नेशनल डेस्क : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आशियाना इलाके से एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसने सबको झकझोर कर रख दिया है। यहाँ एक बेटे ने नीट (NEET) परीक्षा की तैयारी के दबाव और मानसिक तनाव के चलते अपने ही पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी की पहचान अक्षत के रूप में हुई है, जिसने न केवल पिता की जान ली, बल्कि साक्ष्य मिटाने के लिए उनके शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए।
NEET का दबाव और हत्या की वजह: अक्षत लामार्टिनियर से 12वीं पास करने के बाद बीकॉम कर रहा था, लेकिन उसके पिता चाहते थे कि वह डॉक्टर बने। वह दो बार नीट की परीक्षा दे चुका था लेकिन सफल नहीं हुआ था। पिता द्वारा बार-बार तैयारी के लिए बनाए जा रहे दबाव और तानों से अक्षत मानसिक तनाव में था। 20 फरवरी की सुबह इसी बात को लेकर पिता-पुत्र में तीखी बहस हुई और गुस्से में आकर अक्षत ने पिता की ही लाइसेंसी राइफल से उनके सिर में गोली मार दी।
शव के साथ की दरिंदगी और सबूत मिटाने की कोशिश: हत्या के बाद अक्षत ने बेहद शातिर तरीके से सबूत मिटाने की योजना बनाई:शव के टुकड़े: पहले उसने शव को गोमती नदी में फेंकने की सोची, लेकिन वजन अधिक होने के कारण उसने आरी खरीदी और पिता के शव के टुकड़े कर दिए।
ठिकाने लगाना: उसने हाथ-पैर सदरौना में फेंक दिए, जबकि धड़ को एक नीले ड्रम में डालकर उसे सीमेंट से भर दिया।
सबूत जलाना: खून से सने बिस्तर, चादर और तकिए को वह अमौसी ले गया और वहां जला दिया।
बहन को चार दिन तक रखा कैद: घटना के समय अक्षत की 11वीं में पढ़ने वाली छोटी बहन घर में ही सो रही थी। गोली की आवाज सुनकर जब वह बाहर आई, तो अक्षत ने उसे जान से मारने की धमकी दी और चार दिनों तक घर में बंधक बनाकर रखा। वह बच्ची अब भी गहरे सदमे में है और पुलिस उसकी काउंसलिंग करा रही है।
ऐसे खुला राज: इस जघन्य अपराध का खुलासा तब हुआ जब पड़ोसियों को संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस जब घर की तीसरी मंजिल पर पहुंची तो वहां खून के निशान मिले और नीचे एक कमरे में धड़ से भरा नीला ड्रम बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी अक्षत को गिरफ्तार कर लिया है और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।