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माछीवाड़ा : शेलर मालिकों का बड़ा ऐलान, पुराने चावल की निकासी तक नया धान उठाने से इनकार

माछीवाड़ा साहिब / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : जसबीर सिंह अलबेला

माछीवाड़ा साहिब में नए धान की सरकारी खरीद शुरू होने से पहले शेलर मालिकों ने अपनी समस्याओं को लेकर बड़ा ऐलान किया है। माछीवाड़ा शेलर एसोसिएशन की बैठक प्रधान अशोक सूद और चेयरमैन हुसन लाल मड़कल की अध्यक्षता में हुई। बैठक में पिछले साल के चावल की निकासी, गोदामों में जगह की कमी और आगामी धान की मिलिंग को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के बाद एसोसिएशन पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक शेलरों में पड़ा पिछले साल का चावल गोदामों में रखने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं कराई जाती, तब तक वे मंडियों से नया धान उठाने से इनकार करेंगे।

प्रधान अशोक सूद और चेयरमैन हुसन लाल मड़कल ने बताया कि पिछले साल का करीब 13 प्रतिशत चावल अभी भी शेलरों में पड़ा हुआ है। गोदामों में पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण चावल की निकासी नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि सामान्य तौर पर धान की मिलिंग मार्च या अधिकतम मई तक पूरी हो जाती है, लेकिन इस बार 30 सितंबर तक भी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके चलते शेलर मालिकों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ बढ़ रहा है।

एसोसिएशन ने हाइब्रिड धान की मिलिंग में टूटे चावल (टोटा) की अधिक मात्रा निकलने का मुद्दा भी उठाया। पदाधिकारियों के अनुसार माछीवाड़ा क्षेत्र में हाइब्रिड धान की बड़े स्तर पर बुवाई हुई है और इसकी मिलिंग के बाद टोटे की मात्रा अधिक निकलती है। ऐसे में सरकार से मौजूदा 10 प्रतिशत टोटे के मानक में छूट देने की मांग की गई है।

शेलर मालिकों ने कहा कि भले ही 1 अक्टूबर से धान की सरकारी खरीद शुरू होने जा रही है, लेकिन यदि पिछले साल के चावल को गोदामों में लगाने की व्यवस्था नहीं की गई तो वे नया धान उठाने में असमर्थ रहेंगे।

वहीं, माछीवाड़ा सच्चा सौदा आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान मोहित कुंदरा ने शेलर मालिकों की मांगों को जायज बताते हुए केंद्र सरकार से जल्द समाधान की अपील की। उन्होंने कहा कि मंडियों में धान की आवक शुरू हो चुकी है और इस बार फसल का उत्पादन भी अच्छा रहने की उम्मीद है। ऐसे में शेलरों की समस्याओं का समय रहते समाधान जरूरी है, ताकि मंडियों में धान की खरीद और उठान व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके।