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अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ द्वारा DC कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन; CM का पुतला फूंका

लुधियाना / सत्ता संदेश

अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ ने विवादित वायरल वीडियो मामले में श्री अकाल तख्त साहिब के हुक्मनामे के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस्तीफे की मांग करते हुए, राज्यभर में किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों की श्रृंखला के तहत आज लुधियाना में जिला माल अधिकारी को पंजाब के राज्यपाल के नाम एक मांग-पत्र सौंपा। डिप्टी कमिश्नर की अनुपस्थिति में यह मांग-पत्र जिला माल अधिकारी को दिया गया। इससे पहले अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ के कार्यकर्ताओं ने डीसी कार्यालय तक रोष मार्च निकाला और मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला फूंकने से पहले उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं राजीव कुमार लवली, जत्थेदार जसवंत सिंह चीमा और संदीप सिंह रुपालों ने कहा कि यह अत्यंत गंभीर मामला है, जो सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं, पंजाब के लोगों के विश्वास और संवैधानिक जवाबदेही से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान से संबंधित एक विवादित वायरल वीडियो सामने आया था, जिसमें उन पर सिख धर्म के गुरु साहिबानों तथा 20वीं सदी के प्रमुख सिख नेता संत जरनैल सिंह खालसा भिंडरांवाले के धार्मिक प्रतीकों के प्रति अपमानजनक व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे थे।

उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए, श्री अकाल तख्त साहिब ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को तलब किया था। उस समय मुख्यमंत्री ने वीडियो को पूरी तरह फर्जी और एआई के माध्यम से तैयार किया गया बताते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया था। लेकिन श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देशों पर करवाई गई विभिन्न फोरेंसिक जांचों की रिपोर्ट सामने आने के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जांच रिपोर्टों में वीडियो में किसी प्रकार की एडिटिंग, टैंपरिंग, डीपफेक तकनीक या एआई के जरिए छेड़छाड़ का कोई प्रमाण नहीं मिला और वीडियो को वास्तविक पाया गया। इसके बाद श्री अकाल तख्त साहिब ने एक हुक्मनामा जारी करते हुए कहा कि कोई सिख भगवंत मान से मेलजोल न रखे और उन्हें धार्मिक रूप से बहिष्कृत माना जाए।

पार्टी नेताओं ने कहा कि अब यह मामला केवल एक वीडियो तक सीमित नहीं है, बल्कि मुख्यमंत्री द्वारा पंजाब के लोगों और सिख समुदाय के सामने किए गए दावों की सत्यता से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि सिख धर्म में गुरु साहिबानों, भक्तों, शहीदों और संत-महापुरुषों का सम्मान केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सिख जीवन का मूल सिद्धांत है। ऐसे मामलों में उठने वाले आरोप और संदेह पूरे सिख समुदाय की भावनाओं को गहराई से प्रभावित करते हैं।

उन्होंने कहा कि कानून और न्याय के सिद्धांत यह मांग करते हैं कि कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितने ही ऊंचे पद पर क्यों न हो, जांच और जवाबदेही से ऊपर नहीं हो सकता। नेताओं ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग करते हुए यह भी कहा कि उनकी सरकार द्वारा पहले बनाए गए बेअदबी संबंधी कानूनों के तहत उन पर धार्मिक भावनाएं भड़काने का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

जिला लुधियाना की पांच सदस्यीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य कुलविंदर सिंह चंदी, अजीत सिंह बल्ल और हरभजन सिंह इयाली सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं तथा महिला विंग की राष्ट्रीय महासचिव साजिया परवीन ने कहा कि यह स्थिति समूचे सिख समुदाय, नानक नाम लेवा संगतों और आम लोगों के लिए गहरी पीड़ा और चिंता का विषय बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही या पक्षपात पंजाब के लोगों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास और कमजोर कर सकता है।

उन्होंने राज्यपाल से मांग की कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए तथा इसकी जांच पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के किसी वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से करवाई जाए। साथ ही जांच की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान से नैतिक आधार पर पद से इस्तीफा लेने की मांग भी की गई, ताकि जांच किसी भी प्रकार से प्रभावित न हो सके। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए और पंजाब के लोगों को उनके सवालों के जवाब मिलने चाहिए।

यह विरोध प्रदर्शन जत्थेदार जसवंत सिंह चीमा, राजीव कुमार लवली और संदीप सिंह रुपालों के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इसमें एडवोकेट इंदरजीत सिंह, महिला विंग की संयुक्त सचिव बीबी हरप्रीत कौर अकालगढ़, कुलविंदर सिंह चंदी, हरभजन सिंह इयाली, मलकीत सिंह बल्ल, शमशेर सिंह लाडोवाल, भोला सिंह मंगली, बलविंदर सिंह भिंदा, तलविंदर सिंह माछिया, गोपी कनेजा, कुलदीप सिंह मंगली, कुलदीप सिंह तलवंडी, तेजिंदरपाल सिंह तेजी, जगतार सिंह हंबड़ा, परमजीत सिंह हंबड़ा, लखविंदर सिंह हंबड़ा, हरजीत सिंह बाबा रायकोट, महिबूब स्टूडियो वाले, जसपाल सिंह जस सिद्धवां, चौधरी अवतार सिंह लड्डू जगराओं, सुखविंदर सिंह खालसा राऊवाल, जसवीर सिंह जस्सी जगराओं, जसप्रीत सिंह जस्सी ढिल्लो, पूर्व सरपंच बलदेव सिंह सलेमपुरा टिब्बा, मनजीत सिंह मंड बंगसीपुरा, जरनैल सिंह कुरशैदपुरा, जगदीश सिंह गगड़ा, रणजीत सिंह सोनू, गुरदीप कौर, हरप्रीत कौर, गुरप्रीत सिंह काउंके, खालसा बोहड़ सिंह काउंके, शमशेर सिंह खालसा जगराओं, रणजोध सिंह खालसा, जसवीर सिंह खालसा, इंदरजीत सिंह खालसा सहित अनेक नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

जनगणना 2027: चंडीगढ़ में मकान सूचीकरण कार्य 100% पूर्ण

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

जनगणना संचालन निदेशालय, चंडीगढ़ को यह घोषणा करते हुए प्रसन्नता हो रही है कि जनगणना 2027 के अंतर्गत मकान सूचीकरण ब्लॉक (House Listing Block – HLB) कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है।

29 मई की नवीनतम प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के सभी 2,054 मकान सूचीकरण ब्लॉकों (HLBs) का कार्य पूर्ण कर लिया गया है, जिससे चंडीगढ़ के सभी 10 जनगणना प्रभारों (Census Charges) में 100 प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित हुई है।

यह महत्वपूर्ण उपलब्धि प्रगणकों (Enumerators), पर्यवेक्षकों (Supervisors), चार्ज अधिकारियों (Charge Officers) तथा अन्य जनगणना कर्मियों के समर्पित प्रयासों से संभव हो सकी है, जिन्होंने मकान सूचीकरण कार्य को समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए अथक परिश्रम किया। निरंतर निगरानी तथा प्रभावी क्षेत्रीय समन्वय ने इस लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस उपलब्धि पर जनगणना संचालन निदेशक, चंडीगढ़, डॉ. नवजोत खोसा, आईएएस, तथा प्रधान जनगणना अधिकारी, चंडीगढ़, निशांत कुमार यादव ने इस कार्य में लगे सभी अधिकारियों एवं क्षेत्रीय कर्मचारियों की प्रतिबद्धता और कठिन परिश्रम की सराहना की। उन्होंने चंडीगढ़ के नागरिकों द्वारा प्रदान किए गए पूर्ण सहयोग के लिए भी आभार व्यक्त किया, जिसके कारण इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को सफलतापूर्वक सम्पन्न किया जा सका।

जनगणना संचालन निदेशालय, चंडीगढ़ अब जनगणना 2027 के अगले चरण अर्थात जनसंख्या गणना (Population Enumeration) के लिए पूर्णतः तैयार है, जिसका शुभारंभ फरवरी 2027 में प्रस्तावित है। इसके सुचारु एवं सफल क्रियान्वयन हेतु सभी आवश्यक तैयारियाँ की जा रही हैं।

जनगणना विभाग इस कार्य में सहयोग एवं सहभागिता प्रदान करने वाले सभी हितधारकों तथा नागरिकों के प्रति अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता है। विभाग जनगणना 2027 के आगामी चरणों में उच्चतम डेटा गुणवत्ता, कार्यकुशलता तथा जनसेवा के मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

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लुधियाना में GLADA ने बड़ी कार्रवाई की, 5 बिना इजाज़त वाली कॉलोनियों को गिराया

लुधियाना / सत्ता संदेश

GLADA ने गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन पर सख्ती की, 12 बिल्डिंग्स के खिलाफ भी कार्रवाई की

GLADA ने लोगों को चेतावनी दी, बिना इजाज़त के कॉलोनियों में इन्वेस्ट न करें

कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन और GLADA के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर ओजस्वी अलंकार के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए, ग्रेटर लुधियाना एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GLADA) ने लुधियाना जिले में बिना इजाज़त वाली कॉलोनियों और गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।

कार्रवाई के दौरान, GLADA ने डेहलों, जसपाल बांगर और ऊंची मंगली में मौजूद पांच बिना इजाज़त वाली कॉलोनियों को गिरा दिया। अथॉरिटी ने भैरोमुना, गिल, जंडियाली, जसपाल बांगर, कोहरा, मराडो चौकी के पास संघू पैलेस और टिब्बा जैसे इलाकों में 12 बिना इजाज़त वाली बिल्डिंग्स और गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन के खिलाफ भी कार्रवाई की।

इसके अलावा, चुरपुर, दाद, कंजिया, मनकवाल और थारीके जैसे गांवों में 20 अनऑथराइज़्ड कॉलोनियों की रिपोर्ट आगे के रेवेन्यू और कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित तहसीलदारों को भेज दी गई है।

GLADA के एडिशनल चीफ एडमिनिस्ट्रेटर विकास हीरा ने लोगों से अनऑथराइज़्ड कॉलोनियों में प्लॉट या बिल्डिंग न खरीदने की अपील की और निवासियों को सलाह दी कि वे कोई भी इन्वेस्टमेंट करने या प्रॉपर्टी खरीदने से पहले GLADA की ऑफिशियल वेबसाइट के ज़रिए कॉलोनियों और प्रोजेक्ट्स का अप्रूवल स्टेटस ज़रूर चेक कर लें।

क्रिकेट के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करेगा जे सी आई लुधियाना सेंट्रल

लुधियाना / सत्ता संदेश

ई सी सी द्वारा आयोजित नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट में लेगा हिस्सा

जूनियर चैंबर इंटरनेशनल (जे सी आई) लुधियाना सेंट्रल द्वारा लोगों तथा विशेष रूप से युवा व्यवसायियों को काम के साथ-साथ अपनी सेहत का भी ध्यान रखने के लिए प्रेरित करने हेतु एंटरप्रेन्योर्स क्रिकेट क्लब (ई सी सी) के साथ मिलकर एक क्रिकेट टीम का गठन किया गया है। यह निर्णय दोनों संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक के दौरान लिया गया।

इस अवसर पर जानकारी देते हुए, जे सी आई लुधियाना सेंट्रल के अध्यक्ष एडवोकेट सिमरनप्रीत सिंह ने बताया कि एनजीओ जे सी आई लुधियाना सेंट्रल की क्रिकेट टीम, एनजीओ ई सी सी द्वारा आयोजित किए जा रहे नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट में भाग लेगी। जे सी आई लुधियाना सेंट्रल की टीम के कप्तान नरेंद्र सिंह बांगड़ होंगे। इसके अलावा, आयोजनकर्ता ई सी सी की ओर से नितिन कनव, असीम सूद और अमित पुरी भी बैठक में उपस्थित रहे।

उन्होंने कहा कि इस टूर्नामेंट के माध्यम से जे सी आई लुधियाना सेंट्रल लोगों को अपनी सेहत का ध्यान रखने का संदेश देगा। इसके तहत जे सी आई और ई सी सी अगले महीने एक बहुत बड़े कार्यक्रम का आयोजन करने जा रहे हैं, जिसकी घोषणा जल्द ही की जाएगी। हमारा उद्देश्य लोगों को बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है।

उल्लेखनीय है कि जे सी आई का उद्देश्य युवा उद्यमियों के बीच जनसंपर्क, आपसी भाईचारे और बेहतर संवाद कौशल को बढ़ावा देकर उनके व्यवसाय के विकास में सहायता करना है।

इस दौरान अन्य लोगों के अलावा, प्रदीप सिंह मुंडी, जतिंदर पाल सिंह, सुखपालबीर सिंह पासी, रोहित जिंदल, गुरप्रीत सिंह रियात, दीपक सिंह, आशीष चोपड़ा, नितिन मलिक, नितीश शर्मा, रिपन गोयल, विनायक कश्यप, राहुल भारद्वाज, डॉ. तेजस्वी, प्रभजोत सिंह, सुहेल, प्रीत, गौरव झंब और विनीत सचदेवा भी उपस्थित रहे।

आढ़तियों ने ब्यास पुल पर लगाया जाम, जलालपुर मंडी से लिफ्टिंग न होने पर जताया रोष

आज बेट क्षेत्र के आढ़तियों ने टांडा हरगोबिंदपुर रोड स्थित ब्यास पुल पर धरना देकर सड़क जाम कर दी। आढ़तियों का कहना है कि जब तक मंडियों से फसल की लिफ्टिंग नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

इस मौके पर बेट क्षेत्र के सभी आढ़ती एकजुट होकर धरने में शामिल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य मंडियों से फसल की लिफ्टिंग हो चुकी है, लेकिन जलालपुर मंडी से अभी तक लिफ्टिंग नहीं की गई, जिससे उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है।

आढ़तियों ने कहा कि यह समस्या किसानों और मजदूरों के लिए बेहद परेशानी का कारण बन रही है, क्योंकि उन्हें अपनी फसल की लिफ्टिंग के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है।

यह जाम करीब एक घंटे तक लगातार लगा रहा। मौके पर पहुंचे एसएचओ गुरिंदरजीत सिंह नागरा ने आढ़तियों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांग को एसडीएम टांडा और डीसी होशियारपुर के ध्यान में लाकर जल्द समाधान करवाया जाएगा।

बातचीत के बाद सड़क से जाम हटा दिया गया, लेकिन आढ़तियों का धरना अभी भी जारी है।

अमृतसर में व्यापारी के घर के बाहर देर रात फायरिंग, CCTV में कैद हुई वारदात

पीड़ित ने पहले भी पुलिस को दी थीं शिकायतें, सुरक्षा की मांग की थी

अमृतसर / सत्ता संदेश

दो मोटरसाइकिल सवार युवकों ने की गोलीबारी, मौके से फरार

पुरानी रंजिश और धमकी भरी कॉलों से जुड़ा हो सकता है मामला — एसीपी कमलजीत सिंह

अमृतसर के छेहरटा इलाके में देर रात एक व्यापारी के घर के बाहर गोलीबारी की सनसनीखेज घटना सामने आई है। इस पूरी वारदात की CCTV फुटेज भी सामने आई है, जिसमें दो युवक मोटरसाइकिल पर आकर घर के बाहर फायरिंग करते और फिर मौके से फरार होते दिखाई दे रहे हैं। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।

मीडिया को जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारी कमलजीत सिंह ने बताया कि बीती रात करीब 12:49 बजे छेहरटा थाना पुलिस को करतार नगर इलाके में फायरिंग की सूचना मिली थी। उन्होंने बताया कि जय चंद नामक व्यक्ति, जो पहले सब्जी आढ़त का कारोबार करता था, के घर के बाहर अज्ञात लोगों द्वारा गोलियां चलाई गईं।

एसीपी ने कहा कि पुलिस की PCR टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई थी और मामले की जांच शुरू कर दी गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि शिकायतकर्ता पक्ष की किसी विरोधी पक्ष के साथ पैसों के लेन-देन को लेकर पुरानी रंजिश चल रही थी। पुलिस को शक है कि यह वारदात उसी रंजिश के चलते अंजाम दी गई हो सकती है।

पुलिस के अनुसार इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और कुछ अहम सबूत भी हाथ लगे हैं, जिनके आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

इस मौके पर पूर्व अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार खराब हो रही है और अब आम लोग भी धमकी भरी कॉलों और ऐसी घटनाओं का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी लोगों की जान-माल की सुरक्षा करना है और यदि लोग अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं तो यह गंभीर चिंता का विषय है।

पीड़ित जय चंद उर्फ काला आढ़तिया ने बताया कि उन्हें पिछले काफी समय से धमकी भरी कॉलें आ रही थीं। उन्होंने दावा किया कि लगभग ढाई महीने पहले भी उन्होंने पुलिस को लिखित शिकायत दी थी और डीजीपी, मुख्यमंत्री तथा पुलिस कमिश्नर तक भी मामला पहुंचाया गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

जय चंद ने बताया कि रात के समय दो नकाबपोश युवक मोटरसाइकिल पर आए और घर के गेट पर तीन गोलियां चलाकर फरार हो गए। उन्होंने कहा कि उनके पास धमकी भरी कॉलों की रिकॉर्डिंग भी मौजूद है, जो पुलिस को सौंपी जाएंगी।

पीड़ित परिवार ने प्रशासन से इंसाफ और सुरक्षा की मांग की है, जबकि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

बाइट — एसीपी कमलजीत सिंह
बाइट — राकेश कुमार, पूर्व अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर
बाइट — जय चंद उर्फ काला आढ़तिया

हलवारा हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर हो : भगवंत सिंह मान

हलवारा /सत्ता संदेश

– उड़ानें शुरू होने के बाद पहली बार ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ हलवारा हवाई अड्डे पहुंचे मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

– हलवारा हवाई अड्डे के विकास पर पंजाब सरकार ने 54 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए: भगवंत सिंह मान

– नियमित उड़ानें शुरू होने से जनता को सुविधा के साथ-साथ पंजाब में निवेश भी बढ़ेगा: भगवंत सिंह मान

– सरकार साहनेवाल हवाई अड्डे को प्रशिक्षण अकादमी के रूप में उपयोग करने की योजना बना रही है: भगवंत सिंह मानहलवारा एयरपोर्ट से उड़ानों की शुरुआत पंजाब के लिए आर्थिक विकास, कनेक्टिविटी और तरक्की के नए युग की शुरुआत है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दावा किया कि पंजाब सरकार के दृढ़ प्रयासों और वित्तीय प्रतिबद्धता के कारण पूरा हुआ यह लंबे समय से लटकता प्रोजेक्ट पूरे क्षेत्र में व्यापार, उद्योग, निवेश और रोजगार को बढ़ावा देगा। उड़ानें शुरू होने के बाद पहली बार ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ एयरपोर्ट टर्मिनल का दौरा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लोगों से बातचीत की और कहा कि इस हवाई अड्डे की शुरुआत बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और प्रांत में विश्व स्तरीय सुविधाएं लाने के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

पंजाब सरकार द्वारा हवाई अड्डे के विकास पर लगभग 54.67 करोड़ रुपये खर्च करने की बात कहते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हलवारा से नियमित उड़ानें शुरू होने से न केवल पंजाब के लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी, बल्कि प्रांत में औद्योगिक निवेश और व्यापारिक गतिविधियों के लिए भी नए रास्ते खुलेंगे। स्वतंत्रता सेनानियों और महान संतों की विरासत का सम्मान करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अथक प्रयासों के कारण मोहाली एयरपोर्ट का नाम शहीद भगत सिंह और आदमपुर एयरपोर्ट का नाम श्री गुरु रविदास महाराज जी के नाम पर रखे जाने के बाद अब हलवारा एयरपोर्ट का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखा जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि वे इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष उठाएंगे।

हवाई अड्डे के दौरे के दौरान लोगों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार के प्रयासों के कारण यह हवाई अड्डा अब शुरू हो गया है। इस कदम के पीछे एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रांत के लोगों को सुरक्षित, किफायती और आरामदायक हवाई यात्रा की सुविधा मिल सके।”

उन्होंने आगे कहा, “यह हवाई अड्डा इस क्षेत्र के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों के उद्यमियों, व्यापारियों और उद्योगपतियों को पंजाब आने-जाने में मदद करेगा, जिससे व्यापार, कारोबार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।”

पहले आने वाली मुश्किलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “दिल्ली-एनसीआर के लिए सीधी उड़ानें न होने के कारण लोगों, खासकर उद्योगपतियों को सड़क मार्ग से देश की राजधानी जाने के दौरान भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। इससे न केवल बेकार की परेशानी होती थी, बल्कि समय, पैसे और ऊर्जा का भी बड़ा नुकसान होता था।”

उन्होंने आगे कहा, “इस हवाई अड्डे के चालू होने से क्षेत्र के लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी और दुनिया भर के प्रमुख उद्यमी पंजाब में बड़ा निवेश करने के लिए आकर्षित होंगे।”

हवाई अड्डे के आर्थिक प्रभाव पर विश्वास जताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह हवाई अड्डा पंजाब में औद्योगीकरण को तेज करने में सहायक के रूप में काम करेगा और प्रांत को सबसे पसंदीदा निवेश स्थान के रूप में और मजबूती से स्थापित करेगा।”

कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा, “यात्रियों की सुविधा के लिए जल्द ही हलवारा हवाई अड्डे से और उड़ानें शुरू की जाएंगी। बेहतर हवाई कनेक्टिविटी पंजाब में आर्थिक गतिविधियों को और मजबूत करेगी और प्रांत की तरक्की तथा यहां के लोगों की खुशहाली में अहम भूमिका निभाएगी।”

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार हलवारा हवाई अड्डे का नाम महान शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखने की मांग को भारत सरकार के समक्ष जोरदार ढंग से उठाएगी।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “शहीद करतार सिंह सराभा ने मात्र 19 वर्ष की छोटी उम्र में देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी थी। उनकी अद्वितीय कुर्बानी ने लाखों लोगों को ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित किया।”

उन्होंने कहा, “शहीद-ए-आजम भगत सिंह भी शहीद करतार सिंह सराभा को अपना रोल मॉडल मानते थे। हलवारा हवाई अड्डे का नाम उनके नाम पर रखना उस महान शहीद को सच्ची श्रद्धांजलि होगी, जो इस क्षेत्र से संबंधित थे और जो पहले विमानन की पढ़ाई करने के लिए बर्कले विश्वविद्यालय गए और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लेने के लिए वापस लौटे।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब महान गुरुओं, संतों, पीरों और शहीदों की पवित्र धरती है और इस मिट्टी के हर कण में उनकी महान विरासत समाई हुई है। पंजाब विधान सभा ने 22 मार्च, 2023 को सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें भारत सरकार से इंडियन एयर फोर्स स्टेशन हलवारा, लुधियाना में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा रखने का अनुरोध किया गया था।”

भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनके बहुमूल्य योगदान को उजागर करते हुए उन्होंने कहा, “शहीद करतार सिंह सराभा ने देश को विदेशी साम्राज्यवाद से मुक्त कराने में अहम भूमिका निभाई। गदर पार्टी के नेता के रूप में उन्होंने देश-विदेश में भारत की आजादी के लिए अथक प्रयास किए।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “पहले, पंजाब सरकार के निरंतर प्रयासों के कारण मोहाली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम शहीद भगत सिंह के नाम पर रखा गया था। हलवारा हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखना हमारे शहीदों के प्रति एक और नम्र श्रद्धांजलि होगी।”

उन्होंने आगे कहा, “शहीदों की शानदार विरासत को संरक्षित करने के लिए हवाई अड्डों, विश्वविद्यालयों और संस्थानों का नाम महान शहीदों और शख्सियतों के नाम पर रखना हमारी सरकार की अहम पहल रही है। आदमपुर हवाई अड्डे का नाम भी श्री गुरु रविदास महाराज जी के नाम पर रखा गया है।”

विमानन प्रशिक्षण संस्थान के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार द्वारा युवा पायलटों को प्रशिक्षण देने के लिए साहनेवाल हवाई अड्डे की इमारत का उपयोग करने के संबंध में भी ठोस प्रयास किए जाएंगे। युवाओं को पहले से ही किफायती दरों पर विमानन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पंजाब सरकार द्वारा जनहित में हलवारा हवाई अड्डे से उड़ान के समय को बदलने का मुद्दा भी केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा।”

पंजाब और इसके लोगों की भलाई के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “प्रांत के हितों की रक्षा और इसकी निरंतर तरक्की और खुशहाली को सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।”

पंजाब रोडवेज कर्मचारियों द्वारा अमृतसर बस स्टैंड पर जोरदार प्रदर्शन

अमृतसर / सत्ता संदेश

मांगें पूरी न होने पर 25 से 27 तारीख तक हड़ताल की चेतावनी

आउटसोर्स और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को पक्का करने की उठी मांग

सरकार पर वादाखिलाफी के आरोप, कर्मचारियों ने संघर्ष तेज करने का किया ऐलान

पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन द्वारा आज अमृतसर के केंद्रीय बस स्टैंड पर जोरदार रोष प्रदर्शन किया गया। यूनियन नेताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा।

यूनियन के प्रदेश नेता जोध सिंह ने बताया कि 18 तारीख को कर्मचारियों द्वारा एक दिन की सांकेतिक हड़ताल की गई थी। इसके बाद पंजाब के वित्त और परिवहन मंत्री हरपाल चीमा के साथ बैठक हुई, जिसमें मंत्री द्वारा कर्मचारियों की मांगें पूरी करने का भरोसा दिया गया था। हालांकि कर्मचारियों का कहना है कि सरकार की ओर से अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से कर्मचारी लगातार संघर्ष कर रहे हैं। चाहे पिछली सरकारें हों या मौजूदा आम आदमी पार्टी की सरकार, कर्मचारियों को अपनी मांगों के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। यूनियन की मुख्य मांगों में आउटसोर्स और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को रेगुलर करना, संघर्ष के दौरान दर्ज किए गए केस वापस लेना और कर्मचारियों को दोबारा बहाल करना शामिल है।

जोध सिंह ने कहा कि आंदोलन के दौरान कई कर्मचारियों पर धारा 307 जैसे गंभीर मामले दर्ज किए गए थे, जिन्हें रद्द किया जाना चाहिए। इसके अलावा किलोमीटर स्कीम वाली बसों को बंद करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरी तरह स्वीकार नहीं करती, तब तक बस स्टैंडों और बसों में सरकार के खिलाफ प्रचार अभियान जारी रहेगा।

वहीं यूनियन के प्रदेश कैशियर बलजीत सिंह ने कहा कि पहले 20 तारीख को संगरूर में बड़ा धरना-प्रदर्शन रखा गया था, जिसमें पूरे पंजाब से कर्मचारी पहुंचने वाले थे। लेकिन मंत्री हरपाल चीमा के साथ बैठक के बाद फिलहाल आंदोलन को कुछ समय के लिए रोक दिया गया है। मंत्री द्वारा भरोसा दिया गया है कि कर्मचारियों पर दर्ज केस खत्म किए जाएंगे और जिन कर्मचारियों को पक्का किया जाना है, उन्हें जल्द रेगुलर किया जाएगा।

कर्मचारियों ने साफ किया कि अगर सरकार ने अपने वादे पूरे नहीं किए तो 25, 26 और 27 तारीख को पूरे पंजाब में बड़ी हड़ताल की जाएगी। यूनियन नेताओं ने मुख्यमंत्री पर वादाखिलाफी के आरोप लगाते हुए कहा कि चुनावों और विधानसभा में किए गए वादों को अब सरकार भूल रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि फिर भी उनकी सुनवाई नहीं हुई तो वे घर-घर जाकर सरकार के खिलाफ अभियान चलाएंगे और लोगों को सरकार की नीतियों के बारे में जागरूक करेंगे।

बाइट — जिला प्रधान जोध सिंह

बाइट — यूनियन जिला कैशियर बलजीत सिंह

जालंधर के बस्ती बावा खेल इलाके के राजा गार्डन में एक खाली प्लॉट से गुटका साहिब के पवित्र अंग मिलने से इलाके में गुस्सा फैल गया।

जालंधर / सत्ता संदेश

घटना की जानकारी मिलते ही सिख संगठनों के सदस्य मौके पर पहुंचे और सख्त विरोध जताया। बस्ती बावा खेल पुलिस स्टेशन की पुलिस और एसीपी वेस्ट आतिश भाटिया भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने यह पता लगाने के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी है कि यह बेअदबी की हरकत किसने की।

मौके पर पहुंचे बघेल सिंह ने बताया कि वह कीर्तन दरबार में शामिल थे, तभी उन्हें फोन आया कि गुटका साहिब के पवित्र अंग एक खाली प्लॉट में बिखरे पड़े हैं। सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे और सम्मानपूर्वक पवित्र अंगों को एक बैग में एकत्र किया। इसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। उन्होंने कहा कि यह किसी शरारती व्यक्ति की करतूत है और दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।

सिख तालमेल कमेटी के सदस्य भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने अपना रोष जताया। उन्होंने कहा कि गुटका साहिब के पवित्र अंगों को खाली प्लॉट में फेंकना बेहद निंदनीय है। इस संबंध में पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई गई है।

एसीपी वेस्ट आतिश भाटिया ने बताया कि कंट्रोल रूम से सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। शुरुआती जांच में सामने आया कि गुटका साहिब के अंग फाड़कर बाबा बुढ्ढा जी पुल के पास एक प्लॉट में फेंके गए थे। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।

अमृतसर में ऑल इंडिया गोल्डस्मिथ्स एसोसिएशन की इमरजेंसी मीटिंग, ज्वैलर्स कम्युनिटी की समस्याओं पर चर्चा

अमृतसर / सत्ता संदेश

अमृतसर में ऑल इंडिया स्वर्णकार समाज की आपात बैठक, ज्वेलर्स समुदाय की समस्याओं पर हुई चर्चा

सोना कारोबार से जुड़े व्यापारियों की सुरक्षा के लिए देशभर में एकजुट होगा संगठन : Inderbir Singh Nijjar

स्वर्णकार समुदाय के लिए एडवांस कोर्स और यूनिवर्सिटी की मांग को लेकर जल्द डीसी से करवाई जाएगी मुलाकात : डॉ. निज्जर

दूसरे राज्यों में सोना खरीदने-बेचने वाले व्यापारियों को दिए जाएंगे पहचान पत्र : Mukul Verma

अमृतसर के सुल्तान विंड रोड पर ऑल इंडिया स्वर्णकार समाज और ज्वेलर्स एसोसिएशन अमृतसर की ओर से एक आपात बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विशेष रूप से ऑल इंडिया स्वर्णकार समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष पदाधिकारी Mukul Verma पहुंचे, जबकि अमृतसर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के विधायक Inderbir Singh Nijjar भी विशेष रूप से शामिल हुए। बैठक के दौरान स्वर्णकार समुदाय को आ रही समस्याओं, सुरक्षा और कारोबार से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर ने कहा कि स्वर्णकार और ज्वेलर्स समुदाय को एकजुट होकर काम करने की जरूरत है ताकि दूसरे राज्यों में सोना-चांदी का कारोबार करने वाले व्यापारियों को आने वाली समस्याओं का समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि कई बार व्यापारियों को पुलिस या अन्य कारणों से परेशानियों का सामना करना पड़ता है और लूटपाट की घटनाएं भी सामने आती हैं। इसलिए संगठन को मजबूत करना समय की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से सोने की खरीद संबंधी दिए गए बयानों से ज्वेलर्स कारोबार प्रभावित हो सकता है, इसलिए सरकार को चाहिए कि गहने तैयार करने वाले स्वर्णकारों के हिस्से पर किसी तरह की रोक न लगाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि स्वर्णकार समुदाय के लिए एडवांस कोर्स और विशेष यूनिवर्सिटी की जरूरत है, जहां मेटलर्जी, सोने की जांच, डिजाइनिंग और स्टोन सेटिंग जैसे कोर्स शुरू किए जाएं। डॉ. निज्जर ने कहा कि संगठन की मांग पर जल्द ही डीसी अमृतसर के साथ बैठक करवाई जाएगी, जिसमें व्यापारियों की समस्याओं पर चर्चा कर समाधान निकाला जाएगा।

इस मौके पर ऑल इंडिया स्वर्णकार समाज के राष्ट्रीय प्रभारी Sudhir Soni ने कहा कि संगठन देशभर में स्वर्णकार समुदाय को एकजुट करने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि ज्वेलर्स समुदाय की एकता से चोरों और असामाजिक तत्वों पर रोक लगाई जा सकती है। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi के सोना खरीदने संबंधी बयान का जिक्र करते हुए कहा कि लोग नया सोना खरीदने की बजाय पुराने सोने को दोबारा तैयार करवा सकते हैं, जिससे स्वर्णकार समुदाय का काम भी चलता रहेगा।

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष Mukul Verma ने कहा कि संगठन की ओर से अमृतसर में नई नियुक्तियां की गई हैं और संगठन को और मजबूत किया गया है। उन्होंने बताया कि अमृतसर में संगठन के लगभग एक हजार सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में कारोबार करने वाले व्यापारियों को पहचान पत्र जारी किए जाएंगे ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा एमएसएमई के माध्यम से लोगों को रोजगार और लोन उपलब्ध करवाने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि संगठन की टीम देश के हर जिले में काम कर रही है और जहां भी व्यापारियों के साथ कोई घटना होती है, वहां तुरंत मदद के लिए पहुंचा जाता है।