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Delhi IGI Airport: बैंकॉक से आए यात्री के पास मिले ₹3.04 करोड़ के कीमती पत्थर और ज्वेलरी, कस्टम्स ने किया गिरफ्तार

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) पर कस्टम विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंकॉक से आए एक यात्री के पास से करीब 3.04 करोड़ रुपये मूल्य के कीमती पत्थर और ज्वेलरी बरामद की है। कस्टम अधिकारियों ने यात्री को गिरफ्तार कर बरामद सामान को जब्त कर लिया है।

कस्टम विभाग के मुताबिक, बैंकॉक से दिल्ली पहुंचे यात्री को 3 अक्टूबर को IGI एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर स्पॉट प्रोफाइलिंग के आधार पर रोका गया था। यात्री 2 अक्टूबर को बैंकॉक से फ्लाइट के जरिए दिल्ली पहुंचा था। पूछताछ के दौरान यात्री ने स्वीकार किया कि वह कीमती पत्थर और ज्वेलरी बैंकॉक से दिल्ली लेकर आया था।

यात्री के सामान और व्यक्तिगत तलाशी के दौरान कस्टम अधिकारियों को 3,200 पीस कीमती पत्थर और ज्वेलरी मिली, जिनकी कीमत करीब 1.01 करोड़ रुपये आंकी गई। इसके बाद मामले की आगे की जांच के तहत यात्री से जुड़े ठिकानों पर भी तलाशी ली गई।

तलाशी के दौरान एक ठिकाने से 196.676 किलोग्राम काले-हरे रंग के कच्चे पन्ने (Rough Emeralds) बरामद किए गए। इसके अलावा 221 कैरेट कट-पॉलिश रूबी और 45 कैरेट कट-पॉलिश पन्ने भी अधिकारियों के हाथ लगे। इन बरामद कीमती पत्थरों की कीमत करीब 2.02 करोड़ रुपये बताई गई है।

कस्टम विभाग के अनुसार, एयरपोर्ट पर यात्री के पास से बरामद सामान और उसके ठिकाने से मिले कीमती पत्थरों को मिलाकर कुल बरामदगी की कीमत करीब 3.04 करोड़ रुपये है। कस्टम्स ने पूरा सामान सीज कर लिया है।

मामले में यात्री को कस्टम्स एक्ट की धारा 104 के तहत गिरफ्तार किया गया है। कस्टम विभाग द्वारा मामले की आगे की जांच की जा रही है।

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Punjab Cabinet Decisions: चुनाव आयोग में 19 नए पद, नर्सिंग नियमों में संशोधन, पठानकोट में रणजीतगढ़ विकास प्राधिकरण

पंजाब कैबिनेट की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय में 19 नए पद, नर्सिंग सेवा नियम-2016 में संशोधन और पठानकोट में रणजीतगढ़ विकास प्राधिकरण के गठन को मंजूरी मिली।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब कैबिनेट की बैठक में सोमवार को कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय में 19 नए पद सृजित करने का निर्णय लिया है। इन पदों पर नई नियुक्तियां की जाएंगी, जिससे चुनाव संबंधी कार्यों के लिए विभाग की प्रशासनिक क्षमता मजबूत होगी।

हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि चुनाव आयोग लोकतांत्रिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय में नए पद सृजित किए गए हैं। सरकार के इस फैसले से कार्यालय के कामकाज के लिए कर्मचारियों की संख्या बढ़ेगी और चुनाव से जुड़े कार्यों को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।

पंजाब नर्सिंग शिक्षा सेवा नियम-2016 में संशोधन

कैबिनेट ने पंजाब नर्सिंग शिक्षा सेवा नियम-2016 में संशोधन को भी मंजूरी दी है। चीमा के मुताबिक संबंधित विभाग का गठन वर्ष 2021 में किया गया था, लेकिन उस समय सेवा नियम तैयार नहीं किए गए थे। इसके बाद करीब 1,400 स्टाफ नर्सों की भर्ती भी की गई।

अब सरकार ने मंत्रिमंडल के माध्यम से नए नियमों को मंजूरी दे दी है। संशोधित नियम लागू होने के बाद नर्सिंग विभाग में सेवा से संबंधित व्यवस्थाएं निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित की जा सकेंगी।

गैर-शिक्षण कर्मचारियों को भी सोसायटी के दायरे में लाने का फैसला

पंजाब सरकार ने गैर-शिक्षण कर्मचारियों की सेवाओं को भी संबंधित सोसायटी के दायरे में लाने का निर्णय लिया है। इससे पहले कंप्यूटर शिक्षकों को सोसायटी के दायरे में शामिल किया गया था। अब शेष गैर-शिक्षण कर्मचारियों को भी इस व्यवस्था के तहत लाने की मंजूरी दी गई है।

पठानकोट में रणजीतगढ़ विकास प्राधिकरण बनेगा

कैबिनेट बैठक में पठानकोट के पर्यटन विकास को लेकर भी अहम फैसला लिया गया। सरकार ने रणजीतगढ़ विकास प्राधिकरण के गठन को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य पठानकोट और आसपास के पर्यटन स्थलों को विकसित कर उन्हें विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।

कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पठानकोट में पर्यटन की काफी संभावनाएं हैं। रणजीत सागर बांध और आसपास के प्राकृतिक एवं पर्यटन स्थलों को विकसित कर क्षेत्र में पर्यटकों की आमद बढ़ाने की योजना है।

रणजीतगढ़ विकास प्राधिकरण में मुख्यमंत्री भगवंत मान को अध्यक्ष और संबंधित मंत्री को उपाध्यक्ष बनाए जाने का प्रावधान है। सरकार का कहना है कि प्राधिकरण के गठन से पठानकोट के पर्यटन विकास को संस्थागत रूप से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी और क्षेत्र को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।

पंजाब सरकार के मुताबिक इन फैसलों का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना, नर्सिंग क्षेत्र में सेवा नियमों को व्यवस्थित करना, कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों का समाधान करना और पठानकोट में पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करना है।

India Switzerland Relations: भारत-स्विट्जरलैंड में 100 अरब डॉलर निवेश और 10 लाख रोजगार का लक्ष्य

भारत और स्विट्जरलैंड ने व्यापार, निवेश, रक्षा, परमाणु ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, AI और विज्ञान-तकनीक में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। 100 अरब डॉलर निवेश और 10 लाख रोजगार का लक्ष्य।

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

भारत और स्विट्जरलैंड ने सोमवार को द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में कई अहम समझौतों और पहलों पर सहमति जताई। नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्विस परिसंघ के अध्यक्ष गाय पार्मेलिन की मौजूदगी में विभिन्न समझौता ज्ञापनों (MoUs), समझौतों और आशय पत्रों (LoIs) का आदान-प्रदान किया गया। दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, रक्षा, परमाणु ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, विज्ञान एवं तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और युवाओं की मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त प्रेस वक्तव्य में भारत और यूरोपीय फ्री ट्रेड एसोसिएशन (EFTA) देशों के बीच ट्रेड एंड इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (TEPA) को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह किसी यूरोपीय आर्थिक समूह के साथ भारत का पहला FTA है। इस समझौते के जरिए अगले 15 वर्षों में भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश और करीब 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार के लक्ष्य की दिशा में काम किया जाएगा।

व्यापार और निवेश पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों में इनोवेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। दोनों देशों ने भारतीय कृषि, फार्मा, टेक्सटाइल और इंजीनियरिंग उत्पादों के लिए स्विट्जरलैंड में बाजार पहुंच बढ़ाने तथा भारत में बायोटेक, लाइफ साइंसेज, बैंकिंग, इंश्योरेंस, फूड प्रोसेसिंग और सस्टेनेबिलिटी जैसे क्षेत्रों में स्विस निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठाए हैं।

दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में सैन्य आदान-प्रदान और रक्षा उत्पादन में सहयोग की नई संभावनाओं की पहचान की है। इसके अलावा परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भी सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति बनी है।

इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ेगा सहयोग

भारत-स्विट्जरलैंड सहयोग में इंफ्रास्ट्रक्चर को भी प्रमुख स्थान दिया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी रोप-वे, नोएडा के जेवर एयरपोर्ट तथा पहाड़ी क्षेत्रों में रेलवे और टनलिंग परियोजनाओं को दोनों देशों के सहयोग के उदाहरण के तौर पर बताया।

भारत ने स्विट्जरलैंड की इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को देश में बड़े स्तर पर निवेश करने तथा डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और क्षमता निर्माण में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया है। परिवहन, मोबिलिटी, इलेक्ट्रिक व्हीकल, रोपवे और सुरंग निर्माण जैसे क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

विज्ञान, तकनीक और AI में नई साझेदारी

भारत और स्विट्जरलैंड हेल्थ, क्लीन एनर्जी और स्पेस जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में संयुक्त रिसर्च प्रोजेक्ट शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। दोनों देशों के वैज्ञानिक समुदायों के बीच दीर्घकालिक सहयोग के लिए नई साझेदारियां विकसित करने पर भी सहमति बनी है।

स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाया जाएगा। शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स के लिए Indo-Swiss Academia-Industry Training (AIT India) कार्यक्रम के जरिए संयुक्त वर्कशॉप, क्षमता निर्माण, बिजनेस नेटवर्किंग और द्विपक्षीय एक्सचेंज को बढ़ावा देने की योजना है। भारत और स्विट्जरलैंड ने AI के क्षेत्र में भी जिम्मेदार, समावेशी और मानव-केंद्रित तकनीकी विकास के लिए सहयोग जारी रखने की बात कही है।

युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर

माइग्रेशन एंड मोबिलिटी पार्टनरशिप एग्रीमेंट और यंग प्रोफेशनल्स एग्रीमेंट को दोनों देशों के बीच लोगों की आवाजाही और युवाओं के अवसरों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

समझौते के तहत सुरक्षित और व्यवस्थित आवागमन को बढ़ावा देने, अवैध प्रवासन, मानव तस्करी और मानव शोषण से निपटने में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है। वहीं, पात्र लोगों के लिए मल्टीपल-एंट्री वीजा और छात्रों के लिए नवीकरणीय परमिट जैसी व्यवस्थाएं भी शामिल हैं।

यंग प्रोफेशनल्स एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत दोनों देशों के युवाओं को दूसरे देश में अस्थायी रोजगार हासिल करने और अपने पेशेवर एवं भाषा कौशल को विकसित करने का अवसर मिलेगा। शुरुआत में प्रत्येक देश से सालाना 300 युवाओं के शामिल होने की व्यवस्था होगी, जिसे आगे बढ़ाकर 500 तक किया जा सकता है।

7 अक्टूबर को होगा प्रॉस्पेरिटी समिट

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि 7 अक्टूबर को स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति की मौजूदगी में भारत-EFTA बिजनेस लीडर्स के साथ प्रॉस्पेरिटी समिट आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य व्यापार और निवेश साझेदारी को ठोस परिणामों में बदलने के लिए कारोबारी संवाद को आगे बढ़ाना है।

स्विस राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत पहुंचे हैं। यात्रा के दौरान वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे। उनकी यात्रा का प्रमुख उद्देश्य व्यापार, निवेश, वैज्ञानिक प्रगति, तकनीकी नवाचार और कार्यबल मोबिलिटी सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत-स्विट्जरलैंड सहयोग को मजबूत करना है।

भारत और स्विट्जरलैंड ने वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए मिलकर काम करने तथा वैश्विक संस्थानों में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया। दोनों पक्षों ने बढ़ती वैश्विक चुनौतियों के बीच बहुपक्षीय सहयोग और कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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लुधियाना : ‘स्पोर्ट्स होमलैंड पंजाब 2026’ के जिला स्तरीय फाइनल मुकाबले संपन्न

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब सरकार के खेल विभाग और जिला प्रशासन की ओर से आयोजित ‘स्पोर्ट्स होमलैंड पंजाब 2026’ के तहत जिला स्तरीय खेल मुकाबलों के फाइनल चरण में विभिन्न खेलों में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। ब्लॉक स्तर के सफल आयोजन के बाद जिले में 29 खेलों के मुकाबले आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी, कुश्ती, बास्केटबॉल, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, तैराकी, वॉलीबॉल, किक बॉक्सिंग, सॉफ्टबॉल सहित कई खेल शामिल हैं।

फुटबॉल मुकाबलों के फाइनल ओलंपियन पृथ्वीपाल सिंह हॉकी स्टेडियम, पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) में हुए। 21-30 पुरुष वर्ग में मुल्लांपुर की टीम ने पहला, लुधियाना-2A ने दूसरा और खन्ना की टीम ने तीसरा स्थान हासिल किया। 31-40 पुरुष वर्ग में रायकोट की टीम पहले, जगराओं दूसरे और लुधियाना-2 तीसरे स्थान पर रही।

कुश्ती के अंडर-14 लड़कियों के मुकाबलों में 33 किलोग्राम वर्ग में हिमानी ने पहला स्थान, सुखमीत कौर ने दूसरा और भवगुण कौर ने तीसरा स्थान हासिल किया। 36 किलोग्राम में जसलीन कौर प्रथम, यशिका द्वितीय और तनवीर कौर तृतीय रहीं। 39 किलोग्राम में अमनजोत कौर प्रथम, अवनूर कौर द्वितीय और दीया तृतीय रहीं। 42 किलोग्राम में आराध्या ने पहला, नवेदिता ने दूसरा और परी ने तीसरा स्थान हासिल किया। 46 किलोग्राम में प्रभासीस कौर प्रथम, यशिका द्वितीय और जसलीन कौर तृतीय रहीं। 50 किलोग्राम में जानवी मल्होत्रा प्रथम, ताश्वी द्वितीय और भाविका तृतीय रहीं। 54 किलोग्राम में नवरूप कौर प्रथम, लवप्रीत कौर द्वितीय और मिष्टी तृतीय रहीं, जबकि 62 किलोग्राम में नायरा कपूर ने पहला, समायरा ने दूसरा और आयशा ने तीसरा स्थान हासिल किया।

अंडर-17 लड़कियों की कुश्ती में 40 किलोग्राम वर्ग में इशिका बिरला प्रथम, इश्मीत द्वितीय और यशिका वर्मा तृतीय रहीं। 43 किलोग्राम में यशना प्रथम, सिमरदीप कौर द्वितीय और गीतांजलि तृतीय रहीं। 46 किलोग्राम में जैस्मीन कौर प्रथम, रसमीत कौर द्वितीय और नंदनी तृतीय रहीं। 49 किलोग्राम में मन्नत अवी प्रथम, परनीत कौर द्वितीय और अर्पिता तृतीय रहीं। 57 किलोग्राम में नेहा प्रथम, सृष्टि द्वितीय और समीक्षा तृतीय रहीं, जबकि 61 किलोग्राम में यशिका शर्मा ने पहला, लविशा ने दूसरा और जानवी ने तीसरा स्थान हासिल किया।

अंडर-21 महिला वर्ग में 53 किलोग्राम में गुरप्रीत कौर प्रथम, रमणीक कौर द्वितीय और प्रीति तृतीय रहीं। 57 किलोग्राम में कन्नू प्रिया प्रथम, परमजोत कौर द्वितीय और रितिका तृतीय रहीं। 76 किलोग्राम में जैस्मीन कौर ने पहला, लछमी ने दूसरा और सिमरप्रीत कौर ने तीसरा स्थान हासिल किया।

बास्केटबॉल के फाइनल मुकाबले गुरु नानक स्टेडियम लुधियाना में आयोजित हुए। U-17 गर्ल्स वर्ग में गुरु नानक स्टेडियम की टीम ने पहला, खालसा क्लब ने दूसरा और दिल्ली पब्लिक स्कूल ने तीसरा स्थान हासिल किया। U-21 महिला वर्ग में गुरु नानक स्टेडियम प्रथम, हॉपर्स क्लब द्वितीय और दोराहा बास्केटबॉल अकादमी तृतीय रही। 21-30 महिला वर्ग में गुरु नानक स्टेडियम ने पहला और पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी ने दूसरा स्थान हासिल किया। U-21 पुरुष वर्ग में गुरु नानक स्टेडियम प्रथम, गुरु नानक क्लब द्वितीय और मल्टीपर्पस ग्रीन क्लब तृतीय रहा।

किक बॉक्सिंग के U-14 लड़कों के मुकाबलों में 28 किलोग्राम तक वर्ग में रुद्र रावत प्रथम, युगराज द्वितीय और विराज तृतीय रहे। 32 किलोग्राम में आदित्य शर्मा प्रथम, आकाश कुमार द्वितीय और प्रिंस झा तृतीय रहे। 37 किलोग्राम में दक्ष शर्मा प्रथम, पवन कुमार द्वितीय और हर्षदीप सिंह तृतीय रहे। 42 किलोग्राम में हार्दिक कपूर प्रथम, प्रांश ठाकुर द्वितीय और हरमन तृतीय रहे। 47 किलोग्राम में जयदीप सिंह प्रथम, लवप्रीत सिंह द्वितीय और कृष्ण तृतीय रहे, जबकि 47 किलोग्राम से अधिक वर्ग में अमन कुमार प्रथम, मोनू कुमार द्वितीय और लक्षे कुमार तृतीय रहे।

सॉफ्टबॉल के U-14 लड़कों के फाइनल में PM श्री कासाबाद की टीम ने पहला, गुरु नानक मॉडल स्कूल ढोलेवाल ने दूसरा और BCM स्कूल फोकल पॉइंट ने तीसरा स्थान हासिल किया। U-17 वर्ग के नॉकआउट मुकाबलों में दशमेश सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने तेजा सिंह सुंतर मेमोरियल स्कूल को 10-0, DGSG स्कूल ने सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल संगोवाल को 2-0, RS मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सुकून ने BCM स्कूल फोकल पॉइंट को 10-0 और PM श्री कासाबाद ने गुरु नानक मॉडल स्कूल ढोलेवाल को 8-1 से हराया।

‘स्पोर्ट्स होमलैंड पंजाब 2026’ के तहत आयोजित इन मुकाबलों से जिले के युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।

PowerGrid ने PEC Chandigarh में स्थापित किया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, ₹17.19 करोड़ की परियोजना

पावरग्रिड ने CSR पहल के तहत पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज चंडीगढ़ में ₹17.19 करोड़ की लागत से ‘पावरग्रिड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित किया। इससे शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पावरग्रिड) ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के तहत पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (PEC), चंडीगढ़ में ‘पावरग्रिड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित किया है। इस पहल का उद्देश्य विद्युत क्षेत्र में नवाचार, अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देना और उद्योग की बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुरूप कुशल कार्यबल तैयार करना है।

यह परियोजना पावरग्रिड और पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज के बीच 6 जून 2025 को हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत करीब ₹17.19 करोड़ की लागत से पूरी की गई है।

हस्तांतरण समारोह के दौरान पावरग्रिड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक वामसी राममोहन बुरा ने औपचारिक रूप से ‘पावरग्रिड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ़ के निदेशक प्रो. राजेश कुमार भाटिया को सौंपा। इस अवसर पर पावरग्रिड के निदेशक (कार्मिक) . यतीन्द्र द्विवेदी, निदेशक (परियोजनाएं) अखिलेश पाठक, मुख्य सतर्कता अधिकारी नवीन कुमार और पावरग्रिड उत्तरी क्षेत्र-II के कार्यपालक निदेशक तरुण बजाज सहित दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

पावरग्रिड के अनुसार, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से विद्युत क्षेत्र में उभरती तकनीकी चुनौतियों पर शोध, नवाचार और समाधान विकसित करने को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, यह केंद्र छात्रों, शोधकर्ताओं और शिक्षकों को अत्याधुनिक शैक्षणिक एवं अनुसंधान सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस पहल से पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर सहित आसपास के क्षेत्रों के छात्रों और शोधकर्ताओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। सेंटर के माध्यम से कौशल विकास, उन्नत अनुसंधान और उद्योग-अकादमिक सहयोग को भी मजबूती मिलने की संभावना है।

इस अवसर पर पावरग्रिड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक वामसी राममोहन बुरा ने कहा कि कंपनी प्रभावशाली CSR पहलों के माध्यम से शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक एवं अनुसंधान बुनियादी ढांचे को मजबूत करना भविष्य की प्रतिभाओं को तैयार करने और तकनीकी प्रगति को गति देने के लिए आवश्यक है।

वहीं, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक प्रो. राजेश कुमार भाटिया ने पावरग्रिड के योगदान के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से संस्थान में नवाचार, उन्नत अनुसंधान, कौशल विकास और उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

पावरग्रिड विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक महारत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम है और अंतर-राज्यीय थोक विद्युत पारेषण के क्षेत्र में कार्य करता है। कंपनी के पास 1,86,952 सर्किट किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइन, 292 सब-स्टेशन और 6,38,566 एमवीए से अधिक ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता है। कंपनी के अनुसार, अत्याधुनिक तकनीक, ऑटोमेशन और डिजिटल समाधानों के उपयोग से उसकी औसत पारेषण प्रणाली उपलब्धता 99.81 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है।

पावरग्रिड का उत्तरी क्षेत्र-II मुख्यालय जम्मू में है और इसका पारेषण नेटवर्क जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा के कुछ हिस्सों और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ तक फैला हुआ है। कंपनी इन क्षेत्रों में विश्वसनीय विद्युत पारेषण सुनिश्चित करने के साथ-साथ देश की ऊर्जा सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास में योगदान दे रही है।

छठ से पहले बड़ी मांग! पानीपत में ट्रेनों के ठहराव और स्पेशल ट्रेनों की आवाज तेज

हरियाणा / पानीपत / सत्ता संदेश

पानीपत रेलवे स्टेशन पर विभिन्न ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर पूर्वांचल समाज के लोगों का अनशन और धरना लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। रविवार को समाजसेवी एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. ओमवीर सिंह पंवार धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलन कर रहे लोगों से मुलाकात कर उनकी मांगों का समर्थन किया।

डॉ. ओमवीर सिंह पंवार ने कहा कि पानीपत में पूर्वांचल और बिहार से बड़ी संख्या में लोग आकर रहते हैं। ऐसे में यात्रियों की सुविधा और आवागमन को ध्यान में रखते हुए पानीपत रेलवे स्टेशन पर महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से उठाना लोगों का अधिकार है और सरकार को इन मांगों पर संवेदनशीलता से विचार करना चाहिए।

उन्होंने केंद्र सरकार और केंद्रीय रेल मंत्री से मांग की कि पानीपत रेलवे स्टेशन पर जरूरी ट्रेनों के ठहराव को जल्द मंजूरी दी जाए। इसके साथ ही आगामी छठ पूजा को देखते हुए पूर्वांचल और बिहार जाने वाले यात्रियों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर पानीपत से बिहार तथा पूर्वांचल के प्रमुख शहरों के लिए छठ पूजा स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएं।

डॉ. पंवार ने कहा कि छठ पूजा केवल एक पर्व नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और भावनाओं से जुड़ा महापर्व है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने घरों और गांवों की ओर रवाना होते हैं। ऐसे में यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त रेल व्यवस्था सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि वह पूर्वांचल समाज की जायज मांगों के साथ मजबूती से खड़े हैं और जब तक इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होता, तब तक जनहित से जुड़े इस मुद्दे को उचित मंचों पर उठाते रहेंगे।

धरने के दौरान पानीपत ग्रामीण मोर्चा के अध्यक्ष सतपाल राणा, बलदेव अरोड़ा, सत्यपाल नरवाल सहित पूर्वांचल समाज के बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

स्पेन : आवासीय संकट के बीच PM पेड्रो सांचेज ने समय से पहले चुनाव का किया ऐलान

वर्ल्ड डेस्क / स्पेन / सत्ता संदेश

स्पेन में बढ़ते आवासीय संकट के बीच प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए समय से पहले आम चुनाव कराने की घोषणा कर दी है। संसद में सरकार को महत्वपूर्ण विधेयकों और आपातकालीन उपायों पर मिली करारी हार के बाद सांचेज ने सोमवार को चुनाव की तारीख का ऐलान किया। स्पेन में अब 29 नवंबर को आम चुनाव होंगे।

प्रधानमंत्री का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब देश में किफायती आवास की मांग को लेकर सरकार पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। पिछले कुछ समय से स्पेन के कई शहरों में महंगे किराए, घरों की बढ़ती कीमतों और बेदखली के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

आवासीय संकट को लेकर बढ़ा जनता का गुस्सा

स्पेन में लोगों की सबसे बड़ी मांग किफायती और सुलभ आवास उपलब्ध कराने की है। पिछले महीने मैड्रिड में एक 87 वर्षीय महिला को घर से बेदखल किए जाने की घटना ने लोगों के गुस्से को और बढ़ा दिया। इस घटना का वीडियो टीवी चैनलों पर प्रसारित होने के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई और मकानों की कीमतों के बीच आम लोगों के लिए घर खरीदना या किराए पर लेना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। सरकार से आवास संकट के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है।

संसद में सरकार को मिली बड़ी हार

पेड्रो सांचेज की सरकार को पिछले सप्ताह संसद में उस समय बड़ा झटका लगा, जब दक्षिणपंथी विपक्षी दलों ने सरकार के दो आपातकालीन आदेशों को रोक दिया। इन उपायों में बेदखली पर नियंत्रण और रियल एस्टेट में सट्टेबाजी को कम करने से जुड़े प्रावधान शामिल थे।

संसद में मिली इस हार के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गई थीं कि प्रधानमंत्री सांचेज निर्धारित समय से पहले चुनाव करा सकते हैं। आखिरकार उन्होंने इन अटकलों पर विराम लगाते हुए 29 नवंबर को चुनाव कराने की घोषणा कर दी।

2018 से प्रधानमंत्री हैं पेड्रो सांचेज

54 वर्षीय पेड्रो सांचेज वर्ष 2018 से स्पेन के प्रधानमंत्री हैं। लंबे समय से सत्ता में रहने के कारण वे यूरोप के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। हालांकि, मौजूदा आवासीय संकट और संसद में सरकार की कमजोर स्थिति ने उनके सामने नई राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है।

पीएम सांचेज ने की जनता से समर्थन की अपील

चुनाव की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लोगों से समर्थन की अपील की। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता किफायती घर, सार्वजनिक सेवाएं और सामाजिक अधिकार हैं।

सांचेज ने स्पेन की जनता से एकजुट होने और आगामी चुनाव में उनकी पार्टी को संसद में मजबूत करने की अपील की। अब 29 नवंबर का चुनाव यह तय करेगा कि स्पेन की जनता आवासीय संकट और सरकार की नीतियों के बीच किस राजनीतिक विकल्प पर भरोसा जताती है।

यमन में फिर भड़की जंग: हूतियों की ताइज की ओर बढ़त, सऊदी समर्थित सरकार ने छेड़ा बड़ा सैन्य अभियान

वर्ल्ड डेस्क / यमन / सत्ता संदेश

यमन में लंबे समय से जारी गृहयुद्ध एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने दक्षिण-पश्चिमी यमन के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण तुर्बाह शहर पर कब्जे का दावा किया है। इसके बाद हूती लड़ाके प्रांतीय राजधानी ताइज की ओर बढ़ रहे हैं। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार ने हूतियों के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान का ऐलान किया है।

तुर्बाह पर कब्जा यमन सरकार के लिए रणनीतिक चुनौती माना जा रहा है, क्योंकि यह शहर उस अहम मार्ग पर स्थित है जो ताइज को बंदरगाह शहर अदन से जोड़ता है। अदन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार का अंतरिम केंद्र माना जाता है।

ताइज की घेराबंदी का बढ़ा खतरा

तुर्बाह में पिछले कई वर्षों से यमन सरकार के समर्थन वाले सैनिकों की महत्वपूर्ण तैनाती रही है। यहां से ताइज शहर की रक्षा के साथ हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य अभियान चलाए जाते रहे हैं। ऐसे में तुर्बाह पर नियंत्रण बदलने से सरकारी बलों की सप्लाई और आवाजाही प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

इससे पहले भी हूतियों ने ताइज के बाहरी इलाकों में कई क्षेत्रों पर कब्जा किया था। तुर्बाह पर नियंत्रण मिलने के बाद ताइज को घेरने की उनकी स्थिति मजबूत होने का दावा किया जा रहा है। ताइज यमन का तीसरा सबसे बड़ा शहर है और इसका सैन्य एवं रणनीतिक महत्व काफी अधिक है।

लाल सागर के तट पर भी हूतियों की बढ़त

सितंबर की शुरुआत में हूतियों ने लाल सागर के पश्चिमी तट की ओर अपना अभियान तेज किया था। इस दौरान मोखा शहर और लाल सागर के कुछ द्वीपों पर नियंत्रण हासिल करने का दावा किया गया। इन इलाकों की रणनीतिक स्थिति के कारण यमन के पश्चिमी तट पर हूतियों की सैन्य मौजूदगी को लेकर क्षेत्रीय चिंता बढ़ी है।

बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य इस पूरे घटनाक्रम में बेहद महत्वपूर्ण है। यह संकरा समुद्री मार्ग लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए अहम रास्तों में शामिल है। ऐसे में इस क्षेत्र में संघर्ष बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और व्यापार पर भी असर पड़ सकता है।

यमन सरकार ने किया सैन्य अभियान का ऐलान

सऊदी अरब समर्थित यमन सरकार ने रविवार को हूतियों के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू करने की घोषणा की। प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के प्रमुख राशद अल-अलीमी ने कहा कि अभियान का उद्देश्य हूतियों के कब्जे वाले क्षेत्रों को वापस लेना है।

उन्होंने सरकार के नियंत्रण वाले इलाकों में सैनिकों की तैनाती और लामबंदी की जानकारी देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से यमन सरकार को समर्थन देने की अपील की।

सऊदी अरब ने दिया सैन्य समर्थन का भरोसा

यमन सरकार के ऐलान के कुछ घंटे बाद सऊदी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने सरकार समर्थित बलों को सैन्य सहयोग जारी रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब यमन सरकार की सेनाओं को हूतियों के खिलाफ अभियान में पूरी ऑपरेशनल मदद देता रहेगा।

हूतियों की ओर से पिछले कुछ समय में सऊदी अरब के खिलाफ मिसाइल और ड्रोन हमलों के दावे भी किए गए हैं। इन घटनाओं ने सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच तनाव को और बढ़ाया है।

जुलाई से बढ़ता गया तनाव

मौजूदा संघर्ष की नई कड़ी जुलाई के मध्य में शुरू हुई थी। उस समय हूतियों ने आरोप लगाया था कि सऊदी अरब ने यमन की राजधानी सना के हवाई अड्डे पर बमबारी की। हूतियों के अनुसार, यह कार्रवाई एक अनधिकृत ईरानी विमान को उतरने से रोकने के लिए की गई थी।

इसके बाद हूतियों ने सऊदी अरब और यमन सरकार समर्थित बलों के खिलाफ मिसाइल और ड्रोन हमले तेज करने का दावा किया। लाल सागर में सऊदी शिपिंग को निशाना बनाने की धमकियों के बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया।

तुर्बाह पर कब्जे से सप्लाई लाइन प्रभावित होने की आशंका

वॉशिंगटन स्थित इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर के विश्लेषण के अनुसार, तुर्बाह पर हूतियों का नियंत्रण ताइज प्रांत और ताइज शहर में मौजूद सरकार समर्थित बलों तक सैनिकों, हथियारों और अन्य जरूरी सामान की आपूर्ति को मुश्किल बना सकता है।

तुर्बाह के उत्तर में आने-जाने वाली सड़कों पर नियंत्रण से सरकारी बलों की आवाजाही और पीछे हटने के विकल्प भी सीमित हो सकते हैं। ऐसे में तुर्बाह का नियंत्रण ताइज के आसपास चल रहे संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

2014 से जारी है यमन का गृहयुद्ध

यमन का मौजूदा गृहयुद्ध 2014 में उस समय तेज हुआ था, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद संघर्ष में कई क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय पक्ष शामिल हुए। सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया था।

वर्षों से जारी संघर्ष ने यमन को गंभीर मानवीय संकट में धकेल दिया है। बड़ी संख्या में लोगों की मौत, विस्थापन, खाद्य असुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव ने देश की स्थिति को बेहद गंभीर बना दिया है।

हालिया हिंसा में भी बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने की रिपोर्ट है। संयुक्त राष्ट्र और उसकी एजेंसियों के अनुसार, नए संघर्ष के कारण हजारों लोग मारे और घायल हुए हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोगों को अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है। कुछ लोग समुद्र पार कर जिबूती भी पहुंचे हैं।

ऐसे में हूतियों की ताइज की ओर बढ़त और यमन सरकार के जवाबी सैन्य अभियान ने देश में लंबे समय से चले आ रहे गृहयुद्ध को एक बार फिर गंभीर स्थिति में पहुंचा दिया है।

खरगे ने रखीं कांग्रेस की 3 ‘गैर-समझौतावादी’ मांगें, CEC के इस्तीफे से बैलेट पेपर तक उठाया मुद्दा

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को चुनावी प्रक्रिया को लेकर पार्टी की तीन प्रमुख मांगें सामने रखीं। खरगे ने कहा कि इन मांगों पर कांग्रेस का कोई समझौता नहीं होगा। इनमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को रद्द करना और बैलेट पेपर के जरिए चुनाव कराने की मांग शामिल है।

खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता और INDIA गठबंधन के सहयोगी इन तीनों मुद्दों को लेकर देशभर में प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर आंदोलन कर रहे नागरिक समाज के सदस्यों और युवा संगठनों के साथ कांग्रेस खड़ी है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने अपनी पोस्ट में कहा कि पार्टी की पहली मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है। दूसरी मांग SIR प्रक्रिया को रद्द करने की है, जबकि तीसरी मांग चुनाव बैलेट पेपर से कराने की है। खरगे के मुताबिक, इन मुद्दों को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन जारी हैं।

महिला पत्रकारों से जुड़े मामले पर भी खरगे ने उठाए सवाल

खरगे ने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकारों से कथित दुर्व्यवहार के मामले पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस घटना को लेकर चिंता जताई और बीजेपी पर महिला पत्रकारों के उत्पीड़न का आरोप लगाया।

यह मामला 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर के आसपास हुए प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिसकर्मियों पर कथित यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे। दिल्ली पुलिस ने शिकायतें मिलने की पुष्टि की है और मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। जांच में CCTV फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को भी देखा जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान निषेधाज्ञा लागू थी और प्रदर्शनकारियों को जगह खाली करने के लिए कहा गया था। पुलिस का कहना है कि निर्देशों का पालन नहीं करने पर कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों और संबंधित पत्रकारों की ओर से पुलिस कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले की जांच जारी है।

खरगे की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी दलों तथा विभिन्न संगठनों की ओर से देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन किए जा रहे हैं। हाल के दिनों में दिल्ली और मुंबई समेत कई स्थानों पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए हैं।

LPU हिंसा मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार, अब तक 11 गिरफ्तारियां; 20 लोग नामजद

जालंधर / सत्ता संदेश

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) हिंसा मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान योगेश अपूर्वा, निवासी मेहराटा, राजस्थान और आदित्य, निवासी हाजीपुर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों पर हिंसा के दौरान गाड़ियों में तोड़फोड़ करने का आरोप है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल करने की तैयारी की जा रही है।

इससे पहले पुलिस इस मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी और 20 लोगों को नामजद किया गया था। नई गिरफ्तारियों के बाद मामले में अब तक कुल 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

LPU परिसर में हुई हिंसा के दौरान तोड़फोड़, दुकानों में लूटपाट, पुलिस वाहनों में आगजनी और NH-44 को 18 घंटे से अधिक समय तक जाम किए जाने के मामले सामने आए थे। पुलिस ने पूरे मामले में 4 अलग-अलग केस दर्ज किए हैं। जांच को आगे बढ़ाने के लिए 8 सदस्यीय SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) का भी गठन किया गया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए CCTV फुटेज समेत अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। वहीं, सोशल मीडिया पर कथित भड़काऊ और फर्जी AI वीडियो के प्रसार को लेकर भी साइबर क्राइम टीम कार्रवाई कर रही है। पुलिस के मुताबिक ऐसे करीब 300 पोस्ट हटाए गए हैं।

इस मामले में सोशल मीडिया पर एक छात्रा के साथ कथित रेप की खबर भी तेजी से वायरल हुई थी। हालांकि, संबंधित छात्रा ने वीडियो जारी कर खुद को सुरक्षित बताया था और ऐसी किसी घटना से इनकार किया था।

LPU हिंसा मामले को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भी पंजाब सरकार और पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को होगी। पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों और CCTV फुटेज के आधार पर आगे भी गिरफ्तारियां की जा सकती हैं।