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तिलक वर्मा का ‘तूफान’ और गेंदबाजों का कहर: मुंबई ने गुजरात को 99 रनों से रौंदा, तोड़ा हार का सिलसिला

स्पोर्टस डेस्क : अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए आईपीएल 2026 के 30वें मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने गुजरात टाइटंस को 99 रनों के विशाल अंतर से हरा दिया है।, लगातार चार मैचों में हार झेलने के बाद मुंबई की यह पहली जीत है।, टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का गुजरात का फैसला उस समय सही साबित होता दिखा जब मुंबई की शुरुआत बेहद खराब रही।

तिलक वर्मा का पहला आईपीएल शतक : मुंबई के सलामी बल्लेबाज क्विंटन डिकॉक (13) और डेब्यू कर रहे दानिश (2) जल्दी पवेलियन लौट गए, जबकि सूर्यकुमार यादव भी केवल 15 रन बना सके। इसके बाद नमन धीर (45 रन) और तिलक वर्मा ने पारी को संभाला।

तिलक वर्मा ने मैदान पर चौकों-छक्कों की बारिश करते हुए महज 45 गेंदों में अपना पहला आईपीएल शतक पूरा किया। खास बात यह रही कि वे इंजरी की समस्या के बावजूद खेलते रहे और अपनी पारी में 8 चौके और 7 छक्के जड़े। तिलक के इस तूफानी प्रदर्शन की बदौलत मुंबई ने 20 ओवर में 199 रन बनाए और गुजरात को 200 रनों का लक्ष्य दिया।

ताश के पत्तों की तरह ढही गुजरात की बल्लेबाजी : 200 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात की शुरुआत बेहद खराब रही। जसप्रीत बुमराह ने पारी की पहली ही गेंद पर साई सुदर्शन को आउट कर गुजरात को बड़ा झटका दिया। इसके बाद कप्तान हार्दिक पंड्या ने जोस बटलर को आउट किया और शुभमन गिल भी केवल 14 रन ही बना सके।

वाशिंगटन सुंदर ने 26 रनों की पारी खेलकर संघर्ष करने की कोशिश की, लेकिन अश्वनी कुमार की घातक गेंदबाजी (4 विकेट) के आगे गुजरात की पूरी टीम महज 100 रन पर सिमट गई। गुजरात की पारी 16वें ओवर में ही समाप्त हो गई, जिससे मुंबई ने 99 रनों की ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

लुधियाना में नशेड़ी बेटे का खौफनाक कदम: मां से मांगे पैसे, इनकार पर पीट-पीटकर मार डाला; फिर रचा हार्ट अटैक का नाटक

पंजाब डेस्क : पंजाब के लुधियाना स्थित शिमलापुरी इलाके के बसंत नगर में सोमवार को एक कलयुगी बेटे ने ममता को शर्मसार कर दिया,। नशे के लिए पैसे न मिलने से नाराज 28 वर्षीय परविंदर सिंह ने अपनी 49 वर्षीय मां मनप्रीत कौर की गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी दिहाड़ी मजदूरी करता है और वह नशे का गंभीर आदी है।

नशे के लिए विवाद और बेरहम पिटाई : वारदात वाले दिन परविंदर ने अपनी मां से नशा खरीदने के लिए पैसों की मांग की थी। जब मां ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो आरोपी ने अपना आपा खो दिया और उनकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। पिटाई इतनी भयानक थी कि महिला की पसलियां टूट गईं और फेफड़ों तक को गंभीर चोट पहुँची। इसके बाद आरोपी ने गला दबाकर उनकी जान ले ली।

हार्ट अटैक की झूठी कहानी का भंडाफोड़: हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी खुद ही मां के शव को लेकर अस्पताल पहुँचा और डॉक्टरों को गुमराह करने के लिए बताया कि उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई है। हालांकि, डॉक्टरों को महिला के गले पर निशान देखकर संदेह हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। तीन डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा किए गए पोस्टमॉर्टम में यह साफ हो गया कि महिला की मौत हार्ट अटैक से नहीं, बल्कि बेरहमी से पिटाई और गला दबाने के कारण हुई थी।

पुलिस की सख्ती के आगे टूटा आरोपी : पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर डाबा थाना पुलिस ने परविंदर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में वह अपनी कहानी पर अड़ा रहा, लेकिन सख्ती बरतने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसने हार्ट अटैक की कहानी इसलिए गढ़ी थी ताकि पुलिस पोस्टमॉर्टम न कराए और वह बच निकले। थाना डाबा के एसएचओ प्रमोद राज के अनुसार, आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

PUNJAB TOP-10 NEWS, चुटकियों में पढ़े बड़ी दिन भर की खबरें…20-04-2026

पंजाब डेस्क: पंजाब और चंडीगढ़ के लिए आज का दिन काफी गहमागहमी वाला रहा। जहाँ एक तरफ बेअदबी के खिलाफ ऐतिहासिक सख्त कानून लागू हुआ, वहीं खेल के मैदान से लेकर विदेश तक पंजाबियों से जुड़ी कई अहम खबरें सुर्खियों में रहीं। आइए विस्तार से जानते हैं आज की 10 बड़ी खबरें।

बेअदबी पर उम्रकैद का कानून: पंजाब सरकार ने बेअदबी के खिलाफ बनाए गए कानून का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, जिसमें उम्रकैद और 25 लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है।

जेल से आरोपी का वीडियो: अमृतसर केंद्रीय जेल से कत्ल के एक आरोपी ने वीडियो बनाकर जेल प्रशासन पर मारपीट, प्रताड़ना और 2 लाख रुपए मांगने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

सोनम बाजवा और जी खान की नोंकझोंक: न्यू चंडीगढ़ में आईपीएल मैच के दौरान एक्ट्रेस सोनम बाजवा और पंजाबी सिंगर जी खान की मुलाकात हुई, जिसका एक मजाकिया नोंकझोंक वाला वीडियो वायरल हो रहा है।

निहंगों ने नाबालिग को बचाया: अमृतसर में 7 महीने से एक नाबालिग लड़की को परेशान करने वाले सिरफिरे को सबक सिखाने के लिए लुधियाना से निहंग सिंह पहुँचे और पंचायत में माफी मंगवाई।

80 वर्षीय बुजुर्ग बने करोड़पति: दिल्ली के एक रिटायर्ड पोस्टमास्टर ने लुधियाना से खरीदी गई टिकट पर 6 करोड़ रुपए का बैसाखी बंपर जीता है।

पार्क में कार दौड़ाने पर हंगामा: चंडीगढ़ के लीजर वैली के वॉकिंग ट्रैक पर कार दौड़ाने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने ड्राइवर को दस्तावेजों के साथ तलब किया है।

पिटबुल का हमला: गुरदासपुर में एक पुलिसकर्मी के पालतू पिटबुल कुत्ते ने बाजार में एक पास्टर और उनके 10 साल के बेटे को बुरी तरह काटकर घायल कर दिया।

कनाडा में सवा करोड़ की चोरी: कनाडा के मालटन में एक पंजाबी परिवार के घर से महज 2 मिनट में 1.39 करोड़ रुपए के गहने और सामान चोरी हो गए।

इमिग्रेशन एजेंट पर बैन: ऑस्ट्रेलिया में धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों के आरोप में पंजाबी मूल की एजेंट वनीत कौर चड्ढा पर 5 साल का बैन लगा दिया गया है।

पुलिसकर्मियों पर गेहूं चोरी का आरोप: बठिंडा में दो पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ एक महिला के खेत से लगभग 15 एकड़ की गेहूं की फसल कटवाकर चोरी करने का मामला दर्ज हुआ है।

“अगर सीजफायर तोड़ा तो बहुत बम फूटेंगे”: ट्रंप की ईरान को नई धमकी, पेजेश्कियान बोले- ‘ईरानी झुकते नहीं’

इंटरनेशनल डेस्क : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है और कथित युद्धविराम के बीच भी स्थिति बिगड़ती दिख रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक नई और गंभीर चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि ईरान ने सीजफायर (युद्धविराम) तोड़ा तो बहुत सारे बम फूटने शुरू हो जाएंगे। ट्रंप ने एक इंटरव्यू में स्पष्ट किया कि इसकी “अत्यधिक संभावना नहीं” है कि वे बिना किसी समझौते के दो सप्ताह के युद्धविराम को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने यह भी घोषणा की है कि जब तक कोई ठोस समझौता नहीं हो जाता, तब तक होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) अवरुद्ध रहेगा।

परमाणु हथियारों पर ट्रंप का कड़ा रुख: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में ट्रंप ने अपनी आजीवन राय को दोहराते हुए कहा कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं हो सकते। उन्होंने इजराइल पर हुए 7 अक्टूबर के हमले का जिक्र करते हुए कहा कि वे फर्जी खबरों और सर्वेक्षणों पर अविश्वास करते हैं और उनका मानना है कि यदि ईरान का नया नेतृत्व समझदारी दिखाए, तो उसका भविष्य समृद्ध हो सकता है।

ईरान का पलटवार: “आत्मसमर्पण नहीं करेंगे” ट्रंप की इन धमकियों के जवाब में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर कड़ा संदेश साझा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के विरोधाभासी संकेत एक कड़वा संदेश देते हैं और यह स्पष्ट है कि वे ईरान का आत्मसमर्पण चाहते हैं। पेजेश्कियान ने दो टूक शब्दों में कहा कि “ईरानी बल के आगे नहीं झुकते” और किसी भी सार्थक संवाद के लिए प्रतिबद्धताओं का सम्मान करना अनिवार्य है।

सी-डॉट ने “साइबर सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने पर केंद्रित गेमिफिकेशन प्लेटफॉर्म के सहयोगात्मक विकास” के लिए जंप्स ऑटोमेशन के साथ साझेदारी की

दिल्ली \ सत्ता संदेश

इस प्लेटफॉर्म में गेमिंग एरिना, लीडरबोर्ड, लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम, चर्चा मंच और वास्तविक सिमुलेशन-आधारित परिदृश्य शामिल होंगे, जिनका उद्देश्य साइबर जागरूकता पैदा करना और संगठनों की साइबर सुरक्षा तैयारियों को बढ़ाना है

सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (सी-डॉट) ने सी-डॉट कोलैबोरेटिव रिसर्च प्रोग्राम (सीसीआरपी) के तहत जंप्स ऑटोमेशन एलएलपी के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका उद्देश्य व्यक्तियों और उद्यमों में साइबर सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने के लिए एक नवोन्‍मेषी गेमिफिकेशन प्लेटफॉर्म विकसित करना है।

एक समारोह के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर किया गया, जिसमें सी-डॉट के सीईओ डॉ. राजकुमार उपाध्याय, जंप्स ऑटोमेशन एलएलपी के प्रौद्योगिकी प्रमुख श्री रोहन चंदक, बोर्ड के सदस्य और सी-डॉट के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

इस महत्वपूर्ण साझेदारी का मुख्य उद्देश्य साइबर सुरक्षा जागरूकता को सुदृढ़ करना, साइबर सुरक्षा तैयारियों को बढ़ाना और पारंपरिक प्रशिक्षण को एक आकर्षक, संवादमूलक और प्रभावी शिक्षण अनुभव में बदलना है। इस प्लेटफॉर्म में गेमिंग एरिना, लीडरबोर्ड, लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम, चर्चा मंच और फिशिंग, सोशल इंजीनियरिंग, मैलवेयर से बचाव और समय सीमा के भीतर संकट प्रबंधन जैसे विषयों पर आधारित वास्तविक सिमुलेशन परिदृश्य शामिल होंगे। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से संगठन साइबर सुरक्षा को और अधिक मजबूत बना सकते हैं।

इस सॉल्‍यूशन में एक सशक्त पुरस्कार और प्रदर्शन ट्रैकिंग प्रणाली के साथ-साथ एक एआई-संचालित व्यवहार विश्लेषण इंजन शामिल होगा जो उपयोगकर्ता के प्रदर्शन का निरंतर मूल्यांकन करेगा, चुनौती की जटिलता को गतिशील रूप से समायोजित करेगा और उभरते साइबर खतरों के साथ सामग्री को अपडेट रखेगा। इसे जंप्स ऑटोमेशन की एआई और स्वचालन विशेषज्ञता एवं सी-डॉट की स्वदेशी दूरसंचार तथा सुरक्षा प्रौद्योगिकी क्षमताओं के संयोजन से बनाया जाएगा।

यह भारत में स्वदेशी प्रौद्योगिकी का उपयोग करके सामाजिक प्रभाव डालने और साइबर सुरक्षा की मजबूत संस्कृति विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह परियोजना नई दिल्ली स्थित सी-डॉट सुविधाओं में संपूर्ण सत्यापन के साथ एक संरचित विकास, परीक्षण और स्वीकृति प्रक्रिया का पालन करेगी। इस प्लेटफॉर्म को भविष्य में उद्यमों के साथ एकीकृत करने के प्रावधानों के साथ एक वाणिज्यिक-स्तरीय एसएएएस सॉल्‍यूशन के रूप में तैनात किए जाने की उम्मीद है।

साइबर सुरक्षा विभाग (सी-डॉट) के सीईओ डॉ. राजकुमार उपाध्याय ने एक प्रभावी साइबर सुरक्षा जागरूकता मंच विकसित करने में इस सहयोग के रणनीतिक महत्व पर प्रकाश डाला और आत्मनिर्भर भारत के विजन के प्रति सी-डॉट की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि इस मंच का उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को साइबर खतरों को प्रभावी ढंग से पहचानने और उनसे निपटने, घटना प्रतिक्रिया क्षमताओं को मजबूत करने और वैश्विक सर्वोत्तम प्रणालियों को अपनाने में सक्षम बनाना है, जिससे देश में साइबर सुरक्षा जागरूकता और लचीलेपन की संस्कृति को मजबूत करने में योगदान मिलेगा।

इस अवसर पर श्री रोहन चंदक ने साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण को संवादमूलक और प्रभावशाली बनाने में प्लेटफॉर्म की परिवर्तनकारी क्षमता को रेखांकित किया, जिसका उद्देश्य व्यवहारिक परिवर्तन लाना और मानव-संबंधित साइबर जोखिमों को कम करना है।

सी-डॉट के बारे में:

टेलीमैटिक्स विकास केंद्र (सी-डॉट) भारत सरकार का प्रमुख दूरसंचार अनुसंधान एवं विकास केंद्र है, जो देश की रणनीतिक और सामाजिक-आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अत्याधुनिक संचार प्रौद्योगिकियों के डिजाइन, विकास और तैनाती से जुड़ा है। सी-डॉट ने उद्योग, शिक्षा जगत, स्टार्टअप और अन्य हितधारकों के साथ साझेदारी के माध्यम से दूरसंचार और संबंधित प्रौद्योगिकियों के विकास को बढ़ावा देने के लिए सी-डॉट सहयोगी अनुसंधान कार्यक्रम (सीसीआरपी) आरंभ किया है। इस सहयोगी अनुसंधान एवं विकास नीति ढांचे के तहत, सी-डॉट अपने नेतृत्व वाली परियोजनाओं की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भारतीय स्टार्टअप, संगठनों, अनुसंधान और शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी आमंत्रित करता है। फंडों के अतिरिक्‍त, सी-डॉट स्वदेशी अनुसंधान और उत्पाद विकास को बढ़ावा देने के लिए एक सूत्रधार, एकीकरणकर्ता और संसाधन प्रदाता के रूप में कार्य करता है।

जंप्स ऑटोमेशन एलएलपी के बारे में:

जंप्स ऑटोमेशन एलएलपी एक प्रौद्योगिकी सॉल्‍यूशन कंपनी है जिसकी एआई, स्वचालन और अनुकूलित उद्यम एआई सॉफ्टवेयर विकास में विशेषज्ञता है। कंपनी जटिल व्यावसायिक और सामाजिक चुनौतियों को हल करने के लिए नवोनमेषी, डेटा-संचालित समाधान प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करती है।

NIFTEM तंजावुर में दो दिवसीय ‘फूड बिजनेस स्टार्टअप प्रोत्साहन कार्यक्रम 2.0’ आयोजन

दिल्ली/सत्ता संदेश

खाद्य व्यवसाय प्रबंधन विभाग ने तंजावुर स्थित राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (एनआईएफटीईएम) में 16 और 17 अप्रैल 2026 को दो दिवसीय खाद्य व्यवसाय स्टार्टअप प्रोत्साहन कार्यक्रम 2.0 का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उद्यम संबंधी क्षमताओं को मजबूत करना और इच्छुक खाद्य उद्यमियों, छात्रों और प्रारंभिक चरण के स्टार्टअप संस्थापकों को संरचित मार्गदर्शन प्रदान करना था।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों के ज्ञान को बढ़ाना और खाद्य व्यवसाय उद्यमिता में उनकी क्षमता का विकास करना था। इसका लक्ष्य आज के प्रतिस्पर्धी और नवाचार-प्रधान बाजार परिवेश में खाद्य उद्यम शुरू करने, प्रबंधित करने और उसका विस्तार करने से जुड़ी प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था। इस पहल का उद्देश्य देश में खाद्य स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध संस्थागत सहायता प्रणालियों, नियामक आवश्यकताओं और वित्तीय सहायता के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

देश भर से कुल 82 प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। इनमें महत्वाकांक्षी उद्यमी, खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में उद्यम स्थापित करने में रुचि रखने वाले व्यक्ति और छात्र शामिल थे। कार्यक्रम ने ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए एक संवादात्मक मंच प्रदान किया, जिससे प्रतिभागियों को खाद्य व्यवसाय इकोसिस्टम की बदलती गतिशीलता को समझने और उभरते अवसरों का पता लगाने में मदद मिली।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित सत्र में खाद्य व्यवसाय, अनुसंधान और उद्योग प्रथाओं में अनुभव रखने वाले विषय विशेषज्ञों और पेशेवरों ने व्याख्यान दिए। कार्यक्रम में खाद्य व्यवसाय विकास के लिए आवश्यक विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल थी, जिसमें पैकेजिंग तकनीक, कॉर्पोरेट कानून, शासन और कराधान, ब्रांडिंग और विपणन रणनीतियां, मूल्य निर्धारण तकनीक तथा निर्यात के अवसर शामिल थे। प्रतिभागियों को उद्यमियों के लिए उपलब्ध संस्थागत सहायता प्रणालियों, इनक्यूबेशन सुविधाओं और प्रौद्योगिकियों से भी अवगत कराया गया।

सत्रों में आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन, इन्वेंट्री नियंत्रण, खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकियों और मशीनरी का चयन जैसे परिचालन और रणनीतिक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। डिजिटल मार्केटिंग, ई-कॉमर्स, ग्राहक जुड़ाव, व्यावसायिक विचार सत्यापन और नए उत्पाद विकास पर भी जोर दिया गया। खाद्य सुरक्षा विनियम, गुणवत्ता आश्वासन प्रणाली, सार्वजनिक नीतियां और खाद्य स्टार्टअप को समर्थन देने वाली अनुदान योजनाओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की गई।

इस कार्यक्रम ने सफल खाद्य व्यवसाय उद्यमों के विकास और उन्हें बनाए रखने के लिए आवश्यक तकनीकी, प्रबंधकीय और नियामक पहलुओं पर व्यापक जानकारी प्रदान की, जिससे प्रतिभागियों को तेजी से बढ़ते खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में उद्यमशीलता के अवसरों का लाभ उठाने के लिए आवश्यक ज्ञान प्राप्त करने का अवसर मिला।

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण, क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ ने माता-पिता से बच्चों के लिए अनिवार्य आधार बायोमेट्रिक अपडेट पूरा करने का आग्रह किया

चंडीगढ़/ सत्ता संदेश

लुधियाना में माता-पिता और अभिभावकों से 5–7 वर्ष आयु वर्ग (MBU-1) और 15–17 वर्ष आयु वर्ग (MBU-2) के बच्चों के आधार के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) को समय पर पूरा करने का कड़ा आग्रह किया गया है। बच्चों के बढ़ने के साथ उनकी बायोमेट्रिक विशेषताएँ जैसे फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैन और चेहरे की तस्वीरें महत्वपूर्ण परिवर्तन से गुजरती हैं, जिससे निर्धारित चरणों पर इन विवरणों को अपडेट करना उनकी आधार रिकॉर्ड की सटीकता, विश्वसनीयता और प्रमाणीकरण क्षमता बनाए रखने के लिए आवश्यक हो जाता है।

निर्धारित समयसीमाओं के भीतर MBU पूरा न करने से प्रमाणीकरण विफलताएँ हो सकती हैं, जो आवश्यक सेवाओं तक पहुँच को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर सकती हैं। अपडेटेड आधार बायोमेट्रिक्स का उपयोग NEET जैसी प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं में, साथ ही स्कूल प्रवेश, छात्रवृत्ति योजनाओं और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं में प्राथमिक पहचान सत्यापन मोड के रूप में तेजी से हो रहा है। इसके अतिरिक्त, आधार-आधारित प्रमाणीकरण बैंकिंग सेवाओं, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) और विभिन्न सरकारी कल्याण योजनाओं के लिए व्यापक रूप से आवश्यक है, जिससे समय पर बायोमेट्रिक अपडेट इन सेवाओं तक निर्बाध पहुँच के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है।

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण वर्तमान में 30 सितंबर 2026 तक 17 वर्ष तक के बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट मुफ्त सुविधा प्रदान कर रहा है, ताकि अधिकतम अनुपालन सुनिश्चित हो। माता-पिता और अभिभावकों को भविष्य में किसी असुविधा से बचने के लिए इस सुविधा का शीघ्र लाभ उठाने की सलाह दी जाती है।

लुधियाना जिले के UDISE आंकड़ों के अनुसार, कुल 9,15,410 छात्रों में से पर्याप्त संख्या के बच्चों को अभी भी बायोमेट्रिक अपडेट पूरे करने हैं। 5–7 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 1,22,596 बच्चों के पास लंबित MBU-1 है, जबकि 15–17 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 1,04,204 बच्चों के पास लंबित MBU-2 है, जो पूर्ण कवरेज सुनिश्चित करने के लिए तत्काल ध्यान और कार्रवाई की आवश्यकता दर्शाता है।

बायोमेट्रिक अपडेट सुविधाजनक रूप से आधार सेवा केंद्रों (ASKs), पंजाब भर के सेवा केंद्रों पर और स्कूलों में आयोजित विशेष आधार अपडेट कैंपों के माध्यम से पूरे किए जा सकते हैं। माता-पिता से प्रोत्साहित किया जाता है कि बच्चे का आधार नंबर और आवश्यकतानुसार प्रासंगिक सहायक दस्तावेज़ साथ लाएँ और निकटतम केंद्र पर जाएँ या स्कूल-आधारित अपडेट अभियानों का उपयोग करें।

अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट का समय पर पूरा होना आधार-सक्षम सेवाओं तक सहज पहुँच, छात्रवृत्तियों और शैक्षिक लाभों के लिए निरंतर पात्रता, परीक्षाओं और प्रवेशों में सुगम भागीदारी, e-KYC के माध्यम से बैंकिंग और वित्तीय लेनदेन में परेशानी-रहित अनुभव सुनिश्चित करता है, और भविष्य में प्रमाणीकरण विफलताओं का जोखिम कम करता है। यह बच्चों की सुरक्षित डिजिटल पहचान को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

सेवा वितरण और पहचान सत्यापन के लिए आधार पर बढ़ती निर्भरता को देखते हुए, निर्धारित आयु विंडो में अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट का पूरा होना आवश्यक है। इसलिए सभी पात्र परिवारों से इस अपडेट को प्राथमिकता देने और सीमित समय के लिए प्रदान की जा रही मुफ्त सेवा का पूर्ण लाभ उठाने का कड़ा आग्रह किया जाता है।

पीएम नरेंद्र मोदी 21 अप्रैल को राजस्थान का दौरा करेंगे

दिल्ली \ सत्ता संदेश

प्रधानमंत्री बलोतरा के पचपदरा में देश के पहले ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोरसायन परिसर का उद्घाटन करेंगे

79,450 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष की क्षमता वाले इस ग्रीनफील्ड रिफाइनरी-सह-पेट्रोरसायन परिसर की स्थापना की गई

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस परिसर में रिफाइनिंग और पेट्रोरसायन उत्पादन होता है

यह परियोजना देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने और पेट्रोरसायन आत्मनिर्भरता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 अप्रैल 2026 को राजस्थान का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री बलोतरा के पचपदरा में सुबह लगभग 11:30 बजे देश के पहले ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोरसायन परिसर को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस अवसर पर वे एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

यह ऐतिहासिक परियोजना देश के ऊर्जा और पेट्रोरसायन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और राजस्थान सरकार के संयुक्त उद्यम के रूप में विकसित 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (एमएमटीपीए) क्षमता वाले इस ग्रीनफील्ड रिफाइनरी-सह-पेट्रोरसायन परिसर की स्थापना 79,450 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से की गई है।

अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त इस परिसर में रिफाइनिंग और पेट्रोरसायन उत्पादन होता है। इसकी पेट्रोरसायन क्षमता 2.4 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष है। इस रिफाइनरी का नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स 17.0 है और पेट्रोरसायन उत्पादन 26 प्रतिशत से अधिक है, जो दक्षता और स्थिरता के वैश्विक मानकों के अनुरूप है।

इस परियोजना से देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, पेट्रोरसायन आत्मनिर्भरता बढ़ाने और औद्योगिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है। यह क्षेत्र में पेट्रोरसायन और प्लास्टिक पार्क के विकास के लिए एक आधार उद्योग के रूप में कार्य करेगी, जिससे संबंधित उद्योगों और सहायक क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त, इस परियोजना से रिफाइनरी रोजगार के महत्वपूर्ण अवसर पैदा होंगे, जिससे क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान मिलेगा।

भारतीय रेलवे के परिवीक्षाधीन अधिकारियों और केंद्रीय इंजीनियरिंग सेवा के सहायक कार्यकारी इंजीनियरों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की

दिल्ली \ सत्ता संदेश

भारतीय रेलवे के परिवीक्षाधीन अधिकारियों (2022 और 2023 बैच) और केंद्रीय इंजीनियरिंग सेवा (सड़क) के सहायक कार्यकारी इंजीनियरों (2021, 2022, 2023 और 2024 बैच) ने आज (20 अप्रैल, 2026) राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की।

राष्ट्रपति ने इन अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे देश के विकास के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर सार्वजनिक सेवा में शामिल हुए हैं। राष्ट्र एक विकसित भारत के निर्माण के सामूहिक संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। भारतीय रेलवे और केंद्रीय इंजीनियरिंग सेवा (सड़क) के युवा अधिकारी होने के नाते, वे ऐसी भूमिकाओं में कदम रख रहे हैं जो लाखों नागरिकों के जीवन को सीधे प्रभावित करती हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनके निर्णय और कार्य नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता पर सीधा और दीर्घकालिक प्रभाव डालेंगे।

राष्ट्रपति ने कहा कि बुनियादी ढांचा ही आधुनिक राष्ट्रों की नींव है। रेल और राजमार्ग केवल परिवहन के साधन नहीं हैं; वे आर्थिक विस्तार, सामाजिक समावेशन और राष्ट्रीय एकता के उपकरण हैं। जब कोई रेल किसी दूरदराज के गांव तक पहुंचती है या कोई राजमार्ग किसी दूरस्थ क्षेत्र से जुड़ता है, तो इससे उन क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास के अपार अवसर खुल जाते हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि मजबूत बुनियादी ढांचा लॉजिस्टिक्स लागत को कम करता है, व्यापार को बढ़ावा देता है, निवेश आकर्षित करता है और उत्पादकता बढ़ाता है। यह क्षेत्रों और लोगों को करीब लाकर राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है। उन्होंने अधिकारियों को याद दिलाया कि केवल आंकड़े ही सफलता का पैमाना नहीं होते। उनके काम की असली कसौटी यह है कि इससे लोगों के जीवन में कितना सुधार होता है।

राष्ट्रपति ने अधिकारियों से सत्यनिष्ठा, जवाबदेही और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता जैसे लोक सेवा के मूल्यों को बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि चुनौतियां और कठिन निर्णय लेने के क्षण अवश्य आएंगे। ऐसे क्षणों में, उनके मूल्य ही उनका मार्गदर्शन करेंगे। राष्ट्रपति ने उन्हें हमेशा जिज्ञासु बने रहने, सीखते रहने और नवाचार को बढ़ावा देने की सलाह दी। श्रीमती मुर्मु ने कहा कि उनके लिए गए निर्णय, उनके निर्धारित मानक और उनका समर्पण अमिट छाप छोड़ेगा। वे केवल प्रशासक ही नहीं, बल्कि प्रगति के सूत्रधार और आम लोगों के भरोसे के संरक्षक भी हैं।

अकाली दल पुनर सुरजीत और अकाली दल “वारिस पंजाब दे” के एकजुट होने से पंजाब फिर खुशहाल होगा: लवली

लुधियाना/ सत्ता संदेश

पंथक सरकार ही पंजाब को दे सकती है महाराजा रणजीत सिंह का खालसा राज

लुधियाना, 19 अप्रैल: अकाली दल पुनर सुरजीत और अकाली दल “वारिस पंजाब दे” के बीच बीते दिन हुई बैठक से पंजाब के लोगों में एक खुशहाल और प्रगतिशील सरकार के 2027 के विधानसभा चुनावों में सत्ता में आने की उम्मीद और मजबूत हुई है। ये शब्द अकाली दल “वारिस पंजाब दे” के वरिष्ठ नेता और पंजाब, पंजाबी तथा पंजाबियत की मजबूती के लिए आवाज उठाने वाले राजीव कुमार लवली ने यहां जारी एक बयान में कहे।

इस मौके पर लवली ने कहा कि मौजूदा शासन में पंजाब नशे, बेरोजगारी, गैंगस्टरवाद और कानून-व्यवस्था की खराब हालत का सामना कर रहा है। इन हालातों से समाज का हर वर्ग, फिर चाहे व्यापारी, किसान, नौकरीपेशा या युवा हो, परेशान है। उन्होंने कहा कि पंजाब, पंजाबी और पंजाबियत की आवाज बुलंद करने में अकाली दल पुनर सुरजीत और अकाली दल “वारिस पंजाब दे” से लोगों को काफी उम्मीदें हैं।

उन्होंने जोर देते हुए, कहा कि प्रदेश के खराब हालातों से तंग लोगों को महाराजा रणजीत सिंह के समय जैसा खालसा राज केवल इन दोनों पार्टियों की 2027 विधानसभा चुनावों में बनने वाली पंथक सरकार ही दे सकती है, जहां हर व्यक्ति को समान अधिकार मिलेगा और पंजाब फिर से विकास की राह पर आगे बढ़ेगा।