ब्रेकिंग न्यूज़
अमृतसर : झबाल रोड पर हंगामा, निहंग सिंहों के बीच मारपीट; SHO से भी हाथापाई की खबर

अमृतसर / सत्ता संदेश

गेट हकीमा थाना क्षेत्र के झबाल रोड पर शनिवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब प्रदर्शन कर रहे निहंग सिंहों ने मौके पर पहुंचे एक अन्य निहंग सिंह को रोक लिया और उसकी कथित तौर पर पिटाई कर दी। स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब उसे बचाने पहुंचे गेट हकीमा थाने के SHO के साथ भी हाथापाई होने की बात सामने आई।

जानकारी के अनुसार, कुछ निहंग सिंह झबाल रोड पर धरना देकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान एक अन्य निहंग सिंह वहां पहुंचा, जिसे प्रदर्शनकारियों ने रोक लिया। आरोप है कि इसके बाद उसकी मारपीट की गई। सूचना मिलने पर गेट हकीमा थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और घायल/पिट रहे व्यक्ति को बचाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस अधिकारी और प्रदर्शन कर रहे निहंग सिंहों के बीच कथित तौर पर हाथापाई हो गई। बाद में पुलिस उस व्यक्ति को अपनी गाड़ी में बैठाकर थाने ले गई।

धरने पर बैठे एक निहंग सिंह ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि करीब एक घंटे पहले उन पर हमला किया गया था और फायरिंग भी हुई थी। इसके बाद उन्होंने विरोध में धरना शुरू किया। उनका दावा था कि विरोधी पक्ष ने कथित तौर पर स्थिति की जानकारी लेने के लिए एक व्यक्ति को भेजा था, जिसे प्रदर्शनकारियों ने पकड़ लिया था। निहंग सिंह के अनुसार, बाद में पुलिस अधिकारी उस व्यक्ति को उनसे छुड़ाकर ले गए।

प्रदर्शनकारी निहंग सिंह ने मेजर सिंह भिंडव के साथ पहले से विवाद होने का भी दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले पकड़े गए कुछ लोगों को भी पुलिस प्रशासन ने छोड़ दिया था। उन्होंने पुलिस पर विरोधी पक्ष के साथ मिलीभगत का आरोप लगाते हुए अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।

वहीं, गेट हकीमा थाने के SHO ने प्रदर्शनकारियों के आरोपों से अलग जानकारी देते हुए कहा कि सड़क से कुछ गाड़ियां गुजरी थीं, जिन्हें निहंग सिंह मेजर सिंह की गाड़ियां बता रहे हैं। इसी को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है। SHO के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच पहले से मनमुटाव है, लेकिन मौके पर गाड़ियों के गुजरने के अलावा किसी बड़ी घटना की जानकारी नहीं मिली।

SHO ने बताया कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ने गाड़ियों के गुजरने के दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा कथित तौर पर गाली-गलौज किए जाने की जानकारी दी थी। सड़क पर धरना होने के कारण यातायात प्रभावित हुआ, जिसके चलते पुलिस ने ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया। पुलिस अधिकारी ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत कर प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाने का प्रयास किया जा रहा है।

फिलहाल, मामले में दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए जा रहे हैं। पुलिस द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है और इलाके में तनाव को नियंत्रित रखने के लिए कार्रवाई की जा रही है। मामले में सामने आए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

Amritsar : ASI हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या, DGP गौरव यादव ने मौके पर पहुंचकर जांच की

अमृतसर / सत्ता संदेश

पंजाब के अमृतसर में ड्यूटी पर तैनात पुलिस के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना शुक्रवार तड़के भकतांवाला अनाज मंडी के पास हुई। शुरुआती जांच के मुताबिक, मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात हमलावरों ने ASI का पीछा किया और करीब से गोली मारकर फरार हो गए। हरजीत सिंह को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद पंजाब के DGP गौरव यादव अमृतसर पहुंचे और भकतांवाला अनाज मंडी स्थित घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने पहले मृतक ASI के परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और इसके बाद पुलिस अधिकारियों से मामले की जांच तथा अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी ली।

.30 बोर की गोली से हमला

DGP गौरव यादव के मुताबिक शुरुआती जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने ASI हरजीत सिंह का पीछा किया और बेहद करीब से फायरिंग की। गोली उनके गर्दन के पिछले हिस्से में लगी। पुलिस ने घटनास्थल से .30 बोर का खाली खोल बरामद किया है, जिसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।

हरजीत सिंह थाना गेट हकीमा के तहत पुलिस कंट्रोल रूम (PCR) ड्यूटी पर तैनात थे। पुलिस के अनुसार वह ड्यूटी के दौरान भकतांवाला अनाज मंडी क्षेत्र में थे। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। उनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें काम कर रही हैं।

CCTV और तकनीकी जांच पर जोर

DGP ने अधिकारियों को मामले की तकनीकी जांच तेज करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस इलाके में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि हमलावरों की गतिविधियों और उनके आने-जाने के रास्ते का पता लगाया जा सके। इसके अलावा घटनास्थल से मिले सबूतों की फोरेंसिक जांच भी की जा रही है।

DGP गौरव यादव ने कहा कि पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है और आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के लिए टीमें लगाई गई हैं। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी ASI हरजीत सिंह की मौत पर शोक व्यक्त किया है। सरकार की ओर से उनके परिवार के लिए एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की गई है।

अमृतसर में ड्यूटी पर तैनात ASI हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। DGP गौरव यादव ने घटनास्थल और परिवार से मुलाकात की। पुलिस CCTV और तकनीकी सबूतों की जांच में जुटी है।

Amritsar ASI Murder: गश्त कर रहे ASI हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या, तरुण चुघ ने उठाए कानून-व्यवस्था पर सवाल

अमृतसर के गेट हकीमा इलाके में ड्यूटी पर तैनात ASI हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या। भाजपा नेता तरुण चुघ ने पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।

अमृतसर: पंजाब के अमृतसर में थाना गेट हकीमा के इलाके में देर रात गश्त कर रहे पंजाब पुलिस के ASI हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रिपोर्टों के मुताबिक, वह मोटरसाइकिल पर गश्त कर रहे थे, इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने उन पर फायरिंग कर दी। गंभीर रूप से घायल हरजीत सिंह ने बाद में दम तोड़ दिया।

पंजाब पुलिस ने सोशल मीडिया पर ASI हरजीत सिंह की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाई। पुलिस ने शोक जताते हुए उनके परिवार के साथ खड़े होने की बात कही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से परिवार के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा भी की गई है।

घटना के बाद एक संगठन की ओर से हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा भी सामने आया है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार पंजाब पुलिस ने इस हमले को आतंकी घटना बताए जाने वाले दावे का खंडन किया है। ऐसे में मामले की जांच और हमले के वास्तविक कारण को लेकर पुलिस की आगे की जांच महत्वपूर्ण होगी।

इस घटना को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता तरुण चुघ ने पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर सवाल उठाए हैं। चुघ ने घटना को दुखद बताते हुए आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय से पंजाब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का मनोबल प्रभावित करने वाली घटनाएं सामने आती रही हैं।

तरुण चुघ ने अपने बयान में पंजाब में पुलिस थानों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हुए हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस की वर्दी में तैनात जवानों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं चिंता का विषय हैं। उन्होंने ड्रग माफिया, जबरन वसूली और गैंगस्टर गतिविधियों को भी पंजाब की सुरक्षा के लिए चुनौती बताया।

भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि जब पुलिसकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हमलावरों की पहचान तथा वारदात के पीछे के कारणों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं। घटना ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा तेज कर दी है।