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पंजाब को जल्द मिलेगा स्थायी DGP! UPSC ने सरकार से मांगा अफसरों का पैनल; 10 दिन में…

पंजाब डेस्क : पंजाब में पिछले करीब साढ़े तीन साल से चल रही ‘कार्यवाहक’ डीजीपी की व्यवस्था अब जल्द ही समाप्त हो सकती है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने पंजाब के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर स्थायी डीजीपी की नियुक्ति के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का एक पैनल भेजने को कहा है। इस संदर्भ में गृह विभाग ने डीजीपी कार्यालय को योग्य अधिकारियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जिसे 10 दिनों के भीतर यूपीएससी को भेजना होगा।

सुप्रीम कोर्ट की सख्ती का असर: यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा राज्यों में ‘कार्यवाहक डीजीपी’ नियुक्त करने की प्रथा पर जताई गई गहरी चिंता के बाद उठाया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया था कि यह व्यवस्था वरिष्ठ अधिकारियों के हक को प्रभावित करती है और राज्यों को ‘प्रकाश सिंह केस’ के दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।

वर्तमान स्थिति और प्रमुख दावेदार: वर्तमान में 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी गौरव यादव जुलाई 2022 से कार्यवाहक डीजीपी के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। पंजाब पुलिस में इस समय डीजीपी रैंक के 17 अधिकारी मौजूद हैं। स्थायी पद की दौड़ में गौरव यादव के अलावा शरद सत्य चौहान, हरप्रीत सिंह सिद्धू और कुलदीप सिंह (सभी 1992 बैच) को मजबूत दावेदार माना जा रहा है। सबसे वरिष्ठ अधिकारी संजीव कालड़ा 28 फरवरी को सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिस कारण उनकी दावेदारी तकनीकी रूप से कठिन मानी जा रही है। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर ‘रॉ’ (RAW) चीफ के रूप में तैनात पराग जैन का नाम भी चर्चा में है।

चुनाव से पहले बड़ा प्रशासनिक बदलाव : पंजाब में विधानसभा चुनाव में अब करीब एक साल का समय बचा है, ऐसे में स्थायी डीजीपी की नियुक्ति को सरकार के लिए एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती और महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। यूपीएससी प्राप्त पैनल में से तीन सबसे योग्य अधिकारियों का नाम राज्य सरकार को भेजेगा, जिनमें से सरकार को एक नाम पर अंतिम मुहर लगानी होगी।

फगवाड़ा में ‘आप’ नेता दलजीत राजू को फिर मिली जान से मारने की धमकी, यूके के नंबर से आए खौफनाक मैसेज

पंजाब डेस्क: पंजाब के फगवाड़ा (कपूरथला जिला) में आम आदमी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता एक बार फिर गैंगस्टरों के निशाने पर आ गए हैं। आप के बीसी विंग के दोआबा प्रभारी दलजीत राजू को अंतरराष्ट्रीय नंबर (यूके कोड) से व्हाट्सएप के जरिए लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।

धमकी भरे मैसेज की खौफनाक भाषा: भेजे गए संदेशों में बेहद डरावनी भाषा का इस्तेमाल किया गया है। एक मैसेज में लिखा गया है, “कफन तैयार है, अब तेरे घर में से किसी का भी… अब तू फोन इग्नोर कर रहा है, जल्दी ही गिफ्ट कार्ड भेजूंगा।” धमकी देने वाले ने यह भी दावा किया है कि वह दलजीत राजू के परिवार के सभी सदस्यों के बारे में जानता है और जल्द ही उन्हें नुकसान पहुंचाएगा।

पहले भी हो चुका है हमला: यह पहली बार नहीं है जब दलजीत राजू को निशाना बनाया गया है। इससे पहले 27 नवंबर 2025 की रात को दो अज्ञात बदमाशों ने उनके घर के बाहर 23 राउंड फायरिंग की थी। उस समय हमलावरों ने एक पत्र भी छोड़ा था, जिसमें ‘काला राणा गैंग’ का नाम लिखा था और 5 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की गई थी।

पुलिस की कार्रवाई: ताजा धमकियों के बाद एसपी स्तर के अधिकारियों सहित भारी पुलिस बल दलजीत राजू के घर पहुंचा और जांच शुरू कर दी है। पुलिस उन अंतरराष्ट्रीय नंबरों को ट्रेस करने की कोशिश कर रही है जिनसे ये मैसेज आए हैं। हालांकि, तीन महीने पहले हुई फायरिंग की घटना अभी तक सुलझ नहीं पाई है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

जालंधर में सीएम भगवंत मान: पासिंग आउट परेड में हुए शामिल, बोले- पंजाब पुलिस की ट्रेनिंग का दुनिया में बज रहा डंका

पंजाब डेस्क : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान बुधवार (25 फरवरी, 2026) को जालंधर पहुंचे, जहां उन्होंने पंजाब पुलिस अकादमी में आयोजित एक भव्य पासिंग आउट परेड में शिरकत की। इस विशेष अवसर पर राज्य के डीजीपी गौरव यादव भी उनके साथ मौजूद रहे और दोनों ने परेड की सलामी ली।

ट्रेनिंग सेंटरों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मांग: परेड को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि पंजाब के पुलिस ट्रेनिंग सेंटर, जैसे कि फिल्लौर और पीएपी कपूरथला, की कार्यकुशलता और ट्रेनिंग का स्तर इतना उत्कृष्ट है कि अन्य राज्यों के साथ-साथ पड़ोसी देशों से भी वहां प्रशिक्षण दिलाने के प्रस्ताव आ रहे हैं। हालांकि, सीएम मान ने यह भी साझा किया कि पंजाब में वर्तमान में चल रही बड़े स्तर की भर्तियों के कारण फिलहाल बाहरी राज्यों को ट्रेनिंग देना संभव नहीं हो पा रहा है, जो कि राज्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

पुलिस अधिकारियों को सेवा और संवेदनशीलता का संदेश: नवनियुक्त पुलिस अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ काम करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस बल को हमेशा गरीब और कमजोर वर्ग की दुआएं कमाने का प्रयास करना चाहिए, क्योंकि पीड़ित को समय पर न्याय दिलाना ही सबसे बड़ी उपलब्धि है।

शांति और खुशहाली का लक्ष्य: मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख-शांति पर जोर देते हुए कहा, “हमें चूल्हों की आग जलानी है और श्मशानों की आग बुझानी है”। उन्होंने पुलिस जवानों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मुस्तैदी के कारण ही प्रदेश की जनता चैन की नींद सो पाती है। मुख्यमंत्री का यह दौरा जालंधर और दोआबा क्षेत्र के प्रति सरकार की प्राथमिकताओं और पंजाब को अपराध मुक्त बनाने के उनके विजन को दर्शाता है।

गहलोत ने कानोता और अचरोल के सैटेलाइट अस्पताल रद्द करने की आलोचना की

जयपुर, 25 फरवरी (भाषा) पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को राजस्थान की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर कानोता और अचरोल में मंजूर सैटेलाइट अस्पताल को रद्द करने का आरोप लगाते हुए इस फैसले को उसकी अदूरदर्शिता और असंवेदनशीलता का प्रतीक करार दिया।

गहलोत ने एक बयान में कहा,‘‘दो साल बनाम पांच साल’ के दावों की पोल खोलती एक और हकीकत: कानोता और अचरोल में सैटेलाइट अस्पताल रद्द।’’

उन्होंने कहा कि जयपुर के एसएमएस अस्पताल पर मरीजों का दबाव कम करने एवं सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को त्वरित उपचार उपलब्ध करवाने हेतु पिछली कांग्रेस सरकार ने अप्रैल, 2022 में जयपुर की चारों दिशाओं में सैटेलाइट अस्पताल खोलने की घोषणा की थी।

उन्होंने कहा कि उनमें दक्षिण में टोंक रोड पर शिवदासपुरा, पश्चिम में अजमेर रोड पर बालमुकुंदपुरा, पूर्व में आगरा रोड पर कानोता एवं उत्तर में दिल्ली रोड पर अचरोल शामिल थे।

गहलोत के अनुसार इन चारों सैटेलाइट अस्पतालों का काम कांग्रेस सरकार के दौरान ही शुरू हो गया था तथा बालमुकुंदपुरा एवं शिवदासपुरा सैटेलाइट अस्पतालों का निर्माण कार्य तो कांग्रेस सरकार में ही लगभग पूरा हो चुका था लेकिन निर्माण पूरा होने के एक साल बाद भी वर्तमान सरकार ने इन्हें जनता को समर्पित नहीं किया।

उन्होंने आरोप लगाया,‘‘दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस सरकार में जमीन आंवटन होने के बावजूद सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा सरकार ने कानोता और अचरोल के सैटेलाइट अस्पतालों को अब रद्द कर दिया है जबकि आगरा रोड और दिल्ली रोड पर सड़क दुर्घटनाएं सर्वाधिक होती हैं।’

गहलोत के अनुसार-यह फैसला भाजपा सरकार की अदूरदर्शिता और असंवेदनशीलता का प्रतीक है।

उन्होंने राज्य सरकार से जनहित के ऐसे महत्वपूर्ण कामों को बंद नहीं करने की अपील की है। उन्होंने कहा,‘‘अगर यही रवैया रहा, तो आगामी पंचायतीराज एवं नगरीय निकाय चुनावों में आपको जनता का आक्रोश देखने को मिलेगा।’’

अमेरिकी प्रतिपूर्ति शुल्क का सीमित असर रहेगा: सौर समाधान प्रदाता

नयी दिल्ली, 25 फरवरी (भाषा) अमेरिका के कुछ भारतीय सौर उत्पादों पर लगाए शुरुआती प्रतिपूर्ति शुल्क (सीवीडी) का उद्योग पर कोई महत्वपूर्ण प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा और इसका असर सीमित रहेगा। सौर समाधान प्रदाता कंपनियों ने यह बात कही है।

विक्रम सोलर के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक ज्ञानेश चौधरी ने कहा, ‘‘ हालिया अमेरिकी शुरुआती प्रतिपूर्ति शुल्क मुख्य तौर भारतीय सेल पर लागू होता है। हमारी अमेरिकी ऑर्डर की रणनीति भारतीय सेल की खरीद पर आधारित नहीं है। हम पहले से ही उस बाजार के लिए विविधीकृत आपूर्ति श्रृंखला के साथ काम कर रहे हैं, जिसमें कम शुल्क जोखिम वाले देशों से खरीद शामिल है। इसलिए हम पर सीधा वित्तीय प्रभाव सीमित रहेगा।’’

उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल द्वारा निकासी अवसंरचना को आसान बनाने के फैसले के बाद स्थापना की रफ्तार और तेज होने की उम्मीद है। हाल में गुजरात में बड़े पैमाने की परियोजना के लिए इंडियन ऑयल-एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी से 378.75 मेगावाट मॉड्यूल का ऑर्डर मिलना इसी मजबूती को दर्शाता है।

वारी एनर्जीज के समूह प्रमुख (वित्त) अभिषेक पारेख ने कहा, ‘‘ इस समय कंपनी को अपने अमेरिकी ऑर्डर बुक की सेवा देने की क्षमता पर किसी महत्वपूर्ण प्रतिकूल प्रभाव की आशंका नहीं है। ’’

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह टिप्पणी अमेरिकी वाणिज्य विभाग द्वारा भारत से कुछ सौर आयात पर 126 प्रतिशत के शुरुआती प्रतिपूर्ति शुल्क लगाए जाने संबंधी हालिया मीडिया घोषणा के संदर्भ में है।

कंपनी ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों के दौरान, भारत से आयात पर पहले लगाए गए 50 प्रतिशत शुल्क के बावजूद अमेरिका के लिए निर्यात बढ़ाने का सिलसिला जारी रहा।

वारी एनर्जीज के अनुसार, वह चालू वित्त वर्ष के अंत तक अमेरिका में अपनी विनिर्माण क्षमता को लगभग 4.2 गीगावाट तक बढ़ाने की प्रक्रिया में है जो परिचालन विस्तार की समयसीमा एवं अन्य सामान्य कारकों पर निर्भर करेगी।

प्रीमियर एनर्जीज के मुख्य कारोबार अधिकारी विनय रुस्तगी ने कहा, ‘‘ कंपनी ने अपने व्यवसाय में निर्यात की हिस्सेदारी को लगभग शून्य तक कम कर दिया है और हमारे व्यवसाय पर किसी भी अमेरिकी शुल्क का कोई प्रभाव नहीं है।’’

उन्होंने बताया कि अमेरिकी नीति लगातार सभी आयात पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में आगे बढ़ रही है और इस जांच की घोषणा अगस्त, 2025 में की गई थी।

रुस्तगी ने कहा कि भारतीय विनिर्माताओं के पास अपनी बिक्री रणनीति और व्यावसायिक मॉडल को परिष्कृत करने के लिए काफी समय था।

भारत से अमेरिका को होने वाले निर्यात में 2025 में 50 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई और वर्तमान में यह कुल भारतीय उत्पादन का केवल पांच से सात प्रतिशत ही होने का अनुमान है।

उन्होंने कहा कि इसलिए अमेरिकी प्रतिपूर्ति शुल्क की घोषणा का हम पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा।

दत्ता पावर इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (परिचालन) तरुण पी. ने कहा, ‘‘ भारतीय सौर आयात पर अमेरिकी शुल्क से निर्यात धीमा हो सकता है और अतिरिक्त उत्पादन घरेलू बाजार में जा सकता है, जिससे मूल्य प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है। हालांकि, इसका प्रभाव विनिर्माता के अनुसार अलग-अलग हो सकता है, क्योंकि कई घरेलू विनिर्माता कम शुल्क वाले देशों से सेल आयात कर रहे हैं और निर्यात के लिए भारत में पैनल असेंबल कर रहे हैं।’’

गौरतलब है कि अमेरिका ने भारत पर अनुचित सब्सिडी दिए जाने का आरोप लगाते हुए कुछ भारतीय सौर उत्पादों के आयात पर 125.87 प्रतिशत का प्रतिपूर्ति शुल्क लगाने की घोषणा की है।

अहमदाबाद में अधिक मैच खेलना बड़ा फायदा नहीं है, पिच हर बार अलग होती है: केशव महाराज

अहमदाबाद, 25 फरवरी (भाषा) दक्षिण अफ्रीका को टी20 विश्व कप के अपने अधिकतर मैच यहां के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में खेलने को मिल रहे हैं लेकिन उसके बाएं हाथ के स्पिनर केशव महाराज का मानना है कि इससे उनकी टीम को खास फायदा नहीं मिल रहा है क्योंकि हर बार परिस्थितियां अलग होती हैं।

दक्षिण अफ्रीका की टीम गुरुवार को यहां सुपर आठ के मुकाबले में वेस्टइंडीज का सामना करेगा। उसने भारत के खिलाफ सुपर आठ का मैच भी इसी मैदान पर खेला था। ग्रुप चरण में उसने यहां तीन मैच खेले थे।

महाराज ने वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से कहा, ‘‘यात्रा नहीं करना अच्छा है लेकिन पिच के लिहाज़ से हर मैच बहुत अलग रहा है। हमने यहां जो चार मैच खेले हैं उनमें परिस्थितियां लगातार बदलती रही हैं। मुझे नहीं लगता है कि इससे हमें बड़ा फायदा मिल रहा है। हमारे लिए महत्वपूर्ण यह है कि हम जल्द से जल्द परिस्थितियों से सामंजस्य से बिठाकर अपने प्रदर्शन पर ध्यान दें।’’

भारत के खिलाफ बड़ी जीत के बाद दक्षिण अफ्रीका की टीम का मनोबल काफी बढ़ा है लेकिन महाराज ने कहा कि टीम को अति आत्मविश्वास से बचना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रतियोगिता की संभवत: सर्वश्रेष्ठ टीम को हराने के बाद टीम में काफी जोश और उत्साह है। लेकिन हम अति उत्साहित नहीं हो रहे हैं। अभी इस टूर्नामेंट में बहुत क्रिकेट खेलना बाकी है। हमें अपनी गलतियों से सबक लेना है, चीजों को बेहतर करना है और सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान देना है।’’

दक्षिण अफ्रीका इस मैच में जीत हासिल करने पर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर सकता है लेकिन महाराज ने एक समय में एक ही मैच पर ध्यान केंद्रित करने के महत्व पर जोर दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत के खिलाफ मैच बहुत महत्वपूर्ण था। वेस्टइंडीज ने जिम्बाब्वे के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया। हमें अब नए सिरे से रणनीति बनानी होगी। हम जानते हैं कि विस्फोटक बल्लेबाजी के मामले में वे कितने खतरनाक साबित हो सकते हैं।’’

महाराज ने कहा, ‘‘उनके पास फॉर्म में चल रहे बल्लेबाज हैं और ऐसे गेंदबाज हैं जो उनका पूरा साथ दे रहे हैं। हमें सरल और सहज रणनीति बनानी होगी और उस पर अमल करना होगा। टूर्नामेंट के इस चरण में यह एक बहुत बड़ा मैच है। अगर हम जीत जाते हैं, तो हमें सेमीफाइनल में जगह मिल जाएगी। वेस्टइंडीज इस तरह के टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करता रहा है इसलिए उन्हें हल्के से नहीं लिया जा सकता है।’’

भुवनेश्वर में होर्डिंग गिरने से मरने वालों की संख्या बढ़कर दो हुई

भुवनेश्नर, 25 फरवरी (भाषा) ओडिशा के भुवनेश्वर में खंडगिरी इलाके में अवैध होर्डिंग गिरने की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर दो हो गई है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, दुर्घटना में घायल एक और व्यक्ति ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।

पुलिस के अनुसार, एक महिला समेत दो अन्य घायल की हालत गंभीर बनी हुई है। यह हादसा मंगलवार शाम उस समय हुआ, जब शहर में आंधी-तूफान के साथ तेज बारिश और तेज हवाएं चल रही थीं।

उन्होंने बताया कि कई राहगीरों ने सड़क किनारे एक छोटी दुकान में शरण ली थी। इसी दौरान दुकान के पीछे लगा बड़ा लोहे का होर्डिंग तेज हवाओं के कारण गिर गया। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मलबे में दबे 19 वर्षीय युवक को बचाकर कैपिटल अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उसकी मौत हो गई।

उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान गंजाम जिले के अस्का निवासी सुरेंद्र गौड़ा और शहर के डुमडुमा इलाके के कॉलेज छात्र सचिदानंद प्रधान के रूप में हुई है।

प्रधान की मौत के बाद उनके पड़ोसियों ने न्याय की मांग को लेकर डुमडुमा के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-16 को जाम कर दिया जिसके कारण कोलकाता और चेन्नई को जोड़ने वाले इस व्यस्त मार्ग पर भारी जाम लग गया।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि होर्डिंग जर्जर हालत में था, लेकिन उसे हटाया नहीं गया।

एक प्रदर्शनकारी ने भुवनेश्वर नगर निगम (बीएमसी) से उचित मुआवजे की मांग की।

आईआरएफसी में सरकार की शेयर बिक्री पेशकश को संस्थागत खरीदारों से पूर्ण अभिदान नहीं मिला

नयी दिल्ली, 25 फरवरी (भाषा) भारतीय रेल वित्त निगम लिमिटेड (आईआरएफसी) में सरकार की शेयर बिक्री पेशकश (ओएफएस) को बुधवार को संस्थागत निवेशकों से सुस्त प्रतिक्रिया मिली। इसके तहत बिक्री के लिए दो प्रतिशत हिस्सेदारी पेश की गई थी, लेकिन निर्गम को पूर्ण अभिदान नहीं मिला।

बाजार बंद होने के समय दोपहर साढ़े तीन बजे तक संस्थागत निवेशकों ने 22.34 करोड़ से अधिक शेयर के लिए बोलियां लगाईं, जो बिक्री के लिए लाए गए 23.52 करोड़ से अधिक शेयरों का 94.98 प्रतिशत है।

संस्थागत निवेशकों ने 104.12 रुपये प्रति शेयर की दर से लगभग 2,326 करोड़ रुपये की बोलियां लगाईं। खुदरा निवेशक बृहस्पतिवार को ओएफएस में बोली लगाएंगे।

बीएसई पर आईआरएफसी का शेयर पिछले बंद के मुकाबले 4.43 प्रतिशत की गिरावट के साथ 104.55 रुपये पर बंद हुआ।

हरियाणा: आईडीएफसी फर्स्ट बैंक धोखाधड़ी मामले में चार लोग गिरफ्तार

चंडीगढ़, 25 फरवरी (भाषा) हरियाणा के राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक धोखाधड़ी मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए चार लोगों में से दो लोग आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के पूर्व कर्मचारी और दो अन्य एक साझेदार कंपनी के मालिक हैं।

उन्होंने कहा कि गिरफ्तारियां मंगलवार शाम को आईडीएफसी फर्स्ट बैंक धोखाधड़ी मामले की जारी जांच के तहत की गईं।

इससे पहले, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने एक प्राथमिकी दर्ज की थी, जबकि राज्य सरकार ने धोखाधड़ी की जांच के लिए एक समिति गठित की थी।

आईडीएफसी बैंक ने हरियाणा सरकार के खातों में उसके कर्मचारियों और अन्य लोगों द्वारा किए गए 590 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी का रविवार को खुलासा किया था।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि सरकार इस धोखाधड़ी में शामिल किसी को भी बख्शेगी नहीं।

विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने इस मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच की मांग की है।

ट्रंप का मध्यावधि चुनाव से पहले मतदाताओं को साधने का प्रयास, जीत का भरोसा जताया

वाशिंगटन, 25 फरवरी (एपी) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को संसद में अपने ‘स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन’ के दौरान मध्यावधि चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि ‘‘हम जीत रहे हैं’’। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने घरेलू स्तर पर रोजगार और विनिर्माण में तेजी लाई है, जबकि विदेशों में एक नई वैश्विक व्यवस्था स्थापित की है।

ट्रंप को उम्मीद है कि अपनी उपलब्धियों की लंबी सूची पेश करने से उनकी गिरती लोकप्रियता रेटिंग में सुधार आ सकता है।

ट्रंप की इस घोषणा का उद्देश्य अमेरिकी नागरिकों को यह यकीन दिलाना था कि अर्थव्यवस्था मजबूत है और अमेरिकी नागरिकों को नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन का साथ देकर इसी तरह की अर्थव्यवस्था के लिए मतदान करना चाहिए।

लंबी लाल टाई और नीला सूट पहने हुए ट्रंप जब सदन में भाषण देने पहुंचे तो रिपब्लिकन सांसदों ने ‘‘यूएसए, यूएसए’’ के नारे लगाए।

वहीं अधिकतर डेमोक्रेट बिना ताली बजाए अपने स्थानों पर बैठे रहे। पार्टी के कुछ सांसदों ने भाषण में शामिल न होकर अपना विरोध दर्ज कराया।

ट्रंप ने सदन की कार्यवाही शुरू होने पर ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अमेरिकी पुरुष हॉकी टीम को तालियों की गड़गड़ाहट के बीच सदन में आमंत्रित किया। टीम ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) के दौरे के बाद संसद भवन पहुंची थी।

ट्रंप ने टीम का परिचय देने से पहले कहा, ‘‘हमारा देश फिर से जीत रहा है। वास्तव में, हम हर क्षेत्र में जीत रहे हैं। लोग मुझसे कहते हैं कि हम हर क्षेत्र में जीत रहे हैं और आपके आने से पहले हमारे देश में जीत की कोई आदत नहीं थी।’’

अपने पदक पहने और बड़े अक्षरों में ‘‘यूएसए’’ लिखे स्वेटर पहने हॉकी खिलाड़ियों के सम्मान में दोनों दलों के सदस्यों ने खड़े होकर तालियां बजाईं। ट्रंप ने सदन के डेमोक्रेटिक पक्ष की ओर इशारा करते हुए चुटकी ली, ‘‘मैंने उन्हें पहली बार खड़े होते देखा है।’’

ट्रंप ने घोषणा की कि वह हॉकी टीम के गोलकीपर कॉनर हेलेब्यूक को अमेरिका का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम’ प्रदान करेंगे।

ट्रंप ने 2020 में भी इसी तरह की एक आश्चर्यजनक घोषणा की थी, जिसमें उन्होंने अपने संबोधन के दौरान रेडियो होस्ट रश लिम्बो के लिए इस पुरस्कार की घोषणा की थी।

राष्ट्रपति ने यह भी घोषणा की कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़ी तकनीकी कंपनियां उन क्षेत्रों में बिजली की दरें बढ़ाने पर सहमत हो रही हैं जहां उनके डेटा सेंटर स्थित हैं। डेटा सेंटर बड़ी मात्रा में बिजली का उपयोग करते हैं, जिससे उस क्षेत्र के अन्य उपभोक्ताओं के लिए बिजली की लागत बढ़ सकती है।

ट्रंप ने पिछले सप्ताह अमेरिका के उच्चतम न्यायालय द्वारा उनकी कई प्रमुख शुल्क नीतियों को रद्द करने के फैसले का जिक्र करते हुए इसे ‘‘एक दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय’’ बताया और कहा कि अदालत के फैसले से पहले ‘‘सब कुछ ठीक चल रहा था’’। ट्रंप के इस बयान के दौरान डेमोक्रेट सदस्यों को ताली बजाते हुए देखा गया।

ट्रंप ने कहा कि वह आयात पर कर लगाने के लिए ‘‘वैकल्पिक’’ कानूनों का इस्तेमाल करते हुए आगे बढ़ेंगे। उन्होंने सांसदों से कहा, ‘‘कांग्रेस (संसद) की कार्रवाई इसके लिए आवश्यक नहीं होगी।’’

ट्रंप ने शुल्क के बारे में कहा, ‘‘इसने हमारे देश को बचाया है’’ और साथ ही यह भी कहा कि यह ‘‘शांति का रक्षक भी रहा’’ है। उन्होंने कहा, ‘‘यह सच में सदियों के लिए बहुत बड़ा बदलाव है।’’

ट्रंप का भाषण शुरू होने से पहले ‘व्हाइट हाउस’ की तरफ से जारी उसके कुछ हिस्सों में कहा गया कि ट्रंप यह संकल्प लेंगे कि, ‘‘आगे बढ़ते हुए, अमेरिका में फैक्टरियां, नौकरियां, निवेश और ट्रिलियन डॉलर आते रहेंगे।