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केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी ने उत्तर प्रदेश में 11,672 किलोमीटर लंबे


नई दिल्ली / सत्ता संदेश

राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क की गुणवत्ता और रखरखाव की समीक्षा की

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त फीडबैक के आधार पर आज नई दिल्ली में आयोजित एक बैठक में उत्तर प्रदेश में 11,672 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की गुणवत्ता और रखरखाव की प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री अजय टमटा और श्री हर्ष मल्होत्रा ​​के साथ-साथ सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी और परियोजना के संवेदक उपस्थित थे।

समीक्षा के दौरान, श्री गडकरी ने टिकाऊ और कुशल राजमार्ग इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर सुनिश्चित करने के लिए समयबद्ध कार्यान्वयन, गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन और उन्नत प्रौद्योगिकियों को अपनाने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि मजबूत सड़क नेटवर्क कनेक्टिविटी बढ़ाने, आर्थिक विकास को गति देने और यात्रियों की सुविधा में सुधार के लिए महत्वपूर्ण हैं।

श्री गडकरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे रोकथाम के उपायों को लागू करते हुए पूरे नेटवर्क में सड़क सुरक्षा और स्थायित्व बनाए रखने के लिए प्रभावी प्रत्‍युत्तर प्रणाली स्थापित करके मानसून की व्यापक तैयारियों को सुनिश्चित करें।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद में NDRF को ‘प्रेसिडेंट्स कलर’ प्रदान किए जाने के समारोह को मुख्य अतिथि के तौर संबोधित किया

उत्तर प्रदेश / सत्ता संदेश

मोदी सरकार हीट वेव से होने वाली मृत्यु दर को शून्य तक लाने की दिशा में कार्य कर रही है

पिछले 20 वर्षों में अपने साहस, समर्पण और परिश्रम से देश का विश्वास अर्जित कर ‘प्रेसिडेंट्स कलर’ हासिल करने वाले NDRF के सभी जवानों को बधाई

CAPF के जवानों ने 7 करोड़ से अधिक वृक्ष लगाए हैं, जो पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे

भारत आज आपदा प्रबंधन में ‘ग्लोबल लीडर’ और ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ बनकर उभरा है तथा ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना को धरातल पर उतारा है

पहले आपदा प्रबंधन में प्रतिक्रिया राहत-आधारित थी, लेकिन मोदी सरकार ने इसे सिर्फ रिएक्टिव नहीं, बल्कि प्रिवेंटिव और प्रोडक्टिव बनाया है

मोदी सरकार आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण को ‘मिनिमम कैजुअल्टी’ से ‘ज़ीरो कैजुअल्टी’ तक पहुँचा रही है

आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में मोदी जी के 10-सूत्रीय एजेंडा और 360-डिग्री अप्रोच ने डिज़ास्टर रिस्क मैनेजमेंट को नई दिशा दी है

1.5 लाख से अधिक लोगों की जान बचाने और 9 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाने वाले NDRF के जवानों को देखते ही मन में सुरक्षा और भरोसे का भाव बढ़ जाता है

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) को ‘प्रेसिडेंट्स कलर’ प्रदान किए जाने के समारोह को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित किया। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो (IB) के निदेशक और NDRF के महानिदेशक सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

समारोह को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि NDRF को ‘प्रेसिडेंट्स कलर’ प्रदान किया जाना सिर्फ NDRF की सराहनीय सेवाओं को स्वीकार किया जाना ही नहीं, बल्कि यह SDRF, पंचायत से लेकर राज्य तक पूरी मशीनरी, NCC, NSS और हजारों की संख्या में सेवा में लगे आपदा मित्रों की सेवाओं का राष्ट्रपति महोदया द्वारा अनुमोदन किया जाना है। उन्होंने कहा कि NDRF के जवान देश में कहीं भी ‘आपदा सेवा सदैव सर्वत्र’ के घोष के साथ जाते हैं। NDRF के जवान देश-दुनिया में जहाँ कहीं भी गए, वहाँ प्यार और भरोसा अर्जित किया है। देश में कहीं भी आपदा आई हो या आने वाली हो, जब NDRF के जवान वहाँ पहुँचते हैं, तो जनता राहत की साँस लेती है कि अब उनका बचाव हो जाएगा। श्री शाह ने कहा कि NDRF ने अपनी स्थापना के 20 साल में देश में कहीं भी बाढ़, भूकंप, चक्रवात या किसी अन्य प्रकार की आपदा आई हो, अपने सफल कार्यों के आधार पर पूरे देश की 140 करोड़ जनता का विश्वास अर्जित किया है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा हो या कोई भीषण हादसा, NDRF की एक झलक ही देशवासियों के मन में सुरक्षा और भरोसे का भाव भर देती है। इस बल ने अब तक 1.5 लाख से अधिक लोगों की जान बचाई है और 9 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि NDRF को प्रेसिडेंट्स कलर मिलना, NDRF के समस्त बल के सेवा, साहस, शौर्य और समर्पण के संचित गुणों का सम्मान है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और NDRF ने अपने कार्यकाल में आपदा बचाव के क्षेत्र में भारत को वैश्विक नक्शे पर स्थापित करने का काम किया है। यह हम सभी के लिए गौरव की बात है, लेकिन देश के गृह मंत्री के नाते मेरे लिए यह विशेष गौरव का विषय है।

श्री अमित शाह ने कहा कि आज 116 करोड़ रुपए से ज्यादा की लागत वाली छह परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया गया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन परियोजनाओं के माध्यम से NDRF देश की जनता को किसी भी प्रकार की आपदा से सुरक्षित रखने के लिए और भी मजबूती से काम कर पाएगी।

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में 2014 से अब तक हमने न केवल आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए काम किया है, बल्कि अब हम ऐसी स्थिति में आ गए हैं कि अब हम जीरो कैजुअल्टी की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। जिस आपदा का पूर्वानुमान और मौसम विज्ञान विभाग से पूर्व जानकारी मिल जाती है, वहाँ जन, धन की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारा लक्ष्य होता है। उन्होंने कहा कि NDMA ने आपदा प्रबंधन से जुड़े नीति विषयक मामलों में ढेर सारे निर्णय लिए, बहुत सारे दिशानिर्देश जारी किए, और जन जागरूकता पैदा करने की दिशा में सफल प्रयास किए, जिसकी वजह से धीरे-धीरे आपदा बचाव देश का संस्कार बनता जा रहा है।

श्री अमित शाह ने कहा कि NDRF ने न केवल नागरिकों, बल्कि उनके साथ रहने वाले मूक पशुओं को भी बचाकर उत्कृष्ट सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि आपदा में जनहानि शून्य हो और संपत्तियों का नुकसान न्यूनतम हो।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि भारत सरकार का गृह मंत्रालय हीट वेव जैसी गंभीर चुनौतियों का भी बहुत ही प्रभावी तरीके से सामना करने की तैयारी कर चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार हीट वेव से होने वाली मृत्यु दर को शून्य तक लाने की दिशा में कार्य कर रही है।

श्री अमित शाह ने कहा कि गृह मंत्रालय और NDRF ने क्षमता निर्माण और सामुदायिक भागीदारी पर बहुत बल दिया है। NDRF ने अपने 8,500 से अधिक जवानों, 10,000 से ज्यादा सिविल डिफेंस कर्मियों और 2 लाख 20 हजार से अधिक वॉलंटियर्स को प्रशिक्षित करने का भागीरथ कार्य किया है। उन्होंने कहा कि दो वर्षों में 10,500 से अधिक नाविकों को भी प्रशिक्षित किया गया है।

गृह मंत्री ने कहा कि कम्युनिटी बेस्ड आपदा रिस्पॉन्स को मजबूत करने के लिए आपदा मित्रों की टोली हर खतरे का मुकाबला करने में उपयोगी साबित होगी। उन्होंने कहा कि पहले आपदा प्रबंधन में प्रतिक्रिया राहत-आधारित थी, लेकिन मोदी सरकार ने इसे सिर्फ रिएक्टिव नहीं, बल्कि प्रिवेंटिव और प्रोडक्टिव बनाया है। आपदा के कहर से जानमाल का नुकसान न्यूनतम करने के विषय को प्रधानमंत्री मोदी जी ने न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व में एक थ्योरी के रूप में स्थापित किया है। बीते 12 साल में आपदा से बचाव सिर्फ एक सिस्टम नहीं बल्कि इकोसिस्टम बन चुका है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत से लेकर भारत सरकार तक, भारतीय मौसम विभाग (IMD) के वैज्ञानिक से लेकर आम नागरिक तक हर जगह एक साथ एक उद्देश्य के लिए काम करने का एक नया तरीका भारत सरकार ने अपनाया है।

श्री अमित शाह ने कहा कि भारत में कई भीषण प्राकृतिक आपदाएं आई। ओडिशा के सुपर साइक्लोन, गुजरात के भूकंप और हिंद महासागर की सुनामी ने देश के जनजीवन को झकझोर कर रख दिया। इन घटनाओं के कारण देश में एक मजबूत आपदा प्रबंधन व्यवस्था की आवश्यकता को महसूस किया गया। आपदा प्रबंधन अधिनियम भी आया। NDMA और NDRF का भी गठन हुआ। उन्होंने कहा कि अब 16 बटालियनों के साथ NDRF एक सशक्त बल बन चुका है। NDRF ने अपनी कार्यपद्धति से SDRF की ट्रेनिंग और SDRF के साथ साझा अभियानों से अपनी शक्ति बढ़ाया है। प्रोएक्टिव डिप्लॉयमेंट और प्रीपोजिशनिंग जैसे उपाय हमें नुकसान से बचाने में कारगर साबित हो चुके हैं। श्री शाह ने कहा कि 2008 में बिहार में कोसी नदी में आई बाढ़ NDRF के लिए बहुत बड़ी परीक्षा थी। बाद में ऐसी कई आपदाएं आई, जैसे – धराली में फ्लैश फ्लड, चासोटी में क्लाउडबर्स्ट, जम्मू, पंजाब और दिल्ली के फ्लड्स, साइक्लोन मोंथा और साइक्लोन दितवाह। वहीं, अमरनाथ यात्रा, महाकुंभ, चारधाम यात्रा, मणि महेश, सबरीमाला यात्रा, भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा जैसे कई महत्वपूर्ण आयोजनों में NDRF ने बहुत अच्छे तरीके से समाज के साथ मिलकर काम किया।

गृह मंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में मोदी जी के 10-सूत्रीय एजेंडा और 360-डिग्री अप्रोच ने डिज़ास्टर रिस्क मैनेजमेंट को नई दिशा दी है। इसके माध्यम से रिस्क मैपिंग, अर्ली वार्निंग, कम्युनिटी पार्टिसिपेशन, और गाइडलाइंस के निर्माण जैसे क्षेत्रों को मजबूती मिली है। श्री शाह ने कहा कि वैश्विक स्तर पर आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भारत आज निर्विवाद रूप से एक ग्लोबल लीडर और फर्स्ट रिस्पॉंडर के रूप में उभरा है। ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ को व्यवहार में उतारते हुए इसे धरातल पर लागू किया गया है। श्री शाह ने कहा कि मोदी जी की प्रेरणा से ‘डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर’ के क्षेत्र में भारत ने वैश्विक स्तर पर नेतृत्व किया है। CDRI के आज 48 देश सदस्य बन चुके हैं और भारत के साथ मिलकर इस दिशा में कार्य कर रहे हैं।

श्री अमित शाह ने देशभर के सभी केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPFs) के जवानों को बधाई देते हुए कहा कि 2021 से अब तक CAPFs के सभी जवानों ने देशभर में 7 करोड़ से अधिक पेड़ लगाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि यह समस्त CAPFs के मानवीय दृष्टिकोण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का प्रतीक है।

पीएम मोदी ने 594 किमी लंबे एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड गंगा एक्सप्रेस-वे का किया उद्घाटन

दिल्ली/सत्ता संदेश

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के हरदोई जिलें में 594 किलोमीटर लंबे एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। भगवान नरसिम्हा की पवित्र भूमि और कुछ किलोमीटर दूर बहने वाली मां गंगा की दिव्य उपस्थिति को नमन करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पूरा क्षेत्र नदी की आध्यात्मिक और पोषणकारी कृपा से धन्य एक तीर्थस्थल है।


प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अवसंरचना निर्माण की गति को अभूतपूर्व रूप से तेज किया है। उन्‍होंने बताया कि देश के सबसे लंबे हरित गलियारे वाले एक्सप्रेसवे में से एक, गंगा एक्सप्रेसवे, को पांच वर्ष से भी कम समय में पूरा किया गया है। तेज गति से आधुनिकीकरण के अपने विजन को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि यह वर्तमान सरकार के काम की गति है! यह वर्तमान सरकार के काम करने का तरीका है।


इस एक्सप्रेसवे के रणनीतिक महत्व को बताते हुए पीएम ने कहा कि लगभग 600 किमी लंबा यह मार्ग पश्चिमी उत्तर प्रदेश के वाणिज्यिक केंद्रों को मध्य उत्तर प्रदेश के कृषि प्रधान क्षेत्रों और पूर्वी उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक स्थलों से जोड़ेगा। इससे बारह जिलों के करोड़ों नागरिकों को लाभी मिलेगा। मोदी ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे सिर्फ एक तेज रफ्तार सड़क नहीं है। यह नई संभावनाओं, नए सपनों और नए अवसरों का द्वार है।


एक्सप्रेसवे के कनेक्टिविटी लाभों पर प्रकाश डालते हुए पीएम ने कहा कि यह उत्तर प्रदेश के एक छोर को दूसरे छोर से जोड़ता है, साथ ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की अपार संभावनाओं को भी करीब लाता है, जिसके किनारों पर वाहनों के दौड़ने के साथ-साथ नए औद्योगिक अवसर सृजित होंगे।


अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में राज्य की उभरती भूमिका को रेखांकित करते हुए मोदी ने नोएडा में हाल ही में हुए सेमीकंडक्टर परियोजना की आधारशिला रखे जाने का उल्‍लेख करते हुए कहा कि यह राज्‍य भविष्‍य की एआई आधारित अर्थव्‍यवस्‍था में अग्रणी बन रहा है।


उन्‍होंने राज्‍य में कनेक्टिविटी के व्‍यापक विस्‍तार का उल्‍लेख करते हुए कहा कि पहले जहां बहुत कम हवाई अड्डे थे, आज 21 हवाई अड्डें सं‍चालित हो रहे हैं, जिनमें 5 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे शामिल हैं। उन्‍होंने नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का भी उल्‍लेख किया, जो गंगा एक्सप्रेसवे कॉरिडोर से कुछ ही घंटों की दूरी पर है।


उत्तर प्रदेश के अतीत और वर्तमान की तुलना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एक पिछला दौर था, जब राज्‍य अपराध और अराजकता से जुड़ा था, लेकिन आज कानून-व्‍यवस्‍था एक मिसाल बन गई है। मोदी ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था का उदाहरण पूरे देश में दिया जाता है।


भारत की व्यापक सभ्यतागत और आर्थिक महत्वाकांक्षाओं के संदर्भ में उत्तर प्रदेश के विकास को रखते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य का परिवर्तन राष्ट्र के मूल संकल्प को साकार करता है। श्री मोदी ने कहा कि आज पूरा देश एक ही संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है – विकसित भारत का संकल्प! इस संकल्प को पूरा करने में उत्तर प्रदेश की एक महत्वपूर्ण भूमिका है।
वैश्विक अस्थिरता और भारत के उदय के बाहरी विरोध को स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री ने बाहरी खतरों के बावजूद विकास के प्रति राष्ट्र की अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि की। श्री मोदी ने कहा कि हम न केवल सुरक्षित हैं, बल्कि विकास की नई उपलब्धियां भी हासिल कर रहे हैं। हम आत्मनिर्भर भारत अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। हम अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहे हैं।


गंगा एक्सप्रेसवे को इस व्यापक विकास प्रतिमान का प्रतीक बताते हुए प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में उत्तर प्रदेश के लोगों पर भरोसा जताया कि वे उभरते अवसरों को वास्तविक समृद्धि में बदल देंगे। श्री मोदी ने कहा कि मुझे विश्वास है कि गंगा एक्सप्रेसवे जो अवसर लेकर आएगा, उत्‍तर प्रदेश के लोग उन अवसरों को अपनी कड़ी मेहनत और प्रतिभा से साकार कर देंगे।

उप्र: पेट्रोल-डीजल और एलपीजी पर सरकार की सख्त निगरानी, अब तक 17 हजार से ज्यादा छापे

लखनऊ, 31 मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने और कालाबाजारी तथा अवैध बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए 12 मार्च से अब तक 17,581 छापे मारे गए और निरीक्षण किए गए हैं। सरकार ने सोमवार देर रात एक बयान में यह जानकारी दी।

बयान में कहा गया कि इस अवधि के दौरान, एलपीजी वितरकों के खिलाफ 33 प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं, जबकि अन्य मामलों में 189 प्राथमिकियां दर्ज की गईं और 17 व्यक्तियों की गिरफ्तार किया गया। साथ ही, 224 लोगों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई शुरू की गई है।

बयान में बताया गया कि मुख्य सचिव स्तर से जारी निर्देशों के बाद सभी जिलों में प्रशासन सक्रिय है और लगातार निगरानी की जा रही है।

इसमें कहा गया है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति फिलहाल पूरी तरह सामान्य है। राज्य में 12,888 पेट्रोल पंप संचालित हैं। 27 से 29 मार्च के बीच हजारों किलोलीटर ईंधन की बिक्री हुई है वहीं वर्तमान में प्रदेश में करीब 91 हजार किलोलीटर पेट्रोल और 1.15 लाख किलोलीटर डीजल का स्टॉक उपलब्ध है।

सरकार ने लोगों से अपील की है कि घबराहट में ईंधन का भंडारण न करें।

बयान में कहा गया है कि एलपीजी की स्थिति भी संतोषजनक है। प्रदेश के 4,107 गैस वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुसार सिलेंडर की आपूर्ति की जा रही है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसी के साथ सरकार ने ‘सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन’ (सीजीडी) नेटवर्क के विस्तार पर भी जोर दिया है।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में लंबित अनुमतियों को जल्द निपटाने और अधिक से अधिक पीएनजी कनेक्शन जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसबीच, केंद्र सरकार ने 23 मार्च से वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों के लिए 20 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन की भी अनुमति दे दी।

स्थिति की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के लिए, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति आयुक्त के कार्यालय में 24 घंटे संचालित एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। बयान में कहा गया है कि स्थिति पर लगातार नज़र रखने के लिए सभी जिलों में भी नियंत्रण कक्ष सक्रिय हैं।

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में पड़ोसी ने चाकू से हमला कर महिला की हत्या की

बांदा (उप्र), 25 मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश में फतेहपुर जिले की नगर कोतवाली क्षेत्र के कुंडेरवा गांव में मंगलवार शाम को 33 वर्षीय महिला की उसके पड़ोस में रहने वाले युवक ने कथित रूप से चाकू से हमला कर हत्या कर दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

फतेहपुर जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि घटना मंगलवार शाम साढ़े छह बजे हुई।

आरोपी की पहचान सोनू यादव के रूप में हुई है जिसने पड़ोसी जय सिंह यादव के घर में घुसकर उसकी पत्नी मिथलेश पर चाकू से ताबड़तोड़ कई वार किए, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई है।

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गया है।

पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद था। फरवरी में महिला ने सोनू के खिलाफ सोशल मीडिया पर उसकी अश्लील तस्वीरें प्रसारित करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था।

एसपी ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीम तैनात की गई है।