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गीतकार राज काकड़ा के गीत संग्रह “पैंडा” का लोकार्पण प्रो. गुरभजन सिंह गिल और लोक गायक हरदीप मोहाली ने किया

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाबी लोक विरासत अकादमी की ओर से प्रसिद्ध गीतकार राज काकड़ा के गीत संग्रह “पैंडा” का लोकार्पण प्रो. गुरभजन सिंह गिल ने लुधियाना में किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विरासत से लेकर वर्तमान तक फैले पंजाबी संस्कृति के विभिन्न रंगों से भरपूर यह विशाल गीत संग्रह साहित्यिक गीतों की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाएगा।

उन्होंने कहा कि उनके पसंदीदा गीतकार और गायक राज काकड़ा के गीतों का सुंदर संग्रह “पैंडा” उन्हें घर बैठे प्राप्त हुआ, जिस पर उन्हें गर्व महसूस हो रहा है। उन्होंने बताया कि राज काकड़ा और देबी मखसूसपुरी उनके पसंदीदा शायर हैं। दोनों बेहद मधुर लिखते और गाते हैं तथा शब्दों की गरिमा को बनाए रखते हैं।

इस मौके पर मोहाली निवासी लोक गायक हरदीप मोहाली ने कहा कि अच्छे गीत लिखने के साथ-साथ राज काकड़ा निजी जीवन में भी अपने साहित्यिक गीतों की तरह सरल और संवेदनशील इंसान हैं।

जालंधर से आए संगीतकार कुलजीत ने कहा कि राज काकड़ा के गीतों में सहजता और सुंदरता दोनों हैं। वह अपने गीतों की धुन स्वयं तैयार करते हैं, जिसके कारण उनके गीत कई प्रसिद्ध गायकों द्वारा गाए गए हैं।

पंजाब कल्चरल सोसायटी के अध्यक्ष रविंदर सिंह रंगूवाल ने कहा कि देश-विदेश में उनके प्रशंसक फैले हुए हैं, जिसके चलते उनकी यह पुस्तक जून महीने में अमेरिका और जर्मनी में भी लोकार्पित की जाएगी। उन्होंने कहा कि “पैंडा” का सुंदर प्रकाशन प्रिंट वेल अमृतसर ने बेहतरीन ढंग से किया है।

फिल्म जगत में अपनी अलग पहचान रखने वाले अभिनेता याद धालीवाल भी इस अवसर पर उपस्थित थे। “पैंडा” को जर्मनी की संस्था पंज आब ने प्रकाशित किया है।