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नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही, 95 लोगों का रेस्क्यू; 5 अब भी लापता

नेपाल / सत्ता संदेश

नेपाल के गोरखा जिले में भारी बारिश के बाद बाढ़ और भूस्खलन से तबाही। 95 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, पांच लापता। 45 घर पूरी तरह तबाह और पुलों व बिजली परियोजनाओं को नुकसान।

नेपाल में भारी बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने गोरखा जिले में भारी तबाही मचाई है। बाढ़ का पानी कई घरों और पुलों को बहा ले गया, जबकि पांच लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान लगातार जारी है। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक कुल 95 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। नेपाली सेना, सुरक्षा बल और बचाव दल प्रभावित इलाकों में लोगों की तलाश करने के साथ-साथ राहत सामग्री पहुंचाने में जुटे हैं।

हेलिकॉप्टर की मदद से फंसे लोगों को निकाला

नेपाली सेना के अनुसार, गोरखा जिले के चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका के बाढ़ प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। रविवार शाम उंगिलुंग नदी के पास धौलीभीर इलाके में फंसे तीन लोगों को सेना के हेलिकॉप्टर की मदद से सुरक्षित निकाला गया। ये लोग रविवार सुबह अचानक हुए भूस्खलन के बाद वहां फंस गए थे। बाद में उन्हें हेलिकॉप्टर से सुरक्षित फिलिम पहुंचाया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार शाम तक चार हेलिकॉप्टरों और जमीन पर काम कर रही बचाव टीमों की मदद से 95 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। राहत और बचाव कार्य में 700 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें नेपाली सेना के 171 जवान भी शामिल हैं।

45 घर पूरी तरह तबाह, पुलों और बिजली परियोजनाओं को नुकसान

नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बाढ़ और भूस्खलन में पांच लोग लापता हैं, जिनमें दो महिलाएं शामिल हैं। आपदा ने स्थानीय बुनियादी ढांचे को भी गंभीर नुकसान पहुंचाया है।

प्रभावित क्षेत्र में 45 घर पूरी तरह तबाह हो गए, जबकि 27 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा दो झूला पुल और दो मोटर वाहन पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। तीन जलविद्युत परियोजनाओं, मवेशियों को रखने के 34 बाड़ों और तीन वाहनों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

प्रभावित परिवारों तक पहुंचाई जा रही राहत सामग्री

बचाव अभियान के साथ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने का काम भी जारी है। प्रशासन की ओर से जरूरतमंद लोगों तक तंबू, कंबल, गद्दे, स्लीपिंग बैग और रसोई में इस्तेमाल होने वाला सामान पहुंचाया जा रहा है। जिन परिवारों के घर तबाह हो गए हैं या जिन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है, उन्हें जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।

कई इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकाला गया

‘द राइजिंग नेपाल’ की रिपोर्ट के अनुसार, जगत से 17, यारू से 22, थुलोधुंगा से 13, दोभान से तीन, फिलिम से दो, न्याकफेदी से 17, पायु से 12, नामरुंग से तीन, डेंग से तीन और धौली से तीन लोगों को सुरक्षित निकाला गया। बचाव दल अब भी प्रभावित इलाकों में तलाशी अभियान चला रहे हैं। पहाड़ी भूभाग और लगातार भूस्खलन का खतरा राहत कार्य को चुनौतीपूर्ण बना रहा है।

नेपाल में बार-बार क्यों आती है ऐसी आपदा?

हिमालयी क्षेत्र में भारी बारिश, खड़ी पहाड़ियां और अस्थिर ढलानें अचानक बाढ़ तथा भूस्खलन का खतरा बढ़ाती हैं। कई बार भूस्खलन से नदियों और नालों का रास्ता अवरुद्ध हो जाता है। इसके कारण पानी अस्थायी रूप से जमा हो सकता है और रुकावट टूटने पर पानी व मलबा तेजी से नीचे की ओर बहने लगता है। इसकी चपेट में आने वाली बस्तियों, सड़कों और पुलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है।

नेपाल में इससे पहले भी बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया है। लगातार सामने आ रही ऐसी आपदाएं संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में समय पर चेतावनी, सुरक्षित निकासी और मजबूत राहत-बचाव व्यवस्था की जरूरत को रेखांकित करती हैं।

फिलहाल गोरखा जिले में पांच लापता लोगों की तलाश जारी है। बचाव दल प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने और क्षतिग्रस्त क्षेत्रों में हालात सामान्य करने में जुटे हैं। लापता लोगों का पता लगाने और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित रखने के लिए अभियान लगातार जारी है।

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