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हिमाचल के ‘खूनी मोड़’ पर मौत का तांडव: 100 फीट गहरी खाई में गिरी श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली; कपूरथला के 3 लोगों की मौत, 32 घायल

नेशनल डेस्क: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में शुक्रवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जहाँ पंजाब से आए श्रद्धालुओं की ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर 100 फीट गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में तीन श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बच्चों और महिलाओं समेत 32 अन्य घायल हैं।

हादसे का स्थान और समय: यह दुर्घटना नेशनल हाईवे-503 पर ढलियारा स्थित राधा स्वामी सत्संग घर के पास दोपहर करीब 12:15 बजे हुई। यह स्थान ‘खूनी मोड़’ के नाम से मशहूर है क्योंकि यहाँ अक्सर हादसे होते रहते हैं।

श्रद्धालुओं का सफर: ट्रैक्टर-ट्रॉली (PB07-BR-4762) में सवार पंजाब के कपूरथला के ये श्रद्धालु चिंतपूर्णी मंदिर में दर्शन करने के बाद ज्वालाजी मंदिर जा रहे थे।हादसे की वजह: शुरुआती जानकारी के अनुसार, घुमावदार मोड़ पर ट्रैक्टर की ब्रेक फेल हो गई, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर क्रैश बैरियर तोड़ते हुए नीचे खाई में जा गिरा।

मृतकों की पहचान: इस दर्दनाक हादसे में मंगल सिंह (50), उनके बेटे मनप्रीत सिंह (22) और गुरशरण सिंह की जान चली गई।

रेस्क्यू ऑपरेशन: हादसे के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस ने मिलकर घायलों को खाई से बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल 6 लोगों को टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है, जबकि अन्य का उपचार देहरा अस्पताल में चल रहा है।

नियमों की अनदेखी: मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार ट्रैक्टर-ट्रॉली में यात्रियों को बैठाना गैरकानूनी है, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसका उपयोग करते हैं जो जानलेवा साबित होता है।

देहरा के एसपी मयंक चौधरी ने बताया कि पुलिस टीम राहत कार्य में जुटी है और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए श्रद्धालुओं से ओवरलोडिंग और यातायात नियमों के पालन की अपील की गई है।

वृंदावन में बड़ा हादसा: यमुना में नाव पलटने से पंजाब के 10 श्रद्धालुओं की मौत; एक ही परिवार के 7 सदस्यों ने गंवाई जान

नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश के मथुरा के वृंदावन में यमुना नदी में एक हृदयविदारक घटना घटी है, जहाँ पंजाब के लुधियाना जिले के जगराओं से आए श्रद्धालुओं की नाव पलट गई। इस हादसे में 10 लोगों की डूबने से मौत हो गई है।

हादसे का कारण: शुक्रवार सुबह श्रद्धालु श्री बांके बिहारी मंदिर के दर्शन करने के बाद नाव से यमुना पार कर अन्य मंदिरों की ओर जा रहे थे। यमुना में बने पीपा पुल के हिस्से जलस्तर बढ़ने के कारण बहने लगे थे, जिनसे टकराकर श्रद्धालुओं की नाव पलट गई।

एक ही परिवार में मातम: मृतकों में जगराओं के एक ही परिवार के 7 सदस्य शामिल हैं। इनमें मधुर बहल, उनकी माता कविता बहल, चाचा चरणजीत, चाची पिंकी और अन्य रिश्तेदार शामिल हैं।

नाविक की बड़ी लापरवाही: हादसे में बचे तनिष जैन ने बताया कि नाव में करीब 30 लोग सवार थे। उन्होंने नाविक को पुल के पास नाव रोकने के लिए कहा था, लेकिन उसने अनसुना कर दिया। दो बार टकराने से बचने के बाद तीसरी बार में नाव पुल से टकराकर पलट गई।

सुरक्षा नियमों की अनदेखी: हादसे से पहले का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें श्रद्धालु ‘राधे-राधे’ का जाप करते दिख रहे हैं, लेकिन किसी ने भी लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी।

यात्रा का विवरण: जगराओं के श्री बांके बिहारी क्लब की ओर से 2 बसों में कुल 130 श्रद्धालु 4 दिन की यात्रा पर वृंदावन पहुंचे थे।फिलहाल स्थानीय गोताखोरों की मदद से बचाव कार्य किया गया और लापता लोगों की तलाश की जा रही है।

PUNJAB TOP-10 NEWS, चुटकियों में पढ़े बड़ी दिन भर की खबरें…10-04-2026

पंजाब डेस्क: पंजाब-चंडीगढ़ टॉप 10 खबरें: वृंदावन में पंजाब के 10 पर्यटकों की मौत, AAP मंत्री पर कमीशन के आरोप और कनाडा में पेट्रोल की जगह ‘पानी’। आए चुटकियों में पढ़े दिनभर की अहम 10 खबरें।

1. वृंदावन में बड़ा हादसा: मथुरा के वृंदावन में यमुना नदी में पर्यटकों से भरा एक स्टीमर पीपा पुल से टकराकर पलट गया। इस हादसे में पंजाब के लुधियाना (जगराओं) से घूमने आए 10 पर्यटकों की डूबने से मौत हो गई।

2. AAP मंत्री विवादों में: पंजाब के राजस्व मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां पर एक फैक्ट्री मालिक ने गंभीर आरोप लगाए हैं। मालिक का दावा है कि मंत्री ने ट्रॉली खरीदकर 6 लाख रुपये नहीं दिए और फैक्ट्री में हिस्सेदारी व कमीशन की मांग की।

3. कांगड़ा में ट्रैक्टर हादसा: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में श्रद्धालुओं से भरी एक ट्रैक्टर-ट्राली 100 फीट गहरी खाई में गिर गई। इस हादसे में कपूरथला के 3 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कई घायल हैं।

4. पुलिस की संवेदनहीनता: जालंधर में पुलिस ने नाके पर एक टैक्सी को रोक लिया जिसमें एक गर्भवती महिला गंभीर हालत में अस्पताल जा रही थी। आरोप है कि सीट बेल्ट के विवाद में पुलिस ने उन्हें 1 घंटे तक रोके रखा, जिससे बच्चे की जान खतरे में पड़ गई।

5. CM मान की केंद्र से मुलाकात: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात की। उन्होंने बारिश से फसलों के नुकसान की भरपाई और 9000 करोड़ रुपये के आरडीएफ (RDF) फंड को जारी करने की मांग की।

6. इन्फ्लुएंसर के हत्यारे की गिरफ्तारी: लुधियाना की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कमल कौर भाभी की हत्या के मुख्य आरोपी अमृतपाल सिंह मेहरों को UAE से डिपोर्ट कर भारत लाया गया है। उसने जून 2025 में अपहरण के बाद हत्या की वारदात को अंजाम दिया था।

7. मेजर का तलाक और ‘डांस‘: जालंधर कैंट में तैनात मेजर गौरव अग्निहोत्री ने खुलासा किया कि उन्होंने विज्ञापन देखकर शादी की थी। हाल ही में उनकी पत्नी द्वारा तलाक मिलने के बाद मेरठ में ढोल पर नाचने का वीडियो वायरल हुआ था।

8. चंडीगढ़ में युवती का कंकाल: चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया की झाड़ियों में मिले कंकाल की पहचान 21 वर्षीय आरती के रूप में हुई है, जो फरवरी से लापता थी। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है और एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।

9. सुनंदा शर्मा के फनी वीडियो: पंजाबी सिंगर सुनंदा शर्मा के कुछ मजाकिया वीडियो सामने आए हैं जिनमें वह बस और ऑटो में मस्ती करती दिख रही हैं। उन्होंने अपने पैर पर लगे एक नीले निशान को लेकर भी मजाकिया अंदाज में बात की।

10. कनाडा में पेट्रोल की जगह पानी: कनाडा के ओंटारियो में एक पंजाबी मूल के व्यक्ति का पेट्रोल पंप सील कर दिया गया है। आरोप है कि पंप से पेट्रोल की जगह 50% से ज्यादा पानी भरा गया, जिससे 18 गाड़ियों के इंजन खराब हो गए।

चौकी इंडस्ट्रियल एरिया जीनव नगर में पंजाब होमगार्ड के मुलाज़िम रंजीत सिंह की रिटायरमेंट पर रखा विदाई समारोह

सत्ता सन्देश / संजय भाटिया
लुधियाना, 10 अप्रैल : थाना फोवल प्वाइंट के अधीन आती चौकी इंडस्ट्रियल एरिया (जीवन नगर) में पिछले करीब 4 साल से अपनी डयूटी निभा दे रहे पंजाब होमगार्ड के मुलाज़िम रंजीत सिंह अपनी 38 साल 7 महीने की सर्विस पूरी करके आज सेवामुक्त हुए। इस मौके पर थाना फोकल प्वाइंट के एस.एच.ओ. कुलबीर सिंह , थाना जमालपुर के एस.एच.ओ. दलवीर सिंह, चौकी इंडस्ट्रियल एरिया(जीवन नगर) के इंचार्ज ए.एस.आई. रंजीत सिंह व चौकी के सभी मुलाज़िमों ने विदाई समारोह रखा। इस मौके पर होमगार्ड रंजीत सिंह ने पुलिस प्रशासन का धन्यवाद किया और बताया कि अपनी सर्विस के 38 साल 7 महीने पुलिस डिपार्टमेंट में बड़े ही तन और मन से निभाए हैं । सेवा मुक्त होने पर पुलिस के उच्च अधिकारियों द्वारा सम्मानित किया गया

लुधियाना जिले के पाखोवाल ब्लॉक के जोधन गांव में फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) पर एक किसान जागरूकता और ग्राम स्तरीय उद्यमिता विकास कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य टिकाऊ फसल अवशेष प्रबंधन पद्धतियों को बढ़ावा देना और किसानों को सरकारी सहायता योजनाओं और आधुनिक कृषि प्रौद्योगिकियों के बारे में जागरूक करना था।


कार्यक्रम का आयोजन जीआईजेड इंडिया ने ग्रांट थॉर्नटन भारत के सहयोग से किया और इसे पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग का समर्थन प्राप्त था।
कार्यशाला में प्रगतिशील किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), स्थानीय एग्रीगेटरों, कृषि विशेषज्ञों और सरकारी अधिकारियों ने भाग लिया और धान के पराली के पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन के व्यावहारिक समाधानों पर चर्चा की।

ग्रांट थॉर्नटन भारत के प्रबंधक मनप्रीत सिंह ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए फसल अवशेष जलाने की समस्या से निपटने और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए सरकारी संस्थानों, विकास संगठनों और किसानों के बीच सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला।
अपने उद्घाटन भाषण में, जोधन के कृषि अधिकारी डॉ. प्रेमप्रीत सिंह ने फसल अवशेषों के प्रभावी उपयोग के लिए ग्राम स्तरीय उद्यमिता को मजबूत करने और टिकाऊ मूल्य श्रृंखला विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यशाला के दौरान, आईसीएआर सीआईपीएफईटी के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रणजीत सिंह ने फसल अवशेष प्रबंधन पहलों का अवलोकन प्रस्तुत किया और जलवायु-अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाने के महत्व पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर बोलते हुए, पाखोवाल ब्लॉक की ब्लॉक कृषि अधिकारी श्री गगनदीप कौर ने किसानों को पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा बढ़ावा दी जा रही विभिन्न इन-सीटू और एक्स-सीटू फसल अवशेष प्रबंधन पद्धतियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने हैप्पी सीडर, सुपर एसएमएस, स्ट्रॉ रीपर, मल्चर और रोटावेटर जैसी फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों पर सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी पर प्रकाश डाला, जो किसानों को बिना जलाए फसल अवशेषों का कुशलतापूर्वक प्रबंधन करने में मदद करती हैं।
लुधियाना के मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. गुरदीप सिंह ने भी सभा को संबोधित किया और मृदा स्वास्थ्य की रक्षा, वायु प्रदूषण को कम करने और राज्य में सतत कृषि विकास सुनिश्चित करने के लिए फसल अवशेष प्रबंधन की वैज्ञानिक विधियों को अपनाने के महत्व पर बल दिया।

लुधियाना के कृषि विशेषज्ञों ने टिकाऊ फसल अवशेष प्रबंधन के लिए वैज्ञानिक अंतर्दृष्टि और नवोन्मेषी दृष्टिकोण साझा किए, जबकि हितधारकों और एग्रीगेटरों ने जैव-ऊर्जा संयंत्रों, बायोमास विद्युत संयंत्रों, पैकेजिंग उद्योगों और अन्य मूल्यवर्धित क्षेत्रों में धान के भूसे के उपयोग के अवसरों पर चर्चा की।
कार्यक्रम का समापन एक संवादात्मक चर्चा के साथ हुआ, जिसमें किसानों ने फसल अवशेष प्रबंधन के संबंध में अपने अनुभव, सुझाव और प्रश्न साझा किए। इसके बाद धन्यवाद ज्ञापन और नेटवर्किंग सत्र आयोजित किया गया।
इस प्रकार की पहल पंजाब में किसानों के बीच जागरूकता पैदा करने, संस्थागत सहयोग को मजबूत करने और पर्यावरण के अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

जनगणना-2027 के लिए तीन दिवसीय फील्ड ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन

जनगणना-2027 के अंतर्गत तीन दिवसीय फील्ड ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन जिले में 6 से 9 अप्रैल तक उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना अधिकारी हिमांशु जैन और जिला जनगणना अधिकारी-सह-अतिरिक्त उपायुक्त पूनम सिंह की अध्यक्षता में किया गया।

प्रशिक्षण जिला जनगणना समन्वयक एवं सांख्यिकी अन्वेषक ग्रेड-II आलोक कुमार, विश्व सोम और नियुक्त मास्टर ट्रेनर जसबीर सिंह संधू और उपमा कौल द्वारा दिया गया। दो बैचों में कुल 68 फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षित किया गया (क्रमशः 35 और 33 प्रतिभागी)।

जनगणना-2027 के अंतर्गत जिले में कुल 105 फील्ड ट्रेनर नियुक्त किए गए हैं, जिनमें से 37 फील्ड ट्रेनरों को पहले ही 3 से 5 अप्रैल तक लुधियाना नगर निगम में प्रशिक्षित किया जा चुका है। ये फील्ड ट्रेनर तहसील/प्रभारी स्तर पर पर्यवेक्षकों और गणनाकर्ताओं को आगे प्रशिक्षण देंगे। लुधियाना के भारत नगर चौक स्थित सरकारी बालिका महाविद्यालय में दोनों बैचों का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

प्रशिक्षण सत्रों के दौरान, मास्टर प्रशिक्षकों ने बताया कि यह पहली डिजिटल जनगणना होगी और उन्होंने स्व-गणना की अवधारणा से परिचित कराया, जिसके तहत नागरिक 30 अप्रैल से 14 मई, 2026 तक अपने घर का विवरण स्वयं भर सकते हैं। जनगणना का पहला चरण (घरों की सूची बनाना) 15 मई से 13 जून, 2026 तक चलेगा, जिसके दौरान गणनाकर्ता घरों का दौरा करेंगे और 33 प्रश्नों के माध्यम से जानकारी एकत्र करेंगे।

उपायुक्त और नगर आयुक्त ने सभी नागरिकों से भारत सरकार के इस महत्वपूर्ण कार्य में सक्रिय सहयोग करने की अपील की।

कार्यशाला में उप आर्थिक एवं सांख्यिकी सलाहकार परवीन कुमारी, अन्वेषक मनजीत कौर और सभी फील्ड प्रशिक्षक भी उपस्थित थे।

अकाल युगत भोलाथ बास्केटबॉल लीग

पंजाब बास्केटबॉल एसोसिएशन (पीबीए) द्वारा आयोजित की जा रही “अकाल युगत भोलाथ बास्केटबॉल लीग” के संबंध में आज एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। इस संबंध में एसोसिएशन के महासचिव श्री तेजा सिंह धालीवाल ने बताया कि लीग के लिए खिलाड़ियों के चयन हेतु ट्रायल चल रहे हैं।

उन्होंने बताया कि 12 अप्रैल 2026 को सुबह 10:30 बजे गुरु नानक स्टेडियम, लुधियाना में ट्रायल आयोजित किए जा रहे हैं। इन ट्रायलों से 4 पुरुष और 4 महिला टीमों का चयन किया जाएगा।

उन्होंने आगे जानकारी देते हुए बताया कि पुरुष वर्ग के लिए योग्यता तिथि 01.01.2008 और महिला वर्ग के लिए 01.01.2006 निर्धारित की गई है।
उन्होंने बताया कि लीग का उद्घाटन समारोह 18 अप्रैल 2026 को गुरु नानक स्टेडियम, लुधियाना में आयोजित किया जाएगा, जबकि समापन समारोह 20 जून 2026 को उसी स्थान पर होगा।

इस लीग के सभी मैच राउंड रॉबिन प्रारूप में खेले जाएंगे और फाइनल मैच शीर्ष दो टीमों के बीच होगा।पुरस्कारों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि विजेता टीम को 1,50,000 रुपये, उपविजेता टीम को 1,00,000 रुपये और प्रत्येक मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को 10,000 रुपये दिए जाएंगे।

इसके अलावा, पुरुष वर्ग के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को बुलेट मोटरसाइकिल और महिला वर्ग की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को होंडा एक्टिवा पुरस्कार के रूप में दी जाएगी। उन्होंने बताया कि विजेता टीमों के कोचों को 40,000 रुपये, उपविजेता टीमों के कोचों को 30,000 रुपये और अन्य टीमों के कोचों को 10,000 रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा, सभी खिलाड़ियों को 10,000 रुपये और जलपान की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।

अंत में, श्री तेजा सिंह धालीवाल ने सभी खिलाड़ियों से 12 अप्रैल को होने वाले ट्रायल्स में भाग लेने और इस लीग को सफल बनाने में अपना योगदान देने की अपील की।
गुणवत्ता नवाचार एवं अनुपालन से भारत के फार्मा निर्यात को गति देने पर जोर

फार्मा मॅकटेक एवं लैबनेक्स्ट एक्सपो 2026 से पूर्व उच्चस्तरीय संगोष्ठी आयोजित

चंडीगढ़, 10 अप्रैल 2026 – उद्योग जगत के अग्रणी, सरकारी अधिकारी एवं विभिन्न हितधारक आज होटल शिवालिक व्यू में आयोजित एक उच्चस्तरीय संगोष्ठी में एकत्रित हुए। इस संगोष्ठी का विषय था—
“गुणवत्ता नवाचार एवं अनुपालन के माध्यम से भारत के फार्मास्यूटिकल्स, फार्मा मशीनरी एवं उपकरण निर्यात का विस्तार”।

यह आयोजन आगामी फार्मा मॅकटेक एवं लैबनेक्स्ट एक्सपो 2026 के दूसरे संस्करण के लिए एक महत्वपूर्ण पूर्व कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया गया।

संगोष्ठी की शुरुआत भारत के उच्च मात्रा वाले जेनेरिक उत्पादक से उच्च मूल्य वाले वैश्विक नवाचार केंद्र की ओर परिवर्तन पर सारगर्भित चर्चा के साथ हुई। वर्ष 2030 तक इस क्षेत्र के 50 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचने की संभावना के मद्देनज़र, “विकसित भारत @2047” के तहत भारत को “फार्मा पावरहाउस” बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इस मिशन के अंतर्गत जटिल बायोप्रोसेसिंग उपकरणों एवं उन्नत प्रयोगशाला उपकरणों में आत्मनिर्भरता (आत्मनिर्भर भारत) पर बल दिया गया, साथ ही पारंपरिक विनिर्माण से आगे बढ़ते हुए एआई आधारित ऑटोमेशन एवं सतत विनिर्माण जैसी फार्मा 4.0 तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया गया।
संगोष्ठी में भारत सरकार द्वारा नियामक ढांचे एवं निर्यात प्रोत्साहन पहलों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्य वक्ता के रूप में श्री यश गर्ग, आईएएस, महानिदेशक, आयुक्त, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, हरियाणा ने राज्य सरकार की विभिन्न पहलों पर प्रकाश डालते हुए हरियाणा को फार्मा मशीनरी एवं लैब उपकरण निर्माण एवं निर्यात के लिए एक संभावित केंद्र बताया।

वहीं श्री उत्पल कुमार आचार्य, संयुक्त महानिदेशक (डीजीएफटी, लुधियाना) ने निर्यात को सरल बनाने एवं नवाचार आधारित गुणवत्ता निर्माण को बढ़ावा देने हेतु सरकार की नीतियों पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर ईईपीसी इंडिया द्वारा आगामी फार्मा मॅकटेक एवं लैबनेक्स्ट एक्सपो 2026 पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई तथा एक्सपो का आधिकारिक ब्रोशर भी जारी किया गया।

उद्योग प्रतिनिधियों ने एक्सपो के प्रति गहरी रुचि व्यक्त की तथा वैश्विक मानकों के अनुरूप गुणवत्ता निर्माण समाधान, उभरते नवाचार, ऊर्जा दक्ष तकनीकें, उन्नत डायग्नोस्टिक एवं विश्लेषणात्मक उपकरणों तथा बायोफार्मा अनुसंधान की बदलती आवश्यकताओं के क्षेत्रों में भागीदारी की इच्छा जताई।

साथ ही रिवर्स बायर-सेलर मीट (RBSM) के माध्यम से अमेरिका, यूरोप, पश्चिम एशिया एवं अफ्रीका जैसे उभरते बाजारों के खरीदारों से सीधे संपर्क के अवसरों पर भी चर्चा हुई।

कार्यक्रम में अन्य प्रमुख वक्ताओं में श्री अरुण शुक्ला (ईईपीसी इंडिया), डॉ. प्रदीप मट्टू (पूर्व संयुक्त औषधि आयुक्त), डॉ. गोविंद शंकर पांडे (सीईओ एवं एमडी, गैंप टेक्नोलॉजीज प्रा. लि.) तथा श्री जे. इमाम (सीनियर वाइस प्रेसिडेंट–वर्क्स, अरिस्टो फार्मास्यूटिकल्स प्रा. लि.) शामिल थे।

वक्ताओं ने इस बात पर बल दिया कि सरकारी नियामक सहयोग एवं उद्योग नवाचार के बीच बेहतर समन्वय ही वर्ष 2047 तक भारत के इंजीनियरिंग निर्यात को 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का आधार बनेगा।

यह संगोष्ठी ईईपीसी इंडिया द्वारा आयोजित की गई, जो इंजीनियरिंग क्षेत्र में व्यापार एवं निवेश प्रोत्साहन की प्रमुख संस्था है, जिसे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार का समर्थन प्राप्त है।

उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने सिंधी भाषा में संविधान जारी किया

सिंधी भाषा में संविधान के विमोचन समारोह में उपराष्ट्रपति ने भारतीय भाषाओं में संविधान उपलब्ध कराने के प्रयासों की सराहना कीभाषाएं संस्कृति, परंपरा और पहचान की वाहक हैं” – उपराष्ट्रपति
उपराष्ट्रपति ने कहा, “मातृभाषा में संविधान नागरिकों को सशक्त बनाता है”

उपराष्ट्रपति ने सिंधी भाषा दिवस के अवसर पर सिंधी भाषी समुदाय को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सिंधी सबसे प्राचीन भाषाओं में से एक है और इसकी साहित्यिक परंपरा वेदांतिक दर्शन और सूफी विचारों के अनूठे संगम को दर्शाती है, जो एकता, प्रेम और भाईचारे के सार्वभौमिक मूल्यों को बढ़ावा देती है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद पहली बार सिंधी भाषा में विशेष रूप से देवनागरी लिपि में संविधान का प्रकाशन, भाषाई समावेशिता को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं है, बल्कि राष्ट्र की जीवंत आत्मा है, जो इसकी आकांक्षाओं को समाहित करती है, अधिकारों की रक्षा करती है और लोकतांत्रिक शासन का मार्गदर्शन करती है

उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार द्वारा संविधान को अनेक भारतीय भाषाओं में सुलभ बनाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल नागरिकों और शासन के बीच के अंतर को कम करने में सहायक होती है, क्योंकि इससे लोग संविधान को अपनी मातृभाषा में समझ पाते हैं, जिससे लोकतांत्रिक भागीदारी और विश्वास मजबूत होता है।

उपराष्ट्रपति ने संविधान को बोडो, डोगरी, संथाली, तमिल, गुजराती और नेपाली आदि भाषाओं में उपलब्ध कराने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये प्रयास भारत की भाषाई विविधता का सम्मान करते हैं और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ बनाते हैं।

सिंधी समुदाय की ऐतिहासिक यात्रा का वर्णन करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि विभाजन के बाद के कठिन समय में यह भाषा दृढ़ता और एकता का प्रतीक रही। उन्होंने कहा कि सिंधी भाषा को 1967 में 21वें संवैधानिक संशोधन के माध्यम से संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया था, जिससे इसके सांस्कृतिक महत्व को मान्यता मिली और आने वाली पीढ़ियों के लिए इसका संरक्षण सुनिश्चित हुआ।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि मातृभाषा के साथ-साथ सभी भाषाओं को समान महत्व और सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि भारत की शक्ति उसकी विविधता में निहित है और भाषाएं संस्कृति, परंपरा और पहचान की महत्वपूर्ण वाहक हैं।

उपराष्ट्रपति ने संविधान को क्षेत्रीय भाषाओं में सुलभ बनाने के लिए विधि एवं न्याय मंत्रालय, विशेषकर क्षेत्रीय भाषा अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसी पहल नागरिकों को सशक्त बनाने और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के दृष्टिकोण को मजबूत करने में योगदान देगी।

उपराष्ट्रपति ने विविधता में एकता की भावना और “राष्ट्र प्रथम” के मार्गदर्शक सिद्धांत को दोहराते हुए नागरिकों से अपनी मातृभाषाओं के साथ-साथ राष्ट्र की सामूहिक भाषाई विरासत का सम्मान करने का आग्रह किया।

इस अवसर पर केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल, राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी, लोकसभा सांसद श्री शंकर लालवानी और विधायी विभाग के सचिव डॉ. राजीव मणि सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

कनाडा: पेट्रोल की जगह गाड़ियों में भर दिया ‘पानी’; पंजाबी मूल के मालिक का पंप सील, 18 गाड़ियां हुई खराब

इंटरनेशनल डेस्क: कनाडा के ओंटारियो स्थित एलमवेल (Elmvale) में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक पेट्रोल पंप से तेल भरवाने के बाद कई गाड़ियां रास्ते में ही बंद हो गईं। जांच में पता चला कि पेट्रोल के नाम पर गाड़ियों के टैंक में 50% से ज्यादा पानी भर दिया गया था।

18 गाड़ियां हुई खराब: क्रॉसलैंड्स रोड स्थित ‘एसो’ (Esso) स्टेशन से पेट्रोल भरवाने के तुरंत बाद करीब 18 ग्राहकों की गाड़ियां कुछ ही किलोमीटर चलकर बंद हो गईं। मैकेनिक्स ने जब फ्यूल टैंक खोला तो वह पानी से भरा हुआ था, जिससे इंजन ‘हाइड्रोलिक लॉक’ हो गए।

लाखों का रिपेयर बिल: इस लापरवाही के कारण ग्राहकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। प्रभावित लोगों को 16 हजार से लेकर 4 लाख रुपये तक के रिपेयर बिल का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: शिकायतों के बाद सरकारी संस्था TSSA (टेक्निकल स्टैंडर्ड्स एंड सेफ्टी अथॉरिटी) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्टेशन को सील कर दिया है। जांच में अंडरग्राउंड टैंकों में पानी के रिसाव की पुष्टि हुई है।

पंप मालिक का पक्ष: पंप के मालिक, पंजाबी मूल के सुखविंदर कंधोला का कहना है कि यह सब एक तकनीकी खराबी की वजह से हुआ है। उनका ऑटोमैटिक मॉनिटरिंग सिस्टम पानी के रिसाव का पता लगाने में फेल रहा। उन्होंने ग्राहकों से माफी मांगते हुए इंश्योरेंस के जरिए क्लेम सेटल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

नस्लवाद (Racism) का मुद्दा: यह मामला तब और बढ़ गया जब मालिक ने एक इंटरव्यू में बताया कि उन्हें सोशल मीडिया पर नस्लीय टिप्पणियों और हेट कमेंट्स का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनका मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। हालांकि, नाराज ग्राहकों का कहना है कि असली पीड़ित वे परिवार हैं जिनकी गाड़ियां खराब हुई हैं।