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मानसा: किसानों का प्रदर्शन लगातार जारी, बड़ी संख्या में महिला किसानों ने लिया हिस्सा

मानसा / सत्ता संदेश

मानसा में डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के समक्ष भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां की ओर से अपनी मांगों को लेकर चल रहा धरना लगातार जारी है। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में किसान और महिला किसान भी शामिल हुईं। किसान नेताओं ने पंजाब सरकार पर किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों की मांगों की अनदेखी करने के आरोप लगाए।

किसान यूनियन के नेताओं ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे कर्मचारी संगठनों के साथ सरकार की ओर से कथित तौर पर सख्ती की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की आवाज को भी दबाने की कोशिश की जा रही है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसान अब अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। किसान नेताओं के अनुसार, उनकी ओर से सरकार के सामने 13 मांगें रखी गई हैं, लेकिन अब तक इनमें से किसी भी मांग पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के चलते यूनियन की ओर से संघर्ष को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।

प्रदर्शन में शामिल महिला किसान नेताओं ने भी पंजाब सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने महिलाओं को आर्थिक सहायता देने वाली सरकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यदि सरकार महिलाओं को आर्थिक सहायता देने में सक्षम नहीं है तो युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाया जाए।

महिला किसान नेताओं ने पंजाब में नशे की समस्या को लेकर भी सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं को रोजगार और नशे से मुक्ति सहित जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं तो वे सरकार की ओर से मिलने वाली अन्य सुविधाओं को छोड़ने के लिए भी तैयार हैं।

किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। अब किसानों के लगातार चल रहे इस प्रदर्शन के बीच पंजाब सरकार और प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।

मानसा-सिरसा हाईवे पर किसानों का धरना, गरीब किसान पर दर्ज मामला रद्द करने की मांग

मानसा / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : बिट्टू बुढलाडा

मानसा जिले के झुनीर कस्बे में भाखड़ा पुल के पास किसानों ने मानसा-सिरसा हाईवे जाम कर रोष प्रदर्शन किया। किसान एक गरीब किसान के खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करने की मांग को लेकर पिछले सात दिनों से थाना झुनीर के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं।

किसान नेताओं का आरोप है कि पुलिस ने कथित तौर पर दबाव में आकर संबंधित किसान के खिलाफ मामला दर्ज किया है। किसानों के मुताबिक, किसान की जमीन घग्गर नदी के पास स्थित है और ग्राम पंचायत की ओर से इस जमीन को हर साल ठेके पर दिए जाने का विरोध किया जा रहा था। किसानों का कहना है कि इसके बावजूद संबंधित किसान के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया गया।

किसानों ने आरोप लगाया कि पिछले सात दिनों से थाना झुनीर के बाहर धरना देने के बावजूद उनकी मांग पर पुलिस अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद मंगलवार को किसानों ने मानसा-सिरसा मार्ग पर भाखड़ा पुल के पास धरना देकर हाईवे जाम कर दिया।

किसानों ने चेतावनी दी कि यदि किसान के खिलाफ दर्ज मामला रद्द नहीं किया गया तो वे मानसा-सिरसा मार्ग पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे।

वहीं, थाना झुनीर प्रभारी भूपिंदर सिंह ने किसानों के आरोपों से अलग पक्ष रखते हुए कहा कि बीडीपीओ की ओर से पत्र भेजकर संबंधित किसान के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए कहा गया था। थाना प्रभारी ने कहा कि इसी आधार पर मामले में कार्रवाई की गई है।

धरने के दौरान किसान नेता मोहिंदर सिंह, किसान मलूक सिंह और थाना प्रभारी भूपिंदर सिंह ने मामले को लेकर अपनी-अपनी बात रखी।