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लुधियाना : धान की सरकारी खरीद शुरू, पंग्रेन चेयरमैन डॉ. तेजपाल सिंह गिल ने किया उद्घाटन

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब में धान की सरकारी खरीद का सीजन शुरू हो गया है। लुधियाना की सुधर मंडी में पंग्रेन के अध्यक्ष डॉ. तेजपाल सिंह गिल ने धान की सरकारी खरीद का उद्घाटन किया। इस मौके पर पंग्रेन निरीक्षक राजेश कुमार भी मौजूद रहे।

डॉ. गिल ने कहा कि पंजाब सरकार धान खरीद के दौरान किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं आने देगी। जिले की सभी मंडियों में खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए हैं, ताकि किसान अपनी फसल जल्द बेचकर घर लौट सकें और उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान मिल सके।

धान खरीद के पहले दिन डॉ. गिल ने कहा कि पंजाब सरकार किसानों के साथ खड़ी है और उनकी उपज का एक-एक दाना खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे फसल पूरी तरह पकने के बाद ही कटाई करें, ताकि धान में नमी की मात्रा निर्धारित 17 प्रतिशत की सीमा के भीतर रहे।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के अनुसार जिला और स्थानीय प्रशासन खरीद प्रक्रिया को किसान हितैषी और सुचारू बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। मंडियों में किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए संबंधित विभागों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

डॉ. गिल के अनुसार, लुधियाना जिले में इस वर्ष करीब 2.57 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की गई है और लगभग 17.25 लाख मीट्रिक टन धान मंडियों में पहुंचने की उम्मीद है। पिछले खरीद सीजन में जिले में करीब 13.11 लाख मीट्रिक टन धान की सरकारी खरीद हुई थी।

उन्होंने बताया कि सरकारी निर्देशों के अनुसार किसानों को उनकी फसल का भुगतान 24 से 36 घंटे के भीतर उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे मंडियों में केवल सूखा धान लेकर आएं, जिससे खरीद प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।

पंग्रेन अध्यक्ष ने किसानों से पराली न जलाने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि फसल अवशेषों का जिम्मेदारी से प्रबंधन किया जाना चाहिए और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली पराली जलाने की प्रथा से बचना चाहिए।

उन्होंने बताया कि जिले की मंडियों में साफ-सफाई, पर्याप्त रोशनी, स्वच्छ पेयजल, नमी मापने वाले मीटर, तिरपाल सहित खरीद प्रक्रिया से संबंधित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

माछीवाड़ा : शेलर मालिकों का बड़ा ऐलान, पुराने चावल की निकासी तक नया धान उठाने से इनकार

माछीवाड़ा साहिब / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : जसबीर सिंह अलबेला

माछीवाड़ा साहिब में नए धान की सरकारी खरीद शुरू होने से पहले शेलर मालिकों ने अपनी समस्याओं को लेकर बड़ा ऐलान किया है। माछीवाड़ा शेलर एसोसिएशन की बैठक प्रधान अशोक सूद और चेयरमैन हुसन लाल मड़कल की अध्यक्षता में हुई। बैठक में पिछले साल के चावल की निकासी, गोदामों में जगह की कमी और आगामी धान की मिलिंग को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के बाद एसोसिएशन पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक शेलरों में पड़ा पिछले साल का चावल गोदामों में रखने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं कराई जाती, तब तक वे मंडियों से नया धान उठाने से इनकार करेंगे।

प्रधान अशोक सूद और चेयरमैन हुसन लाल मड़कल ने बताया कि पिछले साल का करीब 13 प्रतिशत चावल अभी भी शेलरों में पड़ा हुआ है। गोदामों में पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण चावल की निकासी नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि सामान्य तौर पर धान की मिलिंग मार्च या अधिकतम मई तक पूरी हो जाती है, लेकिन इस बार 30 सितंबर तक भी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके चलते शेलर मालिकों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ बढ़ रहा है।

एसोसिएशन ने हाइब्रिड धान की मिलिंग में टूटे चावल (टोटा) की अधिक मात्रा निकलने का मुद्दा भी उठाया। पदाधिकारियों के अनुसार माछीवाड़ा क्षेत्र में हाइब्रिड धान की बड़े स्तर पर बुवाई हुई है और इसकी मिलिंग के बाद टोटे की मात्रा अधिक निकलती है। ऐसे में सरकार से मौजूदा 10 प्रतिशत टोटे के मानक में छूट देने की मांग की गई है।

शेलर मालिकों ने कहा कि भले ही 1 अक्टूबर से धान की सरकारी खरीद शुरू होने जा रही है, लेकिन यदि पिछले साल के चावल को गोदामों में लगाने की व्यवस्था नहीं की गई तो वे नया धान उठाने में असमर्थ रहेंगे।

वहीं, माछीवाड़ा सच्चा सौदा आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान मोहित कुंदरा ने शेलर मालिकों की मांगों को जायज बताते हुए केंद्र सरकार से जल्द समाधान की अपील की। उन्होंने कहा कि मंडियों में धान की आवक शुरू हो चुकी है और इस बार फसल का उत्पादन भी अच्छा रहने की उम्मीद है। ऐसे में शेलरों की समस्याओं का समय रहते समाधान जरूरी है, ताकि मंडियों में धान की खरीद और उठान व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके।