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पीएम मोदी ने हरियाणा के जींद में 14,700 करोड़ की विकास परियोजनाओं का किया उद्घाटन
  • प्रधानमंत्री ने कहा, जींद में आकर प्रसन्नता हो रही है, स्वच्छ परिवहन, कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवा और सांस्कृतिक विरासत सुदृढ़ करने वाली परियोजनाओं के शुभारंभ के अवसर पर कहा, ये सभी परियोजनाएं ‘जीवन की सुगमता’ बढ़ाकर हरियाणा के विकास को गति देंगी
  • श्री मोदी ने कहा आज जींद और हरियाणा ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है, आज यहीं से देश को अपनी पहली हाइड्रोजन ट्रेन का उपहार मिला है
  • प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की हाइड्रोजन ट्रेन पूर्णतया प्रदूषण मुक्त होने के साथ ही, ‘मेक इन इंडिया’ की एक उल्लेखनीय सफलता का प्रमाण है
  • रेल हो या सड़क मार्ग, संपर्क साधन में ऐसी प्रगति सुविधा बढ़ाने के साथ ही विकास की गति कई गुना बढ़ाती है
  • प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने एक नई राष्ट्रीय खेल नीति, ‘खेलो भारत’ नीति तैयार की है; ‘खेलो इंडिया’ अभियान से लेकर ‘टॉप्स’ योजना तक, आज खिलाड़ियों को अभूतपूर्व सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं

हरियाणा / सत्ता संदेश

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को हरियाणा के जींद में लगभग 14,700 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और इन्हें राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने आयोजन स्थल पर पहुंचकर अपार प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इस क्षेत्र की समृद्ध ऐतिहासिक, पराक्रम से भरे और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख किया, जिसे शक्ति पीठ माता जयंती का विशेष आशीर्वाद मिला हुआ है। श्री मोदी ने दशकों पहले संगठन के कार्यों से शहर की अपनी प्रारंभिक यात्राओं का स्मरण करते हुए, मुर्रा भैंस के दूध, देसी बूरा और घेवर जैसे स्थानीय व्यंजनों से जुड़े अविस्मरणीय स्नेहिल घटनाओं को याद किया। श्री मोदी ने कहा, यह साधारण भूमि नहीं, बल्कि इतिहास, वीरता, धर्म और अपार गौरव की समृद्ध भूमि है।

प्रधानमंत्री ने इस क्षेत्र के विकास में उल्लेखनीय बदलाव के साथ ही यहां की चिरस्थायी स्थानीय विशेषताओं का तुलनात्मक वर्णन करते हुए, इस शहर को सुशासन मॉडल का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने इस पर जोर दिया कि पिछले कुछ वर्षों में हरियाणा प्रगति के नए पथ पर दृढ़ता से अग्रसर हुआ है। श्री मोदी ने कहा कि आज के कार्यक्रम सरकार के इस मिशन को नई ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने देश की पहली हाइड्रोजन-चालित ट्रेन के शुभारंभ की घोषणा करते हुए कहा कि इस क्षेत्र का नाम हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में दर्ज हो हो जाएगा। मुंबई और ठाणे के बीच ऐतिहासिक पहली ट्रेन यात्रा से तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य की पीढ़ियों की उन्नत हरित परिवहन की चर्चा में भी यह कॉरिडोर अमर हो जाएगा। श्री मोदी ने कहा कि भारतीय रेल के अत्याधुनिकीकरण के महत्वपूर्ण कदम के लिए मैं आप सभी को और पूरे देश को बधाई देता हूं।

प्रधानमंत्री ने अवसंरचनात्मक विकास के व्यापक विकास का उल्लेख करते हुए, रेल, राजमार्गों और सांस्कृतिक धरोहरों से संबंधित 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की नई परियोजनाओं की चर्चा की, जो राज्य के कल्याण के लिए प्रत्यक्ष तौर पर समर्पित हैं। स्वास्थ्य सेवा के व्यापक विस्तार का उल्लेख करते हुए उन्होंने भिवानी में पंडित नेकी राम शर्मा मेडिकल कॉलेज और महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज के साथ ही नारनौल में राव तुलाराम अस्पताल राष्ट्र को समर्पित किया। इन संस्थानों की स्थापना का उद्देश्य चिकित्सा क्षेत्र में पेशेवर जीवन बनाने के इच्छुक लोगों के लिए नए अवसर पैदा करना है। श्री मोदी ने कहा कि ये नए संस्थान हरियाणा की स्वास्थ्य सेवाओं को और भी सशक्त और सुलभ बनाएंगे।

प्रधानमंत्री ने स्थानीय लोगों के समर्पित नागरिक सेवा भाव की सराहना करते हुए, उनके आगमन से पहले स्वच्छता अभियान प्रदर्शित कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने स्वच्छता अभियान में समुदाय की सक्रिय भागीदारी पर अपार संतोष व्यक्त करते हुए इस जमीनी स्तर पर निरंतर जारी रखने का आह्वान किया। श्री मोदी ने कहा कि हमें स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाना होगा 

प्रधानमंत्री ने वैश्विक रेल क्षेत्र के तकनीकी विकास का उल्लेख करते हुए स्मरण दिलाया कि कैसे 19वीं शताब्दी की रेलगाड़ियां मुख्य रूप से भाप इंजनों द्वारा चालित थीं, जबकि 20वीं शताब्दी ये विद्युत शक्ति से चालित बन गईं। भविष्योन्मुखी दृष्टिकोण दर्शाते हुए उन्होंने जोर देकर कहा कि 21वीं शताब्दी की रेलगाड़ियां हाइड्रोजन परिवहन द्वारा चालित होंगी, और इसी की आधिकारिक शुरुआत जींद और सोनीपत के बीच नवनिर्मित 90 किलोमीटर लंबे मार्ग से हो रही है। श्री मोदी ने कहा कि आज भारतीय रेल ने 21वीं सदी की इस तकनीक में एक बड़ी छलांग लगाई है, जिसे भविष्य में विस्तारित किये जाने की अपार संभावनाएं हैं।

प्रधानमंत्री ने वैश्विक परिप्रेक्ष्य में देश की इस उपलब्धि को रखते हुए कहा कि हाइड्रोजन ट्रेन तकनीक विश्व स्तर पर व्यावहारिक रूप से केवल 7-8 वर्ष पहले ही अस्तित्व में आई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अभी केवल कुछ ही गिने-चुने देशों के पास ऐसी रेलगाड़ियां चलाने की क्षमता है और वे भी अभी प्रारंभिक चरण में ही हैं। श्री मोदी ने कहा कि इस नवनिर्मित भारतीय हाइड्रोजन ट्रेन की वास्तविक क्षमताओं के बारे में सुनकर आपको अत्यंत गर्व होगा।

प्रधानमंत्री ने इस नए परिवहन चमत्कार की तकनीकी विशेषताओं के बारे में बताते हुए कहा कि नई लॉन्च की गई ट्रेन विश्व स्तर पर अपनी तरह की सबसे शक्तिशाली ट्रेन है, जिसकी क्षमता 3,200 हॉर्सपावर है और जिसमें दस कोच लगे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसी रेलगाड़ियों में जिनमें आमतौर पर केवल तीन से चार कोच होते हैं, उनसे तुलना करते हुए, श्री मोदी ने कहा कि देश ने अपने पहले ही प्रयास में यह साहसिक परिचालन क्षमता हासिल की है। श्री मोदी ने कहा कि भारत ने दस डिब्बे वाली हाइड्रोजन ट्रेन सफलतापूर्वक चलाकर अपनी क्षमता प्रदर्शित की है।

इस हरित परिवहन उपलब्धि की स्वदेशी प्रकृति पर गर्व वयक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्णतया धुआं रहित यह ट्रेन घरेलू विनिर्माण पहल की ठोस और उल्लेखनीय सफलता है। इस उन्नत प्रणाली का डिजाइन करने वाले प्रतिभाशाली घरेलू इंजीनियरों और इसके त्रुटिहीन निर्माण के लिए स्थानीय विनिर्माण कंपनियों को उन्होंने इसका श्रेय दिया। श्री मोदी ने कहा कि यह मेक इन इंडिया पहल का एक अत्यंत सफल और गौरवपूर्ण उदाहरण है।

प्रधानमंत्री ने इस उन्नत तकनीक की विशिष्ट परिचालन आवश्यकताओं को समझाते हुए बताया कि हाइड्रोजन ट्रेनों के लिए पूरी तरह अलग बुनियादी ढांचे और विशेष, सहायक प्रणालियों की आवश्यकता होती है। निकट भविष्य में इन विशिष्ट नेटवर्क की आवश्यकताएं पूरी करने के लिए नए कारखाने और संबंधित सुविधाएं तेजी से स्थापित किए जाने की संभावना देखते हुए उन्होंने व्यापक स्थानीय आर्थिक लाभ की भविष्यवाणी की। श्री मोदी ने कहा कि यह उन्नत ट्रेन नेटवर्क हरियाणा के युवाओं के लिए रोजगार के अनेक नए अवसर उत्पन्न करने की गारंटी है।

प्रधानमंत्री ने प्रमुख भू-राजनीतिक चुनौतियों की चर्चा करते हुए, पिछले बारह वर्षों में भारतीय रेल में हुए व्यापक बदलाव से हासिल किए गए प्रचालन लाभों का उल्लेख किया। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि पेट्रोलियम, डीजल, एलपीजी और उर्वरकों की आपूर्ति के लिए आवश्यक समुद्री मार्ग महीनों से गंभीर रूप से लगातार बाधित हैं। श्री मोदी ने कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से भारत बड़ी मात्रा में आवश्यक ईंधन और कृषि सामग्री आयात करता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले अगर ऐसा वैश्विक ईंधन संकट आया होता तो इसके विनाशकारी प्रभाव से डीजल पर अत्यधिक निर्भरता के कारण राष्ट्रीय रेल नेटवर्क पूरी तरह ठप्प हो जाता। उन्होंने कहा कि जहां 1925 से 2014 के बीच केवल 30 प्रतिशत रेल मार्गों का विद्युतीकरण हुआ था, वहीं सरकार के प्रयासों से अब राष्ट्रीय रेल ग्रिड का लगभग 99 प्रतिशत और राज्य के सभी ट्रैक का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण हो गया है। श्री मोदी ने कहा कि पूर्ण विद्युतीकरण से गंभीर वैश्विक तेल संकट के बाद भी हमारी रेलगाड़ियां निर्बाध रूप से चलती रहीं।

प्रधानमंत्री ने बेहतर संपर्क साधनों के दोहरे सामाजिक-आर्थिक लाभों पर जोर देते हुए कहा कि विस्तृत सड़क और रेल नेटवर्क लोगों की सुविधा बढ़ाते हुए क्षेत्रीय विकास को तेजी से गति देते हैं। दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के स्थानीय खंड, जींद-गोहाना राष्ट्रीय राजमार्ग और अंबाला-काला अंब चार-लेन परियोजना का आधिकारिक शुभारंभ करते हुए, उन्होंने इन अंतरराज्यीय प्रचालनों से कई लाभों की चर्चा की। श्री मोदी ने कहा कि इस तरह के व्यापक संपर्क मार्गों से अपार सुविधा के साथ ही समग्र विकास की गति में भी काफी वृद्धि होती है।

प्रधानमंत्री ने जींद जिले के संभार-तंत्र संबंधी बदलावों का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि शहर अब महत्वपूर्ण रूप से पांच अलग-अलग राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ गया है। इसके अपार आर्थिक लाभों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि किसान और पशुपालक अब कम किराए में प्रमुख वाणिज्यिक बाजारों तक आसानी से पहुंच पाएंगे। श्री मोदी ने कहा कि ये सुदृढ़ संपर्क साधन उद्योगों को सक्रिय रूप से सशक्त बनाएंगे, पर्यटन को बढ़ावा देंगे और व्यापक तौर पर नए रोजगार उत्पन्न करेंगे।

प्रधानमंत्री ने इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की अपनी हाल की सफल यात्रा की चर्चा करते हुए, भारत द्वारा किए गए कई अंतरराष्ट्रीय द्विपक्षीय समझौतों का उल्लेख किया। उन्होंने एक महत्वपूर्ण, लेकिन कम चर्चित रणनीतिक विषय पर विशेष ध्यान दिलाया, जिससे क्षेत्र की युवा आबादी प्रत्यक्ष और गहराई से जुड़ी है। श्री मोदी ने कहा कि हरियाणा के युवाओं से संबंधित एक विशिष्ट विषय है खेल, जिस पर ज्यादा चर्चा नहीं हुई है।

प्रधानमंत्री ने विदेश की सरकारों के साथ महत्वपूर्ण वार्ताओं का विस्तार से वर्णन करते हुए खेल और प्रतिस्पर्धी क्षेत्र में व्यापक बदलाव के उद्देश्य से आगामी व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहयोगों की जानकारी दी। खेल क्षेत्र और विशिष्ट एथलीटों के प्रशिक्षण पद्धतियों पर केंद्रित संयुक्त पहल की संभावना व्यक्त करते हुए उन्होंने इससे स्थानीय खेल कौशल के लाभान्वित होने की आशा व्यक्त की। श्री मोदी ने कहा कि इन देशों के साथ मिलकर हम आने वाले समय में खेल क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल करेंगे।

प्रधानमंत्री ने घरेलू स्तर पर खेल बुनियादी ढांचे में किए गए सुधारों का विस्तृत विवरण देते हुए बताया कि खेलों को सक्रिय और व्यवस्थित रूप से फिटनेस और रोजगार दोनों के प्रमुख और कारगर माध्यम में बदला जा रहा है। नई राष्ट्रीय खेल नीति और खेलो भारत नीति के सफल कार्यान्वयन का उल्लेख करते हुए उन्होंने खेलो इंडिया और ओलंपिक पदक जीतने की टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम जैसी अत्यंत प्रभावी योजनाओं द्वारा खिलाड़ियों को प्रदान की गई वित्तीय और संस्थागत सहायता की सराहना की। श्री मोदी ने कहा कि हरियाणा सरकार भी खेलों और समर्पित खिलाड़ियों को निरंतर और काफी प्रोत्साहन प्रदान कर रही है।

बुनियादी ढांचे से जुड़ी उपलब्धियों से हटकर प्रधानमंत्री ने युवा खिलाड़ियों को सीधे संबोधित करते हुए आगामी विशाल वैश्विक प्रतिस्पर्धी मंचों की ओर रुख किया। उन्होंने 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी के लिए भारत की तैयारियों और 2036 ओलंपिक खेलों के लिए महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय बोली की घोषणा और अहमदाबाद में विश्व पुलिस और अग्निशमन खेलों के आयोजन की चर्चा की। श्री मोदी ने स्थानीय खिलाड़ियों से पूरी लगन से प्रशिक्षण प्राप्त करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वे विश्वास दिलाते हैं कि सरकार खिलाड़ियों की कड़ी तैयारी के लिए हर आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराएगी।

प्रधानमंत्री ने स्थानीय शासन प्रणाली की सराहना की। उन्होंने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में समावेशी विकास के मंत्र का कड़ाई से पालन करने के लिए राज्य प्रशासन की भी प्रशंसा की। रिश्वतखोरी या भाई-भतीजावाद से मुक्त, पारदर्शी और योग्यता-आधारित रोजगार प्रक्रियाओं के कड़ाई से कार्यान्वयन को ज़रूरी बताते हुए उन्होंने इस तरह के प्रणालीगत सुधार लागू करने में आने वाली अपार राजनीतिक बाधाओं की भी चर्चा की।

किसानों के कल्याण के प्रति सरकार की अटूट संरचनात्मक प्रतिबद्धता दोहराते हुए, प्रधानमंत्री ने स्थानीय बाजार को राज्य के सबसे बड़े बाजारों में से एक बताया और किसानों को सीधे मिलने वाले व्यापक लाभों की चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्य के किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से लगभग 8 हजार करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जिसमें स्थानीय किसानों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा शामिल है। श्री मोदी ने कहा कि केवल जींद में ही हमारे मेहनती किसानों को 600 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रत्यक्ष हस्तांतरित की गई है।

प्रधानमंत्री ने देश की गहरी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक भावना का उल्लेख करते हुए, इस क्षेत्र को इस समृद्ध ऐतिहासिक विरासत का विशाल और जीवंत केंद्र बताया। महाराजा रणजीत सिंह की गौरवशाली विरासत और पांडवों की पवित्र आस्था का उल्लेख करते हुए, उन्होंने उन पूजनीय स्थानीय तीर्थ स्थलों की चर्चा की, जहां आज भी लाखों श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। श्री मोदी ने कहा कि यही वह गौरवशाली आस्था और आध्यात्मिकता की विरासत है जिसे आधुनिक भारत आज सक्रिय से संरक्षित कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने अतीत के इस गहन श्रद्धा को भविष्य के शैक्षिक और सांस्कृतिक प्रयासों से जोड़ते हुए कहा कि राष्ट्र अपने इतिहास को पूर्ण सम्मान के साथ अगली पीढ़ी तक पहुंचाने को पूर्णतया प्रतिबद्ध है। श्री मोदी ने इस लक्ष्य को साकार करने हेतु कुरुक्षेत्र में एक नए सिख संग्रहालय की आधारशिला रखने की आधिकारिक घोषणा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह नया संग्रहालय भारत की महान गुरु परंपरा को आगामी पीढ़ियों तक सफलतापूर्वक और गर्व से पहुंचाएगा।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन को विराम देते हुए राज्य को कृषि और उद्योग के दोहरे आर्थिक पहियों पर समान रूप से सवार, तीव्र विकास पथ पर अग्रसर बताया। नव-उद्घाटित परियोजनाओं के प्रति मंगल कामना व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि ये इस विकास गति में और तेज़ी लाएंगी। उन्होंने राष्ट्र की विकास यात्रा में इस क्षेत्र के महत्वपूर्ण योगदान के प्रति पूर्ण विश्वास व्यक्त किया। श्री मोदी ने कहा कि हरियाणा का यह तीव्र विकास निस्संदेह औऱ सशक्त रूप से पूर्ण विकसित भारत की यात्रा को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

यमुनानगर में एक दिवसीय जिला स्तरीय मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’ का किया गया आयोजन
  • यमुनानगर में ‘वार्तालाप’ कार्यशाला का आयोजन; कल्याणकारी योजनाओं और 12 वर्षों की उपलब्धियों पर हुआ विस्तृत विचार-विमर्श
  • केंद्र सरकार की जनहित योजनाएं यमुनानगर के विकास में साबित हुई मील का पत्थर: सुश्री प्रीती, उपायुक्त, यमुनानगर
  • पीएम सूर्य घर योजना से नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में आई नई क्रांति: श्री नवीन कुमार अहुजा, एडीसी, यमुनानगर
  • पीएमएसएम योजना से यमुनानगर में मातृ मृत्यु दर में आई भारी गिरावट: डॉ. दिव्या मंगला, सिविल सर्जन, यमुनानगर

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

चंडीगढ़ द्वारा हरियाणा के यमुनानगर में एक दिवसीय जिला स्तरीय मीडिया कार्यशाला, ‘वार्तालाप’ का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य विषय “केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के 12 वर्षों की उपलब्धियां” था, जिसके तहत केंद्र और राज्य सरकारों की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के सफल कार्यान्वयन और पिछले 12 वर्षों में हासिल किए गए महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर विस्तृत चर्चा की गई।

यमुनानगर के उपायुक्त, सुश्री प्रीति, मुख्य अतिथि के रूप में ‘वार्तालाप’ में शामिल हुईं। कार्यशाला में मीडिया जगत के प्रतिष्ठित पत्रकारों के साथ-साथ विभिन्न सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की।

अपने संबोधन में यमुनानगर की उपायुक्त, प्रीति, आईएएस ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में लागू की गई कल्याणकारी योजनाओं ने नागरिकों, विशेष रूप से समाज के अंतिम छोर पर मौजूद लोगों के जीवन को काफी आसान और समृद्ध बनाया है। उन्होंने जिले के सभी विभागों के ठोस प्रयासों की सराहना की और विकास की इस गति को बनाए रखने के लिए प्रशासन और मीडिया के बीच निरंतर संवाद और समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत, पीएम सूर्य घर योजना, मुद्रा योजना, पीएम किसान सम्मान निधी योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान समेत अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं में बहुत उपलब्धियां हासिल की हैं।

इस दौरान मीडियाकर्मियों के साथ चर्चा करते हुए उपायुक्त महोदया ने पत्रकारों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय सामाजिक ज़िम्मेदारी को ध्यान में रखने के महत्व पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न पीढ़ियों के लोग, युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई मोबाइल फोन और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहा है, इसलिए, यह बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है कि हम इसका उपयोग कैसे करते हैं। उन्होंने लोगों, विशेषकर मीडियाकर्मियों से अधिक सतर्क रहने और सोशल मीडिया के सकतरात्मक उपयोग के बारे में जागरूकता फैलाने का आग्रह किया।

इस मौके पर नवीन कुमार अहुजा, अतिरिक्त उपायुक्त, यमुनानगर, ने ज़ोर देकर कहा कि केंद्र सरकार की जनहित योजनाएं यमुनानगर के विकास में मील का पत्थर साबित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि इन कल्याणकारी योजनाओं से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ऊर्जा, और रोज़गार सृजन में सराहनीय उपलब्धियां हासिल की गई हैं।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए, पुनीत सक्सेना, आईआईएस, पीआईबी मुख्यालय, दिल्ली ने इस बात का संक्षिप्त विवरण दिया कि पीआईबी फैक्ट चेक इकाई कितनी कुशलता से काम करती है और पत्र सूचना कार्यालय जनता और सरकार के बीच एक मध्यस्थ के रूप में कैसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

इसी तरह, अहमद खान, आईआईएस, मीडिया एवं संचार अधिकारी, पीआईबी चंडीगढ़ ने वार्तालाप के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से जनकल्याण की योजनाओं को मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने में यह एक सार्थक कदम है। उन्होंने क्षेत्र में सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत काम करने वाली विभिन्न मीडिया इकाइयों की संरचना और कामकाज पर विस्तृत पेशकारी प्रस्तुत की, और जमीनी स्तर तक विकास से संबंधित जानकारी को प्रभावी ढंग से आम जनता तक पहुंचाने में मीडिया की अहम भूमिका पर जोर दिया।

कार्यशाला के दौरान, विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा पिछले 12 वर्षों के अपने-अपने रिपोर्ट कार्ड और उपलब्धियों को प्रस्तुत करने के लिए कई तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। इसी कड़ी के तहत यमुनानगर के सिविल सर्जन डॉ. दिव्या मंगला और उप सिविल सर्जन, डॉ. चारू कालरा ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMY), आयुष्मान भारत, टीबी मुक्त भारत अभियान और एचपीवी टीकाकरण सहित प्रमुख स्वास्थ्य पहलों पर व्यापक प्रगति रिपोर्ट साझा की।

डॉ. दिव्या मंगला ने रेखांकित किया कि यमुनानगर में मातृ मृत्यु दर में भारी गिरावट आई है और इसका बड़ा श्रेय प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMY) को जाता है। उन्होंने आगे उल्लेख किया कि अप्रैल से यमुनानगर के सरकारी अस्पतालों में एक भी मातृ मृत्यु की सूचना नहीं मिली है। एचपीवी टीकाकरण के बारे में उन्होंने कहा कि यमुनानगर का लक्ष्य चार्ट में शीर्ष पर रहना नहीं है बल्कि 100% उपलब्धि हासिल करना है, क्योंकि वे एक भी लड़की को पीछे नहीं छोड़ना चाहते हैं। डॉ. कालरा ने यह भी बताया कि जिले में लिंग अनुपात में भी सराहनीय काम किया गया है और अन्य कल्याणकारी योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया गया है।

इस दौरान जिला परिषद, यमुनानगर के श्री मनोज कुमार, एपीओ, डीआरडीए ने प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत हासिल किए गए परिवर्तनकारी संरचनात्मक सुधारों और ग्रामीण आवास के सफल कार्यान्वयन पर जानकारी साझा की। इसके साथ वित्तीय सशक्तिकरण पर चर्चा करते हुए, पंजाब नेशनल बैंक (PNB), यमुनानगर के अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM), सुभाष चंद ने मुद्रा (MUDRA) योजना और स्टैंड अप इंडिया के बारे में बताते हुए कहा कि ने स्थानीय युवाओं और उभरते उद्यमियों के बीच आत्मनिर्भरता को बल मिला है।

इसी तरह एमएसएमई विभाग के औद्योगिक विस्तार अधिकारी रोहित टिंडल ने औद्योगिक विकास और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) तथा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना (FME) के माध्यम से उत्पन्न आजीविका के नए अवसरों के बारे में जानकारी दी।

कृषि विभाग, यमुनानगर के वरिष्ठ अधिकारी श्री आदित्य प्रताप ने भी पिछले 12 वर्षों के कृषि सुधारों पर प्रकाश डाला, विशेष रूप से ‘प्राकृतिक खेती’ को बढ़ावा देने और अनूठी जल संरक्षण पहल, ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ की सफलता पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने बताया कि अब तक प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को प्रति किसान 30,000 रुपये से अधिक की सब्सिडी दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जल को एक विरासत माना है और इसे सुरक्षित करने के लिए सरकार ने ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना शुरू की है। उन्होंने बताया कि राज्य में कम पानी का उपयोग करने वाली खेती करने वाले किसानों को 8000 रुपये प्रति एकड़ से पुरस्कृत किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि जिला पराली जलाने को कम करने के लिए कुशलतापूर्वक काम कर रहा है, अब योजनाओं एवं सरकार के प्रयासों के कारण पराली ‘वेस्ट से वेल्थ’ के रूप में परिवर्तित हो रही है। उन्होंने ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल की भी सराहना की, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि यह इस योजना से किसानों को यूरिया प्राप्त करने में मददगार साबित हुई है एवं यूरिया की कालाबाज़ारी पर भी रोक लगी है। इससे सरकार एवं किसानों को काफी मुनाफा हुआ है।

उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) के प्रतिनिधि ने कहा कि ‘पीएम सूर्य घर योजना’ सौर ऊर्जा और हरित एवं स्वच्छ ऊर्जा हासिल करने में मददगार साबित हुई है।

कार्यशाला का समापन श्री अहमद खान, मीडिया एवं संचार अधिकारी, पीआईबी चंडीगढ़, द्वारा दिए गए औपचारिक धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, जिन्होंने इस कार्यक्रम को एक बड़ी सफलता बनाने के लिए जिला प्रशासन और पत्रकारों कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

*हरियाणा में जनगणना 2027 के कार्यों में तेजी; कई जिलों में 100% जनगणना कार्य आरंभ किया गया*

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

*मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने जनगणना 2027 की प्रगति की समीक्षा की, फील्ड संचालन में कड़ी जवाबदेही के निर्देश दिए*

चंडीगढ़, 17 मई,2026 – हरियाणा ने चल रही जनगणना 2027 की मकानसूचीकरण और आवास जनगणना (HLO) प्रक्रिया में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की है, राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में मकानसूचीकरण गतिविधियां पहले ही शुरू हो चुकी हैं। हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज मंडल आयुक्तों, उपायुक्तों, नगर आयुक्तों, जिला शिक्षा अधिकारियों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से व्यापक समीक्षा बैठक की, जिसमें राष्ट्रव्यापी अभ्यास के कार्यान्वयन की गति और समय पर पूरा करने की तैयारियों का आकलन किया गया।

बैठक के दौरान, मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को जनगणना कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि कार्य पूर्ण समर्पण, जवाबदेही और दक्षता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि जनगणना नीति निर्माण, विकास योजना, संसाधन आवंटन और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का एक महत्वपूर्ण आधार है, जिससे शासन और लोक प्रशासन के लिए इसका सफल निष्पादन अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। उन्होंने कहा कि जनगणना ड्यूटी में लापरवाही बरतने या सहयोग न करने वाले किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

जनगणना कार्य निदेशक, हरियाणा, डॉ. ललित जैन ने बताया कि हरियाणा में कुल मकानसूचीकरण ब्लॉकों (HLBs) के 97 प्रतिशत से अधिक में कार्य शुरू हो चुका है। यमुना नगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, फतेहाबाद, हांसी, चरखी दादरी और फरीदाबाद सहित कई जिलों ने मकानसूचीकरण गतिविधियों का 100 प्रतिशत आरंभ का लक्ष्य हासिल किया गया है, जो जिला प्रशासन, गणनाकारों और पर्यवेक्षी कर्मचारियों की दक्षता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

चरखी दादरी 32 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण करके अग्रणी जिला बना, जबकि फतेहाबाद, हांसी, जींद और महेंद्रगढ़ ने भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की।

नगर निगमों में, पानीपत ने पूर्ण किए गए कार्य का सबसे अधिक प्रतिशत दर्ज किया, उसके बाद रोहतक और फरीदाबाद का स्थान रहा, जो शहरी क्षेत्रों में भी स्थिर प्रगति का संकेत देता है।

बैठक के दौरान, वित्तीय आयुक्त, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन और अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने जमीनी स्तर पर कार्य को सुचारू और समय पर पूरा करने के लिए नगर समितियों, सरपंचों, पंचों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWAs) के सक्रिय सहयोग के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने जनगणना प्रक्रिया में ग्राम सभाओं को सक्रिय रूप से शामिल करने और IEC गतिविधियों के माध्यम से जागरूकता पैदा करने का आह्वान किया।

कार्यान्वयन को और मजबूत करने के लिए, सभी जिला प्रशासनों को जनगणना ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के कार्य घंटों को उचित रूप से समायोजित करने की सलाह दी गई ताकि निर्धारित समय-सीमा के भीतर फील्ड संचालन पूरा किया जा सके।

मुख्य सचिव ने 15 जून, 2026 से शुरू होने वाले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभ्यास की तैयारियों की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बीएलओ और फील्ड स्टाफ को सौंपी गई जनगणना और मतदाता पुनरीक्षण ड्यूटी के बीच ओवरलैप से बचने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों को सुव्यवस्थित करने के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने जोर दिया कि जनगणना में लगे बीएलओ को 31 मई, 2026 तक छूट दी जा सकती है। बैठक में सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, श्री दुष्मंत कुमार बेहरा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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कार्यालय नियंत्रक संचार लेखा हरियाणा द्वारा प्रथम त्रैमासिक पेंशन अदालत का आयोजन

हिसार, 17 अप्रैल 2026: नियंत्रक संचार लेखा (CCA), हरियाणा दूरसंचार सर्किल, अंबाला के कार्यालय द्वारा दिनांक 17.04.2026 को कार्यालय महाप्रबंधक, बीएसएनएल, हिसार में प्रथम त्रैमासिक पेंशन अदालत तथा KYP, LC/DLC एवं आईडी कार्ड शिविर का सफल आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती शिल्पी सिन्हा, नियंत्रक संचार लेखा, हरियाणा दूरसंचार सर्किल द्वारा की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पेंशनरों ने भाग लिया तथा अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त किया।

कार्यक्रम के दौरान पेंशनरों को SAMPANN सॉफ्टवेर का उमंग ऐप एवं DigiLocker के साथ एकीकरण के बारे में जानकारी दी गई, जिससे वे डिजिटल माध्यम से पेंशन सेवाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकें।

पेंशनरों के लिए एक स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें केसरी अस्पताल,हिसार के चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श प्रदान किया गया।

इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान (PMTBMBA) के अंतर्गत डॉ. धर्मेन्द्र मनडया द्वारा टीबी जागरूकता पर व्याख्यान दिया गया, जिसमें रोग की पहचान, रोकथाम एवं उपचार के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

इस अवसर पर वरिष्ठतम पेंशनरों को श्रीमती शिल्पी सिन्हा द्वारा सम्मानित किया गया, जिससे उनके योगदान को सराहा गया।

यह आयोजन पेंशनरों के कल्याण, जागरूकता एवं सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में कार्यालय नियंत्रक संचार लेखा, हरियाणा की एक महत्वपूर्ण पहल है।

*मुख्य मंत्री ने हरियाणा में जनगणना 2027 के पहले चरण का शुभारंभ किया*

*स्व-गणना आज से शुरू, पहली बार डिजीटल गणना का क्रियान्वयन*

चंडीगढ़: 16 अप्रैल, 2026

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज राज्य में स्व-गणना प्रोसेस शुरू करके जनगणना 2027 के पहले चरण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना एक अनिवार्य राष्ट्रीय दायित्व है जो नियमित अंतराल पर किया जाता है, और एकत्रित किया गया डेटा आसान, सुरक्षित और पूरी तरह से गोपनीय होता है।

उन्होंने आगे कहा कि डेटा समाज के अलग-अलग वर्गों के लिए योजनाएं बनाने और विकास का भविष्य तय करने में अहम भूमिका निभाता है। इस जनगणना की थीम पर रोशनी डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, जनगणना 2027 की टैगलाइन, ‘हमारी सेंसस, हमारा डेवलपमेंट,’ इस देश भर में चलने वाले अभियान की अहमियत को दिखाती है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सेंसस डेटा 2047 तक एक विकसित भारत के विज़न को पाने में बहुत काम आएगा, और उन्होंने सभी नागरिकों से इस प्रक्रिया में सहयोग देने की अपील की।

 इस मौके पर, जनगणना 2027 के लिए हरियाणा स्टेट नोडल ऑफिसर, रेवेन्यू और डिज़ास्टर मैनेजमेंट डिपार्टमेंट की एडिशनल चीफ सेक्रेटरी और फाइनेंशियल कमिश्नर डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि सेल्फ-एन्यूमरेशन 16 अप्रैल से 30 अप्रैल, 2026 तक चलेगा, इसके बाद 1 मई से 30 मई, 2026 तक हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस गतिविधि होगी। उन्होंने बताया कि इस राष्ट्रीय मिशन के लिए पूरे हरियाणा में अच्छी तरह से ट्रेंड टीमों को लगाया जा रहा है।

हरियाणा स्टेट डायरेक्टरेट ऑफ़ सेंसस ऑपरेशंस के डायरेक्टर, श्री ललित जैन ने कहा कि उनका विभाग हरियाणा राज्य की पहली डिजिटल जनगणना के लिए पूरी तरह तैयार है। 7,000 से 65,000 ट्रेंड सेंसस वर्कर्स के साथ, नागरिक सुविधाजनक मल्टीलिंगुअल पोर्टल और मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करके कहीं से भी स्व-गणना कर सकते हैं, जिससे गणक के साथ सिर्फ़  आई डी शेयर करके समय की बचत होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सारा डेटा गृह मंत्रालय के सुरक्षित सर्वर पर स्टोर है, जिसे रिस्पॉन्डेंट सहित कोई भी एक्सेस नहीं कर सकता, और सिर्फ़ मैक्रो-लेवल डेटा ही रिलीज़ किया जाएगा।

 मुख्यमंत्री ने हरियाणा के सभी निवासियों से अपील की कि वे सेल्फ-एन्यूमरेशन प्रोसेस में सक्रिय भागीदारी निभाएं और *se.census.gov.in* के ज़रिए सही जानकारी दें, ताकि देश के सबसे बड़े प्रशासनिक कार्य में हर घर की गणना हो सके।

विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम- विकसित भारत के सपने को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम- राजेँद्र चौधरी

चंडीगढ़/अंबाला : सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो के अपर महानिदेशक (ग्रामीण विकास) श्री राजेंद्र चौधरी ने कहा कि ‘विकसित भारत – जी राम जी’ कानून विकसित भारत के सपने को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है भारत में आत्मनिर्भर गाँवों के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण क़दम है । हरियाणा के अंबाला में विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025 पर आयोजित वार्तालाप को संबोधन करते हुए पत्र सूचना कार्यालय, दिल्ली में अपर महानिदेशक श्री राजेंद्र चौधरी ने इस महत्वाकांक्षी पहल के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि यह कानून रोजगार सृजन को मज़बूती देने, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने और गाँवों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए एक ठोस प्रयास है।उन्होंने कहा कि पहले की व्यवस्था में मनरेगा के तहत 100 दिनों के रोजगार की गारंटी तो थी, लेकिन कई स्थानों पर न तो समय पर काम मिल पाता था और न ही मज़दूरी का भुगतान समय पर हो पाता था।

इसे गंभीर चिंता का विषय बताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी कमियों को दूर करने और भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए सरकार ने ‘विकसित भारत – जी राम जी’ क़ानून के माध्यम से सुधार किए हैं।उन्होंने बताया कि नए क़ानून के तहत रोजगार गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। यदि निर्धारित अवधि के भीतर काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो मज़दूरों को बेरोज़गारी भत्ता दिया जाएगा।

इसी प्रकार, यदि मज़दूरी के भुगतान में 15 दिनों से अधिक की देरी होती है, तो उस पर ब्याज भी दिया जाएगा। श्री चौधरी ने कहा कि नए क़ानून के तहत ग्राम पंचायत को सशक्त बनाया गया है, और अब गाँव की सभाएँ स्वयं तय करेंगी कि उनके गाँव में कौन-से विकास कार्य कराए जाएँ। उन्होंने कहा कि विकास से संबंधित निर्णय अब गाँव स्तर पर ही लिए जाएँगे।श्री चौधरी ने कहा विकसित भारत- रोजगार गारंटी और आजीविका मिशन (ग्रामीण) कानून, 2025, भारत की ग्रामीण रोजगार नीति में एक निर्णायक बदलाव का प्रतिनिधित्व करता है।

नया कानून एक आधुनिक, जवाबदेह और अवसंरचना-केंद्रित ढांचे को मजबूती प्रदान करता है। इस मौके पर अंबाला के उपायुक्त एवं कार्यक्रम के मुख्यातिथि श्री अजय तोमर ने कहा कि नया कानून एक आधुनिक, जवाबदेह और अवसंरचना-केंद्रित ढांचे के माध्यम से उनकी कमियों को दूर करते हुए पिछले सुधारों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि गारंटीकृत रोजगार का विस्तार करके, राष्ट्रीय विकास की प्राथमिकताओं और कार्यों के बीच ताल-मेल बिठाते हुए मजबूत डिजिटल शासन को शामिल करके, यह कानून ग्रामीण रोजगार को सतत विकास और यथोचित आजीविका के लिए एक कार्यनीतिक साधन के रूप में स्थापित करता है, जो पूरी तरह से विकसित भारत 2047 के विजन के साथ जुड़ा हुआ है।

तोमर ने बताया कि 125 दिनों के रोजगार की गारंटी घरेलू आय को बढ़ाती है, ग्राम-स्तर की खपत को प्रोत्साहित करती है, और डिजिटल उपस्थिति, मजदूरी भुगतान और डेटा-संचालित योजना के माध्यम से प्रवासन को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने मीडिया से आहवान किया कि इस कानून के बारे में लोगों को जागरूक करें और यदि कोई भी व्यक्ति इस कानून के बारे में भ्रमक भ्रांति फैलाता है तो मीडिया तथ्यों पर आधारित उसका सकारात्मक जवाब प्रस्तुत करें ।

इससे पहले कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए पीआईबी चंडीगढ़ के मीडिया एवं संचार अधिकारी ने वार्तालाप कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कार्यशाला मीडिया और सरकार के बीच सेतु का काम करती है। इस मौके पर सूचना प्रसारण मंत्रालय की विभिन्न इकाइयों की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला।

उन्होंने पीआईबी की अनुसंधान इकाई द्वारा विभिन्न विषयों पर किए जा रहे विश्लेषण और तथ्य परक सूचनाओं के बारे में भी जानकारी दी।उन्होंने इन विश्लेषक से जी राम जी एक्ट पर महत्वपूर्ण विश्वसनीय आंकड़ों एवं जानकारियों का उपयोग अपने लेख और समाचार लेखन में इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर श्री विराट, अतिरिक्त उपायुक्त, अंबाला ने योजना के विभिन्न प्रावधानों और विकसित भारत के लक्ष्य में ग्रामीण विकास की अहम भूमिका पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था ही समावेशी और सतत विकास विकसित राष्ट्र की आधारशिला है।इस मौके पर जिला परिषद के सीईओ श्री गगनदीप सिंह ने भी विकसित भारत जी राम जी कानून 2025 के तहत महत्वपूर्ण जानकारी दी और कहा कि इस कानून के लागू होने से किसान व मजदूर को लाभ होगा, दोनों सशक्त और मजबूत भी होगे। इस अवसर पर अंबाला के लोग संपर्क अधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि ग्रामीण विकास में मीडिया अहम भूमिका निभाता है।

उन्होंने मीडिया कर्मियों एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों का धन्यवाद प्रस्तुत किया । इस मौके पर एसीयूटी राहुल कनवरिया व जिला के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।