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2029 तक नशामुक्त भारत का लक्ष्य, PIB चंडीगढ़ ने NCB के साथ किया ‘वार्तालाप’

भारत सरकार ने 2029 तक नशामुक्त भारत बनाने का लक्ष्य रखा है। PIB चंडीगढ़ ने NCB के सहयोग से ‘वार्तालाप’ आयोजित कर विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029 की रणनीति पर चर्चा की।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने वर्ष 2029 तक देश को ‘नशामुक्त भारत’ बनाने का संकल्प लिया है। इसी दिशा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा जून 2026 में ‘नशामुक्त भारत’ के लिए विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029 का शुभारंभ किया गया था। इस विजन डॉक्यूमेंट के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पत्र सूचना ब्यूरो (PIB), चंडीगढ़ ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के सहयोग से बुधवार को चंडीगढ़ में ‘वार्तालाप’ कार्यक्रम आयोजित किया।

कार्यक्रम के दौरान विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029 के प्रमुख पहलुओं, उद्देश्यों और रणनीतियों पर चर्चा की गई। मीडिया प्रतिनिधियों को नशामुक्त भारत अभियान के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और समाज तक प्रमाणिक जानकारी पहुंचाने में मीडिया की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी गई।

भारत सरकार के अनुसार, वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्वस्थ, अनुशासित और नशामुक्त युवा शक्ति महत्वपूर्ण आधार है। नशीले पदार्थों का दुरुपयोग स्वास्थ्य, परिवार, सामाजिक व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं को प्रभावित करता है। ऐसे में ‘नशामुक्त भारत 2029’ को ‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

‘डिटेक्ट, डिसरप्ट और डिस्ट्रॉय’ पर जोर

जुलाई 2026 से जुलाई 2029 तक की तीन वर्षीय कार्ययोजना को निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से हासिल करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। विजन डॉक्यूमेंट चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है—खुफिया सूचना एवं अभियान आधारित प्रवर्तन, प्रीकर्सर एवं सिंथेटिक ड्रग्स नियंत्रण, मांग एवं हानि में कमी तथा क्षमता निर्माण एवं समन्वय।

इन चारों स्तंभों के लिए ‘डिटेक्ट, डिसरप्ट और डिस्ट्रॉय’ (Detect, Disrupt and Destroy) को परिचालन मंत्र बनाया गया है।

डिटेक्ट (Detect): मादक पदार्थों के स्रोत, तस्करी के मार्ग, तस्करों, तकनीक, भुगतान माध्यमों और प्रमुख संचालकों की पहचान करना।

डिसरप्ट (Disrupt): मादक पदार्थों के परिवहन, लॉजिस्टिक्स, प्रीकर्सर की आपूर्ति, डार्कनेट नेटवर्क, हवाला और ड्रग्स से जुड़े वित्तीय नेटवर्क को निशाना बनाना।

डिस्ट्रॉय (Destroy): अवैध ड्रग लैब, अवैध खेती, तस्करी से अर्जित संपत्तियों, गिरोहों के नेतृत्व और वितरण नेटवर्क को समाप्त करने पर जोर देना।

NCB और PIB अधिकारियों ने मीडिया को दी जानकारी

‘वार्तालाप’ का संचालन NCB चंडीगढ़ के जोनल डायरेक्टर अमनजीत सिंह, गृह मंत्रालय के अपर महानिदेशक (मीडिया) राज कुमार तथा PIB चंडीगढ़ की उप निदेशक सपना द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में मीडिया प्रतिनिधियों को देशभर में मादक पदार्थों के खिलाफ की गई कार्रवाई की प्रमुख उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी गई। इसमें नशीले पदार्थों की जब्ती, गिरफ्तारियां, जांच और जब्त किए गए मादक पदार्थों को नष्ट करने जैसी कार्रवाई शामिल रही।

विजन डॉक्यूमेंट में गुप्त ड्रग प्रयोगशालाओं के विनष्टीकरण, मादक पदार्थों से जुड़े अपराधियों एवं भगोड़ों को वापस लाने, विभिन्न प्रणालियों के एकीकरण और मापनीय राष्ट्रीय परिणाम हासिल करने पर भी जोर दिया गया है।

मांग, आपूर्ति और हानि में कमी पर फोकस

कार्यक्रम के दौरान नशामुक्त भारत के लिए आपूर्ति में कमी, मांग में कमी और हानि में कमी से जुड़े रोडमैप पर भी चर्चा हुई। सरकार के अनुसार मादक पदार्थों के नेटवर्क, वित्तीय संसाधनों और भगोड़ों को लक्षित करने के साथ-साथ समस्या से निपटने के लिए ‘संपूर्ण सरकार’ (Whole-of-Government) दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है।

नीति निर्माण से लेकर अभियोजन तक विभिन्न एजेंसियों के बीच संयुक्त कार्रवाई और समन्वय को मजबूत करना भी विजन डॉक्यूमेंट की प्राथमिकताओं में शामिल है।

यह विजन डॉक्यूमेंट संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों एवं विभागों, मादक पदार्थ कानून प्रवर्तन एजेंसियों और अन्य हितधारकों के साथ विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया है। इसमें मादक पदार्थों की समस्या से जुड़े मांग में कमी, आपूर्ति में कमी और हानि में कमी के पहलुओं के लिए साझा रोडमैप तैयार किया गया है।

युवाओं और शैक्षणिक संस्थानों पर विशेष ध्यान

रोडमैप में सिंथेटिक ड्रग्स और डार्कनेट के जरिए होने वाली तस्करी से निपटने, युवाओं में नशीले पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने, उपचार एवं पुनर्वास केंद्रों तक पहुंच बढ़ाने और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय मजबूत करने के उपाय शामिल किए गए हैं।

शिक्षा मंत्रालय, युवा एवं खेल क्षेत्र से जुड़े हितधारकों और शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर शिक्षण संस्थानों को नशामुक्त बनाने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा NCC, NSS और My Bharat के माध्यम से ‘नशामुक्त भारत मित्र’ तैयार करने की योजना है, जो समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने में भूमिका निभाएंगे।

‘वार्तालाप’ कार्यक्रम के माध्यम से जनभागीदारी बढ़ाने और समाज तक सही एवं प्रमाणिक जानकारी पहुंचाने पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम में मीडिया को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में व्यापक जागरूकता पैदा करने और नशामुक्त भारत के लक्ष्य को जन-अभियान में बदलने के लिए महत्वपूर्ण माध्यम बताया गया।

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