रोपड़-श्री चमकौर साहिब रोड जाम, किसानों का प्रदर्शन; सड़कों पर पशु चराने के खिलाफ मांग
रोपड़-श्री चमकौर साहिब रोड पर किसानों ने प्रदर्शन कर जाम लगाया। किसानों ने सड़कों, पंचायत और वन विभाग की जमीनों पर पशु चराने तथा कथित अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
रोपड़ / सत्ता संदेश
सड़कों और सरकारी जमीनों पर पशु चराने के मुद्दे को लेकर किसानों ने रोपड़-श्री चमकौर साहिब रोड जाम कर प्रदर्शन किया। किसान संगठनों ने प्रशासन से सड़कों, पंचायत की जमीनों और वन विभाग की जमीनों पर पशु चराने पर रोक लगाने की मांग की।
किसान नेताओं के अनुसार, करीब 10 दिन पहले गांव बंदे महल कलां में एक व्यक्ति के साथ कथित मारपीट की घटना हुई थी। आरोप है कि सड़क पर पशु चरा रहे हीर गुज्जर ने उक्त व्यक्ति के साथ मारपीट की। इसके बाद किसान संगठनों ने एकजुट होकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज करवाने की मांग की।
किसान संगठनों का कहना है कि उनका विरोध किसी समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि सड़कों और सरकारी जमीनों पर कथित तौर पर पशु चराने और कब्जे की समस्या को लेकर है।
प्रशासन से कई बार की थी कार्रवाई की मांग
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि उन्होंने प्रशासन को कई बार इस समस्या से अवगत करवाया था। उनका कहना है कि सड़कों तथा पंचायत और वन विभाग की जमीनों पर पशु चराने से आम लोगों और किसानों को परेशानी होती है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
इसी के विरोध में किसानों ने रोपड़-श्री चमकौर साहिब रोड पर धरना लगाकर यातायात रोक दिया।
कैंप खाली करवाने की मांग
प्रदर्शनकारी किसानों ने मांग की कि सड़कों पर पशु चराने की गतिविधि पर रोक लगाई जाए। इसके साथ ही उन्होंने सरकारी जमीनों पर कथित अवैध कब्जे के कारण लगाए गए कैंपों को भी खाली करवाने की मांग की।
किसान नेताओं ने प्रशासन से मामले में जल्द कार्रवाई करने की मांग करते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, उनका विरोध जारी रह सकता है।

