पंजाब विश्वविद्यालय में ‘वॉक फॉर नशा मुक्त युवा’ का आयोजन, 350 से अधिक युवाओं ने लिया हिस्सा
चंडीगढ़ के पंजाब विश्वविद्यालय में 100 सप्ताह नशा मुक्त युवा अभियान के तहत ‘वॉक फॉर नशा मुक्त युवा’ का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में 350 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
चंडीगढ़ / सत्ता संदेश
100 सप्ताह नशा मुक्त युवा अभियान के तहत पंजाब विश्वविद्यालय में रविवार को ‘वॉक फॉर नशा मुक्त युवा’ का आयोजन किया गया। माई भारत चंडीगढ़, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार, स्टेट एनएसएस सेल, चंडीगढ़ प्रशासन और एनएसएस इकाई, पंजाब विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में 350 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का आयोजन पंजाब विश्वविद्यालय के गांधी भवन में ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ थीम के तहत किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 5:30 बजे माई भारत वॉलंटियर एवं योग प्रशिक्षक सुश्री सारिका के नेतृत्व में वार्म-अप, ज़ुम्बा और रिदमिक योग सत्र से हुई। इन गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों में ऊर्जा और उत्साह का संचार किया गया।
इसके बाद आयोजित औपचारिक कार्यक्रम में माई भारत के यूटी डायरेक्टर शिवधन शर्मा ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ एजुकेशन, सेक्टर-20 के माई भारत-एनएसएस स्वयंसेवकों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों और नशा मुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
माई भारत चंडीगढ़ के जिला युवा अधिकारी विनय कुमार ने शपथ चक्र के दौरान सभी प्रतिभागियों को नशा मुक्त युवा शपथ दिलाई। प्रतिभागियों ने नशे से दूर रहने और समाज के अन्य लोगों को भी नशे से बचने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पंजाब विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) मीनाक्षी गोयल ने ‘वॉक फॉर नशा मुक्त युवा’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वहीं, चंडीगढ़ प्रशासन के राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. नेमी चंद गोलिया सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। पंजाब विश्वविद्यालय के एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अनुपम बहरी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
वॉक के समापन के बाद प्रतिभागियों ने नशा मुक्त समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए सिग्नेचर वॉल पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए और अल्पाहार की व्यवस्था की गई।
यह आयोजन नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा। कार्यक्रम ने नशा मुक्त समाज और विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं, शैक्षणिक संस्थानों तथा सरकारी एजेंसियों के सामूहिक संकल्प को भी सामने रखा।

