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कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने इंटर-स्टेट बम की धमकी देने वाले गैंग का पर्दाफाश किया:

मुख्य आरोपी पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार; फ्रॉड की धमकियों के लिए इस्तेमाल होने वाला डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर नष्ट किया गया।

अमृतसर/ सत्ता संदेश

साइबर-टेररिज्म और फ्रॉड के खतरे के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए, कमीशनेट पुलिस अमृतसर ने पश्चिम बंगाल से एक मुख्य ऑपरेटर को गिरफ्तार किया है जो कई राज्यों के स्कूलों और दूसरे सेंसिटिव इंस्टीट्यूशन को बड़े पैमाने पर “बम ब्लास्ट” की धमकी वाले ईमेल भेजने में शामिल था। इन *धमकी भरे ईमेल का मकसद आतंक फैलाना और पब्लिक शांति और नेशनल सिक्योरिटी को खराब करना था।

इन एक्टिविटी में इस्तेमाल होने वाले गुमनाम डिजिटल टूल्स के प्रोवाइडर को गिरफ्तार करके, कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने साइबर-क्रिमिनल्स द्वारा ऐसी धमकियां देने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे इंफ्रास्ट्रक्चर की जड़ पर हमला किया है।

  • केस नंबर 04 तारीख 14-01-2026 U/S 113(2), 113(3), 113(5), 197, 61 BNS PS साइबर क्राइम, अमृतसर
  • केस नंबर 06 तारीख 26-01-2026 U/S 113(2), 113(3), 113(5), 197, 61 BNS PS साइबर क्राइम, अमृतसर
  • केस नंबर 09 तारीख 01-02-2026 U/S 113(2), 113(3), 113(5), 197, 61 BNS PS साइबर क्राइम, अमृतसर।
  • केस नंबर 14 तारीख 28-02-2026 U/S 113(2), 113(3), 113(5), 197, 61 BNS PS साइबर क्राइम, अमृतसर।

डिजिटल ट्रेल और टेक्निकल एनालिसिस के बाद, पुलिस टीम ने आरोपी को पश्चिम बंगाल में ट्रैक किया, जिसके बाद कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने उसे मौजूदा मामलों में नॉमिनेट किया। आरोपी को गुजरात पुलिस ने भी ऐसे ही एक मामले में नॉमिनेट किया था।

टेक्निकल एनालिसिस से यह कन्फर्म हुआ कि इन ईमेल अकाउंट्स का इस्तेमाल अमृतसर और देश के कई दूसरे हिस्सों में जांच के तहत धमकी भरे ईमेल भेजने* के लिए किया गया था।

जांच के दौरान, यह पता चला कि आरोपी अलग-अलग फेसबुक ग्रुप्स के ज़रिए ईमेल अकाउंट्स खरीदने और बेचने के धंधे में शामिल था। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के ज़रिए अनजान लोगों से करीब 300 Gmail अकाउंट्स खरीदे गए थे। आगे की जांच में पता चला कि 219 Gmail अकाउंट्स WhatsApp के ज़रिए बांग्लादेश में रहने वाले एक व्यक्ति को बेचे गए थे।इन अकाउंट्स को खरीदने और बेचने के लिए ट्रांज़ैक्शन USDT क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल करके किए गए थे।

इसके अलावा, यह भी पता चला कि ये ईमेल अकाउंट्स बाद में पाकिस्तान में रहने वाले अनजान लोगों को सप्लाई किए गए थे, जिन्होंने कथित तौर पर इनका इस्तेमाल बम की धमकी वाले ईमेल और दूसरी गैर-कानूनी साइबर एक्टिविटीज़ भेजने के लिए किया था। बांग्लादेश लिंक के बारे में भी संबंधित एजेंसियां जांच कर रही हैं।

बरामदगी

  • 03 CPUs
  • 05 कंप्यूटर हार्ड डिस्क
  • 03 मोबाइल फ़ोन
  • 01 इंटरनेट राउटर
  • पासवर्ड और रिकवरी डिटेल्स के साथ 300 से ज़्यादा Gmail IDs
  • 15 हॉटमेल अकाउंट

गिरफ़्तार आरोपी

  1. सौरव बिस्वास उर्फ़ माइकल, पश्चिम बंगाल का रहने वाला

उम्र: 30 साल, पढ़ाई: 12th, प्रोफ़ेशन: ग्राफ़िक डिज़ाइनर,

टीम : श्री रविंदरपाल सिंह, DCP/डिटेक्टिव, श्री सिरिवेनेला, ADCP/सिटी-2, श्रीमती परविंदर कौर, ADCP/हेडक्वार्टर, श्री लखविंदर सिंह क्लेर ACP साइबर क्राइम और फ़ोरेंसिक और इंस्पेक्टर राजबीर कौर SHO साइबर क्राइम।

अमृतसर पुलिस को बड़ी सफलता, अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़

अमृतसर / सत्ता संदेश

दो आरोपियों की गिरफ्तारी, 10 किलो ICE और 4 किलो हेरोइन बरामद

दुबई से संचालित हो रहा था नशा तस्करी नेटवर्क,

पंजाब-दिल्ली तक सप्लाई
छेहरटा थाने में NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज, जांच जारी

अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस को नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग स्मगलिंग मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10 किलो ICE (मेथामफेटामाइन) और 4 किलो हेरोइन बरामद की है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी दुबई और अबू धाबी में बैठे एक ड्रग तस्कर के संपर्क में थे और उसके निर्देशों पर पंजाब तथा दिल्ली में नशे की सप्लाई कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, आरोपियों में से एक हाल ही में दुबई से वापस लौटा था, जहां उसे कथित तौर पर नशा तस्करी की ट्रेनिंग दी गई थी। उसे हेरोइन और ICE की खेपों को पंजाब पहुंचाने और आगे सप्लाई करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी माजहा और दोआबा क्षेत्रों में बड़े स्तर पर नशीले पदार्थों की सप्लाई कर रहे थे। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और इसके अंतरराष्ट्रीय लिंक की जांच में जुटी हुई है।
इस संबंध में थाना छेहरटा, अमृतसर में NDPS एक्ट के तहत FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी और अतिरिक्त बरामदगी होने की संभावना है।

टांडा पुलिस पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है।

टांडा / सत्ता संदेश

चुनावों के दौरान अमन-कानून की स्थिति बनाए रखने के लिए टांडा पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च किया गया।आगामी नगर कौंसिल चुनावों को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न करवाने के लिए टांडा पुलिस पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है। चुनावों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और लोगों में सुरक्षा की भावना पैदा करने के उद्देश्य से आज टांडा पुलिस द्वारा इलाके में एक विशेष फ्लैग मार्च निकाला गया। सब डिवीजन टांडा पुलिस के डीएसपी दविंदर सिंह बाजवा और एसएचओ गुरिंदर सिंह नागरा की अगुवाई में पुलिस टीम ने टांडा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में फ्लैग मार्च करते हुए अलग-अलग स्थानों पर चेकिंग भी की।

यह फ्लैग मार्च स्थानीय थाना प्रभारी की अगुवाई में निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी और सुरक्षा बल शामिल थे।

शहर के मुख्य बाजारों और संवेदनशील इलाकों से गुजरा मार्च

पुलिस द्वारा निकाला गया यह फ्लैग मार्च टांडा थाने से शुरू होकर शहर के विभिन्न मुख्य बाजारों, चौकों और खासकर चुनाव की दृष्टि से संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों से होकर गुजरा। पुलिस की गाड़ियों और पैदल मार्च कर रहे जवानों ने शहरवासियों को सुरक्षा का एहसास करवाया।

पुलिस प्रशासन की मुख्य चेतावनी और अपील

इस मौके पर पुलिस अधिकारियों ने कहा कि चुनावों के दौरान किसी भी शरारती तत्व को माहौल खराब करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

पुलिस द्वारा जारी मुख्य निर्देश:

  • सख्त कार्रवाई: चुनावों के दौरान अफवाहें फैलाने, हुड़दंग करने या मतदाताओं को डराने-धमकाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
  • असला जमा करवाने की अपील: लाइसेंसी हथियार रखने वाले लोगों से चुनाव आचार संहिता का पालन करते हुए अपने हथियार तुरंत नजदीकी थाने या गन हाउस में जमा करवाने को कहा गया है।
  • सहयोग की मांग: पुलिस ने आम जनता से अपील की कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि नजर आए तो तुरंत पुलिस को सूचित किया जाए।

बाइट: डीएसपी दविंदर सिंह बाजवा

नशा और गैर-कानूनी हथियार तस्करी मॉड्यूल का अमृतसर में पर्दाफाश; 2.1 किलो हेरोइन और सात पिस्तौल सहित एक गिरफ्तार

अमृतसर / सत्ता संदेश

वर्चुअल नंबरों के जरिए अपने विदेशी हैंडलर के संपर्क में था गिरफ्तार आरोपी: डीजीपी गौरव यादव

बरामद पिस्तौल अपराधियों को आगे सप्लाई की जानी थीं: सीपी अमृतसर गुरप्रीत भुल्लर

पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने नशा और अवैध हथियार तस्करी मॉड्यूल में सक्रिय एक व्यक्ति को 2.1 किलोग्राम हेरोइन और सात आधुनिक पिस्तौलों सहित गिरफ्तार कर इस मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। यह जानकारी पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने आज यहां साझा की।

गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान खुश कुमार उर्फ भोलू (26) निवासी गुरवाली गेट, अमृतसर के रूप में हुई है। आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट तथा स्नैचिंग के मामले पहले से दर्ज हैं।

बरामद पिस्तौलों में एक 9 एमएम ग्लैडिएटर (तुर्की निर्मित), एक 9 एमएम जिगाना एक्स-शॉट, एक .30 बोर बेरेटा (इटली निर्मित), एक .30 बोर जिगाना (चीन निर्मित), एक .30 बोर (ऑस्ट्रिया निर्मित), एक .30 बोर (चीन निर्मित) और एक .30 बोर पिस्तौल शामिल हैं।

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी वर्चुअल नंबरों के माध्यम से विदेशी तस्करों के संपर्क में था। उन्होंने कहा कि हेरोइन और हथियारों की अवैध खेप सीमा पार से ड्रोन के जरिए भेजी जा रही थी, जिन्हें आरोपी आगे अपराधियों तक पहुंचाता था।

डीजीपी ने कहा कि इस नेटवर्क के आगे-पीछे के संबंधों का पता लगाने और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है।

ऑपरेशन संबंधी जानकारी साझा करते हुए पुलिस कमिश्नर (सीपी) अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि योजनाबद्ध तरीके और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने आरोपी खुश उर्फ भोलू को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से 2.1 किलोग्राम हेरोइन बरामद की। उन्होंने बताया कि आरोपी से लगातार पूछताछ और आगे की जांच के दौरान सात पिस्तौल भी बरामद किए गए।

सीपी ने कहा कि जांच में यह भी सामने आया है कि बरामद पिस्तौल अपराधियों को आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए सप्लाई की जानी थीं। कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हथियारों की खेप आगे पहुंचने से पहले ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

इस संबंध में एफआईआर नंबर 60 दिनांक 12-05-2026 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21-सी और आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत पुलिस स्टेशन सी-डिवीजन, अमृतसर में मामला दर्ज किया गया है।

पेट्रोल बम हमले और फायरिंग के मामले का भंडाफोड़, पुलिस ने 4 आरोपी किये गिरफ्तार

अमृतसर / सत्ता संदेश

अमृतसर देहाती पुलिस ने सुधार गांव में सरपंच के घर पर पेट्रोल बम फेंकने और फायरिंग करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए सोहेल मीर ने बताया कि 5 मई की रात करीब 11 बजे गांव सुधार के सरपंच के घर पर पेट्रोल बम से हमला किया गया था। इससे पहले सरपंच को विदेश में बैठे गैंगस्टरों के नाम पर रंगदारी भरी कॉल्स आ रही थीं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा अलग-अलग टीमें गठित की गईं। जांच के दौरान पुलिस ने कुलविंदर सिंह, आकाशदीप सिंह कौड़ा, आकाशदीप सिंह बाबा और जगतार सिंह को गिरफ्तार किया। शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी विदेश में बैठे हैंडलरों के संपर्क में थे और उन्हें वीडियो कॉल के जरिए निर्देश दिए जा रहे थे।

एसएसपी ने बताया कि आरोपी पहले एक मीट शॉप पर इकट्ठा हुए, जहां उन्होंने पेट्रोल बम और मोटरसाइकिल तैयार की और फिर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि यही गिरोह पहले भी उसी गांव में एक अन्य सरपंच के घर पर फायरिंग की घटना को अंजाम दे चुका है।

पुलिस के अनुसार कुछ विदेशी हैंडलरों के पारिवारिक सदस्यों की भूमिका भी जांच के दायरे में है और मामले की जांच जारी है। पुलिस ने जल्द ही और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई है।

इसके साथ ही सोहेल मीर ने नगर काउंसिल चुनावों को लेकर कहा कि अमृतसर देहाती क्षेत्र में चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से करवाने के लिए कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। करीब 1200 पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाएगी ताकि चुनाव अमन-शांति के माहौल में संपन्न हो सकें।

लुधियाना के अमन गोयल ने भूमाफिया द्वारा झूठे मुकदमे से राहत की मांग

इंडिपेंडेंट जांच करवा लें पुलिस कमिश्नर लुधियाना , ताकि भूमाफिया की मंशा हो जाये उजागर

लुधियाना- 13 अप्रैल 2026 निवासी अमन गोयल और उनकी पत्नी मेघा गोयल ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने आरोप लगाया कि उन पर और उनके परिवारजनों पर विपक्षी पक्ष ने मिलीभगत से झूठा मुकदमा दर्ज करवाया है, जबकि मामला पूरी तरह से दीवानी प्रकृति का है।

राहुल गोयल ने बताया कि मामला थाना सदर लुधियाना में दर्ज मुकदमा नंबर 0148 दिनांक 15 जुलाई 2025, धाराएं 406, 420 और 120-बी आईपीसी से जुड़ा है, जिसे कुलदीप कुमार बांसल ने “झूठी कहानी” बनाकर दर्ज करवाया है। उन्होंने दावा किया कि कुलदीप बांसल का उद्देश्य पुराना सौदा रद्द होने के बावजूद उनकी जमीन पर कब्जा करना है।

अमन गोयल के अनुसार, वर्ष 2012 में लगभग 8,972 वर्ग गज जमीन का सौदा हुआ था, जिसमें से विपक्षी पक्ष ने केवल 2,810 वर्ग गज जमीन का ही रजिस्ट्री कराया, बाकी हिस्से का भुगतान न कर पाने के कारण सौदा रद्द हो गया। उन्होंने कहा कि बाद में इसी जमीन को लेकर दीवानी मामले पहले से अदालत में लंबित हैं, जिनमें अगली सुनवाई जल्द ही तय है।

परिवार का आरोप है कि न केवल विपक्षी पक्ष बल्कि भूमाफिया की भूमिका निभा रहे कुछ डेवलपर्स भी उनकी लगभग 8,400 वर्ग गज जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। यहां तक कि करीब 6,000 वर्ग गज जमीन पर पहले ही जबरन दीवार खड़ी कर दी गई, जिस पर एक अन्य मुकदमा भी चल रहा है।

मेघा गोयल ने कहा, “यह मामला पूरी तरह से दीवानी है, कोई आपराधिक तत्व इसमें नहीं है। पुलिस को उच्च अधिकारी से निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और यह झूठा मुकदमा रद्द किया जाना चाहिए।”

रेकी कर बिना गार्ड वाले ATM को बनाया करते थे निशाना दो ATM लूटने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, औजार बरामद

जालंधर / सत्ता संदेश

जालंधर देहाती पुलिस ने भोगपुर में यूके बैंक और किशनगढ़ में एसबीआई बैंक के एटीएम को तोड़कर वारदात करने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कमलजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह और हरप्रीत सिंह के रूप में हुई है। पुलिस को प्राथमिक जांच में पता चला कि तीनों ड्राइवर का काम करते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्‍जे से वारदात में इस्तेमाल किए औजार और एक गाड़ी बरामद की है। पुलिस ने तीनों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने बताया कि एक और दो मई की रात भोगपुर के यूके बैंक और किशनगढ़ में एसबीआई बैंक के एटीएम को तोड़ कर लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था, जिसकी शिकायत उनकी टीम को मिली थी, जिसके बाद उनकी टीम ने जांच के बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात करने के लिए यह गिरोह उन एटीएम को टारगेट किया करता था जिन पर कोई सिक्योरिटी गार्ड नहीं होता था। यह गिरोह रेकी करता था और फिर वारदात को अंजाम देता था। जालंधर से कमल करीर की रिपोर्ट

मणिपुर में 50 आईईडी, हथियार और गोला-बारूद बरामद

इंफाल, 21 मार्च (भाषा) सुरक्षा बलों ने मणिपुर के कई पहाड़ी और घाटी जिलों से कम से कम 29 आग्नेयास्त्र और गोला-बारूद तथा 50 आईईडी जब्त किए हैं।

पुलिस ने शनिवार को यह बयान जारी करके बताया कि ये सभी बरामदगी शुक्रवार को की गयीं।

बयान में कहा गया है कि एक अभियान के दौरान काकचिंग जिले के वाबागई तुरेल मामेई क्षेत्र से एक एके-56 राइफल सहित छह आग्नेयास्त्र, तीन ग्रेनेड और गोला-बारूद बरामद किए गए।

इसमें कहा गया है कि तेंगनुपाल जिले के लोइसी और सैवोम गांवों के आसपास से 29 आईईडी, स्थानीय रूप से निर्मित पांच हथगोले, पांच इलेक्ट्रिक डेटोनेटर और कई अन्य विस्फोटक सामग्री भी जब्त की गई हैं।

पुलिस ने बताया कि सुरक्षा बलों ने इम्फाल पश्चिम जिले के लामदेंग और कामेंग इलाकों से 11 पिस्तौल, 85 कारतूस, चार जैकेट और तीन आग्नेयास्त्र जब्त किए।

तेंगनुपाल के माची पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एसएल ज़ौगम इलाके से नौ आईईडी, एक पिस्तौल और गोला-बारूद बरामद किए गए।

बयान में कहा गया है, ‘‘बरामद किए गए आईईडी को सुरक्षा प्रोटोकॉल और मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन करते हुए नष्ट कर दिया गया।’’

भारत-म्यांमा सीमा के पास तेंगनुपाल में यांगौबुंग गांव से 12 आईईडी और चार रेडियो सेट, तीन पिस्तौल और एक ग्रेनेड लॉन्चर भी बरामद किए गए। इन विस्फोटक उपकरणों को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।

बयान में कहा गया है कि थौबल जिले के टेकचम संजी चिंग की तलहटी से पांच आग्नेयास्त्र और गोला-बारूद जब्त किए गए हैं।

दो साल पहले जातीय हिंसा भड़कने के बाद से सुरक्षा बल मणिपुर में तलाशी अभियान चला रहे हैं।

हरियाणा: आईडीएफसी फर्स्ट बैंक धोखाधड़ी मामले में चार लोग गिरफ्तार

चंडीगढ़, 25 फरवरी (भाषा) हरियाणा के राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक धोखाधड़ी मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए चार लोगों में से दो लोग आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के पूर्व कर्मचारी और दो अन्य एक साझेदार कंपनी के मालिक हैं।

उन्होंने कहा कि गिरफ्तारियां मंगलवार शाम को आईडीएफसी फर्स्ट बैंक धोखाधड़ी मामले की जारी जांच के तहत की गईं।

इससे पहले, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने एक प्राथमिकी दर्ज की थी, जबकि राज्य सरकार ने धोखाधड़ी की जांच के लिए एक समिति गठित की थी।

आईडीएफसी बैंक ने हरियाणा सरकार के खातों में उसके कर्मचारियों और अन्य लोगों द्वारा किए गए 590 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी का रविवार को खुलासा किया था।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि सरकार इस धोखाधड़ी में शामिल किसी को भी बख्शेगी नहीं।

विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने इस मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच की मांग की है।