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*हरियाणा में जनगणना 2027 के कार्यों में तेजी; कई जिलों में 100% जनगणना कार्य आरंभ किया गया*

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

*मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने जनगणना 2027 की प्रगति की समीक्षा की, फील्ड संचालन में कड़ी जवाबदेही के निर्देश दिए*

चंडीगढ़, 17 मई,2026 – हरियाणा ने चल रही जनगणना 2027 की मकानसूचीकरण और आवास जनगणना (HLO) प्रक्रिया में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की है, राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में मकानसूचीकरण गतिविधियां पहले ही शुरू हो चुकी हैं। हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज मंडल आयुक्तों, उपायुक्तों, नगर आयुक्तों, जिला शिक्षा अधिकारियों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से व्यापक समीक्षा बैठक की, जिसमें राष्ट्रव्यापी अभ्यास के कार्यान्वयन की गति और समय पर पूरा करने की तैयारियों का आकलन किया गया।

बैठक के दौरान, मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को जनगणना कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि कार्य पूर्ण समर्पण, जवाबदेही और दक्षता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि जनगणना नीति निर्माण, विकास योजना, संसाधन आवंटन और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का एक महत्वपूर्ण आधार है, जिससे शासन और लोक प्रशासन के लिए इसका सफल निष्पादन अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। उन्होंने कहा कि जनगणना ड्यूटी में लापरवाही बरतने या सहयोग न करने वाले किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

जनगणना कार्य निदेशक, हरियाणा, डॉ. ललित जैन ने बताया कि हरियाणा में कुल मकानसूचीकरण ब्लॉकों (HLBs) के 97 प्रतिशत से अधिक में कार्य शुरू हो चुका है। यमुना नगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, फतेहाबाद, हांसी, चरखी दादरी और फरीदाबाद सहित कई जिलों ने मकानसूचीकरण गतिविधियों का 100 प्रतिशत आरंभ का लक्ष्य हासिल किया गया है, जो जिला प्रशासन, गणनाकारों और पर्यवेक्षी कर्मचारियों की दक्षता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

चरखी दादरी 32 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण करके अग्रणी जिला बना, जबकि फतेहाबाद, हांसी, जींद और महेंद्रगढ़ ने भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की।

नगर निगमों में, पानीपत ने पूर्ण किए गए कार्य का सबसे अधिक प्रतिशत दर्ज किया, उसके बाद रोहतक और फरीदाबाद का स्थान रहा, जो शहरी क्षेत्रों में भी स्थिर प्रगति का संकेत देता है।

बैठक के दौरान, वित्तीय आयुक्त, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन और अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने जमीनी स्तर पर कार्य को सुचारू और समय पर पूरा करने के लिए नगर समितियों, सरपंचों, पंचों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWAs) के सक्रिय सहयोग के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने जनगणना प्रक्रिया में ग्राम सभाओं को सक्रिय रूप से शामिल करने और IEC गतिविधियों के माध्यम से जागरूकता पैदा करने का आह्वान किया।

कार्यान्वयन को और मजबूत करने के लिए, सभी जिला प्रशासनों को जनगणना ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के कार्य घंटों को उचित रूप से समायोजित करने की सलाह दी गई ताकि निर्धारित समय-सीमा के भीतर फील्ड संचालन पूरा किया जा सके।

मुख्य सचिव ने 15 जून, 2026 से शुरू होने वाले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभ्यास की तैयारियों की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बीएलओ और फील्ड स्टाफ को सौंपी गई जनगणना और मतदाता पुनरीक्षण ड्यूटी के बीच ओवरलैप से बचने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों को सुव्यवस्थित करने के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने जोर दिया कि जनगणना में लगे बीएलओ को 31 मई, 2026 तक छूट दी जा सकती है। बैठक में सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, श्री दुष्मंत कुमार बेहरा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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कार्यालय नियंत्रक संचार लेखा हरियाणा द्वारा प्रथम त्रैमासिक पेंशन अदालत का आयोजन

हिसार, 17 अप्रैल 2026: नियंत्रक संचार लेखा (CCA), हरियाणा दूरसंचार सर्किल, अंबाला के कार्यालय द्वारा दिनांक 17.04.2026 को कार्यालय महाप्रबंधक, बीएसएनएल, हिसार में प्रथम त्रैमासिक पेंशन अदालत तथा KYP, LC/DLC एवं आईडी कार्ड शिविर का सफल आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती शिल्पी सिन्हा, नियंत्रक संचार लेखा, हरियाणा दूरसंचार सर्किल द्वारा की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पेंशनरों ने भाग लिया तथा अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त किया।

कार्यक्रम के दौरान पेंशनरों को SAMPANN सॉफ्टवेर का उमंग ऐप एवं DigiLocker के साथ एकीकरण के बारे में जानकारी दी गई, जिससे वे डिजिटल माध्यम से पेंशन सेवाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकें।

पेंशनरों के लिए एक स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें केसरी अस्पताल,हिसार के चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श प्रदान किया गया।

इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान (PMTBMBA) के अंतर्गत डॉ. धर्मेन्द्र मनडया द्वारा टीबी जागरूकता पर व्याख्यान दिया गया, जिसमें रोग की पहचान, रोकथाम एवं उपचार के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

इस अवसर पर वरिष्ठतम पेंशनरों को श्रीमती शिल्पी सिन्हा द्वारा सम्मानित किया गया, जिससे उनके योगदान को सराहा गया।

यह आयोजन पेंशनरों के कल्याण, जागरूकता एवं सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में कार्यालय नियंत्रक संचार लेखा, हरियाणा की एक महत्वपूर्ण पहल है।

*मुख्य मंत्री ने हरियाणा में जनगणना 2027 के पहले चरण का शुभारंभ किया*

*स्व-गणना आज से शुरू, पहली बार डिजीटल गणना का क्रियान्वयन*

चंडीगढ़: 16 अप्रैल, 2026

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज राज्य में स्व-गणना प्रोसेस शुरू करके जनगणना 2027 के पहले चरण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना एक अनिवार्य राष्ट्रीय दायित्व है जो नियमित अंतराल पर किया जाता है, और एकत्रित किया गया डेटा आसान, सुरक्षित और पूरी तरह से गोपनीय होता है।

उन्होंने आगे कहा कि डेटा समाज के अलग-अलग वर्गों के लिए योजनाएं बनाने और विकास का भविष्य तय करने में अहम भूमिका निभाता है। इस जनगणना की थीम पर रोशनी डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, जनगणना 2027 की टैगलाइन, ‘हमारी सेंसस, हमारा डेवलपमेंट,’ इस देश भर में चलने वाले अभियान की अहमियत को दिखाती है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सेंसस डेटा 2047 तक एक विकसित भारत के विज़न को पाने में बहुत काम आएगा, और उन्होंने सभी नागरिकों से इस प्रक्रिया में सहयोग देने की अपील की।

 इस मौके पर, जनगणना 2027 के लिए हरियाणा स्टेट नोडल ऑफिसर, रेवेन्यू और डिज़ास्टर मैनेजमेंट डिपार्टमेंट की एडिशनल चीफ सेक्रेटरी और फाइनेंशियल कमिश्नर डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि सेल्फ-एन्यूमरेशन 16 अप्रैल से 30 अप्रैल, 2026 तक चलेगा, इसके बाद 1 मई से 30 मई, 2026 तक हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस गतिविधि होगी। उन्होंने बताया कि इस राष्ट्रीय मिशन के लिए पूरे हरियाणा में अच्छी तरह से ट्रेंड टीमों को लगाया जा रहा है।

हरियाणा स्टेट डायरेक्टरेट ऑफ़ सेंसस ऑपरेशंस के डायरेक्टर, श्री ललित जैन ने कहा कि उनका विभाग हरियाणा राज्य की पहली डिजिटल जनगणना के लिए पूरी तरह तैयार है। 7,000 से 65,000 ट्रेंड सेंसस वर्कर्स के साथ, नागरिक सुविधाजनक मल्टीलिंगुअल पोर्टल और मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करके कहीं से भी स्व-गणना कर सकते हैं, जिससे गणक के साथ सिर्फ़  आई डी शेयर करके समय की बचत होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सारा डेटा गृह मंत्रालय के सुरक्षित सर्वर पर स्टोर है, जिसे रिस्पॉन्डेंट सहित कोई भी एक्सेस नहीं कर सकता, और सिर्फ़ मैक्रो-लेवल डेटा ही रिलीज़ किया जाएगा।

 मुख्यमंत्री ने हरियाणा के सभी निवासियों से अपील की कि वे सेल्फ-एन्यूमरेशन प्रोसेस में सक्रिय भागीदारी निभाएं और *se.census.gov.in* के ज़रिए सही जानकारी दें, ताकि देश के सबसे बड़े प्रशासनिक कार्य में हर घर की गणना हो सके।

विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम- विकसित भारत के सपने को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम- राजेँद्र चौधरी

चंडीगढ़/अंबाला : सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो के अपर महानिदेशक (ग्रामीण विकास) श्री राजेंद्र चौधरी ने कहा कि ‘विकसित भारत – जी राम जी’ कानून विकसित भारत के सपने को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है भारत में आत्मनिर्भर गाँवों के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण क़दम है । हरियाणा के अंबाला में विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025 पर आयोजित वार्तालाप को संबोधन करते हुए पत्र सूचना कार्यालय, दिल्ली में अपर महानिदेशक श्री राजेंद्र चौधरी ने इस महत्वाकांक्षी पहल के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि यह कानून रोजगार सृजन को मज़बूती देने, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने और गाँवों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए एक ठोस प्रयास है।उन्होंने कहा कि पहले की व्यवस्था में मनरेगा के तहत 100 दिनों के रोजगार की गारंटी तो थी, लेकिन कई स्थानों पर न तो समय पर काम मिल पाता था और न ही मज़दूरी का भुगतान समय पर हो पाता था।

इसे गंभीर चिंता का विषय बताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी कमियों को दूर करने और भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए सरकार ने ‘विकसित भारत – जी राम जी’ क़ानून के माध्यम से सुधार किए हैं।उन्होंने बताया कि नए क़ानून के तहत रोजगार गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। यदि निर्धारित अवधि के भीतर काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो मज़दूरों को बेरोज़गारी भत्ता दिया जाएगा।

इसी प्रकार, यदि मज़दूरी के भुगतान में 15 दिनों से अधिक की देरी होती है, तो उस पर ब्याज भी दिया जाएगा। श्री चौधरी ने कहा कि नए क़ानून के तहत ग्राम पंचायत को सशक्त बनाया गया है, और अब गाँव की सभाएँ स्वयं तय करेंगी कि उनके गाँव में कौन-से विकास कार्य कराए जाएँ। उन्होंने कहा कि विकास से संबंधित निर्णय अब गाँव स्तर पर ही लिए जाएँगे।श्री चौधरी ने कहा विकसित भारत- रोजगार गारंटी और आजीविका मिशन (ग्रामीण) कानून, 2025, भारत की ग्रामीण रोजगार नीति में एक निर्णायक बदलाव का प्रतिनिधित्व करता है।

नया कानून एक आधुनिक, जवाबदेह और अवसंरचना-केंद्रित ढांचे को मजबूती प्रदान करता है। इस मौके पर अंबाला के उपायुक्त एवं कार्यक्रम के मुख्यातिथि श्री अजय तोमर ने कहा कि नया कानून एक आधुनिक, जवाबदेह और अवसंरचना-केंद्रित ढांचे के माध्यम से उनकी कमियों को दूर करते हुए पिछले सुधारों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि गारंटीकृत रोजगार का विस्तार करके, राष्ट्रीय विकास की प्राथमिकताओं और कार्यों के बीच ताल-मेल बिठाते हुए मजबूत डिजिटल शासन को शामिल करके, यह कानून ग्रामीण रोजगार को सतत विकास और यथोचित आजीविका के लिए एक कार्यनीतिक साधन के रूप में स्थापित करता है, जो पूरी तरह से विकसित भारत 2047 के विजन के साथ जुड़ा हुआ है।

तोमर ने बताया कि 125 दिनों के रोजगार की गारंटी घरेलू आय को बढ़ाती है, ग्राम-स्तर की खपत को प्रोत्साहित करती है, और डिजिटल उपस्थिति, मजदूरी भुगतान और डेटा-संचालित योजना के माध्यम से प्रवासन को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने मीडिया से आहवान किया कि इस कानून के बारे में लोगों को जागरूक करें और यदि कोई भी व्यक्ति इस कानून के बारे में भ्रमक भ्रांति फैलाता है तो मीडिया तथ्यों पर आधारित उसका सकारात्मक जवाब प्रस्तुत करें ।

इससे पहले कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए पीआईबी चंडीगढ़ के मीडिया एवं संचार अधिकारी ने वार्तालाप कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कार्यशाला मीडिया और सरकार के बीच सेतु का काम करती है। इस मौके पर सूचना प्रसारण मंत्रालय की विभिन्न इकाइयों की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला।

उन्होंने पीआईबी की अनुसंधान इकाई द्वारा विभिन्न विषयों पर किए जा रहे विश्लेषण और तथ्य परक सूचनाओं के बारे में भी जानकारी दी।उन्होंने इन विश्लेषक से जी राम जी एक्ट पर महत्वपूर्ण विश्वसनीय आंकड़ों एवं जानकारियों का उपयोग अपने लेख और समाचार लेखन में इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर श्री विराट, अतिरिक्त उपायुक्त, अंबाला ने योजना के विभिन्न प्रावधानों और विकसित भारत के लक्ष्य में ग्रामीण विकास की अहम भूमिका पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था ही समावेशी और सतत विकास विकसित राष्ट्र की आधारशिला है।इस मौके पर जिला परिषद के सीईओ श्री गगनदीप सिंह ने भी विकसित भारत जी राम जी कानून 2025 के तहत महत्वपूर्ण जानकारी दी और कहा कि इस कानून के लागू होने से किसान व मजदूर को लाभ होगा, दोनों सशक्त और मजबूत भी होगे। इस अवसर पर अंबाला के लोग संपर्क अधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि ग्रामीण विकास में मीडिया अहम भूमिका निभाता है।

उन्होंने मीडिया कर्मियों एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों का धन्यवाद प्रस्तुत किया । इस मौके पर एसीयूटी राहुल कनवरिया व जिला के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।