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कुलतार सिंह संधवां का BJP पर निशाना, CBI रेड को बताया चुनावी रणनीति

पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने CBI रेड को लेकर BJP पर निशाना साधा। दिल्ली में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन और पंजाब विधानसभा के 22 से 27 अक्टूबर तक प्रस्तावित सत्र पर भी बयान दिया।

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने राज्य में CBI की कार्रवाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा है। उन्होंने इसे चुनाव से पहले की राजनीतिक रणनीति करार दिया। लुधियाना के एक निजी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे संधवां ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कई राजनीतिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

संधवां ने कहा कि चुनाव से पहले इस तरह की कार्रवाई BJP की रणनीति है। हाई कोर्ट के आदेशों को लेकर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे आदेश चुनाव से पहले ही क्यों सामने आते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि BJP इस तरह की रणनीति से चुनाव नहीं जीत सकती और उसे उतनी ही सफलता मिलेगी, जितनी उसके प्रयासों के अनुरूप होगी।

दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों पर भी संधवां ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि ये प्रदर्शन लोकतंत्र को बचाने के लिए किए जा रहे हैं। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल युवाओं की शिक्षा और उनकी भागीदारी का जिक्र करते हुए कहा कि यदि लोग ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं, तो इस पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई गलती हुई है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

वहीं, पंजाब विधानसभा के आगामी सत्र को लेकर संधवां ने बताया कि विधानसभा का सत्र 22 से 27 अक्टूबर तक निर्धारित किया गया है। इस सत्र के दौरान राज्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

Rajbir Singh Ghumman CBI Case : भगवंत मान के OSD राजबीर घुम्मन ने CBI रेड को हाईकोर्ट में दी चुनौती

Rajbir Singh Ghumman CBI Case : पंजाब CM भगवंत मान के OSD राजबीर सिंह घुम्मन ने CBI की FIR और घराचों में छापेमारी को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती देकर जांच पर रोक की मांग की।

पंजाब / सत्ता संदेश

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) राजबीर सिंह घुम्मन ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की ओर से दर्ज FIR और उनके पैतृक निवास पर की गई छापेमारी को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी है। वकील गिन्नीजीत मल्होत्रा के माध्यम से दायर सिविल रिट याचिका में घुम्मन ने CBI की जांच पर तत्काल रोक लगाने और किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा देने की मांग की है।

धारा 17A के तहत मंजूरी नहीं लेने का आरोप

याचिका में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17A का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि CBI ने जांच शुरू करने से पहले आवश्यक पूर्व मंजूरी नहीं ली। याचिकाकर्ता के अनुसार, यदि किसी लोक सेवक के खिलाफ उसकी आधिकारिक भूमिका या निर्णय से जुड़े कथित अपराध की जांच की जानी है, तो कानून के तहत सक्षम प्राधिकारी की पूर्व मंजूरी आवश्यक हो सकती है।

घुम्मन का आरोप है कि इस मामले में पंजाब सरकार से ऐसी मंजूरी प्राप्त नहीं की गई। इसी आधार पर उन्होंने हाईकोर्ट से मांग की है कि वैधानिक मंजूरी मिलने तक CBI की जांच और उससे जुड़ी कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाई जाए।

हाईकोर्ट से की तीन प्रमुख मांगें

OSD राजबीर सिंह घुम्मन ने अपनी याचिका में तीन प्रमुख राहतों की मांग की है। पहली, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17A के तहत आवश्यक मंजूरी मिलने तक FIR और जांच की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाई जाए।

दूसरी, याचिका पर सुनवाई लंबित रहने के दौरान CBI को उनके खिलाफ गिरफ्तारी सहित किसी भी तरह की दबावपूर्ण कार्रवाई करने से रोका जाए।

तीसरी, संगरूर जिले के घराचों गांव में 6 अक्टूबर को की गई तलाशी और जब्ती की कार्रवाई तथा चंडीगढ़ की विशेष अदालत द्वारा जारी सर्च वारंट को गैरकानूनी घोषित कर रद्द किया जाए।

फिलहाल, याचिका में लगाए गए आरोप और मांगी गई राहतें याचिकाकर्ता का पक्ष हैं। हाईकोर्ट की ओर से इस मामले में क्या आदेश दिया जाता है, यह आगे की न्यायिक कार्यवाही पर निर्भर करेगा।