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पाकिस्तान सीमा पर ड्रोन तस्करी रोकने के लिए बड़ा एक्शन, अमृतसर में 2 एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात

अमृतसर ग्रामीण के सीमावर्ती गांव मोधे धनॉय में 2 एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए गए हैं। पंजाब पुलिस ने पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार और ड्रग्स की तस्करी रोकने के लिए निगरानी और नाइट पेट्रोलिंग बढ़ाई।

अमृतसर / सत्ता संदेश

पाकिस्तान से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा के जरिए ड्रोन से हथियार, हेरोइन और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए पंजाब पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करनी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में अमृतसर ग्रामीण के सीमावर्ती गांव मोधे धनॉय में दो एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए गए हैं।

मंगलवार को IG बॉर्डर रेंज गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने इन सिस्टम को लॉन्च किया और सीमा क्षेत्र में सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। इस दौरान SSP अमृतसर ग्रामीण कंवलप्रीत सिंह चहल समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

IG भुल्लर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ‘वॉर ऑन ड्रग्स’ अभियान और संगठित अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत बॉर्डर रेंज में ड्रोन के जरिए होने वाली तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तेज की जा रही है।

उन्होंने कहा कि सीमा के कुछ इलाके बेहद संवेदनशील हैं, जहां पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन के माध्यम से नशीले पदार्थ, हथियार और अन्य गैरकानूनी सामान भारतीय क्षेत्र में पहुंचाने की कोशिश की जाती है। ऐसे संवेदनशील और कमजोर स्थानों पर एंटी-ड्रोन ऑपरेशन के साथ-साथ पुलिस पेट्रोलिंग भी बढ़ाई जाएगी।

पुलिस के मुताबिक एंटी-ड्रोन सिस्टम सीमा क्षेत्र में संदिग्ध या बिना अनुमति उड़ रहे ड्रोन की पहचान करने और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने में मदद करेंगे। पंजाब पुलिस ने पहले ही कई स्थानों पर एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए हैं, जबकि BSF के पास भी ड्रोन सर्विलांस और काउंटर-ड्रोन से जुड़ी क्षमताएं मौजूद हैं। दोनों एजेंसियों के संसाधनों और टीमों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया जा रहा है। (The Tribune)

IG भुल्लर ने कहा कि रात की पेट्रोलिंग को भी मजबूत किया जा रहा है। अमृतसर ग्रामीण पुलिस में अतिरिक्त बल लगाया जा रहा है, ताकि संदिग्ध ड्रोन गतिविधि सामने आने पर रात के समय भी अतिरिक्त पुलिस पार्टियों को तुरंत मौके पर भेजा जा सके। इसका उद्देश्य ड्रोन से गिराई गई संभावित खेप को हासिल करने वाले नेटवर्क तक पहुंचना और त्वरित कार्रवाई करना भी है।

उन्होंने कहा कि BSF के साथ समन्वय इस पूरे अभियान का अहम हिस्सा है। सीमा पर BSF की पहली सुरक्षा लाइन के पीछे पुलिस की दूसरी लाइन काम करती है। दोनों के बीच तालमेल को और मजबूत करने के लिए रात में पेट्रोलिंग करने वाले BSF अधिकारियों और जवानों के साथ बैठकें की जा रही हैं तथा ग्राउंड स्तर की समस्याओं और जरूरतों की जानकारी ली जा रही है।

पंजाब पुलिस सीमा क्षेत्र में ड्रोन गतिविधि के संभावित हॉटस्पॉट की पहचान भी कर रही है। इन स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। साथ ही स्थानीय लोगों, पंचायतों और सिविल प्रशासन को भी अभियान से जोड़ा जाएगा। ग्रामीणों से अपील की जाएगी कि अगर उन्हें कोई संदिग्ध ड्रोन या अनजान गतिविधि दिखाई देती है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।

IG भुल्लर ने कहा कि सीमा पार से ड्रोन के जरिए केवल ड्रग्स ही नहीं, बल्कि हथियार और विस्फोटक भी भेजे जाने का खतरा रहता है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ सीमावर्ती गांवों के लोगों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस को ड्रोन तकनीक में लगातार हो रहे बदलावों के मुताबिक अपनी तकनीकी क्षमताओं, पेट्रोलिंग और ऑपरेशनल रणनीति को भी लगातार अपडेट करना होगा। पुलिस, BSF और सीमावर्ती आबादी के बीच बेहतर तालमेल के जरिए ड्रोन आधारित तस्करी पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

पंजाब पुलिस की ओर से हाल में जारी जानकारी के अनुसार राज्य में कई एंटी-ड्रोन सिस्टम और ड्रोन रिस्पॉन्स टीमों के जरिए सीमा क्षेत्र में निगरानी को मजबूत किया गया है।