यूनियन बजट 2026-27: ‘राहत कम और रोडमैप ज़्यादा’; जानें आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा और क्या होगा सस्ता
नई दिल्ली: फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया यूनियन बजट 2026-27 तुरंत मिलने वाले फायदों के बजाय देश के भविष्य की तस्वीर साफ करने वाला ‘रोडमैप’ लगता है। सरकार ने इस बजट में पॉपुलर फैसलों के बजाय लंबे समय की ग्रोथ और स्ट्रक्चरल मजबूती को प्राथमिकता दी है।
आर्थिक स्थिति और फिस्कल डिसिप्लिन: सरकार का दावा है कि उसकी पॉलिसी की वजह से भारत ने 7% से ज़्यादा की इकोनॉमिक ग्रोथ रेट हासिल की है। बजट में फिस्कल डेफिसिट को कंट्रोल में रखने का टारगेट रखा गया है, जिसके मुताबिक FY26 में इसके 4.4% और FY27 में 4.3% रहने का अनुमान है। 16वें फाइनेंस कमीशन की सिफारिशों से राज्यों को करीब 1.4 लाख करोड़ रुपये मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर:
बजट का सबसे मजबूत पिलर: इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर को ग्रोथ का इंजन माना गया है। सरकार ने FY27 के लिए करीब 12.2 लाख करोड़ रुपये के कैपिटल खर्च का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत अगले पांच सालों में 20 नए वॉटरवे, सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और नए फ्रेट कॉरिडोर बनाने का प्लान है।
क्या सस्ता होगा और क्या महंगा?
सस्ता: 17 कैंसर की दवाएं, कुछ मेडिकल डिवाइस, न्यूक्लियर और ग्रीन एनर्जी से जुड़े सामान सस्ते हो सकते हैं क्योंकि इन पर कस्टम ड्यूटी खत्म कर दी गई है या कम कर दी गई है।
महंगा: फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग महंगी होगी क्योंकि इस पर STT बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा, शेयर बायबैक पर टैक्स का बोझ बढ़ेगा।
आम आदमी और टैक्सपेयर्स के लिए इसमें क्या है? बजट में इनकम टैक्स नियमों को आसान बनाने और छोटे टैक्सपेयर्स को कुछ राहत देने की कोशिश की गई है। खास तौर पर, विदेश में पढ़ाई और मेडिकल खर्च पर TCS (टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स) कम किया गया है, जिससे विदेश में पढ़ाई करने जाने वाले स्टूडेंट्स को फायदा होगा।
खेती और रोज़गार: किसानों की इनकम बढ़ाने के लिए AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) बेस्ड सॉल्यूशन लाए गए हैं और नारियल, काजू और कोको जैसी फसलों पर खास ध्यान दिया गया है। रोज़गार बढ़ाने के लिए MSME और टेक्सटाइल सेक्टर के लिए खास फंड की घोषणा की गई है।

