ब्रेकिंग न्यूज़
मंगलवार रात 8 बजे तक ईरान की तबाही का समय तय! ट्रंप के दावे से बढ़ा तनाव

इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक नया और कड़ा अल्टीमेटम देते हुए मंगलवार रात 8 बजे तक की समय सीमा तय कर दी है. ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान इस निर्धारित समय तक होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) को फिर से नहीं खोलता है, तो अमेरिका उसके पावर प्लांट और पुलों पर हमला करेगा।

‘पावर प्लांट डे’ की धमकी: ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि मंगलवार को ईरान में ‘पावर प्लांट डे’ और ‘ब्रिज डे’ एक साथ होगा और ऐसा पहले कभी नहीं हुआ होगा. उन्होंने सख्त लहजे में कहा, “होर्मुज स्ट्रेट खोलो, तुम पागलों, वरना तुम नरक में रहोगे”।

तीसरी बार बढ़ी समय सीमा: राष्ट्रपति ने पहले सोमवार तक का समय दिया था, जिसे अब तीसरी बार बढ़ाकर मंगलवार शाम तक कर दिया गया है. ट्रंप का दावा है कि वे फिलहाल ईरान के साथ बातचीत में लगे हुए हैं, लेकिन अगर समझौता नहीं हुआ, तो वे वहां सब कुछ उड़ा देंगे।

ईरान का पलटवार: ट्रंप की धमकियों का जवाब देते हुए ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद-बघर गालिबफ ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति प्रधानमंत्री नेतन्याहू के आदेशों का पालन कर रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि ट्रंप के ये लापरवाह कदम पूरे क्षेत्र को आग में झोंक देंगे और अमेरिका को हर परिवार के लिए जीते-जी नरक बना देंगे।

होर्मुज स्ट्रेट का महत्व: यह दुनिया का सबसे रणनीतिक जलमार्ग है, जहाँ से वैश्विक तेल का पांचवां हिस्सा गुजरता है. फरवरी में हुए हमलों के जवाब में ईरान ने इसे प्रभावी रूप से बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक तनाव चरम पर है।

ईरान-इजरायल युद्ध का 13वां दिन: राष्ट्रपति पेजेशकियन ने शांति के लिए रखीं 3 बड़ी शर्तें, डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा

इंटरनेशनल डेस्क: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए दुनिया के सामने तीन अहम शर्तें रखी हैं। यह युद्ध अब अपने 13वें दिन में प्रवेश कर चुका है और दोनों पक्षों की ओर से भारी गोलाबारी जारी है।

शांति के लिए ईरान की 3 शर्तें: राष्ट्रपति पेजेशकियन ने रूस और पाकिस्तान के नेताओं के साथ चर्चा के बाद सोशल मीडिया (X) पर स्पष्ट किया कि युद्ध तभी रुकेगा जब:

-ईरान के वैध अधिकारों को मान्यता दी जाए।-

हुए नुकसान के लिए मुआवजे का भुगतान किया जाए।

-भविष्य में किसी भी आक्रमण के खिलाफ दृढ़ अंतर्राष्ट्रीय गारंटी दी जाए।

डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल का रुख: दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के सैन्य ठिकानों और एंटी-डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है और अब वहां “कुछ भी नहीं बचा है”।

वहीं, इजरायल ने लेबनान के बेरूत में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं, जिसमें अब तक 600 से अधिक नागरिकों की मौत हो चुकी है। इस तनाव का असर खेलों पर भी पड़ा है और विदेशी खिलाड़ियों के न आने की आशंका से IPL फ्रेंचाइजियों की चिंता बढ़ गई है।

ईरान से युद्ध जल्द समाप्त होने की संभावना, लेकिन तेल आपूर्ति बाधित हुई तो और कठोर हमले करेंगे: ट्रंप

दुबई, 10 मार्च (एपी) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध अल्पकालिक हो सकता है, लेकिन उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर इस्लामी गणराज्य वैश्विक तेल आपूर्ति को बाधित करता है तो लड़ाई और तेज हो सकती है।

ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद उनके पुत्र अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई को उनका उत्तराधिकारी चुना गया। इसके एक दिन बाद ही तेल की कीमतें कुछ समय के लिए 2022 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं।

निवेशकों का मानना है कि यह इस बात का संकेत है कि अमेरिका और इजराइल द्वारा शुरू किए गए युद्ध के 10 दिन बाद ईरान अपनी स्थिति और मजबूत कर रहा है।

हालांकि बाद में कीमतों में थोड़ी नरमी आई, जिसके बाद अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी आई और यह उम्मीद जगी कि संभवत: ईरान के साथ युद्ध ज्यादा समय तक नहीं चलेगा।

ट्रंप ने मियामी के पास अपने गोल्फ क्लब में रिपब्लिकन सांसदों से कहा, ‘‘हम कुछ शैतानी ताकतों को खत्म करने के इरादे से कुछ समय के लिए पश्चिम एशिया में थे और मुझे उम्मीद है कि यह सब जल्द खत्म हो जाएगा।’’

कुछ घंटे बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया: ‘‘अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल के प्रवाह को रोकने वाला कोई भी कदम उठाता है तो अमेरिका उस पर अब तक की तुलना में बीस गुना अधिक जोरदार हमले करेगा।’’

ईरान के सरकारी मीडिया में ट्रंप की टिप्पणियों के प्रकाशन के बाद सीधा जवाब देते हुए अर्द्धसैनिक बल ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ के प्रवक्ता अली मोहम्मद नाइनी ने कहा ‘‘ईरान तय करेगा कि युद्ध कब खत्म करना है।’’

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान युद्ध की शुरुआत में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की विचारधारा उनसे कुछ अलग थी, हालांकि उन्होंने दोनों के बीच मतभेद की बात को सिरे से खारिज कर दिया।

सोमवार को अपने गोल्फ क्लब में उन्होंने पत्रकारों से कहा कि वेंस शायद युद्ध में जाने को लेकर उतने उत्साहित नहीं थे, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इजराइल के साथ मिलकर ईरान पर हवाई हमले शुरू करने का उनका फैसला जरूरी था।

ट्रंप ने कहा, ‘‘मुझे लगा कि यह करना जरूरी था। मुझे नहीं लगता था कि हमारे पास कोई और विकल्प था।’’

इस युद्ध ने विश्व बाजारों में तेल और गैस की प्रमुख आपूर्ति को बाधित कर दिया है और अमेरिका भर में ईंधन की कीमतें बढ़ गई हैं। इस लड़ाई के कारण विदेशी नागरिक व्यापारिक केंद्रों से पलायन कर रहे हैं और लाखों लोग शरण लेने के लिए मजबूर हुए हैं क्योंकि बम हमलों में सैन्य ठिकानों, सरकारी इमारतों, तेल और जल संयंत्रों, होटलों और स्कूल को निशाना बनाया जा रहा है।

ट्रंप ने सोमवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी फोन पर बात की और युद्ध तथा अन्य मुद्दों पर चर्चा की।

पुतिन के विदेश मामलों के सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा कि खाड़ी देशों के नेताओं और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ बातचीत के बाद पुतिन ने संघर्ष के त्वरित राजनीतिक और राजनयिक समाधान के संबंध में कुछ विचार व्यक्त किए।

ईरान के 56 वर्षीय धर्मगुरु खामेनेई इस्लामी गणराज्य के इतिहास में केवल तीसरे सर्वोच्च नेता हैं। उनके अर्द्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड से घनिष्ठ संबंध हैं।

इस बीच ईरान की राजधानी तेहरान में कई विस्फोटों की आवाज सुनी गई, जिसे 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से राजधानी पर सबसे भीषण हवाई हमला माना जा रहा है। ईरानी मीडिया ने नुकसान और हताहतों के बारे में कोई रिपोर्ट नहीं दी।

इजराइल ने सोमवार को कहा कि वह ईरान के इस्फहान शहर के साथ-साथ तेहरान और दक्षिणी ईरान में बड़े पैमाने पर हमले कर रहा है। इजराइली सेना ने कहा कि उसने कई बुनियादी ढांचा स्थलों को निशाना बनाया है, जिनमें रिवोल्यूशनरी गार्ड का ड्रोन मुख्यालय भी शामिल है।