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भारत ने मलेशिया को 5-1 से हराकर एशियन गेम्स में जीता हॉकी का स्वर्ण, लॉस एंजिलिस ओलंपिक का टिकट भी पक्का

भारत ने मलेशिया को 5-1 से हराकर एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी का स्वर्ण पदक जीता और 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया। हरमनप्रीत सिंह और मनप्रीत सिंह ने भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं।

खेल डेस्क / सत्ता संदेश

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मलेशिया को 5-1 से हराकर एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए भी सीधे क्वालीफाई कर लिया है। एशियन गेम्स के इतिहास में यह पहली बार है जब भारत की पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों ने एक ही संस्करण में स्वर्ण पदक जीते हैं।

भारत ने इससे पहले 2023 हांगझू एशियन गेम्स में भी पुरुष हॉकी का स्वर्ण पदक जीता था। इस जीत के साथ भारतीय पुरुष टीम ने पहली बार एशियन गेम्स में अपने स्वर्ण पदक का सफलतापूर्वक बचाव किया है।

पहले क्वार्टर में भारत-मलेशिया के बीच कड़ी टक्कर

मैच की शुरुआत में भारतीय टीम ने थोड़ी रक्षात्मक रणनीति अपनाई, लेकिन कुछ ही समय बाद टीम ने आक्रामक खेल दिखाना शुरू कर दिया। भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, हालांकि टीम उसे गोल में नहीं बदल सकी।

इसके बाद 11वें मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने शानदार ड्रैग फ्लिक के जरिए गेंद को गोल पोस्ट में पहुंचाकर भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी। हालांकि, मलेशिया ने जल्द ही वापसी की और शेलो सिलवेरियस ने मैदानी गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।

जुगराज सिंह ने दिलाई भारत को बढ़त

दूसरे क्वार्टर में भारत ने अपना दबदबा बढ़ाया। टीम को पेनल्टी कॉर्नर मिला और जुगराज सिंह ने 23वें मिनट में शानदार गोल करते हुए भारत को 2-1 की बढ़त दिला दी।

मलेशिया ने इसके बाद आक्रामक खेल दिखाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय डिफेंस ने उसके हमलों को नाकाम कर दिया। भारत ने हाफ टाइम तक 2-1 की बढ़त कायम रखी।

हार्दिक सिंह के गोल से भारत 3-1 आगे

तीसरे क्वार्टर में भारत के पास बढ़त बढ़ाने के कई मौके आए, लेकिन टीम शुरुआत में उन्हें गोल में नहीं बदल सकी। जुगराज सिंह और नीलकांत शर्मा गोल करने से चूक गए। इसके बाद हरमनप्रीत सिंह भी पेनल्टी कॉर्नर को गोल में नहीं बदल पाए।

भारत ने एक मौके पर रेफरी से रिव्यू की मांग की, लेकिन रिप्ले में मलेशियाई खिलाड़ी की स्टिक से गेंद लगने की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद भारत को पेनल्टी स्ट्रोक मिला।

42वें मिनट में हार्दिक सिंह ने पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलते हुए भारत की बढ़त 3-1 कर दी।

आखिरी क्वार्टर में भारत ने दागे दो गोल

चौथे क्वार्टर में मलेशिया ने वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय टीम ने दबाव बनाए रखा। मलेशियाई डिफेंस ने कई मौकों पर भारत को रोकने की कोशिश की, लेकिन 54वें मिनट में शिलानंद लाकड़ा ने मैदानी गोल कर भारत को 4-1 से आगे कर दिया।

इसके कुछ ही देर बाद भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 57वें मिनट में इसे गोल में बदलकर स्कोर 5-1 कर दिया। इसके बाद मलेशिया के लिए वापसी करना मुश्किल हो गया और भारत ने शानदार जीत के साथ स्वर्ण पदक पर कब्जा कर लिया।

हरमनप्रीत और मनप्रीत ने रचा इतिहास

स्वर्ण पदक जीतने के साथ भारतीय हॉकी के दो दिग्गज खिलाड़ियों के नाम भी बड़ी उपलब्धियां दर्ज हुईं। हरमनप्रीत सिंह लगातार दो एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय कप्तान बने हैं।

वहीं, मनप्रीत सिंह तीन अलग-अलग एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले इकलौते भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। वह इससे पहले 2014 और 2023 में भी भारतीय टीम के साथ स्वर्ण पदक जीत चुके हैं।

भारत की इस जीत ने न केवल एशियन गेम्स में हॉकी का स्वर्ण बरकरार रखा, बल्कि 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में जगह भी सुनिश्चित कर दी।

भारत ने पाकिस्तान को 4-3 से हराकर एशियन गेम्स 2026 हॉकी फाइनल में बनाई जगह

खेल डेस्क / सत्ता संदेश

भारत की मेंस हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में जगह बना ली है। पहले सेमीफाइनल में भारत ने पाकिस्तान को रोमांचक मुकाबले में 4-3 से शिकस्त दी। मैच का फैसला आखिरी मिनट में हुआ, जब अभिषेक ने निर्णायक गोल दागकर भारत को जीत दिलाई।

भारत ने मुकाबले की शुरुआत आक्रामक अंदाज में की। पहले क्वार्टर में भारतीय टीम ने पाकिस्तान पर 2-0 की बढ़त बना ली। दूसरे क्वार्टर में भारत ने एक और गोल करते हुए स्कोर 3-0 कर दिया। इस बढ़त के बाद भारत की स्थिति मजबूत नजर आ रही थी, लेकिन पाकिस्तान ने जोरदार वापसी की।

पाकिस्तान ने लगातार हमले करते हुए भारत की तीन गोल की बढ़त को खत्म कर दिया और स्कोर 3-3 से बराबर कर दिया। इसके बाद दोनों टीमों के बीच आखिरी मिनट तक कड़ा मुकाबला देखने को मिला।

मैच के निर्णायक क्षण में अभिषेक ने गोल दागकर भारत को 4-3 की बढ़त दिलाई, जो अंत तक कायम रही। इस गोल के साथ भारत ने फाइनल का टिकट पक्का कर लिया।

भारत की ओर से हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल, जबकि सुखजीत सिंह ने एक गोल किया। इसके बाद अभिषेक का आखिरी मिनट में आया गोल भारत की जीत का निर्णायक गोल साबित हुआ।

28 साल बाद बना खास संयोग

भारत की मेंस हॉकी टीम के फाइनल में पहुंचने के साथ एशियन गेम्स में एक खास संयोग भी बना है। 1998 के बाद यह पहला मौका है जब भारत की पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमें एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंची हैं। महिला टीम ने अपने सेमीफाइनल मुकाबले में कोरिया को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।

अब भारत की नजरें एशियन गेम्स 2026 में हॉकी के दोनों स्वर्ण पदकों पर होंगी।