Punjab News: बकाया बिल पर शव रोकने वाले अस्पतालों पर FIR, मानवाधिकार आयोग का बड़ा फैसला
राजपुरा में मानवाधिकार आयोग के सदस्य जतिंदर सिंह शंटी ने कहा कि बकाया अस्पताल बिल के कारण मृतक का शव रोकने वाले निजी अस्पतालों के खिलाफ FIR दर्ज होगी। अस्पतालों को 20 अक्टूबर तक मॉर्चरी बॉक्स और सूचना बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
राजपुरा / सत्ता संदेश
रिपोर्ट : दीपक कुमार
बकाया अस्पताल बिल के कारण मृतक का शव परिजनों को सौंपने से रोकने के मामलों को लेकर पंजाब राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ मानवाधिकार आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग के सदस्य पद्मश्री जतिंदर सिंह शंटी ने स्पष्ट किया कि किसी भी निजी अस्पताल को बकाया बिल की वजह से मृतक का शव रोकने की अनुमति नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पताल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी।
राजपुरा के बहावलपुर भवन में आयोजित खुली सुनवाई यानी ‘जनता की अदालत’ के दौरान जतिंदर सिंह शंटी ने लोगों की समस्याएं और शिकायतें सुनीं। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। पत्रकारों से बातचीत में शंटी ने बताया कि मानवाधिकार आयोग की ओर से अलग-अलग जिलों और तहसीलों में जाकर लोगों की शिकायतें सीधे सुनी जा रही हैं, ताकि पीड़ितों को जल्द न्याय दिलाया जा सके।
शंटी ने बताया कि अस्पतालों से संबंधित इस महत्वपूर्ण निर्देश के तहत निजी अस्पतालों को बकाया राशि के नाम पर मृतक का शव रोकने से रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि किसी परिवार से अस्पताल का बिल वसूलने के लिए शव को रोकना मानवाधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय है और ऐसे मामलों में नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि अस्पतालों को 20 अक्टूबर तक मॉर्चरी बॉक्स की व्यवस्था करने और अस्पताल के अंदर तथा बाहर इस संबंध में सूचना बोर्ड लगाने की समय सीमा दी गई है।
मानवाधिकार आयोग के सदस्य ने लोगों से अपील की कि वे अपनी शिकायतें आधार कार्ड के साथ आयोग के व्हाट्सऐप नंबर 9855475547 पर भेज सकते हैं। इसके अलावा चंडीगढ़ के सेक्टर-34ए स्थित आयोग के कार्यालय में कार्यदिवस के दौरान सीधे शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है।
कांग्रेसी विधायक सुखपाल सिंह खैहरा द्वारा उनके खिलाफ की गई बयानबाजी पर प्रतिक्रिया देते हुए शंटी ने कहा कि वह राजनेता नहीं हैं, बल्कि संवैधानिक जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि उनके कामकाज को लेकर किसी को कोई संदेह है तो सरकार या प्रशासन उनकी किसी भी प्रकार की जांच करवा सकता है। उन्होंने कहा, “फलदार पेड़ पर ही पत्थर पड़ते हैं।”
शंटी ने कहा कि उन्होंने लंबे समय तक लावारिस शवों को उठाने और उनके अंतिम संस्कार की सेवा की है। उन्होंने कहा कि बयानबाजी की परवाह किए बिना अपने तीन साल के कार्यकाल में लोगों के अधिकारों की रक्षा, नशे के खिलाफ कार्रवाई और ट्रैवल एजेंटों की धोखाधड़ी से लोगों को बचाने के लिए काम जारी रखेंगे।



