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आकाशवाणी भवन में बिना अनुमति प्रवेश पर राहुल गांधी-प्रियंका गांधी के खिलाफ FIR, 8 घंटे चला था धरना

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

दिल्ली पुलिस ने इंडिया ब्लॉक के मंगलवार को किए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान आकाशवाणी भवन परिसर में बिना अनुमति प्रवेश करने के मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत अन्य विपक्षी सांसदों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई आकाशवाणी भवन परिसर में बिना अनुमति प्रवेश को लेकर मिली शिकायत के आधार पर की गई है।

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को हटाने और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को समाप्त करने की मांग को लेकर विपक्षी इंडिया ब्लॉक के 19 दलों ने मंगलवार को संसद से निर्वाचन सदन तक मार्च निकाला था। संसद मार्ग पर पुलिस द्वारा मार्च को रोके जाने के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य सांसद आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश कर वहां धरने पर बैठ गए।

प्रदर्शनकारी सांसदों ने कहा कि वे मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात किए बिना धरना समाप्त नहीं करेंगे। करीब 8 घंटे तक चले धरने के बाद रात करीब 8 बजे पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य सांसदों को हिरासत में लेकर किंग्सवे कैंप पहुंचाया।

इसके बाद रात करीब 10 बजे राहुल गांधी समेत सभी हिरासत में लिए गए सांसदों को रिहा कर दिया गया। दिल्ली पुलिस ने अब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर एफआईआर दर्ज की है।

इंडिया ब्लॉक के इस प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग द्वारा SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की आपत्तियां और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग रही। विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR के जरिए मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव किए जा सकते हैं, जबकि चुनाव आयोग और सरकार इस प्रक्रिया को चुनावी सूची को अधिक सटीक बनाने की कवायद बताते हैं।

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस का एक्शन, जंतर-मंतर मामले में 3 FIR दर्ज

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 2 अक्टूबर को दिल्ली समेत कई शहरों में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से जुड़े मामले में तीन FIR दर्ज की हैं। पुलिस के मुताबिक, ये मामले प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर लागू निषेधाज्ञा और पुलिस द्वारा जारी आदेशों के उल्लंघन को लेकर दर्ज किए गए हैं।

दिल्ली पुलिस ने तीनों FIR अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज की हैं। इनमें दो FIR संसद मार्ग थाना और एक FIR कनॉट प्लेस थाने में दर्ज की गई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 समेत अन्य धाराएं लगाई गई हैं। धारा 223 लोक सेवक द्वारा विधिवत जारी आदेश की अवज्ञा से संबंधित है।

प्रदर्शन से पहले नहीं मिली थी अनुमति

2 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया गया था। प्रदर्शनकारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी थी और मध्य दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी। इसके बावजूद राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और अन्य समूहों से जुड़े प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश करते रहे। पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कार्रवाई की।

कई विपक्षी नेता भी हिरासत में लिए गए

प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं सौरभ भारद्वाज, आतिशी और संजीव झा समेत कई विपक्षी नेताओं और छात्र संगठनों से जुड़े लोगों को हिरासत में लिया गया। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था।

प्रदर्शन में AAP के अलावा कांग्रेस से जुड़े संगठनों, वामपंथी दलों, AISA, SFI और अन्य छात्र एवं युवा संगठनों के कार्यकर्ता भी शामिल हुए।

FIR में किसी व्यक्ति या संगठन को नहीं बनाया गया नामजद आरोपी

पुलिस के अनुसार, फिलहाल तीनों FIR में किसी व्यक्ति या संगठन को आरोपी के तौर पर नामजद नहीं किया गया है। हालांकि, FIR की सामग्री में प्रदर्शन के आयोजन और उसमें शामिल संगठनों तथा आयोजकों का उल्लेख किया गया है। पुलिस ने कहा है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है।

FIR में BNS की धारा 223 के साथ अन्य धाराओं का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान लागू आदेशों का उल्लंघन किया गया और लोक सेवकों के काम में बाधा डालने तथा गैरकानूनी तरीके से एकत्र होने से संबंधित प्रावधान भी लागू होते हैं।

दिल्ली से मुंबई तक प्रदर्शन

CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 2 अक्टूबर को दिल्ली के अलावा मुंबई में भी बड़ा प्रदर्शन हुआ। मुंबई के शिवाजी पार्क में हजारों लोगों के जुटने की खबर सामने आई। इन प्रदर्शनों का प्रमुख मुद्दा SIR के तहत मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर विपक्ष तथा अन्य संगठनों की आपत्तियां थीं।

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के नेता गिरफ्तारी का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने SIR और चुनाव प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार तथा निर्वाचन आयोग पर राजनीतिक आरोप लगाए। ये आरोप कांग्रेस और विपक्षी दलों के हैं।

दिल्ली पुलिस अब दर्ज की गई तीनों FIR के आधार पर मामले की जांच कर रही है।