Rajbir Singh Ghumman CBI Case : पंजाब CM भगवंत मान के OSD राजबीर सिंह घुम्मन ने CBI की FIR और घराचों में छापेमारी को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती देकर जांच पर रोक की मांग की।
पंजाब / सत्ता संदेश
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) राजबीर सिंह घुम्मन ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की ओर से दर्ज FIR और उनके पैतृक निवास पर की गई छापेमारी को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी है। वकील गिन्नीजीत मल्होत्रा के माध्यम से दायर सिविल रिट याचिका में घुम्मन ने CBI की जांच पर तत्काल रोक लगाने और किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा देने की मांग की है।
धारा 17A के तहत मंजूरी नहीं लेने का आरोप
याचिका में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17A का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि CBI ने जांच शुरू करने से पहले आवश्यक पूर्व मंजूरी नहीं ली। याचिकाकर्ता के अनुसार, यदि किसी लोक सेवक के खिलाफ उसकी आधिकारिक भूमिका या निर्णय से जुड़े कथित अपराध की जांच की जानी है, तो कानून के तहत सक्षम प्राधिकारी की पूर्व मंजूरी आवश्यक हो सकती है।
घुम्मन का आरोप है कि इस मामले में पंजाब सरकार से ऐसी मंजूरी प्राप्त नहीं की गई। इसी आधार पर उन्होंने हाईकोर्ट से मांग की है कि वैधानिक मंजूरी मिलने तक CBI की जांच और उससे जुड़ी कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाई जाए।
हाईकोर्ट से की तीन प्रमुख मांगें
OSD राजबीर सिंह घुम्मन ने अपनी याचिका में तीन प्रमुख राहतों की मांग की है। पहली, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17A के तहत आवश्यक मंजूरी मिलने तक FIR और जांच की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाई जाए।
दूसरी, याचिका पर सुनवाई लंबित रहने के दौरान CBI को उनके खिलाफ गिरफ्तारी सहित किसी भी तरह की दबावपूर्ण कार्रवाई करने से रोका जाए।
तीसरी, संगरूर जिले के घराचों गांव में 6 अक्टूबर को की गई तलाशी और जब्ती की कार्रवाई तथा चंडीगढ़ की विशेष अदालत द्वारा जारी सर्च वारंट को गैरकानूनी घोषित कर रद्द किया जाए।
फिलहाल, याचिका में लगाए गए आरोप और मांगी गई राहतें याचिकाकर्ता का पक्ष हैं। हाईकोर्ट की ओर से इस मामले में क्या आदेश दिया जाता है, यह आगे की न्यायिक कार्यवाही पर निर्भर करेगा।
Yogi Government’s Farmer Scheme : CM योगी आदित्यनाथ के अनुसार, यूपी में 2017 से मार्च 2026 तक 80 लाख से अधिक किसानों से 519 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया और ₹1,03,833 करोड़ से अधिक का भुगतान हुआ।
लखनऊ / सत्ता संदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार किसानों को बीज से लेकर बाजार तक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले कर्ज और बिचौलियों की समस्याओं से जूझने वाले किसानों को अब उन्नत बीज, सिंचाई सुविधाओं, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश में लंबे समय से लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा किया गया है। उन्होंने बताया कि देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में उत्तर प्रदेश का योगदान 21 प्रतिशत है, जबकि प्रदेश की कृषि विकास दर 8 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है। योगी आदित्यनाथ ने दुग्ध, गन्ना और गेहूं उत्पादन में भी उत्तर प्रदेश को देश में प्रथम स्थान पर बताया।
Yogi Government’s Farmer Scheme :
धान किसानों को ₹1,03,833 करोड़ से अधिक का भुगतान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि वर्ष 2017 से मार्च 2026 के बीच उत्तर प्रदेश में 80 लाख से अधिक किसानों से 519 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान की खरीद की गई। इसके बदले किसानों को ₹1,03,833 करोड़ से अधिक का सीधा भुगतान किया गया।
उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से इस बार भी धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 71 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। सरकार का उद्देश्य किसानों की मेहनत का सम्मान करना और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाना है।
किसानों की खुशहाली सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने किसान को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की ताकत और समृद्धि का आधार बताया। उन्होंने कहा कि किसानों के अधिकारों की रक्षा करना और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, कृषि क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, सिंचाई परियोजनाओं, सरकारी खरीद और किसान कल्याण योजनाओं के माध्यम से किसानों को लाभ पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
अहमदाबाद में 12 अक्टूबर 2026 को BRICS पारंपरिक और स्वदेशी खेल प्रदर्शन होगा। मनसुख मांडविया उद्घाटन करेंगे, भारत समेत कई देशों के खेल होंगे प्रदर्शित।
अहमदाबाद / गुजरात / सत्ता संदेश
भारत की BRICS अध्यक्षता के तहत 12 अक्टूबर 2026 को गुजरात के अहमदाबाद स्थित वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में BRICS पारंपरिक और स्वदेशी खेल प्रदर्शन 2026 का आयोजन किया जाएगा। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय द्वारा गुजरात सरकार के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देना, सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करना और सदस्य देशों के बीच आपसी सहयोग मजबूत करना है।
कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया करेंगे। इस अवसर पर गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी, केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे तथा गुजरात के खेल राज्य मंत्री डॉ. जयराम गामित भी उपस्थित रहेंगे।
कई देशों के पारंपरिक खेलों का होगा प्रदर्शन
इस आयोजन में BRICS सदस्य और भागीदार देशों के प्रतिनिधिमंडल अपनी पारंपरिक एवं स्वदेशी खेल विधाओं और सांस्कृतिक प्रथाओं का प्रदर्शन करेंगे। यह आयोजन प्रतिस्पर्धा के बजाय सांस्कृतिक आदान-प्रदान, खेल परंपराओं के दस्तावेजीकरण और ज्ञान साझा करने पर केंद्रित रहेगा।
प्रस्तावित खेल प्रदर्शनों में भारत की ओर से मल्लखांब, योगासन और कलरिपयट्टू शामिल हैं। चीन की ओर से वुशु, शेर नृत्य और स्वास्थ्य किगोंग, जबकि रूस की ओर से गोरोडकी और साम्बो का प्रदर्शन किया जाएगा।
इसके अलावा बेलारूस का गोरोडकी, ब्राजील का कैपोएरा और पैरा-जिउ-जित्सु, बोलीविया की पारंपरिक खेल विधाएं, इथियोपिया की कुश्ती और पारंपरिक हॉकी, ईरान की जूरखानेह परंपरा, कजाखस्तान का कजाक कुरेसी, दक्षिण अफ्रीका के कगाती और इंटोंगा तथा संयुक्त अरब अमीरात का अल तब्बा भी प्रस्तावित प्रदर्शनों में शामिल हैं।
BRICS देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग पर जोर
आयोजन के दौरान प्रतिनिधिमंडलों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी प्रस्तावित हैं। इन बैठकों में BRICS ढांचे के भीतर खेल सहयोग मजबूत करने और पारंपरिक एवं स्वदेशी खेलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने के अवसरों पर चर्चा की जाएगी।
इस आयोजन के माध्यम से विभिन्न देशों की समृद्ध खेल विरासत को सामने लाने के साथ-साथ सांस्कृतिक समझ, आपसी संवाद और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। यह मंच पारंपरिक खेलों के संरक्षण और उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल का 94वां आयोजन 11 अक्टूबर को वाराणसी में होगा। नमो घाट से साइकिल यात्रा निकलेगी, मनसुख मांडविया और पदक विजेता खिलाड़ी होंगे शामिल।
नई दिल्ली / वाराणसी / सत्ता संदेश
युवाओं को फिटनेस के प्रति जागरूक करने और नशामुक्त भारत का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ के 94वें आयोजन का आयोजन 11 अक्टूबर 2026 को वाराणसी में किया जाएगा। ‘विकसित भारत के लिए नशामुक्त युवा’ थीम पर आधारित यह साइकिल यात्रा सुबह 6 बजे नमो घाट से शुरू होकर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के दीक्षा मंडप तक पहुंचेगी।
इस आयोजन में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम में युवा, फिटनेस प्रेमी, आम नागरिक और खेल जगत की हस्तियां भी हिस्सा लेंगी। इसका उद्देश्य साइकिलिंग को स्वस्थ, सक्रिय और पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली के रूप में बढ़ावा देना है।
एशियाई खेलों के पदक विजेता भी होंगे शामिल
इस आयोजन में 2026 के आइची-नागोया एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की भागीदारी भी प्रस्तावित है। इनमें प्राची चौधरी, पारुल चौधरी, जय कुमार और भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी राज कुमार पाल शामिल हैं।
प्राची चौधरी ने महिलाओं की 400 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता। पारुल चौधरी ने महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज और 5000 मीटर दौड़ में दो कांस्य पदक हासिल किए। जय कुमार ने मिश्रित 4×400 मीटर रिले में रजत और पुरुषों की 4×400 मीटर रिले में कांस्य पदक जीता, जबकि राज कुमार पाल भारतीय हॉकी टीम के सदस्य के रूप में स्वर्ण पदक विजेता बने।
खिलाड़ियों की भागीदारी से युवाओं को खेल जगत की उपलब्धियों से प्रेरणा लेने का अवसर मिलेगा। उनके अनुभव अनुशासन, नियमित अभ्यास, दृढ़ संकल्प और मेहनत के महत्व को समझने में मदद करेंगे।
Pedal towards fitness and a drug-free future with Sundays on cycle ! Join us for the 94th edition of Fit India movement as we unite for "Nasha Mukt Yuva for Viksit Bharat" for a healthier, drug-free Viksit Bharat.
साइकिल यात्रा के साथ नमो घाट पर योग सत्र, जुम्बा, मनोरंजक खेल और विभिन्न संवादात्मक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों के जरिए लोगों को शारीरिक सक्रियता बढ़ाने और स्वस्थ दिनचर्या अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
आयोजन का मुख्य संदेश है कि फिटनेस को रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाया जाए और युवाओं को नशीले पदार्थों से दूर रहने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इसके लिए परिवारों, शिक्षण संस्थानों, स्थानीय समुदायों और खेल जगत की हस्तियों की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना गया है।
देशभर में चलाया जा रहा है फिटनेस अभियान
फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल का आयोजन युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया, राहगिरी फाउंडेशन और माय भारत के सहयोग से किया जाता है। यह अभियान देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आयोजित किया जाता है।
इसके तहत भारतीय खेल प्राधिकरण के क्षेत्रीय केंद्रों, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों, SAI प्रशिक्षण केंद्रों, खेलो इंडिया राज्य उत्कृष्टता केंद्रों और खेलो इंडिया केंद्रों में भी गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। इसके अलावा देशभर में 6,000 से अधिक नमो फिट इंडिया क्लब हर सप्ताह इस साइकिलिंग पहल में भाग लेते हैं।
वाराणसी में होने वाला 94वां आयोजन फिटनेस, युवा सहभागिता और नशामुक्त समाज के संदेश को आगे बढ़ाने की दिशा में एक सामूहिक पहल होगा।
एक साफ-सुथरे एवं स्वस्थ देश की जिम्मेदारी हजारों सफाई कर्मचारियों के कंधों पर है। ये सफाई कर्मचारी अक्सर कठिन एवं जोखिम भरी परिस्थितियों में काम करते हुए हमें हर दिन आवश्यक सेवाएं प्रदान करते हैं। सार्वजनिक स्वास्थ्य, स्वच्छता और हमारे शहरों व समुदायों के कामकाज में उनका योगदान अमूल्य है।
इसलिए उनकी सुरक्षा, कल्याण और गरिमा सुनिश्चित करना महज एक सामाजिक जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि एक समावेशी और मानवीय समाज के निर्माण का एक जरूरी हिस्सा भी है।
इस जिम्मेदारी को समझते हुए, केन्द्र सरकार ने ‘नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम (नमस्ते)’ और ‘राष्ट्रीय नेशनल सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (एनएसकेएफडीसी) के वित्तीय सहायता कार्यक्रमों के जरिए सफाई कर्मचारियों के जीवन एवं उनकी आजीविका की सुरक्षा के लिए कई व्यापक उपाय किए हैं।
ये उपाय जोखिम भरे शारीरिक तरीकों से हटकर, स्वच्छता के एक ऐसे सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण इकोसिस्टम की दिशा में निर्णायक बदलाव का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो मशीनीकरण, पेशेगत सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कौशल विकास और टिकाऊ आजीविका पर आधारित है।
एक सुरक्षित स्वच्छता इकोसिस्टम का निर्माण
‘नमस्ते’ का मुख्य लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट है: सीवर और सेप्टिक टैंक की जोखिम भरी सफाई को खत्म करना और सफाई कार्यों के दौरान होने वाली मौतों को शून्य तक ले आना। इस योजना का उद्देश्य स्वच्छता से जुड़ी श्रमशक्ति को औपचारिक व्यवस्था से जोड़ना और सफाई कर्मचारियों के लिए सुरक्षा उपकरण, पेशेगत प्रशिक्षण, स्वास्थ्य सेवाएं एवं आजीविका के अवसर सुनिश्चित करना है। यह मशीनों एवं सुरक्षा उपकरणों के उपयोग को भी बढ़ावा देती है ताकि किसी भी कर्मचारी को अनावश्यक रूप से जोखिम भरी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।
इस योजना के तहत 91,000 से अधिक सीवर एवं सेप्टिक टैंक से जुड़े श्रमिकों की जानकारी जुटाई गई है। इनमें से 90,000 से अधिक श्रमिकों की जानकारियों का सत्यापन किया जा चुका है। जहां 87,000 से अधिक श्रमिकों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट प्रदान की गई हैं, वहीं लगभग 77,000 श्रमिकों को स्वास्थ्य-बीमा योजना के दायरे में लाया गया है।
जानकारी जुटाने एवं उनके सत्यापन की यह प्रक्रिया इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे श्रमिकों को औपचारिक मान्यता मिलती है और एक ऐसा रास्ता तैयार होता है जिसके माध्यम से वे सरकारी कल्याणकारी व सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। साथ ही, इससे कार्यान्वयन एजेंसियों को उनकी जरूरतों को समझने और पेशेगत सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा, प्रशिक्षण एवं आजीविका के मामले में उचित कदम उठाने में मदद मिलती है।
संस्थागत तैयारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। बड़ी नगर पालिकाओं और जिलों में स्थापित स्वच्छता से संबंधित आपातकालीन प्रतिक्रिया इकाइयों (ईआरएसयू) को 750 से अधिक सुरक्षा उपकरण भेजे गए हैं। ये इकाइयां आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था को मजबूत करती हैं और सीवर व सेप्टिक-टैंक की सफाई के काम को सुरक्षित एवं मशीनों के जरिए करने में मदद करती हैं।
जागरूकता और व्यवहारगत बदलाव भी एक अहम पहलू है। देश भर में सीवर और सेप्टिक टैंक की जोखिम भरी सफाई को रोकने हेतु 1,600 से अधिक कार्यशालाएं आयोजित की गई हैं। इन कार्यशालाओं में सफाई के असुरक्षित तरीकों से जुड़े खतरों के बारे में बताने और मशीनों से सुरक्षित सफाई के महत्व पर जोर देने के उद्देश्य से कर्मचारियों, अधिकारियों तथा अन्य हितधारकों को एकजुट किया गया है।
मशीनीकरण: जोखिम भरे श्रम से सुरक्षित उद्यम तक
स्वच्छता संबंधी कार्यों के रूपांतरण में मशीनीकरण की अहम भूमिका है। जब तकनीक़ से इन कार्यों को सुरक्षित रूप से किया जा सकता है, तो किसी भी कर्मचारी को सीवर या सेप्टिक टैंक में स्वयं उतरने की जरूरत क्यों हो।
इसलिए, केन्द्र सरकार सफाई कर्मचारियों को सफाई से जुड़ी मशीनों एवं वाहनों का मालिक तथा संचालक बनने में मदद करने हेतु वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। लगभग 1,000 सफाई कर्मचारियों को 370 से अधिक सफाई के वाहन खरीदने हेतु लगभग 35 करोड़ रुपये की अग्रिम पूंजीगत सब्सिडी जारी की गई है।
यह सहायता महज उपकरण प्रदान करने से कहीं बढ़कर है। यह कर्मचारियों को जोखिम भरे काम से हटाकर मशीनीकृत सफाई सेवाओं, उद्यमिता और टिकाऊ आय अर्जित करने की दिशा में बढ़ने में मदद कर रही है।
इसका व्यापक उद्देश्य सफाई कर्मचारियों को महज कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि कुशल पेशेवरों, सेवा प्रदाताओं और उद्यमियों के रूप में मान्यता दिलाना है। सफाई के वाहनों एवं उपकरणों के मालिक बनने से जहां कार्यस्थल पर सुरक्षा बेहतर हो सकती है, वहीं व्यापक वित्तीय आजादी और दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा के अवसर भी सृजित हो सकते हैं।
मात्र सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि व्यक्तियों और परिवारों के लिए सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण आजीविका बनाने के साधन तैयार करना: यही सशक्तिकरण का मूलमंत्र है।
कचरा बीनने वालों तक कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार
स्वच्छता और साफ-सफाई के कार्यों का दायरा सिर्फ सीवरों एवं सेप्टिक टैंकों की सफाई तक ही सीमित नहीं है। कचरे को एकत्रित करके, उसे छांटकर और उसकी पुनर्प्राप्ति व पुनर्चक्रण में मदद करके, कचरा बीनने वाले भी एक बेहद जरूरी जन-सेवा करते हैं। फिर भी, उनमें से कई लोगों ने लंबे समय से बिना किसी उचित पहचान, पेशेगत सुरक्षा या सामाजिक सुरक्षा के ही काम किया है।
उनके योगदानों को देखते हुए, सरकार ने 2024 में ‘नमस्ते’ योजना का विस्तार किया और इसमें ठोस कचरा प्रबंधन में संलग्न कचरा बीनने वालों को भी शामिल किया। इस कदम का उद्देश्य जानकारी जुटाने (प्रोफाइलिंग), पेशेगत सुरक्षा के उपायों, स्वास्थ्य सेवा, कौशल विकास और आजीविका में मदद के जरिए कचरा बीनने वालों को सुरक्षित, गरिमापूर्ण और टिकाऊ आजीविका उपलब्ध कराना है।
इस विस्तारित घटक के तहत, 3.80 लाख से अधिक कचरा बीनने वालों के बारे में जानकारियां जुटाई गई हैं। इनमें से लगभग 2.60 लाख लोगों का सत्यापन ई-केवाईसी के जरिए किया गया है। जहां 1.30 लाख से अधिक कचरा बीनने वालों को पीपीई किट प्राप्त हुई हैं, वहीं 1.20 लाख से अधिक लोगों के डेटा को आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए प्रोसेस किया गया है।
‘नमस्ते’ योजना के तहत कचरा बीनने वालों को शामिल करना, चक्रीय अर्थव्यवस्था और ठोस कचरे के प्रबंधन में उनके योगदानों को मान्यता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे उन्हें पहचान से संबंधित दस्तावेज, पेशेगत सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने में मदद मिल रही है। साथ ही, उनके लिए टिकाऊ आजीविका के रास्ते भी खुल रहे हैं।
एनएसकेएफडीसी के जरिए आर्थिक सशक्तिकरण
सुरक्षा और गरिमा के साथ-साथ आर्थिक सशक्तिकरण भी जरूरी है। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (एनएसकेएफडीसी) इस दिशा में अहम भूमिका निभा रहा है। यह संस्था आय सृजन वाली गतिविधियों, उद्यमिता, कौशल विकास और सफाई से जुड़े वाहनों व उपकरणों को खरीदने के लिए रियायती दरों पर वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। एनएसकेएफडीसी, भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के तहत कार्यरत एक उपक्रम है।
वर्ष 2014-15 और 2025-26 के बीच, एनएसकेएफडीसी ने 2,383 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता जारी की, जिससे देश भर में 3.42 लाख से अधिक लोगों को लाभ हुआ।
इस सहायता के दायरे के बारे में पता वर्ष-दर-वर्ष के आधार पर होने वाले इसके विस्तार से चलता है। वर्ष 2014–15 में 19,000 से अधिक लाभार्थियों को 134 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान की गई थी, जो 2025–26 में बढ़कर 223 करोड़ रुपये से अधिक हो गई और इससे लगभग 29,000 लोगों को लाभ हुआ।
इन आंकड़ों की तह में ऐसे लोग और परिवार हैं जो बेहतर आर्थिक सुरक्षा की दिशा में बढ़ना चाहते हैं। रियायती दरों पर ऋण, पूंजीगत सब्सिडी और आजीविका में मदद देकर, एनएसकेएफडीसी लाभार्थियों को उत्पादक परिसंपत्तियां हासिल करने, अपना उद्यम स्थापित करने और आय के स्थायी स्रोत बनाने में मदद कर रहा है।
आर्थिक सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा का एक ज़रूरी पूरक है। यह परिवारों को भविष्य की योजना बनाने, शिक्षा में निवेश करने और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की बेहतर क्षमता विकसित करने में समर्थ बनाता है।
सफाई कर्मचारियों के योगदानों को मान्यता
सम्मान और मान्यता उतनी ही महत्वपूर्ण हैं, जितनी कि वित्तीय और संस्थागत सहायता।
अपनी तरह के एक अहम आयोजन में, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (एनसीएसके) ने 23 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में अपना 33वां स्थापना दिवस मनाया। इस कार्यक्रम में 900 से अधिक सफाई कर्मचारियों के साथ-साथ केन्द्र तथा राज्य सरकारों व केन्द्र-शासित प्रदेशों के प्रशासन, शहरी स्थानीय निकायों, सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों, नागरिक समाज के संगठनों और अन्य हितधारकों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
इस अवसर पर, 250 सफाई कर्मचारियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। एनसीएसके का 2026 का वार्षिक कैलेंडर भी जारी किया गया। साथ ही, एनसीएसके की मिस्ड-कॉल सुविधा (80 4735 9520) भी शुरू की गई ताकि संबंधित लोग अपनी शिकायतों और बातों को दर्ज करा सकें।
ऐसी पहलें इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि गरिमा को सिर्फ वित्तीय सहायता से नहीं मापा जा सकता। यह इस बात से भी झलकता है कि समाज जरूरी सार्वजनिक सेवाएं प्रदान करने वाले लोगों को कितनी मान्यता देता है, उनका कितना सम्मान करता है और उनकी बातें कितनी सुनता है।
सफाईमित्र सुरक्षा एवं सम्मान
हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में हाइब्रिड मोड में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के ‘सफाईमित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर’ में देश भर से 3,800 से अधिक शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी), ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी) और संबंधित विभागों की भागीदारी, हमारे सफाईमित्रों के सम्मान, गरिमा और महत्व को बनाए रखने की हमारी प्रतिबद्धता का हिस्सा है।
इस राष्ट्रीय शिविर के दौरान, लाभार्थियों ने कुल 2,24,521 ‘नमस्ते’ कार्ड डाउनलोड किए। जबकि, स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक सुरक्षा लाभों तक पहुंच आसान बनाने हेतु 57,967 आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए।
इस शिविर में विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत 1,53,253 पंजीकरण भी किए गए ताकि लाभार्थियों को कल्याणकारी एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल सके। पेशेगत सुरक्षा को बेहतर बनाने की कोशिश के तहत, इसमें शामिल जगहों पर सफ़ाई मित्रों को 1.28 लाख से अधिक व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट वितरित किए गए।
सुरक्षा से अवसर की ओर
इसलिए, सफाई कर्मचारियों के कल्याण के प्रति सरकार का दृष्टिकोण व्यापक है।
प्रोफाइलिंग से मान्यता हासिल होती है और लक्षित उपायों के लिए आधार बनता है। पीपीई और सुरक्षा उपकरण काम से जुड़े जोखिमों को कम करने में मदद करते हैं। स्वास्थ्य सेवा संबंधी कवरेज सामाजिक सुरक्षा का एक अहम जरिया है। मशीनीकरण से जोखिम भरे शारीरिक तरीकों पर निर्भरता कम होती है। कौशल विकास और वित्तीय सहायता से स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर सृजित होते हैं।
ये सभी उपाय मिलकर सफाई के काम के स्वरूप को ही बदलने का प्रयास कर रहे हैं।
लक्ष्य महज जोखिम भरे कार्य को थोड़ा सुरक्षित बनाना भर नहीं है। लक्ष्य जोखिम भरे तरीकों को खत्म करना, मशीनी एवं कुशल सफाई सेवाओं को बढ़ावा देना और गरिमापूर्ण आजीविका के रास्ते बनाना है।
सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण भविष्य का संकल्प
सफाई के काम में आमूल बदलाव का अंतिम उद्देश्य लोगों का कल्याण है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हमारे समाज को साफ-सुथरा रखने के क्रम में किसी भी सफाई कर्मचारी को अपनी जान जोखिम में न डालनी पड़े। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा, सामाजिक सुरक्षा, कामकाज की सुरक्षित परिस्थितियों और आर्थिक अवसरों को सुलभ कराना भी है। सबसे बढ़कर, इसका उद्देश्य उन सभी लोगों की गरिमा को मान्यता देना है जो हमारे देश की सफाई और भलाई में योगदान देते हैं।
‘नमस्ते’ और एनएसकेएफडीसी के वित्त-पोषण एवं आजीविका संबंधी कार्यक्रम इस बदलाव में महत्वपूर्ण साधन हैं। ये साधन सुरक्षा को सामाजिक सुरक्षा के साथ, मशीनीकरण को उद्यमिता के साथ और कल्याण को सशक्तिकरण के साथ जोड़ते हैं।
अब जबकि भारत एक साफ-सुथरे, स्वस्थ और समावेशी भविष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है, हमारा संकल्प अटूट रहना चाहिए: जो लोग हमारे देश को साफ रखते हैं, वे खुद भी सुरक्षा, गरिमा, संरक्षा और अवसरों से परिपूर्ण हों और अपना दायित्व सहजता से निभा पाएं।
(लेखक केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री हैं)
टांडा उड़मुड़ में संगत सिंह गिलजियां की अगुवाई में कांग्रेस ने लोकतंत्र के लिए काला दिवस मनाया। कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकाला और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए पुतला जलाया।
टांडा उड़मुड़ / सत्ता संदेश
टांडा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र के लिए काला दिवस मनाते हुए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं कांग्रेस नेता संगत सिंह गिलजियां के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की और उनका पुतला जलाकर रोष जताया।
प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस कार्यकर्ता पहले ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय में एकत्र हुए। इसके बाद उन्होंने शहर के विभिन्न रास्तों से होते हुए सरकारी अस्पताल चौक तक विरोध मार्च निकाला। यहां कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका।
चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
इस मौके पर संगत सिंह गिलजियां ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद चुनाव प्रणाली जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक योग्य नागरिक को बिना किसी भेदभाव के मतदान करने का अधिकार मिलना चाहिए और इस अधिकार की रक्षा करना चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है।
गिलजियां ने कहा कि मतदाता सूची में संशोधन एक जरूरी प्रक्रिया है, लेकिन इसमें पूरी पारदर्शिता और सावधानी बरती जानी चाहिए। यदि किसी योग्य मतदाता का नाम गलत तरीके से सूची से हटाया जाता है, तो उसके लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार केंद्र की मोदी सरकार के पक्ष में काम कर रहे हैं और इससे संवैधानिक पद की गरिमा प्रभावित हुई है। उन्होंने मांग की कि चुनाव प्रक्रिया में जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं और मुख्य चुनाव आयुक्त अपने पद से इस्तीफा दें।
कांग्रेस नेताओं ने संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों का मुद्दा उठाया
पूर्व मंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी संविधान, लोकतंत्र और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाती रही है। उन्होंने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और संविधान की मूल भावना की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही है।
गिलजियां ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने और विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेने तथा उनके खिलाफ मामले दर्ज किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों के प्रति लोगों को जागरूक करने की अपील की।
ये नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस विरोध प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष एडवोकेट दलजीत सिंह गिलजियां, गुरसेवक मार्शल, अवतार सिंह तारी, जतिंदरपाल सिंह झवर, बॉबी बुद्धिपिंड, लब्बा जहूरा, विजय पाल, परविंदर सहबाजपुर, बब्बी, रिंकू जाजा, मास्टर मलकीत सिंह, राकेश बिट्टू, राजेश लाडी, डिंपी खोसला, सुंदरी खोसला, डॉ. बलदेव राज, नंबरदार जगजीवन जग्गी, देस राज डोगरा विक्की, मस्तू, मनजीत सिंह सैनी, गोल्डी, प्रदीप कुमार, सिकंदर कुमार, रविंदरपाल सिंह गोरा, कुलदीप सिंह देहरीवाल, आशु वैद, हरप्रीत सिंह, जतिंदर सिंह, जसविंदर सिंह, रोहित, लकी सैनी, बिल्लू सैनी, कृष्ण बिट्टू, जसविंदर काका, सूबेदार नरिंदर सिंह, रणजीत कुमार नीटा और अनिल पिंका सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
डेरा बाबा नानक के गांव सरफकोट में अकाली दल वारिस पंजाब की पहली बैठक हुई। भाई सुखविंदर सिंह अगवान के नेतृत्व में नेताओं ने संगठन विस्तार और 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की।
डेरा बाबा नानक / पंजाब / सत्ता संदेश
रिपोर्ट: लवप्रीत सिंह खुशीपुर
अकाली दल वारिस पंजाब संगठन की पहली बैठक हलका डेरा बाबा नानक के गांव सरफकोट में आयोजित की गई। वरिष्ठ नेता भाई सुखविंदर सिंह अगवान के नेतृत्व में हुई इस बैठक में माझा क्षेत्र के कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। बैठक के दौरान संगठन की गतिविधियों को मजबूत करने और आगामी 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा की गई।
बैठक में माझा जोन के अध्यक्ष भाई अमरजीत सिंह वनचारी, स्वर्ण सिंह गोल्डन, बटाला के जिला अध्यक्ष मनजिंदर सिंह बल, हलका फतेहगढ़ चूड़ियां से भाई युवराज सिंह लाले नंगल, हलका डेरा बाबा नानक से भाई शमशेर सिंह घुम्मन और गुरजिंदर सिंह पड्डा विशेष रूप से मौजूद रहे।
इस दौरान विभिन्न वक्ताओं ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन के अध्यक्ष और सांसद भाई अमृतपाल सिंह के विचारों से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में युवा संगठन से जुड़ रहे हैं। वक्ताओं ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।
नेताओं ने कहा कि हलका डेरा बाबा नानक में यह संगठन की पहली बैठक है। आने वाले दिनों में क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में भी बैठकें आयोजित की जाएंगी, ताकि संगठन का विस्तार किया जा सके और लोगों तक अपनी विचारधारा पहुंचाई जा सके।
बैठक के दौरान नेताओं ने दावा किया कि 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए संगठन की ओर से राज्य में करीब 40 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए जा चुके हैं। बाकी उम्मीदवारों के नाम भी जल्द घोषित करने की बात कही गई।
बैठक में संगठन की आगामी रणनीति, गांव स्तर पर संपर्क अभियान और चुनावी तैयारियों को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।
रूप कौर संधू श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय पहुंचीं, जहां उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अपनी पिटीशन सौंपी। इस दौरान उन्होंने सचिवालय के मीडिया सलाहकार से भी मुलाकात की और अपना पक्ष रखा।
रूप कौर संधू ने कहा कि वह मामले से जुड़े सभी दस्तावेज और सबूत स्वयं श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को सौंपना चाहती हैं।
हालांकि, जिस महिला का जिक्र रूप कौर संधू पहले कर रही थीं, वह इस बार उनके साथ सचिवालय नहीं पहुंचीं। मीडिया की ओर से इस संबंध में सवाल पूछे जाने पर रूप कौर संधू ने बताया कि कुछ कारणों के चलते वह महिला को आज अपने साथ नहीं ला सकीं।
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में वह संबंधित महिला के साथ श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के सामने पेश होंगी और मामले से जुड़े सबूत भी प्रस्तुत करेंगी।
इस मामले में आगे की कार्रवाई और रूप कौर संधू की ओर से पेश किए जाने वाले दस्तावेजों पर सबकी नजर रहेगी।
कांग्रेस नेता संजय दत्त ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के इस्तीफे और दोबारा चुनाव की मांग की। राव नरेंद्र ने भी कथित वोट चोरी, लोकतंत्र और चुनाव आयोग को लेकर सवाल उठाए।
हरियाणा / सत्ता संदेश
चुनाव और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं ने भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता संजय दत्त ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के इस्तीफे की मांग करते हुए हरियाणा में दोबारा चुनाव करवाने की चुनौती दी। वहीं, राव नरेंद्र ने लोकतंत्र, संविधान और विपक्ष की भूमिका को लेकर सवाल उठाए।
संजय दत्त ने आरोप लगाया कि हरियाणा विधानसभा चुनाव में जनादेश चुराया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को इस्तीफा देना चाहिए और राज्य में दोबारा चुनाव करवाए जाने चाहिए। उनके मुताबिक, दोबारा चुनाव होने पर दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
संजय दत्त ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी सवाल उठाए और उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के फैसलों की समीक्षा होनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर लोगों के भरोसे का मुद्दा उठाते हुए बैलेट पेपर से चुनाव करवाने की मांग की।
दूसरी ओर, राव नरेंद्र ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लंबे समय से चुनाव प्रक्रिया और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र और संविधान का अपमान किया जा रहा है तथा विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश हो रही है।
राव नरेंद्र ने दावा किया कि पार्टी की जिला इकाइयों के साथ ऑनलाइन बैठक के दौरान कुछ जिला अध्यक्षों के पास पुलिसकर्मी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उन्होंने हरियाणा के डीजीपी से बात की और बताया कि पार्टी कोई प्रदर्शन नहीं, बल्कि बैठक कर रही थी। उनके अनुसार, डीजीपी ने इस बारे में जानकारी नहीं होने की बात कही। राव नरेंद्र ने यह भी दावा किया कि पार्टी के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने के बाद छोड़ दिया गया।
संजय दत्त ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार के साथ-साथ विपक्ष की भी अहम भूमिका होती है। उन्होंने भाजपा पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव और वोट चोरी का मुद्दा अब केवल कांग्रेस का संघर्ष नहीं, बल्कि हर नागरिक के अधिकारों से जुड़ा विषय बन गया है।
कांग्रेस नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, हरियाणा चुनाव में जनादेश चोरी होने और वोट चोरी से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए संबंधित तथ्यों और आधिकारिक रिकॉर्ड की जांच जरूरी है।
कपूरथला में राज्य स्तरीय सूफी संत सम्मेलन आयोजित हुआ। दीपक बाली ने धार्मिक सद्भाव, सूफी संत समाज कल्याण बोर्ड और मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना पर बात रखी।
कपूरथला / सत्ता संदेश
दिनांक : 10 अक्टूबर 2026
पंजाब के कपूरथला में राज्य स्तरीय सूफी संत सम्मेलन श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक माहौल के बीच आयोजित किया गया। सम्मेलन में पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों से संतों, महापुरुषों, पीर-फकीरों और संगतों ने भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन सूफी संत समाज कल्याण बोर्ड के चेयरमैन बाबा दीपक शाह के संरक्षण और मुख्य आयोजक पहलवान सुखजिंदर सिंह बरिंदपुर के नेतृत्व में किया गया।
सम्मेलन में पंजाब सरकार के पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले विभाग के सलाहकार और आम आदमी पार्टी पंजाब के महासचिव दीपक बाली मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार अमन-शांति, धार्मिक सद्भाव और आपसी भाईचारे को मजबूत करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार सभी धर्मों का सम्मान करती है।
दीपक बाली ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा सूफी संत समाज कल्याण बोर्ड का गठन सूफी और संत समाज को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सूफी संत समाज के कल्याण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना का जिक्र करते हुए दीपक बाली ने कहा कि इस योजना के माध्यम से विभिन्न धर्मों के श्रद्धालुओं को पवित्र धार्मिक स्थलों के दर्शन की सुविधा प्रदान की जा रही है। उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए बाबा दीपक शाह और पहलवान सुखजिंदर सिंह बरिंदपुर के प्रयासों की सराहना की और उन्हें बधाई दी।
सम्मेलन में धार्मिक एकता, आपसी सद्भाव और सूफी परंपरा के संदेश को प्रमुखता दी गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने आयोजन को आध्यात्मिक रंग प्रदान किया।