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पंजाब कैबिनेट के बड़े फैसले: रणजीतगढ़ डेवलपमेंट अथॉरिटी बिल को मंजूरी, नर्सिंग और PICTS कर्मचारियों को भी राहत

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

दिनांक : 6 अक्टूबर 2026:

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने मंगलवार को कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में रणजीतगढ़ डेवलपमेंट अथॉरिटी (RDA) बिल, 2026 को मंजूरी देने के साथ-साथ मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में नए पद सृजित करने, नर्सिंग सेवा नियमों में संशोधन और PICTS के गैर-शिक्षण कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करने को भी मंजूरी दी गई।

पंजाब सरकार के अनुसार, रणजीतगढ़ डेवलपमेंट अथॉरिटी बिल, 2026 का उद्देश्य रणजीत सागर बांध और शाहपुर कंडी बांध क्षेत्रों का योजनाबद्ध और टिकाऊ विकास सुनिश्चित करना है। इस बिल के माध्यम से रणजीतगढ़ डेवलपमेंट अथॉरिटी की स्थापना का रास्ता साफ होगा।

रणजीतगढ़ डेवलपमेंट अथॉरिटी को पर्यटन और सांस्कृतिक मामले विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में एक वैधानिक संस्था के रूप में स्थापित किया जाएगा। अथॉरिटी को क्षेत्र के एकीकृत विकास, भूमि प्रबंधन, विभिन्न विकास परियोजनाओं को लागू करने और पर्यटन स्थलों के उचित प्रबंधन के लिए आवश्यक प्रशासनिक, वित्तीय और नियामक शक्तियां प्रदान की जाएंगी। सरकार का मानना है कि इससे इन क्षेत्रों में पर्यटन और विकास गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में नए पदों को मंजूरी

कैबिनेट ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पंजाब के कार्यालय में ड्राइवरों के नए पद सृजित करने को भी मंजूरी दी है। ये पद 19 स्थायी सेवादार पदों और एक स्थायी मुहर्रिर पद को सरेंडर करके बनाए जाएंगे।

सरकार के मुताबिक, इस फैसले का उद्देश्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पंजाब के कार्यालय के प्रशासनिक और दैनिक कामकाज को अधिक सुचारू एवं प्रभावी बनाना है।

नर्सिंग सेवा नियमों में संशोधन

मंत्रिमंडल ने चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के अधीन सरकारी नर्सिंग कॉलेज, पटियाला और अमृतसर में ट्यूटर के पदों को पदोन्नति के माध्यम से भरने के लिए पंजाब नर्सिंग एजुकेशन सर्विस रूल्स (ग्रुप बी), 2016 के परिशिष्ट-बी में संशोधन को भी मंजूरी दी है।

इन पदों पर निदेशक, अनुसंधान एवं चिकित्सा शिक्षा, पंजाब के नियंत्रण में नियमित आधार पर कार्यरत ऐसी स्टाफ नर्सों और नर्सिंग सिस्टर्स को पदोन्नति का अवसर मिलेगा, जिन्होंने संबंधित क्षेत्र में एम.एससी. नर्सिंग की योग्यता हासिल की हो। नर्सिंग शिक्षा के क्षेत्र में कम से कम एक वर्ष का शिक्षण अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।

PICTS के गैर-शिक्षण कर्मचारियों की सेवाएं होंगी नियमित

पंजाब कैबिनेट ने पंजाब इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी एजुकेशन सोसाइटी (PICTS) के अधीन कॉन्ट्रैक्ट पर कार्यरत गैर-शिक्षण कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है।

इस फैसले के तहत पात्र कर्मचारियों को PICTS के अधीन निर्धारित वेतनमान में सेवाएं नियमित करने का लाभ मिलेगा। सरकार के इस फैसले से लंबे समय से कॉन्ट्रैक्ट आधार पर सेवाएं दे रहे गैर-शिक्षण कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

कैबिनेट के इन फैसलों को पंजाब में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने, पर्यटन क्षेत्रों के योजनाबद्ध विकास और सरकारी संस्थानों में कर्मचारियों से जुड़े मामलों को व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कनाडा के सरे में लॉन्च हुई मरहूम कवि सुखबीर सिंह संधू की ‘पायल’ किताब, 53 साल बाद सामने आईं खोई हुई रचनाएं

लुधियाना / सत्ता संदेश

कनाडा के सरे शहर में मशहूर पंजाबी कवि एवं पंजाबी लोक विरासत अकादमी लुधियाना के चेयरमैन प्रो. गुरभजन सिंह गिल द्वारा संपादित पुस्तक ‘पायल’ का भव्य साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समारोह के दौरान विमोचन किया गया। यह पुस्तक स्वर्गीय कवि सुखबीर सिंह संधू की उन खोई हुई रचनाओं का संग्रह है, जिन्हें करीब 53 साल बाद दोबारा संपादित कर पाठकों के सामने लाया गया है।

मशहूर मीडिया संगठन ‘रेडियो इंडिया’ की अगुवाई में सरे के स्थानीय बॉम्बे बैंक्वेट हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में साहित्य, संस्कृति, सामाजिक एवं धार्मिक क्षेत्रों से जुड़ी बड़ी संख्या में प्रमुख हस्तियों ने शिरकत की। कार्यक्रम में सरे की मेयर ब्रेंडा लॉक, मेंबर ऑफ पार्लियामेंट सुख धालीवाल, मेंबर ऑफ पार्लियामेंट गुरबख्श सिंह सैनी, पूर्व सांसद गुरमंत सिंह ग्रेवाल और ब्रिटिश कोलंबिया के पूर्व मंत्री डॉ. गुलजार सिंह चीमा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम में सिख सोसायटी, विभिन्न गुरुद्वारों एवं मंदिरों के प्रतिनिधियों, मुस्लिम समुदाय के नेताओं तथा साहित्यिक, सांस्कृतिक और सामाजिक क्षेत्र की हस्तियों ने भी भाग लिया। सभी प्रमुख हस्तियों ने मंच से प्रो. गुरभजन सिंह गिल द्वारा संपादित पुस्तक ‘पायल’ को समर्पित करते हुए स्वर्गीय कवि सुखबीर सिंह संधू की साहित्यिक विरासत को याद किया।

‘पायल’ को पंजाबी लोक विरासत अकादमी लुधियाना ने सुखबीर सिंह संधू परिवार और कर्नल जसबीर भुल्लर के सहयोग से प्रकाशित किया है। पुस्तक में शामिल महत्वपूर्ण रचना ‘दो जानिया’ को मशहूर लोक गायक एवं कनाडाई कारोबारी सुरजीत सिंह माधोपुरी ने अपनी आवाज दी है। उन्होंने बताया कि पंजाब के पिछले दौरे के दौरान उन्होंने इस गजल को रिकॉर्ड किया था, लेकिन इसके वास्तविक लेखक के बारे में उन्हें पुस्तक प्रकाशित होने के बाद जानकारी मिली।

कार्यक्रम में ‘रेडियो इंडिया’ के मैनेजिंग डायरेक्टर मनिंदर सिंह गिल ने स्वर्गीय कवि सुखबीर सिंह संधू की साहित्यिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 1985 में दिवंगत हुए कवि की रचना “उस बेवफा दी याद में रोया करां की ना” को नुसरत फतेह अली खान, मराताब अली, नसीबो लाल और अकरम राही जैसे प्रसिद्ध गायकों ने भी अपनी आवाज दी है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद भारतीय पंजाब में लंबे समय तक इस रचना के वास्तविक रचनाकार के बारे में जानकारी सामने नहीं आ सकी।

मनिंदर सिंह गिल ने पुस्तक के संपादक प्रो. गुरभजन सिंह गिल के पंजाबी साहित्य और पंजाबी भाषा के लिए किए जा रहे योगदान का भी उल्लेख किया।

समारोह के दौरान मशहूर बैरिस्टर एवं सॉलिसिटर लवलीन सिंह गिल ने मंच सचिव की भूमिका निभाई। इस अवसर पर सेंट्रल पंजाबी राइटर्स एसोसिएशन नॉर्थ अमेरिका के अध्यक्ष प्रितपाल सिंह गिल, सुरजीत सिंह माधोपुरी, पलविंदर सिंह रंधावा, दर्शन सिंह संघा, बिक्कर सिंह खोसा, जसवीर सिंह भलूरिया, इंदरपाल सिंह संधू, एडवोकेट संघा, शब्बा हुंदल, बूटा सिंह ढिल्लों, बलबीर सिंह पड्डा, बलबीर सिंह बोपाराय, रणजीत सिंह वालिया सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता और मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे।

‘रेडियो इंडिया’ के मैनेजिंग डायरेक्टर मनिंदर सिंह गिल ने पंजाब से ‘पायल’ गजल संग्रह की 200 प्रतियां मंगवाकर पंजाबी पाठकों में वितरित कीं। पुस्तक के संपादक प्रो. गुरभजन सिंह गिल ने इस पहल के लिए मनिंदर सिंह गिल का धन्यवाद किया और इसे पंजाबी साहित्य की पुरानी रचनात्मक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया।

चंडीगढ़ : SEBI ने शुरू किया ‘समझ से इन्वेस्टिंग सिंपल’ अभियान, छात्रों के लिए MUST पहल और WhatsApp चैनल लॉन्च

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने विश्व निवेशक सप्ताह 2026 के अवसर पर पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में ‘प्रोजेक्ट जागरूक’ के तहत ‘समझ से इन्वेस्टिंग सिंपल’ अभियान जारी किया। इस अभियान का उद्देश्य निवेश को आसान बनाना, निवेशकों में वित्तीय जागरूकता बढ़ाना और लोगों को सूचित एवं जिम्मेदार निवेश निर्णय लेने के लिए प्रोत्साहित करना है।

प्रोजेक्ट जागरूक को वित्तीय साक्षरता बढ़ाने और वित्तीय धोखाधड़ी की रोकथाम के उद्देश्य से देशव्यापी अभियान के रूप में शुरू किया गया है। इसमें डिजिटल और भौतिक माध्यमों को एक साथ जोड़ते हुए बहुभाषी और बहु-माध्यम तरीके से निवेशक शिक्षा पर जोर दिया जा रहा है। यह अभियान सेबी द्वारा प्रमुख प्रतिभूति बाजार भागीदारों के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इनमें राष्ट्रीय प्रतिभूति बाजार संस्थान (NISM), बीएसई, एनएसई, एमसीएक्स, सीडीएसएल, एनएसडीएल और एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) शामिल हैं।

विश्व निवेशक सप्ताह 2026 के तहत अभियान

इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ सिक्योरिटीज कमीशन्स (IOSCO) के तत्वावधान में आयोजित विश्व निवेशक सप्ताह का 10वां संस्करण भारत में 5 से 11 अक्टूबर 2026 तक मनाया जा रहा है। इस वर्ष की थीम ‘समझ से इन्वेस्टिंग सिंपल’ रखी गई है।

इस अभियान के माध्यम से निवेशकों को विभिन्न निवेश उत्पादों की विशेषताओं और उनसे जुड़े जोखिमों को समझने, निवेश प्लेटफॉर्म और भुगतान संबंधी अनुरोधों की प्रामाणिकता जांचने तथा निवेश से पहले उचित जानकारी हासिल करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

छात्रों के लिए शुरू हुई MUST पहल

सेबी ने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के छात्रों के बीच वित्तीय साक्षरता एवं प्रतिभूति बाजार की समझ बढ़ाने के लिए ‘मेंटोरिंग ऑफ यूनिवर्सिटी/कॉलेज स्टूडेंट्स बाय ट्रेनर्स (MUST)’ पहल की शुरुआत की है।

इस पहल के तहत विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में चयनित शिक्षकों, कर्मचारियों या वरिष्ठ छात्रों को सेबी, प्रतिभूति बाजार भागीदारों और NISM की ओर से पार्टनर ट्रेनर्स (PT) के रूप में प्रशिक्षित और प्रमाणित किया जाएगा। ये प्रशिक्षित लोग अपने-अपने परिसरों में छात्रों को बुनियादी वित्तीय साक्षरता, सूचित निवेश और वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव के बारे में जानकारी देंगे।

सेबी इस पहल और प्रोजेक्ट जागरूक को विश्वविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों में व्यापक स्तर पर लागू करने के लिए एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (AIU) के साथ भी सहयोग कर रहा है।

MUST पहल के तहत छात्रों के लिए एक इंटरैक्टिव लीफलेट भी पेश किया गया है, जिसमें निवेश की तुलना ट्रेकिंग से करते हुए इसे आसान तरीके से समझाया गया है। इसमें ‘स्पॉट द डिफरेंसेस’ गेम भी शामिल है, जिसका उद्देश्य छात्रों में बेहतर निवेशक आदतों को विकसित करना है। लीफलेट में निवेश और यात्रा दोनों में आने वाले उतार-चढ़ाव के उदाहरण के जरिए तैयारी और सोच-समझकर आगे बढ़ने के महत्व को समझाया गया है।

WhatsApp पर सेबी की आधिकारिक मौजूदगी

निवेशक जागरूकता और शिक्षा से जुड़ी जानकारी को आम लोगों तक आसानी से पहुंचाने के लिए सेबी ने WhatsApp पर अपनी आधिकारिक मौजूदगी की भी घोषणा की है। सेबी का आधिकारिक WhatsApp चैनल 1800 22 7575 के माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है। प्रामाणिक खाते की पहचान में मदद के लिए आधिकारिक चैनल पर वेरिफाइड ब्लू टिक उपलब्ध होगा।

देशभर में जारी रहेंगी निवेशक जागरूकता पहल

सेबी और प्रतिभूति बाजार भागीदार राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों तथा पंचायती राज मंत्रालय के सहयोग से देशभर में वित्तीय साक्षरता और निवेशक जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रोजेक्ट जागरूक के तहत विभिन्न गतिविधियां जारी रखेंगे।

पंजाब विश्वविद्यालय में लगी निवेशक जागरूकता प्रदर्शनी

कार्यक्रम के दौरान पंजाब विश्वविद्यालय परिसर में निवेशक जागरूकता कला प्रदर्शनी भी आयोजित की गई। प्रदर्शनी में प्रतिभूति बाजार के विभिन्न पहलुओं और अलग-अलग निवेश विकल्पों से संबंधित पेंटिंग्स प्रदर्शित की गईं।

सिक्योरिटीज मार्केट पार्टनर्स ने कार्यक्रम में इंटरैक्टिव गेम्स, क्विज और निवेशकों से जुड़ी विभिन्न पहलों की जानकारी देने वाले स्टॉल लगाए। इन गतिविधियों के माध्यम से छात्रों और अन्य आगंतुकों को निवेश, निवेशकों के अधिकारों और वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव के बारे में जानकारी हासिल करने का अवसर मिला।

कार्यक्रम में सेबी, पंजाब विश्वविद्यालय, एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज और विभिन्न सिक्योरिटीज मार्केट पार्टनर्स के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।

सेबी ने चंडीगढ़ में खोला स्थानीय कार्यालय, पंजाब-हरियाणा और यूटी चंडीगढ़ के निवेशकों को मिलेगा सीधा लाभ

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे ने सोमवार को चंडीगढ़ में सेबी के नए स्थानीय कार्यालय का उद्घाटन किया। नए कार्यालय के शुरू होने से पंजाब, हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में निवेशक सेवाओं, वित्तीय साक्षरता और निवेशक शिकायतों के निवारण को स्थानीय स्तर पर मजबूती मिलने की उम्मीद है।

सेबी का चंडीगढ़ स्थानीय कार्यालय एससीओ नंबर 20-25, दूसरी मंजिल, जीवन प्रकाश बिल्डिंग, सेक्टर 17बी, चंडीगढ़-160017 में स्थित है।

यह कार्यालय पंजाब और हरियाणा राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ को कवर करेगा। प्रशासनिक रूप से यह नई दिल्ली स्थित सेबी के उत्तरी क्षेत्रीय कार्यालय के नियंत्रण और क्षेत्राधिकार के तहत काम करेगा।

निवेशकों की शिकायतों के समाधान पर जोर

चंडीगढ़ स्थित स्थानीय कार्यालय के प्रमुख कार्यों में सूचीबद्ध कंपनियों और बाजार मध्यस्थों के खिलाफ निवेशकों की शिकायतों के निवारण में सुविधा प्रदान करना शामिल होगा। इससे क्षेत्र के निवेशकों को अपनी समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए स्थानीय स्तर पर बेहतर संपर्क उपलब्ध हो सकेगा।

इसके अलावा कार्यालय की ओर से निवेशक शिक्षा और वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए भी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इसका उद्देश्य निवेशकों को प्रतिभूति बाजार, निवेश के विभिन्न विकल्पों, जोखिमों और उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करना होगा।

SME, बॉन्ड और सोशल स्टॉक एक्सचेंज से जुड़े मामलों पर भी रहेगा फोकस

सेबी का चंडीगढ़ कार्यालय अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले विभिन्न बाजार प्रतिभागियों और संस्थाओं के साथ भी समन्वय करेगा। इसमें जारीकर्ताओं के मंचों के साथ जुड़ाव विशेष रूप से लघु एवं मध्यम उद्यम (SMEs), सोशल स्टॉक एक्सचेंज, म्यूनिसिपल बॉन्ड और कॉरपोरेट बॉन्ड जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है।

स्थानीय कार्यालय को समय-समय पर सेबी की ओर से सौंपे जाने वाले अन्य कार्य भी करने होंगे। चंडीगढ़ में कार्यालय खुलने से उत्तरी क्षेत्र में सेबी की स्थानीय उपस्थिति और निवेशक-केंद्रित सेवाओं को और विस्तार मिलने की संभावना है।

तरनतारन : लव मैरिज का विवाद: चाचा की बेटी से शादी करने वाले युवक की गोली मारकर हत्या, पिता गंभीर

तरनतारन / सत्ता संदेश

तरनतारन जिले के झबल थाना क्षेत्र के पंजवार गांव में लव मैरिज को लेकर हुए विवाद में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि लड़की के परिवार के लोगों ने युवक और उसके पिता पर फायरिंग की। घटना में युवक की मौत हो गई, जबकि उसके पिता गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज चल रहा है।

मृतक की पहचान अमृतपाल सिंह के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, अमृतपाल सिंह ने करीब डेढ़ महीने पहले अपने चाचा की बेटी से लव मैरिज की थी। शादी के बाद से ही दोनों परिवारों के बीच विवाद चल रहा था।

बताया जा रहा है कि रविवार को लड़की के परिवार के कुछ लोग अमृतपाल के घर पहुंचे। वहां दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि इसी दौरान लड़की के परिवार वालों ने अमृतपाल सिंह और उसके पिता कश्मीर सिंह पर गोली चला दी। फायरिंग में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के बाद परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों ने दोनों घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें अमृतसर के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया। यहां इलाज के दौरान अमृतपाल सिंह ने दम तोड़ दिया। उसके पिता कश्मीर सिंह की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका उपचार जारी है।

फायरिंग की सूचना मिलते ही झबल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच शुरू की। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं है।

DSP सुखबीर सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मौड़ : राजपाल सिंह की संदिग्ध मौत का खुलासा, पत्नी और कथित प्रेमी गिरफ्तार

बठिंडा / मौड़ / सत्ता संदेश

पंजाब के बठिंडा जिले के मौड़ थाना क्षेत्र के गांव कोटली खुर्द में राजपाल सिंह की संदिग्ध मौत के मामले को पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। पुलिस जांच के अनुसार, राजपाल सिंह ने आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि उसकी कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या की गई और बाद में शव को घर की रसोई में लटकाकर घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।

मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी किरणपाल कौर और गांव कोटली कलां निवासी ब्रह्मजीत सिंह उर्फ पीता को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों के बीच कथित संबंध होने की बात जांच में सामने आई है।

मौड़ थाने के SHO इंस्पेक्टर तरनदीप सिंह के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि कोटली खुर्द गांव स्थित घर में राजपाल सिंह का शव लटका हुआ मिला है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम को मामला संदिग्ध लगा, जिसके बाद घटनास्थल और अन्य पहलुओं की गहनता से जांच शुरू की गई।

पुलिस के मुताबिक, मृतक के चचेरे भाई सतपाल सिंह के बयानों और जांच के दौरान सामने आया कि राजपाल सिंह की पत्नी किरणपाल कौर के ब्रह्मजीत सिंह के साथ कथित संबंध थे। पुलिस का कहना है कि राजपाल सिंह को इन कथित संबंधों के बारे में जानकारी हो गई थी और घटना से पहले दोनों के बीच विवाद भी हुआ था।

जांच के दौरान पुलिस ने आरोप लगाया कि किरणपाल कौर ने ब्रह्मजीत सिंह को अपने घर बुलाया। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर कपड़े से राजपाल सिंह का गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को घर की खुली रसोई में लोहे के एंगल से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।

पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान घर में लगे CCTV कैमरों का DVR और मोबाइल फोन भी गायब मिला। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मृतक की पत्नी किरणपाल कौर और ब्रह्मजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।

SHO इंस्पेक्टर तरनदीप सिंह ने बताया कि पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस घटना में इस्तेमाल किए गए कपड़े, गायब मोबाइल फोन, CCTV DVR और मामले से जुड़े अन्य सामान की बरामदगी के लिए कार्रवाई कर रही है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड लिया जा रहा है। रिमांड के दौरान पुलिस हत्या से जुड़े घटनाक्रम, कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए सामान और गायब CCTV DVR व मोबाइल फोन समेत अन्य तथ्यों की जांच करेगी।

कपूरथला मंडी पहुंचे मंत्री लालचंद कटारूचक्क, बोले- केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल

कपूरथला / सत्ता संदेश

पंजाब के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री लालचंद कटारूचक्क ने शनिवार को कपूरथला मंडी का दौरा कर धान की खरीद प्रक्रिया का जायजा लिया। उन्होंने मंडी में अधिकारियों से खरीद व्यवस्था को लेकर जानकारी ली और किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं।

मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार धान की खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखने के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों को उनकी फसल का निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) मिलना सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि धान की तौल में किसी भी तरह की लापरवाही न हो और नमी की जांच निर्धारित नियमों के अनुसार की जाए, ताकि किसानों को मंडियों में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

अब तक करीब 70 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद

लालचंद कटारूचक्क ने बताया कि पंजाब में अब तक करीब 70 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है और प्रदेश की विभिन्न मंडियों में खरीद प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि वह खुद भी लगातार मंडियों का दौरा कर रहे हैं, ताकि किसानों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया जा सके और खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।

धान के उठान में तेजी की केंद्र से मांग

मंत्री ने पंजाब में भंडारण क्षमता की कमी को लेकर कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को पत्र लिखकर राज्य में पैदा हो रही स्पेस की समस्या से अवगत कराया है। उन्होंने कहा कि शेलरों और गोदामों में पहले से पड़ा अनाज समय पर नहीं उठाए जाने के कारण नई धान की फसल को रखने के लिए जगह की समस्या पैदा हो रही है।

‘केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट रही’

लालचंद कटारूचक्क ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार अपनी तरफ से लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन केंद्र सरकार को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने केंद्र से अपील की कि मिलों और गोदामों में पड़े अनाज के उठान में तेजी लाई जाए, ताकि आने वाले दिनों में किसानों को धान बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार की ओर से स्पेस की समस्या का उचित समाधान नहीं किया जाता तो पंजाब सरकार अपने स्तर पर वैकल्पिक प्रबंध करने के लिए भी तैयार है। उन्होंने कहा कि किसानों की फसल बिना किसी रुकावट के मंडियों में खरीदी जाए, यह पंजाब सरकार की प्राथमिकता है।

नए पंजाब कांग्रेस प्रधान को दी बधाई

मंत्री लालचंद कटारूचक्क ने पंजाब कांग्रेस के नए प्रधान जगन सिंह को बधाई देते हुए कहा कि कांग्रेस को एकजुट रखना उनके लिए बड़ी चुनौती होगी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों में प्रधान का बदलना एक राजनीतिक प्रक्रिया है।

‘गुड गवर्नेंस में मान सरकार का कोई मुकाबला नहीं’

लालचंद कटारूचक्क ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार पारदर्शिता और गुड गवर्नेंस के साथ काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब सरकार लोगों के प्रति अपनी जिम्मेदारी और लोकहित से जुड़े कार्यों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा कर रही है।

Amritsar : दिनेश बस्सी की गिरफ्तारी के बाद गरमाया माहौल, कांग्रेस पार्षदों ने पुलिस के खिलाफ किया प्रदर्शन

अमृतसर / सत्ता संदेश

कांग्रेस नेता और इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन दिनेश बस्सी की गिरफ्तारी के बाद अमृतसर में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। दिनेश बस्सी के समर्थन में कांग्रेस पार्षदों और नेताओं ने पुलिस प्रशासन और पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने पुलिस पर बदसलूकी के आरोप लगाए। वहीं, पुलिस द्वारा पार्षदों को थाने से बाहर निकालने का एक वीडियो भी सामने आया है।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि दिनेश बस्सी को पुलिस ने पूछताछ में सहयोग करने के लिए थाने बुलाया था, लेकिन बाद में उन्हें थाने के अंदर बैठा लिया गया। इसके बाद कांग्रेस के कुछ पार्षद उनके साथ सिविल लाइंस थाने पहुंचे।

पार्षदों ने आरोप लगाया कि थाने पहुंचने के बाद पुलिसकर्मियों ने उनके साथ कथित तौर पर बदसलूकी की और उन्हें धक्का देकर बाहर निकाल दिया। कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताते हुए पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

पार्षद संजीव टांगरी ने पंजाब पुलिस और सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुने हुए प्रतिनिधियों को थाने से धक्का देकर बाहर निकालना लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान है। उन्होंने दावा किया कि दिनेश बस्सी को राजनीतिक दबाव के चलते मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है। संजीव टांगरी के मुताबिक, दिनेश बस्सी की गलती सिर्फ इतनी है कि वह कांग्रेस की ओर से ईस्ट हलके से चुनाव लड़ना चाहते हैं।

वहीं, पार्षद रमन रम्मी ने आरोप लगाया कि दिनेश बस्सी को पुलिस जांच में सहयोग करने के लिए बुलाया गया था, लेकिन उन्हें थाने के अंदर बैठा लिया गया। रमन रम्मी के मुताबिक, जब पांच पार्षद उनके साथ थाने पहुंचे तो बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी वहां मौजूद थे और कथित तौर पर उनके साथ धक्का-मुक्की की गई।

रमन रम्मी ने यह भी आरोप लगाया कि थाने के अंदर खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवाने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस की ओर से कोई गलत कार्रवाई की गई तो कांग्रेस पार्षद थाने में ही गिरफ्तारी देने से पीछे नहीं हटेंगे।

पार्षद सतीश बल्लू ने कहा कि पुलिस के संदेश के बाद दिनेश बस्सी खुद थाने पहुंचे थे और वह पांच पार्षदों के साथ SHO के कमरे में बैठे थे। उनके मुताबिक, SHO को एक फोन आने के बाद स्थिति बदल गई और पुलिस ने उन्हें थाने से जाने के लिए कहा। सतीश बल्लू ने आरोप लगाया कि इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया और चुने हुए प्रतिनिधियों को धक्का देकर बाहर निकाल दिया गया।

कांग्रेस नेता बॉबी पहलवान ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र की हत्या करार दिया। उन्होंने दावा किया कि जिस FIR का पुलिस की ओर से जिक्र किया जा रहा है, उसमें दिनेश बस्सी का नाम नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दिनेश बस्सी के खिलाफ जबरदस्ती या गलत कार्रवाई की गई तो कांग्रेस की ओर से बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस की ओर से धक्का-मुक्की या कथित तौर पर गलत कार्रवाई जारी रही तो शहर के बाजार बंद करवाने और सड़कों पर धरना देने का फैसला लिया जा सकता है। मामले को लेकर अमृतसर में राजनीतिक टकराव बढ़ने के आसार हैं।

माझा : मौली चीमा ने मिस टीन ड्रीम ओरा इंडिया पंजाब विनर 2026 का जीता खिताब

माझा / पंजाब / सत्ता संदेश

पंजाब की धरती को एक बार फिर अपनी बेटी की उपलब्धि पर गर्व करने का मौका मिला है। ड्रीम ओरा इंडिया 2026 सीजन-1 के ग्रैंड फिनाले में माझा की बेटी मौली चीमा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मिस टीन ड्रीम ओरा इंडिया पंजाब विनर 2026 का खिताब अपने नाम किया।

मौली चीमा की इस उपलब्धि के बाद उनके परिवार, रिश्तेदारों और पूरे इलाके में खुशी का माहौल है। उनकी सफलता से न केवल परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन हुआ है, बल्कि माझा और पंजाब के लिए भी यह गौरव का क्षण है।

ड्रीम ओरा इंडिया 2026 सीजन-1 के ग्रैंड फिनाले में देश के अलग-अलग हिस्सों से प्रतिभाशाली प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों को अपनी पर्सनैलिटी, कॉन्फिडेंस, टैलेंट और रैंप वॉक के जरिए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का मौका मिला।

मौली चीमा ने भी प्रतियोगिता के विभिन्न राउंड में पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उनकी पर्सनैलिटी, टैलेंट और रैंप वॉक ने जजों और दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें मिस टीन ड्रीम ओरा इंडिया पंजाब विनर 2026 के खिताब से नवाजा गया।

खिताब जीतने के बाद मौली चीमा को परिवार और शुभचिंतकों की ओर से लगातार बधाइयां मिल रही हैं। उनकी इस उपलब्धि को लेकर क्षेत्र में भी उत्साह का माहौल है।

मौली चीमा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिवार और उन सभी लोगों को दिया, जिन्होंने प्रतियोगिता की तैयारी से लेकर ग्रैंड फिनाले तक उनका लगातार हौसला बढ़ाया और हर कदम पर उनका साथ दिया।

मौली चीमा की यह उपलब्धि पंजाब की युवा प्रतिभाओं के लिए भी प्रेरणा का संदेश है और यह दिखाती है कि मेहनत, आत्मविश्वास और परिवार के सहयोग के साथ युवा अपने सपनों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।

मानसा: किसानों का प्रदर्शन लगातार जारी, बड़ी संख्या में महिला किसानों ने लिया हिस्सा

मानसा / सत्ता संदेश

मानसा में डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के समक्ष भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां की ओर से अपनी मांगों को लेकर चल रहा धरना लगातार जारी है। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में किसान और महिला किसान भी शामिल हुईं। किसान नेताओं ने पंजाब सरकार पर किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों की मांगों की अनदेखी करने के आरोप लगाए।

किसान यूनियन के नेताओं ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे कर्मचारी संगठनों के साथ सरकार की ओर से कथित तौर पर सख्ती की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की आवाज को भी दबाने की कोशिश की जा रही है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसान अब अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। किसान नेताओं के अनुसार, उनकी ओर से सरकार के सामने 13 मांगें रखी गई हैं, लेकिन अब तक इनमें से किसी भी मांग पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के चलते यूनियन की ओर से संघर्ष को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।

प्रदर्शन में शामिल महिला किसान नेताओं ने भी पंजाब सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने महिलाओं को आर्थिक सहायता देने वाली सरकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यदि सरकार महिलाओं को आर्थिक सहायता देने में सक्षम नहीं है तो युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाया जाए।

महिला किसान नेताओं ने पंजाब में नशे की समस्या को लेकर भी सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं को रोजगार और नशे से मुक्ति सहित जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं तो वे सरकार की ओर से मिलने वाली अन्य सुविधाओं को छोड़ने के लिए भी तैयार हैं।

किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। अब किसानों के लगातार चल रहे इस प्रदर्शन के बीच पंजाब सरकार और प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।