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सोमवार को शेयर बाजार में आ सकता है भारी उछाल! ट्रंप के टैरिफ रद्द होने से निवेशकों की चांदी, गिफ्ट निफ्टी 400 अंक चढ़ा

बिजनेस डेस्क : अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए भारी आयात शुल्क (टैरिफ) को खारिज करने के बाद भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को जोरदार बढ़त की उम्मीद जताई जा रही है,। इस बड़े फैसले का सीधा असर वैश्विक बाजारों पर पड़ा है, जिससे निवेशकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।

गिफ्ट निफ्टी में तूफानी तेजी: शुक्रवार को अमेरिकी कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद गिफ्ट निफ्टी में करीब 400 अंकों की तूफानी तेजी दर्ज की गई। यह इंडेक्स 320 अंक यानी 1.25 प्रतिशत चढ़कर 25,886 के स्तर पर बंद हुआ। गौरतलब है कि गिफ्ट निफ्टी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रेड करता है और भारतीय बाजार खुलने से पहले दलाल स्ट्रीट के माहौल का संकेत देता है।

इन सेक्टरों को होगा बड़ा फायदा: टैरिफ रद्द होने से भारत से अमेरिका को निर्यात करने वाली कंपनियों को बड़ी राहत मिलेगी। बाजार खुलने पर निवेशकों की नजर विशेष रूप से इन सेक्टरों पर रहेगी:

-फार्मा (दवाएं),

-रत्न और आभूषण,

-कपड़ा उद्योग (टेक्सटाइल),

-स्मार्टफोन और समुद्री उत्पाद-

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस फैसले से भारत के लगभग 55 प्रतिशत निर्यात को सीधा फायदा पहुंचेगा।

शुक्रवार की मजबूती ने बनाया आधार : बीते शुक्रवार को भी भारतीय बाजार हरे निशान में बंद हुए थे। सेंसेक्स 316.57 अंक की बढ़त के साथ 82,814.71 पर और निफ्टी 116.90 अंक उछलकर 25,571.25 के स्तर पर बंद हुआ था। जानकारों का मानना है कि शुक्रवार की इस रिकवरी और अमेरिकी कोर्ट के फैसले से सोमवार को बाजार में ‘पैसों की बारिश’ हो सकती है,।(डिस्क्लेमर: यह खबर केवल जानकारी के लिए है। निवेश से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से राय जरूर लें।)

सुप्रीम कोर्ट से ट्रंप को बड़ा झटका: IEEPA के जरिए टैरिफ लगाने पर रोक, जवाब में राष्ट्रपति ने तत्काल लागू किया 10% ग्लोबल टैरिफ

इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट से एक बड़ा कानूनी झटका लगा है, जिसमें कोर्ट ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) का इस्तेमाल कर दूसरे देशों पर टैरिफ लगाने के उनके फैसले पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 से यह फैसला सुनाया कि ट्रंप प्रशासन ने बड़े पैमाने पर इंपोर्ट टैरिफ लगाने के लिए 1977 के इस एक्ट का इस्तेमाल करके अपने कानूनी अधिकार का उल्लंघन किया है। कोर्ट के अनुसार, IEEPA अथॉरिटीज का इस्तेमाल रेवेन्यू जुटाने के लिए नहीं किया जा सकता।

ट्रंप की जवाबी कार्रवाई और 10% ग्लोबल टैरिफ: सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को ट्रंप ने “बहुत बुरा फैसला” करार दिया है। हालांकि, इस कानूनी शिकस्त के तुरंत बाद ट्रंप ने जवाबी कार्रवाई करते हुए 10% ग्लोबल टैरिफ को “तत्काल प्रभाव” से लागू करने की घोषणा कर दी है। इसके लिए उन्होंने 1974 के ट्रेड एक्ट के सेक्शन 122 के तहत एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए हैं, जो उन्हें 150 दिनों के लिए अस्थायी इंपोर्ट सरचार्ज लगाने की अनुमति देता है।

वित्त मंत्री ने दिया वैकल्पिक रास्तों का भरोसा : अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने स्पष्ट किया है कि भले ही IEEPA के इस्तेमाल पर रोक लगी है, लेकिन टैरिफ रेवेन्यू में कोई बदलाव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन अब सेक्शन 232 और सेक्शन 301 जैसी वैकल्पिक कानूनी शक्तियों (Alternative Legal Authorities) का इस्तेमाल करेगा। प्रशासन का अनुमान है कि इन अन्य तरीकों को अपनाने से 2026 में टैरिफ से होने वाली कमाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

क्या है IEEPA कानून? इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) 1977 में बनाया गया एक अमेरिकी संघीय कानून है। यह राष्ट्रपति को ‘नेशनल इमरजेंसी’ के दौरान अंतरराष्ट्रीय आर्थिक लेनदेन को रेगुलेट करने, एसेट्स फ्रीज करने और अमेरिकी सुरक्षा के लिए खतरा माने जाने वाले देशों के साथ व्यापार पर रोक लगाने के व्यापक अधिकार देता है। अब तक अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने इसका इस्तेमाल 77 बार नेशनल इमरजेंसी घोषित करने के लिए किया है।