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मोहाली में पोषण माह रैली का आयोजन, ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ का दिया संदेश

SPNIWCD क्षेत्रीय केंद्र मोहाली ने 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के तहत पोषण माह रैली आयोजित की। रैली में संतुलित आहार, मातृ-शिशु पोषण और स्वस्थ आदतों के प्रति जागरूकता फैलाई गई।

मोहाली / सत्ता संदेश

सावित्रीबाई फुले राष्ट्रीय महिला एवं बाल विकास संस्थान (SPNIWCD), क्षेत्रीय केंद्र मोहाली द्वारा 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के अंतर्गत पोषण माह रैली का आयोजन किया गया। रैली का उद्देश्य पोषण, स्वस्थ आहार संबंधी आदतों, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास और सामुदायिक सहभागिता के प्रति लोगों को जागरूक करना रहा।

रैली से पहले क्षेत्रीय निदेशक डॉ. के. सुनीता शेषाद्री ने मुख्य अतिथि डॉ. मदनजीत कौर सहोता, कार्यकारी सदस्य, बाल कल्याण समिति का स्वागत किया। इस अवसर पर डॉ. शेषाद्री ने बताया कि सितंबर माह में आयोजित 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 की व्यापक थीम ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ है। इस थीम के माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्रों को पोषण, देखभाल और प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास के लिए सामुदायिक कार्रवाई के केंद्र के रूप में मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

मुख्य अतिथि डॉ. मदनजीत कौर सहोता ने रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने पहल की सराहना करते हुए कहा कि पोषण संबंधी जागरूकता और स्वस्थ आदतों को बढ़ावा देने के लिए परिवार, संस्थान और समुदाय की सामूहिक भागीदारी जरूरी है।

रैली में एडवांस्ड डिप्लोमा इन चाइल्ड गाइडेंस एंड काउंसलिंग (ADCGC) के विद्यार्थियों, SPNIWCD क्षेत्रीय केंद्र मोहाली के संकाय एवं कर्मचारियों तथा अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। प्लाकार्ड, नारों और सामुदायिक संवाद के माध्यम से संतुलित एवं विविध आहार, पर्याप्त प्रोटीन, स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों, मातृ एवं शिशु पोषण, स्वच्छता और कुपोषण की रोकथाम से जुड़े संदेश लोगों तक पहुंचाए गए।

रैली के दौरान इस बात पर भी जोर दिया गया कि स्वस्थ वृद्धि एवं विकास के लिए आहार में अनाज एवं मोटे अनाज, दालें, फल-सब्जियां, मेवे एवं बीज, दूध एवं दुग्ध उत्पाद तथा अन्य उपयुक्त प्रोटीन स्रोतों को शामिल करना महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम में प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास और पोषण के बीच संबंध को भी प्रमुखता से रेखांकित किया गया। प्रतिभागियों ने जीवन के शुरुआती 1,000 दिनों में पर्याप्त पोषण और संवेदनशील देखभाल के महत्व के बारे में जागरूक किया। पोषण और प्रारंभिक उद्दीपन को बच्चों के संज्ञानात्मक, मोटर तथा सामाजिक-भावनात्मक विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला के रूप में प्रस्तुत किया गया।

इस दौरान पोषण अभियान के जन आंदोलन दृष्टिकोण को भी बढ़ावा दिया गया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि पोषण में सुधार केवल सरकारी योजनाओं की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि परिवारों, समुदायों और संस्थानों की सक्रिय भागीदारी से ही स्थायी व्यवहार परिवर्तन संभव है।

रैली जॉब ट्रेनिंग कोर्स (JTC) के पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा घटक का व्यावहारिक विस्तार भी रही। इसके माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रतिभागियों और ADCGC विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त ज्ञान को समुदाय स्तर पर स्वास्थ्य शिक्षा और जागरूकता गतिविधियों में लागू करने का अवसर मिला।

डॉ. के. सुनीता शेषाद्री ने कहा कि रैली का उद्देश्य पोषण, स्वस्थ आहार व्यवहार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास के प्रति समुदाय में जागरूकता बढ़ाना और सामूहिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ की थीम यह संदेश देती है कि पोषण केवल सरकारी योजनाओं की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार, संस्था और समुदाय की साझा जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि ऐसे सामुदायिक कार्यक्रमों के माध्यम से संस्थान का उद्देश्य पोषण साक्षरता को मजबूत करना, स्वस्थ व्यवहारों को बढ़ावा देना और पोषण संबंधी संदेशों को संस्थान से समुदाय तक पहुंचाना है।

SPNIWCD क्षेत्रीय केंद्र मोहाली की इस पहल ने पोषण शिक्षा, सामुदायिक सहभागिता और क्षेत्र-आधारित प्रशिक्षण को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया। कार्यक्रम के माध्यम से मिशन पोषण 2.0 और पोषण अभियान के व्यापक उद्देश्यों के अनुरूप स्वस्थ एवं सुपोषित समाज के निर्माण के लिए सामूहिक भागीदारी का संदेश दिया गया।