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T20 वर्ल्ड कप के बीच टीम इंडिया को लगा बड़ा झटका: रिंकू सिंह अचानक लौटे घर, पिता की हालत गंभीर

स्पोर्ट्स डेस्क: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 स्टेज के दौरान भारतीय क्रिकेट टीम के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आई है। टीम इंडिया के ऑलराउंडर रिंकू सिंह को एक बड़ी ‘फैमिली इमरजेंसी’ के कारण अचानक टीम का साथ छोड़कर घर लौटना पड़ा है। वह चेन्नई में लगे भारतीय टीम के कैंप से वापस अपने घर के लिए रवाना हो गए हैं।

पिता की तबीयत बिगड़ने से वेंटिलेटर पर : मिली जानकारी के मुताबिक, रिंकू सिंह के अचानक घर लौटने की वजह उनके पिता का गंभीर स्वास्थ्य है। बताया जा रहा है कि उनके पिता की तबीयत अचानक बहुत ज्यादा बिगड़ गई है और उन्हें ग्रेटर नोएडा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके पिता फिलहाल वेंटिलेटर पर हैं, जिसके चलते रिंकू मंगलवार की सुबह ही चेन्नई से घर के लिए निकल गए।

जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में खेलना मुश्किल : पिता की नाजुक हालत के कारण रिंकू सिंह मंगलवार को टीम इंडिया के प्रैक्टिस सेशन में भी शामिल नहीं हुए। ऐसे में 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाले अगले महत्वपूर्ण मुकाबले में उनके खेलने की संभावना अब बहुत कम नजर आ रही है। टीम इंडिया पहले ही सुपर-8 के अपने पहले मैच में साउथ अफ्रीका से हार चुकी है, ऐसे में रिंकू का टीम से बाहर होना एक झटका माना जा रहा है।

टूर्नामेंट में अब तक का प्रदर्शन: इस वर्ल्ड कप में रिंकू सिंह का बल्ला अब तक खामोश ही रहा है। उन्होंने 5 मैचों की 5 पारियों में केवल 24 रन बनाए हैं, जिसमें उनका बेस्ट स्कोर नाबाद 11 रन रहा है। हालांकि, उन्होंने अपनी बेहतरीन फील्डिंग से काफी प्रभावित किया है।

 ट्रांसलेशनल रिसर्च में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एवं एथ्नोफार्माकोलॉजी

मोहाली, 24 फरवरी 2026: नाईपर, मोहाली के प्राकृतिक उत्पाद विभाग तथा सोसाइटी फॉर एथ्नोफार्माकोलॉजी (एसएफईसी ), कोलकाता के सहयोग से संयुक्त रूप से सोसाइटी फॉर एथ्नोफार्माकोलॉजी की 13वीं अंतरराष्ट्रीय कांग्रेस (SFEC–ICTRE 2026) एवं एथ्नोफार्माकोलॉजी में ट्रांसलेशनल रिसर्च पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन – आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में पारंपरिक चिकित्सा का एकीकरण का आयोजन 26–28 फरवरी, 2026 को नाईपर ,मोहाली, पंजाब में किया जाएगा।

सम्मेलन की थीम “ट्रांसलेशनल रिसर्च में एआई एवं एथ्नोफार्माकोलॉजी” है, जिसका उद्देश्य प्राचीन पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों को आधुनिक वैज्ञानिक प्रगति तथा उभरती प्रौद्योगिकियों के साथ जोड़ना है।

तीन दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में 500 से अधिक प्रतिनिधियों के भाग लेने की संभावना है, जिनमें यूरोप एवं दक्षिण-पूर्व एशिया के 10 से अधिक देशों से आने वाले प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय वक्ता, वैज्ञानिक, शिक्षाविद, पारंपरिक वैद्य, नीति-निर्माता, नियामक विशेषज्ञ, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, आयुष विशेषज्ञ, स्टार्ट-अप, शोधार्थी एवं विद्यार्थी शामिल होंगे। आयोजन सचिव एवं नाईपर के प्रोफेसर संजय जाचक के अनुसार, यह सम्मेलन क्षेत्र में एथ्नोफार्माकोलॉजी के क्षेत्र का एक प्रमुख और व्यापक आयोजन होगा। सम्मेलन की प्रमुख विशेषताओं में अकादमिक–उद्योग सहभागिता कार्यक्रम, पारंपरिक वैद्य सम्मेलन, आयुष संगोष्ठी, एआई एवं सिस्टम्स एथ्नोफार्माकोलॉजी सत्र, तकनीकी कार्यशालाएं तथा पैनल चर्चा शामिल रहेंगी।

वैज्ञानिक सत्रों में मेटाबोलोमिक्स आधारित शोध, नेटवर्क फार्माकोलॉजी, स्वास्थ्य एवं रोग में आंत माइक्रोबायोटा की भूमिका, प्राकृतिक उत्पादों का बायोप्रॉस्पेक्टिंग, न्यूट्रास्यूटिकल्स एवं फाइटोफार्मास्यूटिकल्स, प्राकृतिक उत्पादों की औषधीय रसायन, नियामक मामले, हर्बल औषधि विकास में सतत प्रौद्योगिकियां, फॉर्मुलेशन विकास तथा ट्रांसलेशनल ड्रग डिस्कवरी जैसे समसामयिक विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

प्रमुख हर्बल एवं न्यूट्रास्यूटिकल उद्योग जैसे हिमालय वैलनेस कंपनी, पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन, सामी- सबिंसा ग्रुप. फर्मंज़ा हेर्बल्स प्राइवेट लिमिटेड, नेचुरल रेमेडीज प्राइवेट लिमिटेड तथा इमामी हेल्थ केयर  सहित अन्य संस्थानों ने सम्मेलन में गहरी रुचि व्यक्त की है।

वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध शैक्षणिक प्रकाशन एवं वैज्ञानिक सूचना विश्लेषण कंपनी Elsevier ने भी सम्मेलन से जुड़ने की सहमति व्यक्त की है। पुलोक क. मुखर्जी, संस्थापक एसएफई एवं जादवपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ने जानकारी दी कि सम्मेलन के दौरान ऐनी मारी , सीनियर मैनेजर, एल्सेवियर पब्लिकेशन्स (फार्मास्यूटिक्स एवं फार्माकोलॉजी) की उपस्थिति में “सिस्टम्स एथ्नोफार्माकोलॉजी एवं सतत जैव-संसाधन” विषय पर विशेष संगोष्ठी आयोजित की जाएगी।

एसएफई, भारत, जो वेस्ट बंगाल सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत है तथा इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर एथ्नोफार्माकोलॉजी से संबद्ध है, औषधीय पौधों, पारंपरिक चिकित्सा एवं प्राकृतिक उत्पादों पर अनुसंधान तथा ज्ञान के वैश्विक प्रसार के लिए प्रतिबद्ध है।

नाईपर, मोहाली की स्थापना वर्ष 1994 में भारत सरकार के औषध विभाग, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अधीन की गई थी। यह संस्थान औषधि शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचार में उत्कृष्टता के लिए समर्पित ‘राष्ट्रीय महत्व का संस्थान’ है। भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने इस भव्य सम्मेलन के आयोजन हेतु नाइपर-मोहाली के प्रयासों की सराहना करते हुए अपना पूर्ण समर्थन प्रदान किया है। नाईपर मोहाली के निदेशक प्रो. दुलाल पांडा ने कहा कि नाईपर ने औषधि खोज, फॉर्म्युलेशन विज्ञान, नियामक अनुसंधान तथा ट्रांसलेशनल स्वास्थ्य समाधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण एवं अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण एवं सामयिक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए प्रो. संजय जाचक को बधाई दी तथा सम्मेलन की पूर्ण सफलता की कामना की।

SFEC–ICTRE अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्देश्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के वैज्ञानिक प्रमाणीकरण, उनके सतत उपयोग तथा आधुनिक स्वास्थ्य प्रणाली में उनके वैश्विक एकीकरण को सुदृढ़ बनाना है।

प्राइवेट कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले: 2026 में 9.1% तक बढ़ेगी सैलरी, चीन और अमेरिका को पछाड़कर भारत सबसे आगे

बिजनेस डेस्क : भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था और टैलेंट की बढ़ती मांग के बीच प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। ‘Aon India’ के 32वें वार्षिक सैलरी इंक्रीज सर्वे के अनुसार, साल 2026 में भारतीय कंपनियां अपने कर्मचारियों की सैलरी में औसतन 9.1% की बढ़ोतरी कर सकती हैं। यह आंकड़ा साल 2025 में दर्ज की गई 8.9% की वृद्धि से भी अधिक है, जो वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत के मजबूत जॉब मार्केट को दर्शाता है।

दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं से आगे भारत: सैलरी बढ़ोतरी के मामले में भारत दुनिया के विकसित देशों को पीछे छोड़ने की तैयारी में है। रिपोर्ट के मुताबिक:

—-भारत: 9.1%

—-चीन: 4.8%

—-अमेरिका: 4.3%

—-यूनाइटेड किंगडम: 4.1%

—-जापान और जर्मनी: लगभग 3.7% – 3.9%

इसके अलावा, जहां विकसित देशों की जीडीपी ग्रोथ 2% से कम रहने की संभावना है, वहीं भारत की जीडीपी ग्रोथ 6.2% रहने का अनुमान है।

इन सेक्टरों में होगी सबसे ज्यादा बढ़ोतरी: सर्वे के अनुसार, रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर और नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) में सबसे ज्यादा सैलरी बढ़ सकती है। इनके अलावा ऑटोमोबाइल, वाहन निर्माण, इंजीनियरिंग डिजाइन और रिटेल जैसे क्षेत्रों में भी औसत से अधिक इजाफा होने की उम्मीद है। कंपनियां विशेष रूप से टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग जैसे स्किल्ड रोल्स में अधिक निवेश कर रही हैं।

नौकरी छोड़ने वालों की संख्या में कमी: अच्छी खबर यह भी है कि अब कर्मचारी अपनी नौकरियों में अधिक स्थिरता दिखा रहे हैं। नौकरी छोड़ने की दर (Attrition rate) घटकर 16.2% पर आ गई है, जो 2023 में 18.7% थी। यह महामारी से पहले वाली स्थिरता की वापसी का संकेत है।

नए ‘वेज कोड’ का दिखेगा असर: भारत में नए लेबर कोड लागू होने के बाद कंपनियां अपने सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव कर रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 35% कंपनियां बेसिक सैलरी बढ़ाने की योजना बना रही हैं ताकि 50% वेज नियम का पालन किया जा सके। करीब 73% कंपनियां फिलहाल इन नए नियमों के वित्तीय प्रभाव को समझने में जुटी हैं।

पुरानी पीढ़ी हमेशा नहीं रह सकती, पार्टी के भविष्य के लिए नई सोच जरूरी : शिवकुमार

बेंगलुरु, 25 फरवरी (भाषा) कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंत्रिमंडल में “नए खून” को शामिल करने का समर्थन करते हुए कहा है कि पुरानी पीढ़ी हमेशा नहीं रह सकती और पार्टी के भविष्य के लिए “नई सोच” जरूरी है।

शिवकुमार ने मंगलवार को यहां संवाददाताओं से बातचीत में पहली बार विधायक बने नेताओं की मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व देने की मांग का समर्थन किया।

उन्होंने कहा, “पार्टी को नए खून और नयी सोच की जरूरत है। मैं नए खून का समर्थन करता हूं।”

उन्होंने कहा, “पुरानी पीढ़ी हमेशा नहीं रह सकती।”

पहली बार निर्वाचित हुए विधायकों द्वारा संभावित मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान प्रतिनिधित्व की मांग को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत वरिष्ठ नेताओँ को लिखे गए पत्र के संदर्भ में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए शिवकुमार ने यह बात कही।

कांग्रेस आलाकमान और मुख्यमंत्री सिद्धरमैया तथा उप मुख्यमंत्री शिवकुमार समेत प्रदेश नेतृत्व को एक संयुक्त ज्ञापन में विधायकों ने आग्रह किया है कि कम से कम पांच नवनिर्वाचित विधायकों को मंत्री पद दिया जाए।

विधायकों ने अपने पत्र में कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, कर्नाटक की जनता ने पहली बार कांग्रेस पार्टी से विधानसभा के लिए 38 सदस्यों को चुना है और इस तरह एक स्पष्ट संदेश दिया है कि वे विधानसभा में नए युवा चेहरों को देखना चाहते हैं।”

दलित मुख्यमंत्री होने संबंधी मुद्दे पर अपने मंत्रिमंडल सहयोगी एच सी महादेवप्पा की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवकुमार ने कहा कि उन्हें राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की कोई भी जानकारी नहीं है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा, “मैंने महादेवप्पा का बयान सुना। वह हमारे आलाकमान हैं और शायद उन्हें इस बारे में कुछ जानकारी हो। मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।”

जब उनसे पूछा गया कि क्या पार्टी आलाकमान ने उन्हें और मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को दिल्ली बुलाया है, तो उन्होंने स्पष्ट किया, “मुझे कोई फोन नहीं आया है। मुझे अपने विभाग से संबंधित कुछ काम के लिए दिल्ली जाना है।”

मंत्रियों के बयानों पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपनी चुप्पी की आलोचना पर शिवकुमार ने कहा, “मंत्रियों और विधायकों को नियंत्रित करना मुख्यमंत्री का काम है। मैं पार्टी को इसकी जानकारी देने का काम कर रहा हूं।”

योगी आदित्यनाथ जापान पहुंचे, निवेश आकर्षित करने के लिए करेंगे कई बैठकें

लखनऊ, 25 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जापान की राजधानी तोक्यो पहुंचने पर बुधवार को गर्मजोशी से स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य निवेश लाना और औद्योगिक सहयोग को मजबूत करना है।

आदित्यनाथ का स्वागत यामानाशी प्रीफेक्चर के वाइस गवर्नर जुनिची इशिडेरा और अनिवासी भारतीय सदस्यों ने किया।

भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ लिखा कि जापान में भारत की एम्बेसडर नगमा एम. मलिक ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

यह आदित्यनाथ की जापान की पहली यात्रा है। इससे पहले सिंगापुर यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य का प्रतिनिधिमंड करीब 6000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आकर्षित कर चुकी है।

अधिकारियों ने कहा कि इन यात्राओं का मुख्य उद्देश्य रणनीतिक और आर्थिक रिश्तों को गहरा करने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश को एक पसंदीदा वैश्विक निवेश गंतव्य के तौर पर स्थापित करना है।

राज्य सरकार द्वारा जारी बयान के मुताबिक तोक्यो पहुंचने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने कोनोइक ट्रांसपोर्ट कंपनी लिमिटेड के वरिष्ठ कार्यकारी के साथ बैठक कीं। इसमें वरिष्ठ प्रबंध कार्यकारी अधिकारी शिगेकी तनाबे भी शामिल हुए।

बयान के अनुसार इस बैठक में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में लॉजिस्टिक्स पार्क, गोदाम और ‘मल्टीमोडल ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर’ में कंपनी की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा की।

अधिकारियों ने बताया कि आदित्यनाथ ने कंपनी को ‘डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर नेटवर्क’ और उत्तर प्रदेश में ‘मेडिकल डिवाइस पार्क’ का फायदा उठाकर चिकित्सकीय उपकरण विनिर्माण क्षेत्र में मौके तलाशने का आमंत्रण दिया।

बयान के मुताबिक निर्धारित कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री मित्सुई एंड कंपनी के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स बिजनेस यूनिट के मुख्य परिचालन अधिकारी काजुकी शिमिजु और दूसरे वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ मूलभूत अवसंरचना निर्माण में सहयोग पर चर्चा करने के लिए बेठकें करेंगे।

इसमें कहा गया कि मुख्यमंत्री का मोटर वाहन और इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र में सहयोग की संभावना तलाशने के लिए डेंसो कॉर्पोरेशन के शीर्ष प्रतिनिधियों से भी मिलने का कार्यक्रम भी है।

अधिकारियों ने बताया कि व्यापार एवं निवेश साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए जापान ‘एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन’ के चेयरमैन इशिगुरो नोरिहिको के साथ भी एक बैठक प्रस्तावित है।

अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान मुख्यमंत्री मुख्य भाषण देंगे जिसमें वह राज्य की औद्योगिक नीति एवं मूलभूत ढांचे पर जोर और उत्तर प्रदेश को 1000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य का उल्लेख करेंगे।

‘मैं न होता तो पाकिस्तान के 3.5 करोड़ लोग मारे गए होते’: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर डोनाल्ड ट्रंप का सनसनीखेज दावा

इंटरनेशनल डेस्क : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ संबोधन में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध को रोककर करोड़ों लोगों की जान बचाई।

शहबाज शरीफ के हवाले से किया दावा: ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खुद उनसे कहा था कि अगर ट्रंप ने हस्तक्षेप नहीं किया होता, तो पिछले साल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान 3.5 करोड़ (35 मिलियन) लोग मारे गए होते। ट्रंप का यह बयान मई 2025 में हुए चार दिवसीय सैन्य संघर्ष की ओर इशारा करता है, जिसमें पाकिस्तान काफी दबाव में था।

8 युद्ध रोकने का दावा: अपनी उपलब्धियों का बखान करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले 10 महीनों में 8 युद्ध रुकवाए हैं। इन संघर्षों में भारत-पाकिस्तान के अलावा इजरायल-हमास, इजरायल-ईरान, और रूस-यूक्रेन जैसे विवाद शामिल हैं।

भारत ने दावों को किया खारिज: भारत सरकार ने ट्रंप के इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कूटनीतिक अंदाज में चुटकी लेते हुए कहा कि जब यह संघर्ष चल रहा था, तब अमेरिका “यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका” में ही था, यानी उनकी कोई भूमिका नहीं थी।

वहीं, विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के DGMO ने खुद भारतीय समकक्ष को हॉटलाइन पर संपर्क कर युद्धविराम का अनुरोध किया था, और इसमें किसी तीसरे पक्ष का कोई हस्तक्षेप नहीं था।

पीएम मोदी की ऐतिहासिक इजरायल यात्रा: नेतन्याहू ने बनाया ‘हेक्सागॉन’ एलायंस, पाकिस्तान और तुर्की को लगा बड़ा झटका

नेशनल डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार (25 फरवरी, 2026) को दो दिवसीय आधिकारिक राजकीय यात्रा पर इजरायल के लिए रवाना हो गए हैं। पीएम मोदी के वहां पहुंचने से पहले ही इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत को एक नए ‘हेक्सागॉन’ (षट्भुज) एलायंस में शामिल करने की घोषणा कर दी है, जिसे पाकिस्तान और तुर्की जैसे देशों के लिए एक बड़ा कूटनीतिक झटका माना जा रहा है।

क्या है ‘हेक्सागॉन’ एलायंस? पीएम नेतन्याहू के विजन के अनुसार, यह गठबंधन मध्य पूर्व के आसपास या उसके भीतर सुरक्षा और प्रगति के लिए बनाया गया है। इस ‘हेक्सागॉन’ गठबंधन में भारत और इजरायल के अलावा अरब राष्ट्र, अफ्रीकी राष्ट्र, भूमध्यसागरीय देश (जैसे ग्रीस और साइप्रस) और एशिया के अन्य राष्ट्र शामिल हैं। यह विशेष रूप से उग्रवादियों और आतंकवादियों के खिलाफ राष्ट्रों का एक अक्ष है और यह IMEC (इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर) के विजन को भी मजबूती देता है।

पीएम मोदी का व्यस्त कार्यक्रम:ऐतिहासिक संबोधन: पीएम मोदी आज शाम इजरायली संसद ‘नेसेट’ (Knesset) को संबोधित करेंगे। वह ऐसा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे। उनके सम्मान में नेसेट की इमारत को तिरंगे की रोशनी से सजाया गया है।

रक्षा और तकनीक पर जोर: यात्रा के दौरान रक्षा, एआई (AI), साइबर सुरक्षा, कृषि और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में कई बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।नेताओं से मुलाकात: पीएम मोदी राष्ट्रपति इसाक हरोग और प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ व्यापक द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। नेतन्याहू ने पीएम मोदी को अपना “व्यक्तिगत मित्र” और भारत को एक “वैश्विक शक्ति” बताया है।

श्रद्धांजलि: अपने दौरे के दूसरे दिन पीएम मोदी ‘याद वशेम’ (Yad Vashem) होलोकॉस्ट मेमोरियल का दौरा करेंगे और वहां पीड़ितों को श्रद्धांजलि देंगे।

इजरायल रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच साझा मूल्यों और गहरी दोस्ती पर आधारित एक मजबूत रणनीतिक साझेदारी है। यह पीएम मोदी की दूसरी इजरायल यात्रा है, इससे पहले वह 2017 में वहां गए थे।

IDFC फर्स्ट बैंक घोटाला: मास्टरमाइंड रिभव ऋषि समेत 4 गिरफ्तार, 590 करोड़ रुपये के गबन का आरोप

नेशनल डेस्क : हरियाणा विजिलेंस की टीम ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank) में हुए 590 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले के मामले में देर रात एक बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत विजिलेंस ने घोटाले के मास्टरमाइंड रिभव ऋषि समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

गिरफ्तार आरोपी: विजिलेंस टीम द्वारा पकड़े गए आरोपियों में मुख्य साजिशकर्ता रिभव ऋषि के साथ अभय, स्वाति सिंगला और अभिषेक सिंगला के नाम शामिल हैं।

घोटाले का असर और भारी वित्तीय नुकसान: यह घोटाला आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ शाखा से जुड़ा है। इस धोखाधड़ी की खबर सार्वजनिक होने के बाद निवेशकों की संपत्ति में 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई। शेयर बाजार में भी इसका गहरा असर दिखा, जहाँ सोमवार को बैंक के शेयर 20% गिरकर लोअर सर्किट तक पहुंच गए। हैरान करने वाली बात यह है कि गबन की गई राशि बैंक की पूरी तिमाही आय से भी अधिक है।

कैसे हुआ इस बड़े घोटाले का खुलासा? इस गबन का पता तब चला जब हरियाणा सरकार से जुड़ी कुछ संस्थाओं ने बैंक खातों में दर्ज वास्तविक राशि और रिकॉर्ड में दर्ज राशि के बीच भारी विसंगति की शिकायत की। इसके बाद विजिलेंस ने जांच तेज की और आरोपियों को धर दबोचा।