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नशा मुक्ति केंद्रों में अब होगी Triple H Screening, HIV और हेपेटाइटिस की जांच से जुड़ेगी डि-एडिक्शन प्रक्रिया

पंजाब में नशा मुक्ति एवं रिहैबिलिटेशन सेवाओं को Triple H Screening से जोड़ने की तैयारी है। HIV, Hepatitis-B और Hepatitis-C की जांच के साथ उपचार और परामर्श पर भी जोर दिया जाएगा।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब सरकार ने नशा मुक्ति एवं पुनर्वास सेवाओं को रक्त के जरिए फैलने वाले संक्रमणों की जांच से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नई व्यवस्था के तहत नशा मुक्ति एवं रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया से जुड़े लोगों की Triple H Screening की जाएगी। इसमें HIV, Hepatitis-B और Hepatitis-C की जांच शामिल होगी।

सरकार के अनुसार, यह पहल नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। इसका उद्देश्य नशे की लत से जूझ रहे लोगों को उपचार और पुनर्वास सेवाओं के साथ-साथ संक्रमणों की समय पर पहचान और चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराना है।

नशा मुक्ति प्रक्रिया से सीधे जुड़ेगी जांच

पंजाब में पिछले वर्षों से HIV और हेपेटाइटिस की जांच के लिए समय-समय पर कैंप लगाए जाते रहे हैं। हालांकि, केवल कैंप आधारित व्यवस्था में यह पता लगाना मुश्किल था कि कितने लोगों ने जांच करवाई, कौन जांच से छूट गया और किन लोगों को आगे उपचार या मेडिकल निगरानी की जरूरत है।

नई व्यवस्था में जांच को सीधे नशा मुक्ति एवं रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा। इससे जांच के अवसर नियमित होंगे और संक्रमण की पुष्टि होने पर संबंधित व्यक्ति को आगे की चिकित्सा सेवाओं से जोड़ने में मदद मिलेगी।

इंजेक्शन से नशा करने वालों में संक्रमण का जोखिम

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि इंजेक्शन के माध्यम से नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले लोगों में रक्त के जरिए फैलने वाले संक्रमणों का जोखिम अधिक होता है। ऐसे में HIV, Hepatitis-B और Hepatitis-C की समय रहते पहचान जरूरी है, ताकि मरीज को उचित उपचार, परामर्श और चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराई जा सके।

उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति का उद्देश्य केवल नशे की आदत से छुटकारा दिलाना नहीं है, बल्कि प्रभावित लोगों को स्वस्थ जीवन जीने और समाज की मुख्यधारा से दोबारा जुड़ने में मदद करना भी है।

जांच से लेकर उपचार तक बेहतर होगी निगरानी

नई व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यदि कोई व्यक्ति नियमित जांच शिविर में शामिल नहीं हो पाता था तो उसे अगली स्क्रीनिंग के लिए कई सप्ताह या महीनों तक इंतजार करना पड़ सकता था। नशा मुक्ति सेवाओं के साथ स्क्रीनिंग को जोड़ने से ऐसे लोगों की पहचान करना आसान होगा, जिन्हें जांच या आगे की चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता है।

संक्रमण की पुष्टि होने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने की व्यवस्था भी की जाएगी।

परामर्श और मनोवैज्ञानिक सहयोग पर भी जोर

सरकार की इस पहल में केवल बीमारी की जांच ही नहीं, बल्कि नशे से उबरने की पूरी प्रक्रिया को मजबूत करने पर जोर है। इसमें चिकित्सकीय देखभाल के साथ परामर्श, मनोवैज्ञानिक सहयोग और सामाजिक पुनर्वास को भी महत्वपूर्ण माना गया है।

राज्य में आम आदमी क्लीनिकों के माध्यम से भी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। पंजाब के स्वास्थ्य विभाग का ऑनलाइन स्वास्थ्य प्रबंधन तंत्र राज्य के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों और सुविधाओं की निगरानी करता है।

जानकारी के मुताबिक, निजी नशा मुक्ति केंद्रों में Triple H Screening की व्यवस्था शुरू हो चुकी है, जबकि सरकारी केंद्रों में इसे जल्द लागू किए जाने की उम्मीद है। इस पहल का उद्देश्य नशे की समस्या से प्रभावित लोगों के लिए जांच, उपचार, परामर्श और पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना है।


भारत ने मलेशिया को 5-1 से हराकर एशियन गेम्स में जीता हॉकी का स्वर्ण, लॉस एंजिलिस ओलंपिक का टिकट भी पक्का

भारत ने मलेशिया को 5-1 से हराकर एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी का स्वर्ण पदक जीता और 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया। हरमनप्रीत सिंह और मनप्रीत सिंह ने भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं।

खेल डेस्क / सत्ता संदेश

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मलेशिया को 5-1 से हराकर एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए भी सीधे क्वालीफाई कर लिया है। एशियन गेम्स के इतिहास में यह पहली बार है जब भारत की पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों ने एक ही संस्करण में स्वर्ण पदक जीते हैं।

भारत ने इससे पहले 2023 हांगझू एशियन गेम्स में भी पुरुष हॉकी का स्वर्ण पदक जीता था। इस जीत के साथ भारतीय पुरुष टीम ने पहली बार एशियन गेम्स में अपने स्वर्ण पदक का सफलतापूर्वक बचाव किया है।

पहले क्वार्टर में भारत-मलेशिया के बीच कड़ी टक्कर

मैच की शुरुआत में भारतीय टीम ने थोड़ी रक्षात्मक रणनीति अपनाई, लेकिन कुछ ही समय बाद टीम ने आक्रामक खेल दिखाना शुरू कर दिया। भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, हालांकि टीम उसे गोल में नहीं बदल सकी।

इसके बाद 11वें मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने शानदार ड्रैग फ्लिक के जरिए गेंद को गोल पोस्ट में पहुंचाकर भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी। हालांकि, मलेशिया ने जल्द ही वापसी की और शेलो सिलवेरियस ने मैदानी गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।

जुगराज सिंह ने दिलाई भारत को बढ़त

दूसरे क्वार्टर में भारत ने अपना दबदबा बढ़ाया। टीम को पेनल्टी कॉर्नर मिला और जुगराज सिंह ने 23वें मिनट में शानदार गोल करते हुए भारत को 2-1 की बढ़त दिला दी।

मलेशिया ने इसके बाद आक्रामक खेल दिखाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय डिफेंस ने उसके हमलों को नाकाम कर दिया। भारत ने हाफ टाइम तक 2-1 की बढ़त कायम रखी।

हार्दिक सिंह के गोल से भारत 3-1 आगे

तीसरे क्वार्टर में भारत के पास बढ़त बढ़ाने के कई मौके आए, लेकिन टीम शुरुआत में उन्हें गोल में नहीं बदल सकी। जुगराज सिंह और नीलकांत शर्मा गोल करने से चूक गए। इसके बाद हरमनप्रीत सिंह भी पेनल्टी कॉर्नर को गोल में नहीं बदल पाए।

भारत ने एक मौके पर रेफरी से रिव्यू की मांग की, लेकिन रिप्ले में मलेशियाई खिलाड़ी की स्टिक से गेंद लगने की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद भारत को पेनल्टी स्ट्रोक मिला।

42वें मिनट में हार्दिक सिंह ने पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलते हुए भारत की बढ़त 3-1 कर दी।

आखिरी क्वार्टर में भारत ने दागे दो गोल

चौथे क्वार्टर में मलेशिया ने वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय टीम ने दबाव बनाए रखा। मलेशियाई डिफेंस ने कई मौकों पर भारत को रोकने की कोशिश की, लेकिन 54वें मिनट में शिलानंद लाकड़ा ने मैदानी गोल कर भारत को 4-1 से आगे कर दिया।

इसके कुछ ही देर बाद भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 57वें मिनट में इसे गोल में बदलकर स्कोर 5-1 कर दिया। इसके बाद मलेशिया के लिए वापसी करना मुश्किल हो गया और भारत ने शानदार जीत के साथ स्वर्ण पदक पर कब्जा कर लिया।

हरमनप्रीत और मनप्रीत ने रचा इतिहास

स्वर्ण पदक जीतने के साथ भारतीय हॉकी के दो दिग्गज खिलाड़ियों के नाम भी बड़ी उपलब्धियां दर्ज हुईं। हरमनप्रीत सिंह लगातार दो एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय कप्तान बने हैं।

वहीं, मनप्रीत सिंह तीन अलग-अलग एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले इकलौते भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। वह इससे पहले 2014 और 2023 में भी भारतीय टीम के साथ स्वर्ण पदक जीत चुके हैं।

भारत की इस जीत ने न केवल एशियन गेम्स में हॉकी का स्वर्ण बरकरार रखा, बल्कि 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में जगह भी सुनिश्चित कर दी।

7 अक्टूबर को चंडीगढ़ डाक मंडल की दूसरी ‘डाक अदालत’, लंबित शिकायतों का होगा निपटारा

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

चंडीगढ़ डाक मंडल द्वारा 7 अक्टूबर 2026 को दूसरी ‘डाक अदालत’ का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य डाक मंडल से संबंधित लंबित शिकायतों का निपटारा करना है।

डाक अदालत का आयोजन सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक कार्यालय वरिष्ठ अधीक्षक डाकघर, चंडीगढ़ मंडल, तृतीय तल, जी.पी.ओ. इमारत, चंडीगढ़ में किया जाएगा। यह डाक अदालत सी-डॉट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित होगी।

डाक विभाग ने कहा है कि जिन शिकायतकर्ताओं की शिकायतें अभी लंबित हैं, वे अपनी शिकायत में पूरा विवरण उपलब्ध कराएं। इसमें संदर्भ संख्या, विभिन्न डाक प्राधिकारियों से पहले प्राप्त पत्र की तारीख और शिकायतकर्ता का मोबाइल नंबर शामिल होना चाहिए। dochandigarh.pb@indiapost.gov.in

शिकायत को अग्रिम रूप से स्पीड पोस्ट, व्यक्तिगत रूप से या ई-मेल के माध्यम से भेजा जा सकता है। शिकायत श्री कुमार संजीव, वरिष्ठ अधीक्षक डाकघर, चंडीगढ़ मंडल, चंडीगढ़-160017 के नाम संबोधित करनी होगी। लिफाफे पर स्पष्ट रूप से ‘डाक अदालत’ लिखना होगा।

शिकायत 5 अक्टूबर 2026 तक संबंधित कार्यालय में स्पीड पोस्ट के माध्यम से पहुंच जानी चाहिए।

शिकायतकर्ताओं से अनुरोध किया गया है कि वे निर्धारित दिनांक और समय पर सी-डॉट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से डाक अदालत में शामिल हों।

डाक अदालत में शामिल होने के लिए लिंक:
https://cdotmeet.cdot.in/vmeet/rooms/a-k-asc-aik/join

किसी भी प्रकार की जानकारी या स्पष्टीकरण के लिए 0172-2722359 पर संपर्क किया जा सकता है।

तुर्की से कुख्यात नार्को-ट्रैफिकिंग सरगना नवप्रीत सिंह भारत लाया गया, अमित शाह ने एजेंसियों को दी बधाई

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने तुर्की से कुख्यात नार्को-ट्रैफिकिंग सरगना नवप्रीत सिंह के प्रत्यर्पण को बड़ी उपलब्धि बताते हुए भारतीय एजेंसियों को बधाई दी है। नवप्रीत सिंह को आज तुर्की से भारत वापस लाया गया है और ड्रग तस्करी समेत अन्य आपराधिक मामलों में जेल भेज दिया गया है।

अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि नवप्रीत सिंह ने ‘नवाब विर्क’ की फर्जी पहचान के जरिए तुर्की की नागरिकता हासिल कर ली थी। इसके बावजूद वह अफगानिस्तान से भारत में हेरोइन और मेथम्फेटामाइन की तस्करी में कथित तौर पर शामिल रहा।

भारतीय एजेंसियों ने जांच के दौरान उसकी फर्जी पहचान का पर्दाफाश किया और उसकी वास्तविक पहचान का पता लगाकर उसे भारत वापस लाने में सफलता हासिल की। गृह मंत्री ने इस कार्रवाई के लिए सभी संबंधित एजेंसियों की सराहना की।

अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार दिसंबर 2029 से पहले हर नार्को-कार्टेल को खत्म करने के लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है।

36 देशों से 288 भगोड़ों को भारत लाया गया

सरकार के अनुसार, भगोड़ों को भारत वापस लाने के लिए 2019 से समन्वित अभियान चलाया जा रहा है। 2019 से अगस्त 2026 तक 36 देशों से कुल 288 भगोड़ों को भारत वापस लाया गया है।

सरकार का कहना है कि भगोड़ों के प्रत्यर्पण को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप अमित शाह ने भगोड़े अपराधियों के खिलाफ वैश्विक अभियान, मजबूत समन्वय और स्मार्ट कूटनीति को तीन प्रमुख स्तंभ बताया है।

BHARTPOL से एजेंसियों के बीच बढ़ा समन्वय

भारत और विदेशी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने के लिए जनवरी 2025 में BHARTPOL लॉन्च किया गया था। इसके जरिए CBI, राज्य पुलिस मुख्यालय और जिला पुलिस मुख्यालयों को एकीकृत सूचना ढांचे से जोड़ा गया है।

सरकार के मुताबिक, राज्य और केंद्रीय एजेंसियों के 1,400 से अधिक यूनिट ऑफिस इस पोर्टल से जुड़े हैं। इससे विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान में लगने वाला समय कम हुआ है। CBI द्वारा मांगी गई जानकारी सामान्यतः 10 से 20 दिनों में और कुछ मामलों में 3 से 10 दिनों में साझा किए जाने का दावा किया गया है।

PMLA के तहत ₹17,874 करोड़ की संपत्ति जब्त

सरकार के अनुसार, मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून यानी PMLA के तहत 2019 से 2026 के बीच भगोड़ों की कुल ₹17,874 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई। इसी अवधि में ₹18,762 करोड़ की सफल वापसी (Restitution) भी की गई, जिसमें देश छोड़कर भागे आर्थिक अपराधियों से संबंधित धन शामिल है।

वहीं, पिछले तीन वर्षों में भगोड़े अपराधियों के खिलाफ 401 रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए गए हैं। जुलाई 2026 तक कुल 182 रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सरकार की ओर से दी गई है।

राजस्थान पंचायत चुनाव: 25 अक्टूबर से 16 नवंबर तक 4 चरणों में होगा मतदान, 2.72 लाख पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात

राजस्थान / सत्ता संदेश

राजस्थान में पंचायत चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक पंचायत चुनाव 25 अक्टूबर से 16 नवंबर तक चार चरणों में कराए जाएंगे। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आचार संहिता लागू हो गई है।

पंच और सरपंच पदों के लिए पहले चरण का मतदान 25 अक्टूबर को 3,672 ग्राम पंचायतों में होगा। दूसरे चरण में 31 अक्टूबर को 3,626 ग्राम पंचायतों, तीसरे चरण में 6 नवंबर को 3,605 ग्राम पंचायतों और चौथे चरण में 16 नवंबर को 3,500 ग्राम पंचायतों में वोट डाले जाएंगे।

वहीं, पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव तीन चरणों में होंगे। इसके तहत पहले चरण का मतदान 13 अक्टूबर, दूसरे चरण का 16 अक्टूबर और तीसरे चरण का मतदान 23 अक्टूबर को कराया जाएगा।

जयपुर में चार चरणों में चुनाव

राजस्थान के जयपुर जिले में भी पंचायत चुनाव चार चरणों में होंगे। यहां सरपंच और वार्ड पंचों के चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएंगे, जबकि पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव ईवीएम के जरिए होंगे।

41 जिला परिषदों के सदस्यों और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव भी पंचायत चुनाव कार्यक्रम के तहत कराए जाएंगे। वहीं, कोटा, श्रीगंगानगर, बारां और करौली जिलों में प्रमुख और प्रधान के चुनाव 22 दिसंबर को होंगे।

2.72 लाख पुलिसकर्मियों की तैनाती

पंचायत चुनावों को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए राज्य में करीब 2.72 लाख पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। चुनाव में महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण का प्रावधान है।

मतदाता आंकड़ों की बात करें तो पंचायतीराज चुनाव में करीब 51.82 फीसदी पुरुष और 48.18 फीसदी महिला मतदाता हैं। राजस्थान के 41 जिलों में जयपुर में सबसे ज्यादा 18.99 लाख मतदाता, जबकि जैसलमेर में सबसे कम 4.36 लाख मतदाता बताए गए हैं। पूरे राज्य में 4 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।

चुनावी घोषणा के साथ आचार संहिता लागू

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम घोषित किए जाने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। इसके तहत सरकारी अधिकारियों के तबादलों पर रोक रहेगी। मंत्री अपने निर्वाचन क्षेत्रों में सरकारी वाहनों का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे और सरकारी गेस्ट हाउस तथा डाक बंगलों में ठहरने पर भी प्रतिबंध रहेगा।

नई योजनाओं की घोषणा पर रोक

आचार संहिता लागू होने के बाद राज्य सरकार नई योजनाओं या नए कार्यक्रमों की घोषणा नहीं कर सकेगी। हालांकि पहले से चल रहे विकास कार्य जारी रहेंगे। जिन टेंडरों की प्रक्रिया पहले से शुरू हो चुकी है, उन पर भी रोक नहीं होगी।

आचार संहिता का उद्देश्य चुनाव के दौरान सरकारी मशीनरी और संसाधनों के इस्तेमाल से मतदाताओं को प्रभावित करने वाली घोषणाओं या गतिविधियों पर रोक लगाना है।

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस का एक्शन, जंतर-मंतर मामले में 3 FIR दर्ज

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 2 अक्टूबर को दिल्ली समेत कई शहरों में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से जुड़े मामले में तीन FIR दर्ज की हैं। पुलिस के मुताबिक, ये मामले प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर लागू निषेधाज्ञा और पुलिस द्वारा जारी आदेशों के उल्लंघन को लेकर दर्ज किए गए हैं।

दिल्ली पुलिस ने तीनों FIR अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज की हैं। इनमें दो FIR संसद मार्ग थाना और एक FIR कनॉट प्लेस थाने में दर्ज की गई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 समेत अन्य धाराएं लगाई गई हैं। धारा 223 लोक सेवक द्वारा विधिवत जारी आदेश की अवज्ञा से संबंधित है।

प्रदर्शन से पहले नहीं मिली थी अनुमति

2 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया गया था। प्रदर्शनकारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी थी और मध्य दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी। इसके बावजूद राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और अन्य समूहों से जुड़े प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश करते रहे। पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कार्रवाई की।

कई विपक्षी नेता भी हिरासत में लिए गए

प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं सौरभ भारद्वाज, आतिशी और संजीव झा समेत कई विपक्षी नेताओं और छात्र संगठनों से जुड़े लोगों को हिरासत में लिया गया। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था।

प्रदर्शन में AAP के अलावा कांग्रेस से जुड़े संगठनों, वामपंथी दलों, AISA, SFI और अन्य छात्र एवं युवा संगठनों के कार्यकर्ता भी शामिल हुए।

FIR में किसी व्यक्ति या संगठन को नहीं बनाया गया नामजद आरोपी

पुलिस के अनुसार, फिलहाल तीनों FIR में किसी व्यक्ति या संगठन को आरोपी के तौर पर नामजद नहीं किया गया है। हालांकि, FIR की सामग्री में प्रदर्शन के आयोजन और उसमें शामिल संगठनों तथा आयोजकों का उल्लेख किया गया है। पुलिस ने कहा है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है।

FIR में BNS की धारा 223 के साथ अन्य धाराओं का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान लागू आदेशों का उल्लंघन किया गया और लोक सेवकों के काम में बाधा डालने तथा गैरकानूनी तरीके से एकत्र होने से संबंधित प्रावधान भी लागू होते हैं।

दिल्ली से मुंबई तक प्रदर्शन

CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 2 अक्टूबर को दिल्ली के अलावा मुंबई में भी बड़ा प्रदर्शन हुआ। मुंबई के शिवाजी पार्क में हजारों लोगों के जुटने की खबर सामने आई। इन प्रदर्शनों का प्रमुख मुद्दा SIR के तहत मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर विपक्ष तथा अन्य संगठनों की आपत्तियां थीं।

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के नेता गिरफ्तारी का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने SIR और चुनाव प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार तथा निर्वाचन आयोग पर राजनीतिक आरोप लगाए। ये आरोप कांग्रेस और विपक्षी दलों के हैं।

दिल्ली पुलिस अब दर्ज की गई तीनों FIR के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

राहुल गांधी से मिले स्वामी प्रसाद मौर्य, INDIA गठबंधन में शामिल होगी अपनी जनता पार्टी

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राज्य की राजनीति में गठबंधन और दल-बदल को लेकर हलचल तेज हो गई है। पूर्व मंत्री और अपनी जनता पार्टी के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने शनिवार, 3 अक्टूबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। मुलाकात के बाद मौर्य ने कहा कि उनकी पार्टी INDIA गठबंधन का हिस्सा बनेगी और आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ने का फैसला किया गया है।

राहुल गांधी से मुलाकात के दौरान उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम भी मौजूद रहे। बैठक के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि उनकी पार्टी की विचारधारा कांग्रेस और INDIA गठबंधन के साथ मेल खाती है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार दलितों और पिछड़े वर्गों से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं।

‘भाजपा हटाओ’ को बताया लक्ष्य

स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि INDIA गठबंधन में शामिल होने का फैसला समान विचारधारा के आधार पर लिया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का लक्ष्य भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए गठबंधन के साथ काम करना है। मौर्य ने यह भी कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ने को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।

सीटों के बंटवारे को लेकर अभी कोई अंतिम जानकारी सामने नहीं आई है। मौर्य ने कहा है कि चुनाव में कितनी सीटों पर उनकी पार्टी चुनाव लड़ेगी, इस पर बाद में चर्चा होगी।

कई नेताओं की कांग्रेस से मुलाकात

इसी बीच उत्तर प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस के साथ अन्य नेताओं की मुलाकातें भी चर्चा में हैं। रिपोर्टों के मुताबिक पूर्व विधायक श्याम सुंदर शर्मा समेत कुछ अन्य नेता भी कांग्रेस नेतृत्व से मिले हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य के कांग्रेस नेतृत्व से संपर्क के बीच उनकी पार्टी के गठबंधन में शामिल होने की घोषणा को आगामी यूपी चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

कई दलों में रह चुके हैं स्वामी प्रसाद मौर्य

स्वामी प्रसाद मौर्य उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर में जनता दल, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी समेत अलग-अलग राजनीतिक दलों के साथ काम किया है। 2016 में उन्होंने BSP छोड़कर BJP का दामन थामा था और योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री रहे।

2022 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी में प्रवेश किया था। बाद में सपा से अलग होकर उन्होंने अपनी पार्टी बनाई। अब उनकी पार्टी के INDIA गठबंधन में शामिल होने के ऐलान से यूपी की चुनावी राजनीति में एक और गठबंधन अध्याय जुड़ गया है। (

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां जारी हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में गठबंधन, सीटों के बंटवारे और नेताओं के पाला बदलने से जुड़े और फैसले सामने आ सकते हैं।

हंजर बायोटेक एनर्जीज पर 93.44 करोड़ के बैंक फ्रॉड का आरोप, CBI ने दर्ज किया केस

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

हंजर बायोटेक एनर्जीज प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े कथित बैंक लोन फ्रॉड मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने केस दर्ज किया है। बैंक की शिकायत के मुताबिक, कंपनी को दी गई करीब 350 करोड़ रुपये की टर्म लोन सुविधा में कथित वित्तीय अनियमितताएं सामने आईं। जांच के दौरान बैंक ने करीब 93.44 करोड़ रुपये की बकाया राशि को NPA घोषित किया था।

बैंक की शिकायत के अनुसार, कंपनी ने वर्ष 2009 में अपनी वित्तीय स्थिति और प्रस्तावित परियोजनाओं का विवरण देते हुए करीब 350 करोड़ रुपये की टर्म लोन सुविधा मांगी थी। 9 नवंबर 2009 को बैंक की शाखा प्रबंधन समिति की सिफारिश पर कंपनी को 75 करोड़ रुपये का अतिरिक्त टर्म लोन मंजूर किया गया। इसके अलावा वर्ष 2010 में तत्कालीन ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, जो अब पंजाब नेशनल बैंक (PNB) का हिस्सा है, ने भी 50 करोड़ रुपये का टर्म लोन मंजूर किया था।

शिकायत के मुताबिक, 13 परियोजनाओं के लिए प्रस्तावित टर्म लोन सुविधा पूरी तरह वितरित की गई थी।

2013 में खाता हुआ NPA

बैंक का आरोप है कि मई 2011 से हंजर समूह के खातों में अनियमितताएं सामने आने लगी थीं। बैंक की ओर से संपर्क, फोन, SMS और बैठकों के जरिए खाते को नियमित करने की कोशिश की गई, लेकिन कथित तौर पर स्थिति में सुधार नहीं हुआ।

इसके बाद 30 जुलाई 2013 को हंजर बायोटेक एनर्जीज का खाता NPA घोषित कर दिया गया। उस समय बैंक के अनुसार कंपनी पर करीब 93.44 करोड़ रुपये की बकाया देनदारी थी।

फॉरेंसिक ऑडिट में सामने आईं कथित अनियमितताएं

मामले में बैंक ने बाद में खाते का फॉरेंसिक ऑडिट कराया। इसके लिए BDO (India) LLP को नियुक्त किया गया था, जिसने 2 जनवरी 2017 को अपनी रिपोर्ट सौंपी।

बैंक की शिकायत में फॉरेंसिक ऑडिट के हवाले से कहा गया है कि प्लांट और मशीनरी के एक प्रमुख सप्लायर Navi Infrastructure Engineering Pvt. Ltd. और हंजर बायोटेक एनर्जीज के बीच कथित कारोबारी संबंध थे। रिपोर्ट में कॉमन प्रमोटर, निदेशक/पार्टनर और कॉमन ई-मेल डोमेन जैसी समानताओं का उल्लेख किया गया है।

ऑडिट के मुताबिक, प्लांट और मशीनरी के लिए जारी राशि का बड़ा हिस्सा कुछ चुनिंदा सप्लायर कंपनियों को ट्रांसफर किया गया। रिपोर्ट में दावा किया गया कि कुल राशि का 94.13 प्रतिशत यानी करीब 262.50 करोड़ रुपये पांच प्रमुख सप्लायर कंपनियों को ट्रांसफर किए गए।

इन कंपनियों में Navi Infra, Munshi Manufacturing Company, Navi Engineering Works, Enviro Infratech Company और Yes Engineering Company के नाम शामिल हैं।

फर्नीचरवाला समूह से जुड़ी कंपनियों तक रकम पहुंचने का आरोप

फॉरेंसिक ऑडिट में यह भी आरोप लगाया गया कि कुछ मामलों में सप्लायर कंपनियों से रकम फर्नीचरवाला समूह से जुड़ी कंपनियों तक पहुंची।

शिकायत के अनुसार, Navi Infra ने वित्त वर्ष 2010-11 में Huma Synthetics Pvt. Ltd. को 21.88 करोड़ रुपये का शॉर्ट-टर्म लोन/एडवांस दिया था। बैंक ने इसे इरफान फर्नीचरवाला द्वारा प्रमोट की गई कंपनी बताया है।

ऑडिट में संबंधित सप्लायर कंपनियों के बीच भी कथित संबंधों का उल्लेख किया गया है। इनमें कॉमन प्रमोटर, निदेशक, पार्टनर, प्रमुख प्रबंधन अधिकारी, समान पते और कॉमन ई-मेल डोमेन जैसी समानताएं शामिल होने की बात कही गई है।

गारंटरों ने संपत्तियां गिरवी रखीं

बैंक की शिकायत के मुताबिक, नदीम फर्नीचरवाला, नुज़हत फर्नीचरवाला और नाजिम अशरफ फर्नीचरवाला ने कंपनी के कर्ज की अदायगी के लिए गारंटर के तौर पर काम किया और अपनी संपत्तियां बैंक के पास गिरवी रखीं।

हालांकि शिकायत के अनुसार, 75 करोड़ और 50 करोड़ रुपये के टर्म लोन के मामलों में कोई कोलेटरल सिक्योरिटी नहीं थी।

हंजर समूह की कुछ अन्य कंपनियां—हंजर बायोटेक वडोदरा प्राइवेट लिमिटेड, हंजर बायोटेक एनर्जीज (वसई) प्राइवेट लिमिटेड और हंजर बायोटेक एनर्जीज सूरत प्राइवेट लिमिटेड—भी बैंक से वित्तीय सुविधाएं ले रही थीं। बैंक ने इनसे जुड़े कथित फ्रॉड को लेकर अलग शिकायतें CBI में दर्ज कराने की बात कही है।

2018 में बैंकों की कुल बकाया राशि 284.05 करोड़

बैंक की शिकायत के अनुसार, 30 जून 2018 तक हंजर बायोटेक एनर्जीज पर कंसोर्टियम बैंकों की कुल बकाया राशि 284.05 करोड़ रुपये थी। इसमें PNB समेत विभिन्न बैंकों की देनदारियां शामिल थीं। हंजर बायोटेक एनर्जीज के खिलाफ अलग-अलग बैंकों की वसूली संबंधी कार्यवाही भी रिकॉर्ड में दिखाई देती है।

2025 में खाते को फ्रॉड के रूप में वर्गीकृत किया गया

बैंक ने मामले में 11 दिसंबर 2013 को SARFAESI कार्रवाई शुरू की थी। बाद में कंपनी और उससे जुड़ी संस्थाओं के लेन-देन की जांच के दौरान फॉरेंसिक ऑडिट कराया गया।

बैंक की शिकायत के मुताबिक, आरोपियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए और उनके जवाब तथा व्यक्तिगत सुनवाई के बाद 24 दिसंबर 2025 को खाते को फ्रॉड के रूप में वर्गीकृत किया गया।

बैंक की आंतरिक जांच में कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई योग्य लापरवाही नहीं मिलने की बात भी शिकायत में कही गई है। हालांकि अज्ञात लोगों की भूमिका की जांच का विकल्प खुला रखा गया है।

CBI ने दर्ज किया मामला

इन्हीं आरोपों के आधार पर CBI ने कथित आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी से जुड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। FIR में IPC की धारा 120-B और 420 के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) और 13(1)(d) का उल्लेख है।

मामले की जांच CBI इंस्पेक्टर धर्मबीर राणा को सौंपी गई है।

बैंक की शिकायत के मुताबिक, आरोपियों पर बैंक से प्राप्त धन का कथित दुरुपयोग और डायवर्जन करने का आरोप है, जिससे बैंक को करीब 93.44 करोड़ रुपये का नुकसान होने की बात कही गई है। CBI नामजद आरोपियों के साथ-साथ अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और अन्य अज्ञात लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

गौरतलब है कि ये सभी आरोप बैंक की शिकायत और जांच एजेंसी के मामले पर आधारित हैं। अंतिम आपराधिक जिम्मेदारी अदालत में मामले की सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तय होगी।

अमेरिकी पैसिफिक कमांडर एडमिरल पापारो भारत दौरे पर, रक्षा सहयोग और इंडो-पैसिफिक सुरक्षा पर होगी अहम बातचीत

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

यूएस पैसिफिक कमांड (USINDOPACOM) के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे. पापारो 3 से 8 अक्टूबर 2026 तक भारत के आधिकारिक दौरे पर हैं। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और अमेरिका के बीच Major Defense Partnership को आगे बढ़ाना और दोनों देशों की सेनाओं के बीच सहयोग को और मजबूत करना है।

भारत यात्रा के दौरान एडमिरल पापारो भारतीय रक्षा अधिकारियों और सैन्य नेतृत्व के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा प्राथमिकताओं को लेकर उच्चस्तरीय बातचीत करेंगे। चर्चा में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, उभरती तकनीक, रणनीतिक स्थिरता और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे।

समुद्री सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक सहयोग पर फोकस

एडमिरल पापारो की यात्रा में Maritime Security यानी समुद्री सुरक्षा को विशेष महत्व दिया जा रहा है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बदलते सुरक्षा समीकरणों के बीच भारत और अमेरिका के बीच सैन्य सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी।

दोनों पक्ष रक्षा क्षेत्र में Emerging Technologies और तेजी से बदल रहे Technology Landscape के बीच सहयोग के नए अवसरों पर भी विचार करेंगे। इसके अलावा रणनीतिक स्थिरता बनाए रखने और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए दोनों देशों के बीच समन्वय को मजबूत करने पर जोर रहेगा।

Defence Energy Resilience भी बातचीत का अहम मुद्दा

यात्रा के दौरान Defence Energy Resilience यानी रक्षा क्षेत्र में ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति की मजबूती से जुड़े विषयों पर भी चर्चा होने की संभावना है।

भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग अब पारंपरिक सैन्य साझेदारी से आगे बढ़कर नई तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री डोमेन और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग जैसे क्षेत्रों तक विस्तारित हो रहा है।

हिंद महासागर क्षेत्र पर भी नजर

एडमिरल पापारो का भारत दौरा Indian Ocean Region में अमेरिकी रणनीतिक प्राथमिकताओं के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत हिंद महासागर क्षेत्र में एक प्रमुख समुद्री शक्ति है और दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा को लेकर सहयोग पिछले वर्षों में लगातार बढ़ा है।

इस यात्रा के दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री गतिविधियों और हिंद-प्रशांत में रणनीतिक स्थिरता से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

कौन हैं एडमिरल सैमुअल पापारो?

एडमिरल सैमुअल जे. पापारो अमेरिकी नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल हैं और United States Indo-Pacific Command के कमांडर हैं। यह कमांड दुनिया के सबसे बड़े भौगोलिक सैन्य कमांड क्षेत्रों में से एक की जिम्मेदारी संभालता है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस कमांड के दायरे में करीब 4 लाख सैन्य और असैन्य कर्मी, लगभग 5 एयरक्राफ्ट कैरियर, 200 युद्धपोत और 1,000 से अधिक लड़ाकू विमान शामिल हैं। यह क्षेत्र दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक और समुद्री क्षेत्रों में आता है।

एडमिरल पापारो की भारत यात्रा के दौरान होने वाली बातचीत से दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी, नई सैन्य तकनीक, समुद्री सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक सहयोग के आगे के रोडमैप को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा होने की उम्मीद है।

गुरदासपुर में रेडीमेड दुकान से 80 हजार रुपये चोरी, छत के रास्ते घुसे चोर; व्यापारी नेता ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

गुरदासपुर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : लवप्रीत सिंह, खुशीपुर

शहर के हनुमान चौक स्थित एक रेडीमेड कपड़ों की दुकान में चोरों ने छत के रास्ते प्रवेश कर करीब 80 हजार रुपये नकद चोरी कर लिए। चोरों ने पास स्थित एक ज्वेलरी शॉप की दीवार तोड़ने की भी कोशिश की, लेकिन वहां से चोरी करने में कामयाब नहीं हो सके।

दुकान मालिक नितिन महाजन के मुताबिक, अगले दिन एक व्यापारी को भुगतान करना था, जिसके चलते उन्होंने करीब 80 हजार रुपये दुकान में ही रखे थे। रात के समय चोर पीछे की दीवार फांदकर छत तक पहुंचे और दरवाजा तोड़कर दुकान के अंदर दाखिल हुए। इसके बाद नकदी लेकर फरार हो गए।

घटना की जानकारी मिलने के बाद व्यापार मंडल के जिला प्रेसिडेंट दर्शन महाजन भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने शहर में बढ़ रही चोरी की घटनाओं को लेकर चिंता जताते हुए पुलिस प्रशासन से दुकानदारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

दर्शन महाजन ने कहा कि व्यापारी पहले ही मंदी, बढ़ते टैक्स और ऑनलाइन ट्रेडिंग के कारण आर्थिक दबाव झेल रहे हैं। ऐसे में चोरी की घटनाएं दुकानदारों की परेशानियां और बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस दुकानदार ने व्यापार के काम के लिए पैसे रखे थे, लेकिन चोर रात में उन्हें भी ले गए।

उन्होंने पुलिस प्रशासन से बाजारों और दुकानों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा चोरी की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की।