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जापान में भूकंप के तेज झटके: रिक्टर स्केल पर 6.1 रही तीव्रता, दहशत में घरों से बाहर निकले लोग

इंटरनेशनल डेस्क : जापान के उत्तरी हिस्से में सोमवार तड़के भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में हड़कंप मच गया। रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 6.1 मापी गई है। झटके इतने जोरदार थे कि लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए।

समय और स्थान: भूकंप सोमवार सुबह करीब 5:24 बजे (जापान समय) आया। इसका केंद्र उत्तरी जापान में होक्काइडो के छोटे से शहर साराबेत्सु से 18 किलोमीटर पश्चिम में था।

गहराई: अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप जमीन से 81 किलोमीटर की गहराई पर आया था।

प्रभाव: प्रभावित क्षेत्रों में कंपन इतना तीव्र था कि लोगों को खड़े रहने में भी कठिनाई महसूस हुई और कुछ स्थानों पर सामान गिरने की खबरें मिलीं। हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार अभी तक किसी के हताहत होने या किसी बड़े नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।

सुनामी की स्थिति: राहत की बात यह है कि जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने इस भूकंप के बाद सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की है।

पृष्ठभूमि: जापान दुनिया के सबसे संवेदनशील भूकंपीय क्षेत्रों में से एक है। गौरतलब है कि पिछले सोमवार को भी उत्तरी जापान में 7.7 तीव्रता का बड़ा भूकंप आया था, जिसके बाद सुनामी का अलर्ट भी जारी किया गया था। विशेषज्ञ तटीय इलाकों के लिए समय-समय पर ‘मेगाक्वेक’ के जोखिम की चेतावनी देते रहते हैं।

योगी आदित्यनाथ जापान पहुंचे, निवेश आकर्षित करने के लिए करेंगे कई बैठकें

लखनऊ, 25 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जापान की राजधानी तोक्यो पहुंचने पर बुधवार को गर्मजोशी से स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य निवेश लाना और औद्योगिक सहयोग को मजबूत करना है।

आदित्यनाथ का स्वागत यामानाशी प्रीफेक्चर के वाइस गवर्नर जुनिची इशिडेरा और अनिवासी भारतीय सदस्यों ने किया।

भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ लिखा कि जापान में भारत की एम्बेसडर नगमा एम. मलिक ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

यह आदित्यनाथ की जापान की पहली यात्रा है। इससे पहले सिंगापुर यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य का प्रतिनिधिमंड करीब 6000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आकर्षित कर चुकी है।

अधिकारियों ने कहा कि इन यात्राओं का मुख्य उद्देश्य रणनीतिक और आर्थिक रिश्तों को गहरा करने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश को एक पसंदीदा वैश्विक निवेश गंतव्य के तौर पर स्थापित करना है।

राज्य सरकार द्वारा जारी बयान के मुताबिक तोक्यो पहुंचने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने कोनोइक ट्रांसपोर्ट कंपनी लिमिटेड के वरिष्ठ कार्यकारी के साथ बैठक कीं। इसमें वरिष्ठ प्रबंध कार्यकारी अधिकारी शिगेकी तनाबे भी शामिल हुए।

बयान के अनुसार इस बैठक में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में लॉजिस्टिक्स पार्क, गोदाम और ‘मल्टीमोडल ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर’ में कंपनी की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा की।

अधिकारियों ने बताया कि आदित्यनाथ ने कंपनी को ‘डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर नेटवर्क’ और उत्तर प्रदेश में ‘मेडिकल डिवाइस पार्क’ का फायदा उठाकर चिकित्सकीय उपकरण विनिर्माण क्षेत्र में मौके तलाशने का आमंत्रण दिया।

बयान के मुताबिक निर्धारित कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री मित्सुई एंड कंपनी के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स बिजनेस यूनिट के मुख्य परिचालन अधिकारी काजुकी शिमिजु और दूसरे वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ मूलभूत अवसंरचना निर्माण में सहयोग पर चर्चा करने के लिए बेठकें करेंगे।

इसमें कहा गया कि मुख्यमंत्री का मोटर वाहन और इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र में सहयोग की संभावना तलाशने के लिए डेंसो कॉर्पोरेशन के शीर्ष प्रतिनिधियों से भी मिलने का कार्यक्रम भी है।

अधिकारियों ने बताया कि व्यापार एवं निवेश साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए जापान ‘एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन’ के चेयरमैन इशिगुरो नोरिहिको के साथ भी एक बैठक प्रस्तावित है।

अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान मुख्यमंत्री मुख्य भाषण देंगे जिसमें वह राज्य की औद्योगिक नीति एवं मूलभूत ढांचे पर जोर और उत्तर प्रदेश को 1000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य का उल्लेख करेंगे।