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एस. जयशंकर और कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद की मुलाकात, व्यापार से रक्षा तक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के प्रयासों के तहत विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बुधवार को नई दिल्ली में कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद से मुलाकात की। बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, शिक्षा, ऊर्जा, रक्षा और लोगों के बीच आपसी संपर्क सहित विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अलावा क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ।

भारत-कनाडा रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा

डॉ. एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के नेतृत्व के मार्गदर्शन तथा सरकारों और उद्योग जगत के बीच निरंतर संपर्क से द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर काम हो रहा है।

बैठक में सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों की समीक्षा से यह संकेत मिला कि भारत और कनाडा आपसी संवाद के जरिए अपने संबंधों को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।

व्यापार और ऊर्जा सहयोग बढ़ाने पर जोर

कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने भी भारत के साथ संबंधों में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाने के साथ-साथ ऊर्जा, नवाचार और सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में हुई प्रगति का उल्लेख किया।

आनंद के अनुसार, भारत और कनाडा के संबंधों का महत्व उन साझा उपलब्धियों में है, जिन्हें दोनों देश मिलकर हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि बदलती अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में दोनों देशों के बीच करीबी संपर्क भविष्य की समृद्धि को आकार देने में मदद कर सकता है।

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं

कनाडा की विदेश मंत्री ने भारत-कनाडा सहयोग को स्वतंत्र, खुले और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण बताया। दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने से आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा मिलने की संभावनाएं हैं।

बैठक में हुई चर्चा भारत और कनाडा के बीच संवाद तथा सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी है। आने वाले समय में इन चर्चाओं का वास्तविक प्रभाव व्यापार वार्ता और विभिन्न क्षेत्रों में होने वाली प्रगति से स्पष्ट होगा।