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T20 वर्ल्ड कप: हैरी ब्रूक के तूफानी शतक से इंग्लैंड सेमीफाइनल में, पाकिस्तान को 2 विकेट से दी करारी शिकस्त

स्पोर्ट्स डेस्क : श्रीलंका के पल्लेकेले स्टेडियम में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड इस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई है।

पाकिस्तान की पारी और गेंदबाजी : प्रदर्शन टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान की टीम ने 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 164 रन बनाए। टीम की शुरुआत धीमी रही और सैम अयूब सिर्फ 7 रन बनाकर आउट हो गए। कप्तान सलमान अली आगा भी केवल 5 रन बना सके। बाबर आजम और फखर जमान ने 25-25 रनों की पारियां खेलीं, जबकि शादाब खान ने अंत में 11 गेंदों पर 23 रनों का योगदान दिया। इंग्लैंड की ओर से लियाम डॉसन ने सबसे ज्यादा 3 विकेट झटके, वहीं जेमी ओवरटन और जोफ्रा आर्चर को 2-2 सफलताएं मिलीं।

हैरी ब्रूक का ऐतिहासिक शतक : 165 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत भी खराब रही और टीम ने महज 17 रन पर अपने दो विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद हैरी ब्रूक ने मोर्चा संभाला और मैदान के चारों ओर चौकों-छक्कों की बारिश कर दी।

ब्रूक ने मात्र 51 गेंदों में 10 चौकों और 4 छक्कों की मदद से शानदार 100 रन बनाए। उनका साथ विल जैक्स (28 रन) ने बखूबी निभाया। इंग्लैंड ने इस लक्ष्य को 19.1 ओवर में 8 विकेट खोकर हासिल कर लिया। पाकिस्तान के लिए शाहीन अफरीदी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट लिए, लेकिन वह टीम को हार से नहीं बचा सके।

इंग्लैंड का दबदबा बरकरार : इस जीत के साथ ही इंग्लैंड ने टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ अपना 100% जीत का रिकॉर्ड बरकरार रखा है। अब तक इन दोनों टीमों के बीच वर्ल्ड कप में 4 मुकाबले हुए हैं और चारों में ही इंग्लैंड ने बाजी मारी है।

जालंधर में बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के मॉड्यूल का पर्दाफाश, हथियारों के साथ दो आतंकी गिरफ्तार

पंजाब डेस्क : पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट ने जालंधर में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित संगठन ‘बब्बर खालसा इंटरनेशनल’ (BKI) के एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गिरोह के दो मुख्य सदस्यों को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

कौन हैं गिरफ्तार आरोपी और क्या हुआ बरामद? गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सुखविंदर सिंह उर्फ सन्नी और रावल के रूप में हुई है, जो शहीद भगत सिंह नगर के गांव कुलम के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से एक .32 बोर की पिस्तौल, मैगजीन और 8 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।

विदेशी हैंडलरों के इशारे पर रची साजिश: पंजाब के डीजीपी गौरव यादव के अनुसार, ये दोनों आरोपी विदेशों में बैठे BKI हैंडलरों— गोपी नवांशहरिया, जस्सी कुलम और सुशांत चोपड़ा— के निर्देशों पर काम कर रहे थे। जांच में यह भी सामने आया है कि इन आरोपियों ने जबरन वसूली (Extortion) के मकसद से गढ़शंकर इलाके में एक ट्रैवल एजेंट के घर पर दो बार गोलीबारी की थी।

ऐसे हुई गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई: इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर सीआई जालंधर की टीमों ने जालंधर-अमृतसर हाईवे पर सुरानस्सी के पास लिल्दड़ां अंडरब्रिज पर घेराबंदी कर इन दोनों को दबोच लिया। पुलिस का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां और बड़ी बरामदगी हो सकती है। फिलहाल, अमृतसर के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) में इनके खिलाफ विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

बठिंडा में रूह कंपा देने वाली वारदात: सड़क किनारे सो रहे युवक को चूहों ने बुरी तरह कुतरा, चेहरे और आंखों को बनाया निशाना

पंजाब डेस्क: बठिंडा के पट्टा मार्केट से एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां सड़क किनारे सो रहे एक व्यक्ति को चूहों ने इतनी बुरी तरह कुतर दिया कि उसकी मौत हो गई। चूहों ने मृतक के चेहरे, आंखों और शरीर के अन्य नाजुक हिस्सों को बुरी तरह नोच लिया था।

बीमारी के कारण बेबस था युवक: स्थानीय लोगों और दुकानदारों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक एक मजदूर था जो अक्सर इसी मार्केट में सड़क किनारे सोता था। बताया जा रहा है कि पिछले दो-तीन दिनों से उसकी तबीयत खराब थी। स्थानीय लोगों ने उसे अस्पताल जाने की सलाह भी दी थी और मदद की पेशकश की थी, लेकिन उसने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया था। वह रविवार शाम तक जीवित देखा गया था, लेकिन सोमवार सुबह उसकी लाश क्षत-विक्षत हालत में मिली।

पुलिस और समाज सेवी संस्था की कार्रवाई: घटना की सूचना मिलते ही ‘नौजवान वेलफेयर सोसायटी बठिंडा’ के स्वयंसेवक मौके पर पहुंचे और थाना कोतवाली पुलिस को सूचित किया। पुलिस टीम ने घटनास्थल का जायजा लिया और मानवता की मिसाल पेश करते हुए संस्था के सदस्यों ने शव को सिविल अस्पताल की मोर्चरी में पहुंचाया।

शिनाख्त के लिए पुलिस की अपील: थाना कोतवाली के प्रभारी परविंदर सिंह ने बताया कि मृतक की उम्र लगभग 30 वर्ष के करीब है, लेकिन अभी तक उसकी पहचान नहीं हो सकी है। कानूनी प्रक्रिया के तहत शव को अगले 72 घंटों के लिए मुर्दाघर में रखा गया है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी के पास इस व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी हो, तो वे तुरंत पुलिस से संपर्क करें।

पैठण में गोदावरी का जलस्तर क्या घटा, लोग जलधारा मार्ग पर उमड़ पड़े सोना ढूंढने

छत्रपति संभाजीनगर, 24 फरवरी (भाषा) नदी का जलस्तर कम होना अधिकतर लोगों के लिए सूखे की आशंका होती है लेकिन महाराष्ट्र के पैठण शहर के कई निवासियों के लिए गोदावरी का जलस्तर घटना नदी किनारे जाकर सोना ढूंढने का समय होता है।

छत्रपति संभाजीनगर जिले के इस पवित्र शहर में समीपवर्ती गांवों के लोग सोमवार को छलनी और जाल लेकर गोदावरी नदी के तट पर उमड़ पड़े और जलस्तर कम होने पर बहुमूल्य वस्तुओं की तलाश करने लगे।

गोदावरी नदी एक ऐसा स्थान है जहां शोक संतप्त परिजन अपने प्रियजनों का अंतिम संस्कार करते हैं। इस दौरान वे मृतक से संबंधित आभूषण, सिक्के एवं अन्य बहुमूल्य सामान नदी में प्रवाहित कर देते हैं।

कड़कती धूप के बावजूद बड़ी संख्या में लोग नदी किनारे एकत्र हुए और कमर तक के गहरे पानी में उतरे तथा ‘खजाने’ और कीमती सामानों की तलाश की। इन सामानों को वे नदी से मिले उपहार के रूप में देखते हैं।

पैठण पुलिस थाने के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसे ‘नियमित’ चलन बताया।

उन्होंने कहा, “जब भी नदी का जलस्तर गिरता है लोग छोटे जाल और छलनियां लेकर नदी में पहुंच जाते हैं। वे कीमती सामान की तलाश में नदी तल की गाद को छानते हैं।”

अधिकारी ने बताया कि जब लोगों को कुछ मिलता है तो उनका मानना होता है कि इस पवित्र नदी ने उन्हें कोई मूल्यवान वस्तु प्रदान की है।

रुपया छह पैसे टूटकर 90.95 प्रति डॉलर पर

मुंबई, 24 फरवरी (भाषा) डॉलर की तेजी और कच्चे तेल की मजबूत कीमतों के बीच अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया छह पैसे की गिरावट के साथ 90.95 (अस्थायी) पर बंद हुआ।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि घरेलू शेयर बाजार में तेज गिरावट और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर अनिश्चितताओं ने रुपये पर और दबाव डाला, जबकि विदेशी कोषों का निवेश बढ़ने से कुछ समर्थन मिला।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में, रुपया 90.91 पर खुला और भारतीय रिजर्व बैंक के संभावित दखल के कारण 90.91-90.97 के सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। यह सत्र के आखिर में 90.95 (अस्थायी) पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से छह पैसे की गिरावट है।

सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपया पांच पैसे बढ़कर 90.89 पर बंद हुआ था।

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक, अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘कमज़ोर घरेलू बाज़ारों और कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी, और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उच्चतम न्यायालय के फैसले के बावजूद व्यापार समझौते का सम्मान न करने वाले देशों पर ज़्यादा शुल्क लगाने की धमकी के बाद शुल्क को लेकर अनिश्चितता से रुपये में गिरावट आई।”

हालांकि, उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ने रुपये को 91 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे गिरने से रोकने के लिए शायद डॉलर बेचे होंगे, और कहा कि बुधवार को रुपये की हाजिर कीमत 90.75 रुपये से 91.20 रुपये के बीच रहने की उम्मीद है।

इस बीच, दुनिया की छह प्रतिस्पर्धी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला, डॉलर इंडेक्स 0.16 प्रतिशत बढ़कर 97.86 पर कारोबार कर रहा था।

वैश्विक कच्चा तेल मानक ब्रेंट क्रूड, वायदा कारोबार में 0.27 प्रतिशत बढ़कर 71.68 डॉलर प्रति बैरल हो गया।

घरेलू शेयर बाजार में, बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,068.74 अंक टूटकर 82,225.92 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 288.35 अंक के नुकसान के साथ 25,424.65 पर रहा।

एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक बाजार में शुद्ध लिवाल रहे। उन्होंने सोमवार को 3,483.70 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

डीपफेक सामग्री के लिए एआई के दुरुपयोग का मुद्दा उठाने वाली याचिका पर केंद्र, गुजरात सरकार को नोटिस

 अहमदाबाद, 24 फरवरी (भाषा) गुजरात उच्च न्यायालय ने संवैधानिक अधिकारियों को निशाना बनाने वाली डीपफेक और फर्जी सामग्री तैयार करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के दुरुपयोग से जुड़ी एक जनहित याचिका पर केंद्र और राज्य सरकार को मंगलवार को नोटिस जारी किए।

मुख्य न्यायाधीश सुनीता अग्रवाल और न्यायमूर्ति डीएन रे की खंडपीठ ने गुजरात के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को मामले में जवाब दाखिल करने का भी निर्देश दिया। उसने कहा कि मेटा, गूगल, ‘एक्स’, रेडिट और स्क्रिब्ड जैसे मध्यस्थ मंचों को नोटिस जारी किए जाने से जुड़े मुद्दे पर सरकारों से जवाब मिलने के बाद विचार किया जाएगा।

अधिवक्ता विकास विजय नायर की ओर से दायर जनहित याचिका में संवैधानिक और वैधानिक अधिकारियों के खिलाफ फर्जी तस्वीरें और वीडियो बनाने में एआई का दुरुपयोग रोकने के लिए कानून में सुधार और नियामक दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है।

याचिका में उच्च न्यायालय से अधिकारियों के साथ-साथ तकनीकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों मेटा, गूगल और ‘एक्स’ को भी यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि वे सभी सोशल मीडिया साइट पर किसी भी संवैधानिक प्राधिकारी की एआई से निर्मित तस्वीरों, वीडियो और डिजिटल सामग्री के प्रकाशन, प्रसारण एवं प्रसार पर तत्काल रोक लगाएं।

इसमें इस तरह की सभी सामग्री पर “एआई-जनित डेटा वॉटरमार्क” का इस्तेमाल अनिवार्य करने और ऐसी किसी भी सामग्री को प्रसारित या डिलीट किए जाने पर वास्तविक समय में सख्त प्रतिबंध लगाने का भी आग्रह किया गया है।

याचिका में अधिकारियों से अनुरोध किया गया है कि वे गुजरात के सभी पुलिस थानों और विशेष अपराध इकाइयों के लिए एआई-निर्मित सामग्री को लेकर संयुक्त रूप से मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करें।

इसमें मेटा, गूगल, ‘एक्स’, रेडिट और स्क्रिब्ड जैसे मध्यस्थ मंचों को उचित सावधानी बरतने और सामग्री का वर्गीकरण करने तथा उनके स्रोत का पता लगाने आदि से जुड़े वैधानिक दायित्वों का सख्ती से पालन करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

याचिका में डीपफेक तकनीक के दुरुपयोग को रेखांकित किया गया है, जिसका इस्तेमाल वास्तविक आवाजों, चेहरे के भावों और शारीरिक गतिविधियों की सटीकता के साथ नकल करने वाले वीडियो बनाने के लिए किया जाता है।

इसमें कहा गया है कि जनता को अक्सर वास्तविक और छेड़छाड़ कर तैयार की गई सामग्री के बीच अंतर करने में कठिनाई होती है, जिसके चलते भ्रम पैदा होता है और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचने के साथ ही सार्वजनिक विश्वास में कमी आती है।

राज्य सरकार की ओर से पेश महाधिवक्ता कमल त्रिवेदी ने खंडपीठ को सूचित किया कि इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने दलील दी कि डीपफेक और कृत्रिम रूप से तैयार की गई सामग्री का बड़े पैमाने पर और भयानक दुरुपयोग हुआ है, जिससे व्यापक और अपूरणीय क्षति हुई है।

त्रिवेदी ने इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय रुख का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि कई देशों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डीपफेक के दुरुपयोग पर लगाम लगाने के लिए कड़े कानून लागू किए हैं।

याचिका पर अगली सुनवाई 20 मार्च को होगी।

प्रौद्योगिकी उद्योग का राजस्व चालू वित्त वर्ष में 6.1 प्रतिशत बढ़कर 315 अरब डॉलर रहेगा: नैसकॉम

मुंबई, 24 फरवरी (भाषा) भू-राजनीति तनाव से उत्पन्न अस्थिरताओं और कृत्रिम मेधा (एआई) मंचों के कारण परिदृश्य में आए बदलाव के बावजूद भारतीय प्रौद्योगिकी उद्योग का राजस्व वित्त वर्ष 2025-26 में 6.1 प्रतिशत बढ़कर 315 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के संगठन नैसकॉम ने मंगलवार को यह बात कही।

उद्योग संगठन ने कहा कि क्षेत्र वित्त वर्ष 2025-26 में रोजगार के अवसर उत्पन्न करने में सफल रहा। चालू वित्त वर्ष में 1.35 लाख नई भर्तियों के साथ कुल प्रत्यक्ष कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 59.5 लाख हो जाएगी, जो वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में 58.15 लाख थी।

उद्योग ने वित्त वर्ष 2024-25 में शुद्ध आधार पर 1.33 लाख नौकरियां जोड़ी थीं, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 1.35 लाख होने का अनुमान है। 2,000 की शुद्ध वृद्धि कई वर्षों में सबसे धीमी वृद्धि में से एक है।

नैसकॉम के अध्यक्ष राजेश नांबियार ने कहा कि रोजगार वृद्धि 2.3 प्रतिशत और राजस्व वृद्धि 6.1 प्रतिशत के बीच ‘कोई तालमेल’ नहीं है लेकिन उन्होंने उद्योग के शुद्ध रोजगार सृजक बने रहने पर संतोष व्यक्त किया।

नैसकॉम के अनुसार, प्रौद्योगिकी परिदृश्य में बदलाव के बावजूद उसे उम्मीद है कि आगे भी कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि जारी रहेगी।

संगठन ने कहा कि 59.5 लाख कर्मचारियों में से 20 लाख से अधिक को एआई से अवगत कराया गया है, जिसमें से तीन लाख तक को उन्नत एआई कौशल में प्रशिक्षित किया गया है।

चालू वित्त वर्ष की रणनीतिक समीक्षा में नैसकॉम ने वित्त वर्ष 2025-26 में कुल एआई राजस्व 10-12 अरब अमेरिकी डॉलर रहने का अनुमान लगाया जबकि नांबियार ने कहा कि सभी कंपनियां एआई राजस्व की जानकारी नहीं देती हैं।

समूह ने वित्त वर्ष 2024-25 के राजस्व अनुमान को भी बढ़ाकर 297 अरब डॉलर कर दिया। यह पिछले वर्ष फरवरी में वित्त वर्ष के अंत से पहले की समीक्षा में 282.6 अरब अमेरिकी डॉलर आंका गया था।

वित्त वर्ष 2025-26 में उद्योग-व्यापी रुझानों और राजस्व वृद्धि के कारणों पर नांबियार ने उद्योग के समक्ष पेश हो रहीं चुनौतियों को स्वीकार किया। ‘‘वास्तविकता’’ यह है कि प्रौद्योगिकी पर खर्च बढ़ता जा रहा है, हालांकि अब यह पारंपरिक क्षेत्रों के बजाय नए क्षेत्रों में हो रहा है।

मुख्य आईटी सेवाओं का राजस्व वित्त वर्ष 2025-26 में 149 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 143 अरब अमेरिकी डॉलर था। ‘बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट’ का राजस्व सालाना आधार पर 55 अरब डॉलर से बढ़कर 59 अरब अमेरिकी डॉलर हो जाएगा। सॉफ्टवेयर उत्पादों का राजस्व वित्त वर्ष 2024-25 के 21 अरब डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 23 अरब डॉलर होने की संभावना है।

इंजीनियरिंग, अनुसंधान एवं विकास का राजस्व 59 अरब डॉलर से बढ़कर 63 अरब डॉलर होने का अनुमान है जबकि हार्डवेयर कंपनियों का राजस्व 19 अरब डॉलर से बढ़कर 21 अरब डॉलर हो जाएगा।

नांबियार ने कहा कि पहले अमेरिका या उत्तरी अमेरिका उद्योग को अधिक वृद्धि प्रदान करता था। हालांकि अब एशिया-प्रशांत एवं पश्चिम एशिया क्षेत्रों में तेज वृद्धि दर्ज की गई।

घरेलू बाजार से राजस्व वित्त वर्ष 2025-26 में 7.9 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है जो वैश्विक औसत से कहीं अधिक तेज है।

क्षेत्रवार दृष्टिकोण से, स्वास्थ्य सेवा, यात्रा और परिवहन क्षेत्र तेज वृद्धि दर्ज कर रहे हैं खासकर देश में वैश्विक क्षमता केंद्रों के उभरने के साथ।

अमेरिका में डेमोक्रेटिक सांसदों ने ट्रंप प्रशासन से अरबों डॉलर के शुल्क वापस करने की मांग की

वाशिंगटन, 24 फरवरी (एपी) अमेरिका के उच्च सदन ‘सीनेट’ में डेमोक्रेटिक पार्टी के तीन सांसद सरकार से लगभग 175 अरब अमेरिकी डॉलर के शुल्क की रिफंड (धनराशि वापस करना) प्रक्रिया शुरू करने की मांग कर रहे हैं।

अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि ये शुल्क राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अवैध तरीके से जारी आदेशों के आधार पर लिए गए थे।

ओरेगन प्रांत से सीनेटर रॉन वायडेन, मैसाचुसेट्स से एड मार्की और न्यू हैम्पशायर से जीन शाहीन सोमवार को एक विधेयक पेश करने वाले हैं। इस विधेयक में यह प्रावधान प्रस्तावित है कि अमेरिका के सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा विभाग को 180 दिन के भीतर शुल्क लौटाना होगा और इस राशि पर ब्याज भी देना होगा।

इस विधेयक में यह भी प्रस्ताव है कि रिफंड देने में छोटे व्यवसायों को प्राथमिकता दी जाए और आयातकों, थोक विक्रेताओं और बड़ी कंपनियों को अपने ग्राहकों तक यह रिफंड पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

वायडेन ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति ट्रंप के अवैध शुल्क ने पहले ही अमेरिकी परिवारों, छोटे व्यवसायों और विनिर्माताओं को लंबे समय तक नुकसान पहुंचाया है, जो ट्रंप द्वारा एकाएक लगाए गए शुल्कों से लगातार प्रभावित हुए हैं।’’

उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इस समस्या को दूर करने का “सबसे महत्वपूर्ण व पहला कदम” यह होगा कि छोटे व्यवसायों व विनिर्माताओं को जल्द से जल्द रिफंड दिया जाए।

इस विधेयक के कानून बनने की संभावना कम है, लेकिन यह दर्शाता है कि डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्यों ने ट्रंप प्रशासन पर सार्वजनिक रूप से दबाव बनाना शुरू कर दिया है।

शाहीन ने कहा कि शुल्कों के कारण हुई किसी भी क्षति की पूर्ति तभी हो सकती है जब “राष्ट्रपति ट्रंप अवैध रूप से वसूले गए शुल्क वापस करें, जिन्हें अमेरिकियों को मजबूरन देना पड़ा।”

मार्की ने भी इस बात पर जोर दिया कि छोटे व्यवसायों के पास “नाममात्र संसाधन ही” होते हैं और “रिफंड प्रक्रिया कंपनियों के लिए बेहद कठिन और समय लेने वाली” हो सकती है।

ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि उसके हाथ बंधे हैं, क्योंकि ऐसा कोई भी भुगतान अदालत में चल रही सुनवाई पर असर डाल सकता है।

अमेरिकी उच्चतम न्यायालय की एक पीठ ने पिछले शुक्रवार को छह-तीन के बहुमत से फैसला दिया कि ट्रंप का आपातकालीन शक्तियों के कानून (आईईईपीए, 1977) के तहत दूसरे देशों पर आयात शुल्क लगाने का कदम वैध नहीं था। इस कानून के तहत राष्ट्रपति के पास आयात पर कर लगाने का अधिकार नहीं था।

अमेरिकी सीमा शुल्क एजेंसी ने दिसंबर तक आईईईपीए के तहत जारी शुल्क आदेशों के तहत कुल 133 अरब डॉलर वसूल किए हैं। हालांकि, जानकारों का कहना है कि इस राशि का रिफंड आयातकों को मिल सकता है, लेकिन आम लोगों को यह रिफंड मिलना मुश्किल है, क्योंकि कंपनियों ने बढ़े हुए शुल्क का बोझ कीमत वृद्धि के रूप में उपभोक्ताओं पर डाल दिया था।

लेह जाने वाली स्पाइसजेट की उड़ान इंजन में खराबी के बाद दिल्ली लौटी

नयी दिल्ली, 24 फरवरी (भाषा) लेह जाने वाला स्पाइसजेट का एक विमान इंजन में खराबी के कारण मंगलवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी लौट आया।

एक सूत्र ने बताया कि उड़ान संख्या एसजी121 का संचालन करने वाले बोइंग 737 विमान में लगभग 150 यात्री सवार थे।

संपर्क करने पर स्पाइसजेट के एक प्रवक्ता ने बताया कि मंगलवार को दिल्ली से लेह जाने वाली एक उड़ान तकनीकी खराबी के कारण राजधानी लौट आई।

प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘विमान दिल्ली में सुरक्षित उतरा और सभी यात्रियों को सामान्य रूप से उतारा गया।’’

सूत्र ने बताया कि विमान के इंजन में खराबी आयी थी।

प्रवक्ता के अनुसार, कॉकपिट में आग लगने की कोई चेतावनी नहीं थी।

विधानसभा चुनाव से पहले तमिलनाडु के लिए सीएपीएफ की 50 कंपनियां आवंटित कीं गृह मंत्रालय ने

 चेन्नई, 24 फरवरी (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य में 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले सुरक्षा के एहतियाती उपाय के तौर पर तमिलनाडु को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की शुरुआती 50 कंपनियां आवंटित की हैं।

राज्य की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक ने बताया कि सीएपीएफ की 50 कंपनियों का शुरुआती जत्था 10 मार्च, 2026 को तैनात किया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा मंगलवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया, “तमिलनाडु विधानसभा के चुनावों के संबंध में क्षेत्रीय प्रभुत्व और मतदाताओं का विश्वास बनाए रखने के उपायों के तहत केंद्रीय गृह मंत्रालय ने प्रारंभ में सीएपीएफ की 50 कंपनियों को तमिलनाडु में तैनात करने का निर्णय लिया है”

तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों और पड़ोसी केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के लिए अप्रैल 2026 में चुनाव होने की संभावना है।