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Census 2027: हरियाणा में 100% जनगणना कवरेज का लक्ष्य, 87,450 कर्मचारियों की होगी तैनाती

हरियाणा में जनगणना 2027 के लिए 100% कवरेज का लक्ष्य। करीब 87,450 कर्मचारियों की तैनाती, 70 हजार प्रगणना ब्लॉक और जनवरी 2027 में ऑनलाइन स्व-गणना की योजना।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

हरियाणा सरकार ने जनगणना 2027 के लिए 100 प्रतिशत जनसंख्या कवरेज सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। राज्य में जनगणना के दूसरे चरण की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस दौरान लगभग 87,450 प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की तैनाती प्रस्तावित है, जो करीब 70,000 प्रगणना ब्लॉकों में जनसंख्या गणना का काम करेंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कोई भी व्यक्ति या परिवार जनगणना से छूटना नहीं चाहिए और दोहरी गणना रोकने के लिए विशेष निगरानी की जाएगी।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तीय आयुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने सोमवार को हरियाणा निवास, चंडीगढ़ में आयोजित प्रधान जनगणना अधिकारियों के सम्मेलन में जिला प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए। डॉ. मिश्रा जनगणना 2027 के लिए राज्य की नोडल अधिकारी भी हैं। उन्होंने उपायुक्तों को तैयारियों की व्यक्तिगत निगरानी करने, नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने और फील्ड स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं का समय रहते समाधान करने को कहा।

डिजिटल तकनीक से होगी जनगणना

हरियाणा में आगामी जनगणना में डिजिटल तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया जाएगा। प्रगणक स्मार्टफोन पर विशेष मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से जानकारी दर्ज करेंगे। इसके अलावा ऑनलाइन स्व-गणना (Self-Enumeration) पोर्टल और Census Management and Monitoring System (CMMS) के जरिए जनगणना की प्रगति तथा प्रशासनिक गतिविधियों की निगरानी की जाएगी।

सम्मेलन में प्रस्तुत कार्यक्रम के अनुसार, नागरिक 10 जनवरी से 24 जनवरी 2027 तक ऑनलाइन स्व-गणना कर सकेंगे। इसके बाद 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक घर-घर जाकर जनसंख्या गणना की जाएगी। एक मार्च से पांच मार्च 2027 तक पुनरीक्षण दौर आयोजित करने का कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया है, जिसमें छूटे हुए लोगों की पहचान और आंकड़ों में विसंगतियों को दूर करने पर ध्यान दिया जाएगा।

जनगणना की संदर्भ तिथि एक मार्च 2027 को रात 12 बजे निर्धारित की गई है। स्व-गणना करने वाले परिवारों की जानकारी का भी प्रगणकों द्वारा घर जाकर सत्यापन किया जाएगा। वहीं, पर्यवेक्षक 20 प्रतिशत रिकॉर्ड की जांच करेंगे।

23 जिलों में करीब 70 हजार ब्लॉक

जनगणना के दूसरे चरण के परिचालन रोडमैप के अनुसार, हरियाणा के 23 जिलों, 6,522 गांवों और 88 कस्बों को शामिल किया जाएगा। इसके लिए लगभग 70,000 प्रगणना ब्लॉक बनाए जाने की योजना है।

इस कार्य में रिजर्व कर्मियों सहित करीब 74,800 प्रगणक और 12,650 पर्यवेक्षक लगाए जाने का अनुमान है। ये कर्मचारी 203 जनगणना चार्जों के तहत काम करेंगे, जबकि 34 प्रधान जनगणना अधिकारी निगरानी की जिम्मेदारी संभालेंगे।

राज्य में जनगणना के पहले चरण के दौरान 51,907 हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों को कवर किया जा चुका है। अब दूसरे चरण के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति, प्रशिक्षण और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने पर जोर दिया जा रहा है।

छूटे हुए परिवारों और दोहरी गणना पर रहेगी नजर

डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि जनगणना की विश्वसनीयता सही आंकड़ों, स्पष्ट प्रशासनिक जिम्मेदारियों और प्रभावी फील्ड निगरानी पर निर्भर करती है। उन्होंने उपायुक्तों को दुर्गम क्षेत्रों, तेजी से विकसित हो रही आवासीय कॉलोनियों, बहुमंजिला इमारतों, शहरी झुग्गी-बस्तियों और प्रवासी आबादी वाले क्षेत्रों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि कवरेज, आंकड़ों की सटीकता और व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। संभावित कमियों की पहचान करने और दोहरी गणना रोकने के लिए तकनीक तथा उपलब्ध प्रशासनिक सूचनाओं का प्रभावी उपयोग किया जाएगा।

जनगणना ड्यूटी से छूट मांगने वाले कर्मचारियों के आवेदनों की भी जांच की जाएगी। अधिकारियों को सक्षम कर्मियों की समय पर नियुक्ति और सभी संबंधित कर्मचारियों के व्यापक प्रशिक्षण पर ध्यान देने को कहा गया है।

प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को मिलेंगे 25 हजार रुपये

जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों के मानदेय और सुविधाओं को लेकर भी निर्देश दिए गए हैं। सम्मेलन में प्रस्तुत वित्तीय प्रावधानों के अनुसार, प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को दोनों चरणों के लिए कुल 25,000 रुपये मानदेय दिया जाएगा। इसमें हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन के लिए 9,000 रुपये और जनसंख्या गणना के लिए 16,000 रुपये शामिल हैं।

डॉ. मिश्रा ने सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) के माध्यम से लंबित मानदेय भुगतान जल्द जारी करने पर जोर दिया। उन्होंने जिला प्रशासन को प्रशिक्षण सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था, लॉजिस्टिक सहायता और अन्य जरूरी संसाधन समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

जनगणना के लिए चलाया जाएगा जागरूकता अभियान

सरकार जनगणना में आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाएगी। इसके लिए सोशल मीडिया, शिक्षण संस्थानों, ग्राम पंचायतों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (RWAs), दीवार लेखन और पारंपरिक जन उद्घोषणा माध्यमों का उपयोग किया जाएगा।

गीता जयंती और सूरजकुंड मेले जैसे प्रमुख आयोजनों के माध्यम से भी लोगों को जनगणना के प्रति जागरूक करने और ऑनलाइन स्व-गणना के विकल्प की जानकारी देने की योजना है। अधिकारियों को अफवाहों और गलत सूचनाओं का तथ्यों के आधार पर तुरंत खंडन करने के निर्देश दिए गए हैं।

व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता पर जोर

हरियाणा के जनगणना निदेशक डॉ. ललित जैन ने अधिकारियों को जनगणना की तकनीकी और परिचालन तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मोबाइल एप्लिकेशन और केंद्रीय निगरानी प्रणाली के माध्यम से फील्ड कार्यों का समन्वय किया जाएगा।

डॉ. सुमिता मिश्रा ने जनगणना के दौरान एकत्र की जाने वाली व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता सुनिश्चित करने और Census Act, 1948 के प्रावधानों का पालन करने पर जोर दिया। उन्होंने राजस्व, शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शहरी स्थानीय निकाय, पंचायती राज, सूचना प्रौद्योगिकी और जनसंपर्क विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।

सरकार का लक्ष्य जनगणना 2027 को समयबद्ध, पारदर्शी और सटीक तरीके से पूरा करना है, ताकि भविष्य की विकास योजनाओं और प्रशासनिक निर्णयों के लिए विश्वसनीय जनसंख्या संबंधी आंकड़े उपलब्ध हो सकें।

विकसित भारत युवा लीडर्स संवाद 2027: हरियाणा के युवाओं के लिए बड़ा मौका, 30 सितंबर तक करें आवेदन

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

विकसित भारत के निर्माण में हरियाणा के युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकसित भारत युवा लीडर्स संवाद-2027 को लेकर चंडीगढ़ के प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान ‘मेरा युवा भारत’, हरियाणा के संयुक्त निदेशक आकर्ष दीक्षित और सहायक निदेशक ईशा गुप्ता ने कार्यक्रम के उद्देश्य, पात्रता, चयन प्रक्रिया और युवाओं के लिए उपलब्ध अवसरों की विस्तृत जानकारी दी।

संयुक्त निदेशक आकर्ष दीक्षित ने प्रदेश के युवाओं से mybharat.gov.in पर पंजीकरण कर विकसित भारत प्रश्नोत्तरी में भाग लेने की अपील की। उन्होंने बताया कि प्रश्नोत्तरी इस चयन प्रक्रिया का पहला चरण है और इसमें 30 सितंबर 2026 तक भाग लिया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत युवा लीडर्स संवाद-2027 केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपने विचार, नवाचार और नेतृत्व क्षमता प्रस्तुत करने का अवसर देने वाला मंच है। प्रश्नोत्तरी में बेहतर प्रदर्शन करने वाले युवाओं को आगे निबंध, जिला स्तरीय प्रतियोगिता, राज्य स्तरीय संवाद और राष्ट्रीय स्तर की चयन प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिलेगा।

जनवरी 2027 में नई दिल्ली में राष्ट्रीय संवाद

विकसित भारत युवा लीडर्स संवाद-2027 का राष्ट्रीय आयोजन 10 से 12 जनवरी 2027 तक नई दिल्ली में प्रस्तावित है। चयनित युवा इस राष्ट्रीय मंच पर विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को लेकर अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत करेंगे।

कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को केवल दर्शक के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार और युवा नेतृत्वकर्ता के रूप में आगे लाना है।

पांच चरणों में होगा युवाओं का चयन

कार्यक्रम की चयन प्रक्रिया को पांच प्रमुख चरणों में बांटा गया है—

प्रश्नोत्तरी → निबंध → जिला चैंपियनशिप → राज्य स्तरीय विकसित भारत युवा लीडर्स संवाद → राष्ट्रीय स्तर का संवाद

पहले चरण में डिजिटल विकसित भारत प्रश्नोत्तरी आयोजित की जा रही है। इसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शीर्ष 10 प्रतिशत प्रतिभागियों को अगले चरण के लिए चुना जाएगा। देशभर में अधिकतम 4 लाख युवा निबंध चरण के लिए पात्र होंगे।

इसके बाद चयनित प्रतिभागियों को 500 शब्दों का निबंध प्रस्तुत करना होगा। प्रत्येक जिले से शीर्ष 50 निबंधों का चयन किया जाएगा। जिला स्तर पर विचार प्रस्तुत करने के बाद प्रत्येक जिले से शीर्ष दो युवाओं को राज्य स्तरीय विकसित भारत युवा लीडर्स संवाद में भाग लेने का अवसर मिलेगा।

चयन प्रक्रिया में विषय विशेषज्ञों और स्वतंत्र निर्णायक मंडल की भूमिका होगी तथा प्रक्रिया को योग्यता और प्रतिभा आधारित रखा गया है।

हरियाणा के युवाओं के लिए सुशासन और शहरी विकास मुख्य विषय

हरियाणा को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र क्लस्टर में शामिल किया गया है। इस क्षेत्र के लिए मुख्य विषय “भविष्य का सुशासन, शहरी परिवर्तन एवं नागरिक सेवाएं” निर्धारित किया गया है।

इस विषय के माध्यम से युवा वर्ष 2047 तक भारत में अधिक प्रभावी, पारदर्शी, उत्तरदायी और नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था विकसित करने को लेकर अपने विचार और व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत कर सकेंगे।

युवा इस विषय को हरियाणा की स्थानीय जरूरतों, शहरी विकास, नागरिक सुविधाओं, तकनीक, प्रशासनिक व्यवस्था और आम नागरिकों से जुड़ी समस्याओं के संदर्भ में देखते हुए अपने अभिनव सुझाव दे सकते हैं।

सांस्कृतिक गतिविधियों से लेकर युवा उद्यमिता तक अवसर

सहायक निदेशक ईशा गुप्ता ने बताया कि यह अभियान केवल प्रश्नोत्तरी तक सीमित नहीं है। युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए भी मंच उपलब्ध कराया जा रहा है।

कार्यक्रम के अंतर्गत विकसित भारत चैलेंज, सांस्कृतिक गतिविधियां, भारत के लिए डिजाइन, सामाजिक सरोकारों के लिए नवाचार, युवा उद्यमिता चुनौती और युवा संसद जैसी गतिविधियां शामिल हैं।

सांस्कृतिक क्षेत्र में लोक नृत्य, लोक गीत, चित्रकला, भाषण और कविता जैसी गतिविधियों के माध्यम से भी युवा अपनी प्रतिभा प्रदर्शित कर सकेंगे।

15 से 29 वर्ष के युवा ले सकते हैं भाग

प्रेस वार्ता में बताया गया कि 15 से 29 वर्ष की आयु के युवा इस प्रक्रिया में भाग लेने के पात्र हैं। ‘मेरा युवा भारत’ पोर्टल पर पहले से पंजीकृत युवाओं को दोबारा पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं है। वे सीधे विकसित भारत प्रश्नोत्तरी में भाग ले सकते हैं।

आकर्ष दीक्षित ने बताया कि वर्ष 2025 में राष्ट्रीय युवा महोत्सव को विकसित भारत@2047 के संकल्प के अनुरूप पुनर्गठित करते हुए विकसित भारत युवा लीडर्स संवाद का स्वरूप दिया गया था। पिछले संस्करण में देशभर से 50 लाख से अधिक युवाओं ने प्रश्नोत्तरी में हिस्सा लिया था और करीब 3,000 युवाओं का राष्ट्रीय संवाद के लिए चयन किया गया था।

उन्होंने हरियाणा के युवाओं, शैक्षणिक संस्थानों, युवा संगठनों और अन्य संबंधित हितधारकों से अभियान को व्यापक स्तर तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पात्र युवा 30 सितंबर 2026 तक mybharat.gov.in के माध्यम से विकसित भारत प्रश्नोत्तरी में भाग लेकर राष्ट्रीय स्तर के युवा नेतृत्व मंच तक पहुंचने का अवसर हासिल कर सकते हैं।

प्रेस वार्ता के अंत में कहा गया कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक और विशेष रूप से युवा शक्ति की सामूहिक भागीदारी से पूरा होने वाला राष्ट्रीय संकल्प है। हरियाणा के युवा अपनी प्रतिभा, विचार, नवाचार और नेतृत्व क्षमता के माध्यम से इस संकल्प को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।