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Punjab Paper Leak : दिल्ली में BJP ने AAP दफ्तर का किया घेराव, बैंस के इस्तीफे की मांग की

दिल्ली / सत्ता संदेश

पंजाब में कथित पेपर लीक के मामले को लेकर दिल्ली बीजेपी ने गुरुवार को दिल्ली में आम आदमी पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोला. पार्टी दफ्तर का घेराव करने की कोशिश की. इसके साथ ही पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस का इस्तीफा मांगा. दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा के कहा कि आदमी पार्टी राजनीति में दोहरे मानदंड़ अपना रही है. पंजाब में हुए अनेक परिक्षा पेपर लीक मामलों में पंजाब के शिक्षा मंत्री सरदार हरजोत सिंह बैंस की बर्खास्तगी होनी चाहिए. इन्हीं मांगों को लेकर नेताओं और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने आम आदमी पार्टी के कैनिंग लेन स्थित ऑफिस पर प्रदर्शन किया और कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दी. पुलिस मंदिर मार्ग थाने लेकर गई जहां से एक घंटे बाद चेतावनी देकर छोड़ा.

दिल्ली बीजेपी के महामंत्री विष्णु मित्तल ने प्रदर्शन का संचालन किया और कहा देश की जनता और युवा सब ही पंजाब में पेपर लीक पर अरविंद केजरीवाल की पहले चुप्पी फिर पेपर लीक नकारने के प्रयास से स्तब्ध हैं और केजरीवाल का दोहरा चरित्र पहचान गये हैं. आम आदमी पार्टी कार्यालय पर हुए प्रदर्शन को संबोधित करते हुए दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा की आज हम यहां आम आदमी पार्टी के दोहरे चरित्र और दोहरी राजनीति को बेनकाब करने आए हैं.

‘पंजाब में पिछले 4.5 साल में क्या हुआ?’

उन्होंने कहा कि केंद्र में जब पेपर लीक का मुद्दा आया तो “आप” ने सबसे पहले सड़क जाम की, हंगामा किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की. उन्होंने नैतिकता का भाषण दिया, जवाबदेही का ढिंढोरा पीटा लेकिन मैं पूछता हूं- पंजाब में पिछले 4.5 साल में क्या हुआ? पंजाब टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट लीक हुआ. 12वीं का अंग्रेजी का पेपर लीक हुआ. फार्मेसी ऑफिसर और PSSSB की भर्ती का पेपर लीक हुआ. हजारों बच्चों का भविष्य दांव पर लगा और जिम्मेदार कौन है? जिम्मेदार हैं पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस.

‘पंजाब के शिक्षा मंत्री का इस्तीफा कब?’

हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि केंद्र में नैतिकता मांगने वाली “आप”, पंजाब में आते ही चुप क्यों हो जाती है? अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि पेपर लीक हुआ तो इस्तीफा ले लेंगे. तो पंजाब के शिक्षा मंत्री का इस्तीफा कब? यह दोहरा मापदंड क्यों? दिल्ली में राजनीति और पंजाब में मिलीभगत? बच्चों के साथ खिलवाड़ करने वाले मंत्री को बचाना क्या यही कट्टर ईमानदार पार्टी का असली चेहरा है?

‘केजरीवाल और सिसोदिया कुछ बोल नहीं पाए’

सांसद योगेन्द्र चंदोलिया ने कहा कि लोकसभा में जब इस पेपर लीक को लेकर चर्चा करने की बात कही गई तो विपक्ष किसी भी प्रकार से तैयार नहीं हुआ. उल्टा प्रधानमंत्री के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन करने लगा. जबकि पंजाब में पेपर लीक को लेकर ना तो विपक्ष की जुबान चली और ना ही शिक्षा क्रांति की बड़ी बड़ी बातें करने वाले अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ही कुछ बोल पाए हैं. उल्टा सोशल मीडिया पर आप सब ने देखा कि पेपर लीक के बहाने किस प्रकार की अश्लील शब्दों का इस्तेमाल देश के प्रधानमंत्री के लिए किया गया जिसका बीजेपी पुरजोर विरोध करती है.

‘ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं छात्र’

सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि पंजाब में पिछले चार सालों के अंदर छात्र पीड़ित महसूस कर रहे हैं क्योंकि चार सालों में 5 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी है, लेकिन पंजाब की सरकार उसे इंकार कर रही है. सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि फॉर्मेसी एग्जाम के पेपर कॉम्प्रमाइज हुआ हैं लेकिन इस पूरे मामले में आम आदमी पार्टी दोगली नीति अपना रही है.

‘केजरीवाल पूरी तरह से एक्सपोज’

राज्यसभा सांसद स्वाति मालिवाल ने कहा कि अरविंद केजरीवाल पेपर लीक मामले में पूरी तरह से एक्सपोज हो चुके हैं. इन्हीं की बनाई हुई कॉक्रोच जनता पार्टी है, जिसमें इनके लोग थे और आम आदमी पार्टी की ही फंडिंग थी लेकिन आखिर क्यों अरविंद केजरीवाल पंजाब के शिक्षा मंत्री का इस्तीफा अभी तक नहीं ले पाए हैं. भगवंत मान से तो वैसे भी पंजाब के छात्रों को कोई उम्मीद नहीं है क्योंकि 2023 में टीईटी का पेपर लीक हुआ तो उन्होंने खुद कहा था कि पेपर लीक हुआ है. या तो तब वह नशे में सत्य बोल रहे थे या अब वह झूठ बोल रहे हैं कि कोई पेपर लीक नहीं हुआ है.

Delhi : VP हाउस में हुई CJP और मोदी सरकार के बीच हुई बैठक

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

पेपर लीक से जुड़े मामले और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग के बीच शुक्रवार को दिल्ली के विट्ठल हाउस में केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधियों की अहम बैठक हुई। यह बैठक करीब एक घंटे तक चली। बता दें कि आंदोलन शुरू होने के बाद दोनों पक्षों की यह दूसरी मुलाकात रही है। हालांकि बैठक से पहले CJP के फाउंडिंग प्रेसिडेंट अभिजीत दिपके ने एक वीडियो जारी कर कहा है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के अलावा हमें कुछ भी मंजूर नहीं है। जब तक धर्मेंद्र प्रधान अपना इस्तीफा नहीं दे देते है, तब तक हमारा चलता रहेगा।

कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से सौरव दास और आशुतोष रांका सरकार के साथ बातचीत में शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की अगुवाई में होने वाली यह बैठक पहले कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होनी थी। लेकिन केंद्रीय मंत्रियों की सुरक्षा को देखते हुए जगह बदल कर विट्ठल हाउस कर दिया गया।

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ही समाधानः दिपके

केंद्र सरकार के साथ बातचीत शुरू होने से पहले अभिजीत दिपके ने कहा, “यह विरोध-प्रदर्शन देश के युवाओं का है और यह सिर्फ सोनम वांगचुक या दिपके तक सीमित नहीं है। यह प्रदर्शन देश के युवाओं का है, विपक्षी पार्टियों का नहीं। अगर सरकार विरोध-प्रदर्शन का हल चाहती है, तो वह सिर्फ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है।”

सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल खत्म किए जाने को लेकर दिपके ने कहा, “मुझे लगता है कि सरकार ने वांगचुक को हिरासत में रखा था। जेपी नड्डा उनसे मिल सकते थे, लेकिन कोई भी विपक्षी सांसद उनसे नहीं मिल सका। हम भी उनसे नहीं मिल सके। मुझे बहुत खुशी है कि सोनम सर ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है।”

बातचीत के जरिए मुद्दों का समाधानः जितेंद्र सिंह

इससे पहले केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को कॉकरोच जनता पार्टी से सरकार के साथ एक और दौर की बातचीत के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने अपनी अपील में कहा कि बातचीत के जरिए ही मुद्दों का समाधान हो सकता है और आगे का रास्ता निकाला जा सकता है।

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक रिपोर्ट में कहा कि पिछले 24 घंटे में सरकार की ओर से सीजेपी को बातचीत के लिए ‘कम से कम चार बार’ न्यौता भेजा गया है। उन्होंने कहा, “मैं इस प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवा साथियों से अपील करना चाहता हूं कि वे बातचीत के लिए आगे आएं। हमारे दरवाजे उनके लिए खुले हैं।” उनका कहना है कि यह सरकार की ओर से की गई एक ‘विनम्र अपील’ है।

उन्होंने बताया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ यह बैठक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता नड्डा की अगुवाई में होगी।