित्तीय सहयोग से शुरू की गई है, जो दोनों देशों के साझा इतिहास और अटूट मित्रता के प्रति भारत के गहरे सम्मान को दर्शाती है।

इस समारोह में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी, सैन्य प्रतिनिधि, पूर्व सैनिक, राजनयिक समुदाय के सदस्य और विशिष्ट अतिथि उपस्थित थे। लेफ्टिनेंट कर्नल (डॉ.) ए.जी. रंगराज की भतीजी सुश्री कल्पना प्रसाद भी इस अवसर पर मौजूद थीं। कोरिया के पूर्व सैनिक मामलों के मंत्रालय ने इस महीने को कर्नल रंगराज के सम्मान में समर्पित किया है।

यह समारोह भारत-दक्षिण कोरिया के साझा इतिहास के एक महत्वपूर्ण लेकिन अपेक्षाकृत कम ज्ञात अध्याय को पुनर्जीवित करने और सम्मानित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास था। कोरियाई युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों का योगदान शांति, मानवीय सहायता और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के प्रति भारत की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का एक सशक्त प्रतीक बना हुआ है। भारतीय युद्ध स्मारक के उद्घाटन के साथ, रक्षा मंत्री ने वियतनाम और दक्षिण कोरिया की अपनी चार दिवसीय यात्रा का समापन किया।

भारत की सामरिक शक्ति में जबरदस्त इजाफा: DRDO ने किया MIRV तकनीक वाली एडवांस अग्नि मिसाइल का सफल परीक्षण

नेशनल डेस्क: भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए एडवांस अग्नि मिसाइल (Advanced Agni Missile) का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। 8 मई 2026 को ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम आईलैंड से किए गए इस टेस्ट ने विश्व को भारत की बढ़ती सैन्य क्षमता का एक कड़ा संदेश दिया है।

MIRV तकनीक से लैस: इस मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत इसकी MIRV (मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेड री-एंट्री व्हीकल) टेक्नोलॉजी है। इसका मतलब यह है कि यह मिसाइल एक ही लॉन्च में कई अलग-अलग पेलोड्स के साथ अलग-अलग दुश्मन ठिकानों को एक साथ निशाना बना सकती है।

सटीक निशाना और ट्रैकिंग: परीक्षण के दौरान मिसाइल के पेलोड्स को हिंद महासागर क्षेत्र में विभिन्न लक्ष्यों की ओर भेजा गया। ग्राउंड और शिप-बेस्ड ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए इसकी पूरी ट्रेजेक्टरी पर नजर रखी गई, जिसमें सभी मिशन उद्देश्य सफलतापूर्वक पूरे हुए।

दुश्मन के लिए अभेद्य: विशेषज्ञों के अनुसार, एक साथ कई टारगेट हिट करने की क्षमता के कारण इस मिसाइल को किसी भी एयर डिफेंस सिस्टम के लिए रोकना नामुमकिन जैसा होगा। यह एडवांस सिस्टम DRDO की विभिन्न प्रयोगशालाओं और भारतीय उद्योगों के सहयोग से स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है।

रक्षा मंत्री की बधाई: सफल परीक्षण के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO, भारतीय सेना और रक्षा उद्योग को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि बढ़ते सुरक्षा खतरों के बीच भारत की रक्षा तैयारियों को और अधिक मजबूत करेगी।इस सफल परीक्षण के साथ भारत ने अपनी उस क्षमता को फिर से सिद्ध किया है जिससे वह एक ही मिसाइल से कई लक्ष्यों को नेस्तनाबूद कर सकता है।

शाह, राजनाथ आज बंगाल में भाजपा की ‘परिवर्तन यात्रा’ के विभिन्न चरणों की शुरुआत करेंगे

कोलकाता, दो मार्च (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार दोपहर को पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘परिवर्तन यात्रा’ के विभिन्न चरणों की शुरुआत करेंगे।

यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब पार्टी 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले अपने अभियान को तेज कर रही है।

शाह दोपहर दो बजे दक्षिण 24 परगना के रायदीघी से रथ यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे, जबकि सिंह लगभग उसी समय हावड़ा से यात्रा की शुरुआत करेंगे।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान दोपहर दो बजे उत्तर 24 परगना के संदेशखालि से यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन मालदा और इस्लामपुर से कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे।

भाजपा ने पश्चिम बंगाल में 2019 के लोकसभा चुनावों में शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन 2021 के विधानसभा चुनावों में उसका प्रदर्शन कमजोर रहा।

आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की प्रदेश इकाई ने रविवार को कई जिलों से 5,000 किलोमीटर की ‘परिवर्तन यात्रा’ शुरू की, जिसका उद्देश्य सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ सत्ता-विरोधी लहर को तेज करना और जमीनी स्तर पर अपनी तैयारियों का आकलन करना है।

रविवार को कूच बिहार से यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते हुए नवीन ने आगामी विधानसभा चुनावों में ‘परिवर्तन’ का आह्वान किया और कहा कि भाजपा अपना संदेश राज्य के हर बूथ और घर तक पहुंचाएगी।

राजनाथ सिंह की आतंकियों को चेतावनी: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी खत्म नहीं हुआ है, हम आतंकी सोच को खत्म कर देंगे

नेशनल डेस्क: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को जयपुर के SMS स्टेडियम में आयोजित ‘शौर्य संध्या’ प्रोग्राम के दौरान आतंकियों को कड़ी चेतावनी दी। इंडियन आर्मी डे के मौके पर बोलते हुए उन्होंने ऐलान किया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी खत्म नहीं हुआ है और जब तक आतंकी सोच पूरी तरह खत्म नहीं हो जाती, भारत की शांति की कोशिशें जारी रहेंगी।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ हिम्मत और संयम का प्रतीक है राजनाथ सिंह ने कहा कि इस ऑपरेशन को इतिहास में भारत की हिम्मत, ताकत और संयम के प्रतीक के तौर पर याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आतंकियों के खिलाफ यह कार्रवाई बहुत सोच-समझकर और इंसानी मूल्यों को ध्यान में रखकर की गई थी। उनके मुताबिक, आतंकियों ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि भारतीय सेना इतनी बहादुरी और तेज़ी से जवाब देगी।

आत्मनिर्भर भारत और डिफेंस प्रोडक्शन देश की बढ़ती मिलिट्री ताकत और आत्मनिर्भरता पर ज़ोर देते हुए रक्षा मंत्री ने कहा:2014 में घरेलू डिफेंस प्रोडक्शन 46,000 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर रिकॉर्ड 1.51 लाख करोड़ रुपये हो गया है।डिफेंस एक्सपोर्ट 1,000 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 24,000 करोड़ रुपये हो गया है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2047 तक भारतीय सेना को दुनिया की सबसे ताकतवर सेना बनाने का लक्ष्य है।

महिलाओं की बढ़ती भूमिका और मिलिट्री विरासत पर प्रोग्राम के दौरान राजनाथ सिंह ने कहा कि अब महिलाओं को सेना में परमानेंट कमीशन दिया जा रहा है और उनके लिए नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) के दरवाज़े भी खोल दिए गए हैं।

इस इवेंट में मार्शल आर्ट, कलारीपयट्टू, मल्लखंभ और नेपाल आर्मी बैंड ने अपनी कला दिखाई। इस मौके पर राजस्थान के गवर्नर हरिभाऊ बागड़े, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और सीनियर आर्मी ऑफिसर भी मौजूद थे।