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हिमाचल में बारिश का कहर! 145 सड़कें बंद | 224 ट्रांसफार्मर ठप | 798 करोड़ का नुकसान

हिमाचल प्रदेश / सत्ता संदेश

हिमाचल प्रदेश में जारी मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) द्वारा शुक्रवार सुबह 10 बजे जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में 145 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं, 224 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर (DTR) ठप पड़े हैं, और 14 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।

जिलेवार स्थिति और प्रभाव
बारिश का सबसे अधिक प्रकोप मंडी जिले में देखा जा रहा है, जहां अकेले 66 सड़कें अवरुद्ध हैं। इसके अतिरिक्त, मंडी में 182 बिजली ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हुए हैं। कुल्लू जिले में 31 सड़कें और 31 ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। सिरमौर में 28 सड़कें, शिमला में 12 सड़कें, कांगड़ा में पांच, ऊना में दो और किन्नौर में एक सड़क बंद है। किन्नौर में चौरा-छोटा कंबा लिंक रोड भी अवरुद्ध होने से आवागमन बाधित हो गया है।

बिजली आपूर्ति की बात करें तो मंडी के बाद कुल्लू सबसे अधिक प्रभावित है। शिमला में सात और सोलन में तीन ट्रांसफार्मर बंद होने के कारण कई इलाकों में बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। पेयजल योजनाओं पर भी बारिश का गंभीर असर पड़ा है, जिसमें शिमला जिले की पांच योजनाएं सबसे अधिक प्रभावित हुई हैं।विज्ञापन

मानसून से अब तक 798 करोड़ का नुकसान
राज्य सरकार द्वारा जारी संचयी मानसून क्षति रिपोर्ट के अनुसार, 30 जून से 6 अगस्त 2026 के बीच मानसून के कारण प्रदेश में 142 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 224 लोग घायल हुए हैं। इस अवधि में सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को मिलाकर लगभग 797.86 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है।

रिपोर्ट के अनुसार, विभिन्न सरकारी विभागों में लोक निर्माण विभाग (PWD) को सर्वाधिक नुकसान हुआ है। इसके अलावा, बिजली, जल शक्ति, शिक्षा, ग्रामीण विकास और अन्य विभागों को भी भारी आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ा है। निजी संपत्तियों, मकानों, कृषि और बागवानी क्षेत्र को भी नुकसान दर्ज किया गया है।

प्रशासन की अपील
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने लोगों से आग्रह किया है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी की गई एडवाइजरी का सख्ती से पालन करें। यह कदम आगे होने वाली किसी भी अप्रिय घटना से बचने में सहायक सिद्ध होगा।

भीषण गर्मी से बचने शिमला पहुंचे सैलानी, 72 घंटे में 70 हजार वाहन शहर में दाखिल

शिमला / सत्ता संदेश

मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए पर्यटक हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पहाड़ी पर्यटन स्थलों की ओर रुख कर रहे हैं। इसी वजह से शिमला में वाहनों का भारी दबाव देखने को मिल रहा है और शहर के कई हिस्सों में बार-बार जाम की स्थिति बन रही है।

अधिकारियों के मुताबिक, पिछले 24 दिनों में शिमला में कुल 6 लाख 31 हजार वाहन पहुंचे हैं। इनमें से करीब 70 हजार वाहन सिर्फ पिछले 72 घंटों में शहर में दाखिल हुए।

हालांकि पर्यटन सीजन अभी अपने चरम पर नहीं पहुंचा है, लेकिन ‘पहाड़ों की रानी’ शिमला पहले ही पर्यटकों और वाहनों से भर चुकी है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से यातायात नियमों का पालन करने और जिम्मेदार नागरिक की तरह व्यवहार करने की अपील की है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक ने बताया कि पिछले 24 दिनों में चंडीगढ़-कालका मार्ग से लगभग 3 लाख 70 हजार वाहन शिमला पहुंचे हैं। इसके अलावा किन्नौर, बिलासपुर और कुल्लू मार्ग से भी बड़ी संख्या में पर्यटक वाहनों का आगमन हुआ है।

उन्होंने कहा कि अचानक बढ़े पर्यटक दबाव के कारण शहर की पुरानी पार्किंग समस्या और गंभीर हो गई है। पिछले एक सप्ताह में 1 लाख 54 हजार 450 वाहन शिमला पहुंचे, जबकि केवल पिछले 72 घंटों में करीब 70 हजार वाहनों की एंट्री दर्ज की गई।

यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए प्रशासन ने शिमला को पांच जोनों में बांटा है और प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी एक राजपत्रित अधिकारी को सौंपी गई है। ट्रैफिक कंट्रोल में सहायता के लिए स्वयंसेवकों की भी मदद ली जा रही है।

जाम कम करने के लिए पुलिस वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल कर रही है। ऊपरी शिमला जाने वाले वाहनों को शोगी-मेहली मार्ग से भेजा जा रहा है ताकि शहर के मुख्य मार्गों पर दबाव कम किया जा सके।

अधिकारियों का कहना है कि जून महीने में पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए पंचायत चुनाव समाप्त होने के बाद 31 मई के बाद अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।

आमतौर पर हिमाचल प्रदेश में पर्यटन सीजन जून के पहले सप्ताह में चरम पर पहुंचता है, लेकिन इस वर्ष उत्तर और पश्चिम भारत में पड़ रही भीषण गर्मी के कारण पर्यटन सीजन समय से पहले ही शुरू हो गया है।