ब्रेकिंग न्यूज़
अकाली दल पुनर सुरजीत और अकाली दल “वारिस पंजाब दे” के एकजुट होने से पंजाब फिर खुशहाल होगा: लवली

लुधियाना/ सत्ता संदेश

पंथक सरकार ही पंजाब को दे सकती है महाराजा रणजीत सिंह का खालसा राज

लुधियाना, 19 अप्रैल: अकाली दल पुनर सुरजीत और अकाली दल “वारिस पंजाब दे” के बीच बीते दिन हुई बैठक से पंजाब के लोगों में एक खुशहाल और प्रगतिशील सरकार के 2027 के विधानसभा चुनावों में सत्ता में आने की उम्मीद और मजबूत हुई है। ये शब्द अकाली दल “वारिस पंजाब दे” के वरिष्ठ नेता और पंजाब, पंजाबी तथा पंजाबियत की मजबूती के लिए आवाज उठाने वाले राजीव कुमार लवली ने यहां जारी एक बयान में कहे।

इस मौके पर लवली ने कहा कि मौजूदा शासन में पंजाब नशे, बेरोजगारी, गैंगस्टरवाद और कानून-व्यवस्था की खराब हालत का सामना कर रहा है। इन हालातों से समाज का हर वर्ग, फिर चाहे व्यापारी, किसान, नौकरीपेशा या युवा हो, परेशान है। उन्होंने कहा कि पंजाब, पंजाबी और पंजाबियत की आवाज बुलंद करने में अकाली दल पुनर सुरजीत और अकाली दल “वारिस पंजाब दे” से लोगों को काफी उम्मीदें हैं।

उन्होंने जोर देते हुए, कहा कि प्रदेश के खराब हालातों से तंग लोगों को महाराजा रणजीत सिंह के समय जैसा खालसा राज केवल इन दोनों पार्टियों की 2027 विधानसभा चुनावों में बनने वाली पंथक सरकार ही दे सकती है, जहां हर व्यक्ति को समान अधिकार मिलेगा और पंजाब फिर से विकास की राह पर आगे बढ़ेगा।

अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी लुधियाना में डॉ. अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे

लुधियाना / सत्ता संदेश

15 अप्रैल को फागवारा स्थित विरोध स्थल पर अदालत गठित की जाएगी, अधिकारियों को तलब किया गया।

अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी ने बाबासाहेब अंबेडकर के विचारों को अपनाने की अपील की।

डॉ. भीम राव अंबेडकर का संविधान आज भी शोषित वर्गों के लिए आशा की किरण है: जसवीर सिंह गढ़ी

भारत के संविधान के निर्माता, भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की 135वीं जयंती के उपलक्ष्य में पिछले सोमवार शाम को गुरु नानक देव भवन, लुधियाना के सभागार में एक चर्चा सत्र का आयोजन किया गया। पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी मुख्य अतिथि के रूप में इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।

पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष ने बाबासाहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर द्वारा दी गई निस्वार्थ सेवाओं को याद करते हुए कहा कि उन्हें “भारत के संविधान के निर्माता” और शोषितों के लिए संघर्ष करने वाले महान व्यक्ति के रूप में भी याद किया जाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के निर्माता बाबासाहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर द्वारा प्रतिपादित विविधता में एकता का मूल सिद्धांत आज भी कई चुनौतियों के बावजूद अडिग है।

भारतीय संविधान को विश्व के सर्वश्रेष्ठ संविधानों में से एक बताते हुए अध्यक्ष गढ़ी ने कहा कि यह समाज के हाशिए पर रहने वाले वर्गों के लिए न्याय की अंतिम आशा है। बाबासाहेब अंबेडकर के दूरदर्शी और बुद्धिमान नेतृत्व के लिए उन्हें धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि हमारे संविधान ने प्रत्येक नागरिक, विशेषकर दलितों के अधिकारों की निरंतर सुरक्षा का प्रावधान किया है।

उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर जी को याद करते हुए कहा कि हमें ऐसे महान और दूरदर्शी व्यक्तित्व को किसी विशेष वर्ग तक सीमित नहीं रखना चाहिए। उन्होंने राष्ट्र के प्रति उनके महान योगदान का वर्णन करते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान सभी वर्गों को समान संरक्षण प्रदान करता है। उन्होंने युवाओं को बाबासाहेब (डॉ. बी. आर. अंबेडकर) के साहित्य को पढ़ने और उनकी शिक्षाओं को आत्मसात करके एक स्वस्थ समाज और राष्ट्र के निर्माण के लिए प्रेरित किया।

अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी ने संविधान की पवित्र पुस्तक में शोषित वर्गों के हितों की रक्षा के लिए कानूनी प्रावधान करने के लिए डॉ. अंबेडकर को मसीहा बताते हुए कहा कि शिक्षा सभी भेदभाव और असमानता को समाप्त करने की कुंजी है और मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार शिक्षा क्रांति के माध्यम से सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे और शिक्षा के स्तर को निजी स्कूलों के समान उन्नत करके गरीब परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रही है।

पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के सत्ता में आने के बाद से बाबासाहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर के सपनों को साकार करने के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार देश की पहली सरकार है जिसने प्रेरणा और आदर्शों के रूप में डॉ. भीम राव अंबेडकर और शहीद-ए-आजम एस. भगत सिंह की तस्वीरें सभी सरकारी कार्यालयों में स्थापित की हैं।

इससे पहले, पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि लुधियाना में ऐसे बौद्धिक कार्यक्रम में भाग लेना उनके लिए गर्व की बात है, जिसे पंजाब का मैनचेस्टर कहा जाता है। उन्होंने आयोजनकर्ताओं को धन्यवाद देते हुए कहा कि समाज में प्रतिवर्ष योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित करना एक प्रेरणादायक कदम है।

उन्होंने इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण मामले का जिक्र करते हुए कहा कि फागवारा के सफाईकर्मी गोविंद घई को फागवारा नगर परिषद द्वारा नौकरी से निकाल दिया गया है, जो कि अन्यायपूर्ण है। गढ़ी ने कहा कि आयोग ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लिया है और 15 अप्रैल को आयोग स्वयं विरोध स्थल का दौरा करेगा। इस मामले की सुनवाई के लिए एक अदालत का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह गरीबों और प्रभावित वर्गों को न्याय दिलाने की दिशा में एक नया कदम होगा।

इसके अलावा, गढ़ी ने गढ़शंकर के गद्दीवाल गांव में एक परिवार के मामले का भी जिक्र किया, जहां पारिवारिक तनाव के कारण एक युवक ने आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस से बातचीत हो चुकी है और परिवार को जल्द ही न्याय मिलेगा।

उन्होंने नूरपुर जट्टन के एक मामले के बारे में भी बताया, जहां आयोग ने बेअदबी के मामले को गंभीरता से लिया है। संबंधित परिवार के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए प्रशासन के साथ बातचीत अंतिम चरण में है।

अंत में, गढ़ी ने कहा कि वे जाति या राजनीति से ऊपर उठकर हर पीड़ित की बात सुनने के लिए प्रतिबद्ध हैं और यह सुनिश्चित करेंगे कि पंजाब के हर नागरिक को न्याय मिले।

इस अवसर पर, मलकीत चंद जनगल को जन चेतना पंजाब रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर डॉ. बी.आर. अंबेडकर स्टडी सर्कल पंजाब के अध्यक्ष कमल कटारिया, जन चेतना के अध्यक्ष डॉ. विनय सौफत, कार्यकारी अध्यक्ष संजय शर्मा, महासचिव सीमा गुप्ता, सचिव ज्योति खेरा, मंच सचिव मंजुला शर्मा, निरात्मा मौदगिल, अतुल भारद्वाज, रजत भाटिया, अनिल अग्रवाल और बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

बग्गा ने विधानसभा में उठाया डैयरी कम्लैक्स, मलकपुर, उज्जैनपुर में बड्ढे दरिया की सफाई का मुद्दा

* कहा, सफाई न हुई तो शहरी क्षेत्र की हुई सफाई का नहीं होगा कोई लाभ

लुधियाना । विधानसभा उतरी से विधायक चौ. मदन लाल बग्गा ने विधानसभा सैशन के दौरान बुड्ढे दरिया की सफाई का मुद्दा उठाकर आगामी बारिश के मौसम के दौरान शहरी से बाहरी क्षेत्र से बहते दरिया की सफाई की मांग की। विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवा की तरफ से सोमवार को प्रश्न आवर के दौरान दिए समय का सदुपयोग करते हुए बग्गा ने विधानसभा में बताया कि पिछले चार वर्षो से उन्होने विधानसभा उतरी से गुजरते बुड्ढे दरिया की सफाई में कोई कसर नहीं छोड़ी। उनके विधायक कार्यकाल में वर्षो से दूषित हुए दरिया की शहरी क्षेत्र में सफाई का तभी फायदा है कि जब आगामी बरसाती मौसम से पूर्व शहर के बाहरी यानि कि अगले पड़ाव डैयरी कम्लैक्स, मलकपुर, उज्जैनपुर सहित बुड्ढे दरिया अन्य हिस्सो की सफाई भी करवाई जाए। अगर इन क्षेत्रों में सफाई के प्रबंध न हुए तो पानी के बैक मारने से बरसाती मौसम में शहर के भीतरी क्षेत्रों की सफाई का भी कोई लाभ नहीं होगा। इसलिए जल्दी से जस्दी उक्त क्षेत्रों की सफाई करवाई जाए। ताकि शहरी क्षेत्रो को पानी के ओवरफ्लो से बचाया जा सके। उन्होने विधानसभा में मौजूद स्थानीय निकाय मंत्री ड्रेनेज विभाग के मंत्री का ध्यान भी आर्कषित करते हुए कहा कि बरसात से पूर्व इन क्षेत्रो से गुजरते बुड्ढे दरिया की सफाई की तरफ ध्यान दिया जाए।