पंजाब को जल्द मिलेगा स्थायी DGP! UPSC ने सरकार से मांगा अफसरों का पैनल; 10 दिन में…
पंजाब डेस्क : पंजाब में पिछले करीब साढ़े तीन साल से चल रही ‘कार्यवाहक’ डीजीपी की व्यवस्था अब जल्द ही समाप्त हो सकती है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने पंजाब के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर स्थायी डीजीपी की नियुक्ति के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का एक पैनल भेजने को कहा है। इस संदर्भ में गृह विभाग ने डीजीपी कार्यालय को योग्य अधिकारियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जिसे 10 दिनों के भीतर यूपीएससी को भेजना होगा।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती का असर: यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा राज्यों में ‘कार्यवाहक डीजीपी’ नियुक्त करने की प्रथा पर जताई गई गहरी चिंता के बाद उठाया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया था कि यह व्यवस्था वरिष्ठ अधिकारियों के हक को प्रभावित करती है और राज्यों को ‘प्रकाश सिंह केस’ के दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।
वर्तमान स्थिति और प्रमुख दावेदार: वर्तमान में 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी गौरव यादव जुलाई 2022 से कार्यवाहक डीजीपी के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। पंजाब पुलिस में इस समय डीजीपी रैंक के 17 अधिकारी मौजूद हैं। स्थायी पद की दौड़ में गौरव यादव के अलावा शरद सत्य चौहान, हरप्रीत सिंह सिद्धू और कुलदीप सिंह (सभी 1992 बैच) को मजबूत दावेदार माना जा रहा है। सबसे वरिष्ठ अधिकारी संजीव कालड़ा 28 फरवरी को सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिस कारण उनकी दावेदारी तकनीकी रूप से कठिन मानी जा रही है। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर ‘रॉ’ (RAW) चीफ के रूप में तैनात पराग जैन का नाम भी चर्चा में है।
चुनाव से पहले बड़ा प्रशासनिक बदलाव : पंजाब में विधानसभा चुनाव में अब करीब एक साल का समय बचा है, ऐसे में स्थायी डीजीपी की नियुक्ति को सरकार के लिए एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती और महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। यूपीएससी प्राप्त पैनल में से तीन सबसे योग्य अधिकारियों का नाम राज्य सरकार को भेजेगा, जिनमें से सरकार को एक नाम पर अंतिम मुहर लगानी होगी।

