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पंजाब के 50 नगर निगम वार्डों के चुनाव रद्द, सुप्रीम कोर्ट ने 6 हफ्ते में दोबारा चुनाव कराने के दिए निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के पटियाला और मोगा के 50 नगर निगम वार्डों के चुनाव रद्द कर दिए हैं। कोर्ट ने छह सप्ताह में नए सिरे से चुनाव कराने और निगरानी समिति गठित करने के निर्देश दिए।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के पटियाला और मोगा जिलों के 50 नगर निगम वार्डों में हुए चुनावों को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने इन वार्डों में नए सिरे से चुनाव कराने का निर्देश दिया है और पूरी चुनाव प्रक्रिया छह सप्ताह के भीतर पूरी करने को कहा है। इनमें पटियाला जिले के 28 और मोगा जिले के 22 वार्ड शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त फैक्ट-फाइंडिंग कमीशन ने अपनी जांच में पाया कि इन वार्डों में नामांकन प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर रुकावटें डाली गई थीं। रिपोर्ट के मुताबिक उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोकने, उनके साथ मारपीट और धमकी देने तथा नामांकन पत्र छीनने, फाड़ने या नष्ट करने जैसी घटनाएं सामने आईं।

चीफ जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ, जिसमें जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना शामिल हैं, ने पूर्व पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट जज जस्टिस निर्मलजीत कौर की अध्यक्षता वाले एक सदस्यीय फैक्ट-फाइंडिंग कमीशन की रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने प्रभावित 50 वार्डों में दोबारा चुनाव कराने के निर्देश दिए।

सुप्रीम कोर्ट के 28 सितंबर के आदेश में कहा गया कि कमीशन ने इन 50 वार्डों के चुनावों को प्रभावित पाया और इन्हें रद्द किए जाने की सिफारिश की। कोर्ट ने सिफारिशों को स्वीकार करते हुए संबंधित वार्डों में नए सिरे से चुनाव कराने का आदेश दिया है।

नामांकन प्रक्रिया में रुकावटों के आरोप

याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों, पुलिस अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों ने उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दाखिल करने से रोका। आरोपों में मारपीट, कपड़े फाड़ने, धमकाने और नामांकन पत्र छीनने जैसी घटनाएं शामिल थीं।

याचिकाकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया था कि हाई कोर्ट के निर्देशों के बावजूद नामांकन प्रक्रिया की ऑडियो-विजुअल रिकॉर्डिंग नहीं कराई गई।

कमीशन ने वीडियो और CCTV फुटेज समेत कई रिकॉर्ड खंगाले

सुप्रीम कोर्ट ने आरोपों की जांच के लिए पूर्व पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट जज जस्टिस निर्मलजीत कौर की अध्यक्षता में फैक्ट-फाइंडिंग कमीशन गठित किया था। कमीशन ने हलफनामों, आधिकारिक जवाबों, वीडियो और CCTV फुटेज, तस्वीरों, मतदाता रजिस्टर और वोटर लिस्ट समेत विभिन्न रिकॉर्ड की जांच की।

इसके अलावा चुनाव अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, सिविल अधिकारियों, चुनाव पर्यवेक्षकों और शिकायतकर्ताओं के बयान भी दर्ज किए गए। जांच के आधार पर कमीशन ने 50 वार्डों के चुनावों को रद्द करने और नए सिरे से चुनाव कराने की सिफारिश की, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।

दोबारा चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को एक सप्ताह के भीतर हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता वाली मॉनिटरिंग कमेटी गठित करने को भी कहा है।