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MY Bharat ने देव समाज कॉलेज फॉर वूमेन में ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम आयोजित किया

MY Bharat चंडीगढ़ ने देव समाज कॉलेज फॉर वूमेन में ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम आयोजित किया। 212 युवाओं ने नशे से दूर रहने की शपथ ली।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

MY Bharat चंडीगढ़ की ओर से देव समाज कॉलेज फॉर वूमेन, सेक्टर-45 में ‘नशा मुक्ति शपथ चक्र एवं हस्ताक्षर अभियान’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 212 युवा छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर नशे और मादक पदार्थों से दूर रहने तथा नशामुक्त भारत के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।

यह कार्यक्रम युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के MY Bharat द्वारा शुरू किए गए 100 सप्ताह लंबे ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान’ का हिस्सा था। अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे के खिलाफ राष्ट्रीय जागरूकता अभियान से जोड़ना और उन्हें स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के सक्रिय दूत के रूप में तैयार करना है।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘नशा मुक्ति शपथ चक्र एवं हस्ताक्षर अभियान’ रहा। इसमें 212 युवाओं ने सामूहिक रूप से नशे से दूर रहने की शपथ ली और अभियान के समर्थन में हस्ताक्षर किए।

इस अवसर पर जिला युवा अधिकारी, चंडीगढ़ विनय कुमार ने कहा कि 100 सप्ताह लंबा ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान’ एक राष्ट्रव्यापी युवा-नेतृत्व वाला अभियान है। उन्होंने कहा कि अभियान का संदेश कॉलेजों, शिक्षण संस्थानों और समुदायों तक पहुंचाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और अपने साथियों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान युवा संवाद, नारा लेखन और अन्य जागरूकता गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे एवं मादक पदार्थों के दुरुपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका के बारे में जागरूक किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन देव समाज कॉलेज फॉर वूमेन के सहयोग से किया गया। इसमें कॉलेज के विद्यार्थियों, शिक्षकों और MY Bharat स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी की। आयोजकों के अनुसार, यह पहल युवाओं को स्वस्थ, जिम्मेदार और नशामुक्त समाज के निर्माण के सामूहिक संकल्प से जोड़ने की दिशा में एक प्रयास है।

2029 तक नशा मुक्त भारत का लक्ष्य, केंद्र सरकार ने तैयार किया तीन साल का रोडमैप

केंद्र सरकार ने 2029 तक नशा मुक्त भारत बनाने के लिए तीन साल का रोडमैप तैयार किया है। 4 स्तंभ, 25 घटक और 200 से अधिक कार्य बिंदुओं के साथ उपचार, पुनर्वास और नशा विरोधी अभियान पर जोर।

शिमला / चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

केंद्र सरकार ने वर्ष 2029 तक भारत को नशा मुक्त बनाने के लक्ष्य को लेकर अगले तीन वर्षों के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार किया है। इसके तहत नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध नेटवर्क पर कार्रवाई के साथ-साथ नशे की मांग को कम करने, उपचार एवं पुनर्वास की सुविधाओं को बढ़ाने और जनजागरूकता को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

शिमला में पत्र सूचना कार्यालय (PIB) की ओर से नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और गृह मंत्रालय के सहयोग से आयोजित ‘वार्तालाप’ कार्यक्रम में केंद्र सरकार के ‘नशा मुक्त भारत 2029’ अभियान और Vision Document 2026-2029 की प्रमुख योजनाओं की जानकारी दी गई। यह विजन डॉक्यूमेंट केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 26 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 10वीं शीर्ष स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) बैठक में लॉन्च किया था।

कार्यक्रम में गृह मंत्रालय के अपर महानिदेशक (मीडिया) राज कुमार ने बताया कि रोडमैप को 35 से अधिक मंत्रालयों, विभागों और एजेंसियों के साथ विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया है। इसमें केंद्र और राज्य स्तर पर NCORD बैठकों तथा एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) से प्राप्त सुझावों को भी शामिल किया गया है।

चार स्तंभों पर आधारित है रोडमैप

नशा मुक्त भारत 2029 का तीन वर्षीय रोडमैप चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है। इनमें खुफिया जानकारी एवं अभियान आधारित प्रवर्तन, प्रीकर्सर और सिंथेटिक ड्रग्स नियंत्रण, मांग एवं नुकसान में कमी तथा क्षमता निर्माण, समन्वय एवं निगरानी शामिल हैं। पूरे रोडमैप में 25 घटक और 200 से अधिक कार्य बिंदु निर्धारित किए गए हैं।

सरकार के मुताबिक रणनीति में मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले नेटवर्क, वित्तीय स्रोतों, भगोड़ों, डार्कनेट और सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। नेटवर्क की पहचान, तस्करी की सप्लाई चेन को बाधित करने और अवैध प्रयोगशालाओं तथा पूरे वितरण नेटवर्क को खत्म करने के लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाया जाएगा।

उपचार और पुनर्वास क्षमता में बड़ा विस्तार

विजन डॉक्यूमेंट में युवाओं के बीच नशीली दवाओं के सेवन की रोकथाम के साथ उपचार और पुनर्वास सुविधाओं का विस्तार करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार के अनुसार मार्च 2029 तक नशा मुक्ति केंद्रों की संख्या मौजूदा 334 से बढ़ाकर 1,751 करने की योजना है।

बच्चों और महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं विकसित करने तथा प्रत्येक राज्य के एक मेडिकल कॉलेज में नशे से संबंधित उपचार के लिए समर्पित विभाग स्थापित करने की भी योजना बताई गई है।

50 करोड़ लोगों तक पहुंचाने का लक्ष्य

‘नशा मुक्त भारत’ अभियान को जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की योजना है। इसके तहत जागरूकता अभियान की पहुंच मौजूदा करीब 20 करोड़ लोगों से बढ़ाकर 50 करोड़ लोगों तक करने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके अलावा NCC, NSS और My Bharat के माध्यम से एक लाख ‘नशा मुक्त भारत मित्र’ तैयार किए जाएंगे। स्कूलों और कॉलेजों को नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ जागरूकता और रोकथाम की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा।

2019 से जुलाई 2026 तक 93 लाख किलो से अधिक मादक पदार्थ जब्त

कार्यक्रम में NCB चंडीगढ़ और अमृतसर के जोनल डायरेक्टर अमनजीत सिंह ने बताया कि वर्ष 2019 से जुलाई 2026 तक देश में 93,33,987 किलोग्राम मादक और मन:प्रभावी पदार्थ जब्त किए गए। इनकी अनुमानित कीमत करीब 1,53,212 करोड़ रुपये बताई गई है।

इसी अवधि में 44,88,576 किलोग्राम NDPS पदार्थ नष्ट किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 88,010 करोड़ रुपये बताई गई। इसके अलावा करीब 3,992 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियों और परिसंपत्तियों को फ्रीज या जब्त किया गया तथा 128 अवैध गुप्त प्रयोगशालाओं को ध्वस्त किया गया।

NCB के अनुसार 2019 से अब तक विभिन्न स्तरों पर 16,966 से अधिक NCORD बैठकें आयोजित की गई हैं। भारतपोल के माध्यम से 195 देशों के साथ इंटरपोल संपर्क स्थापित किए जाने और MANAS हेल्पलाइन 1933 के जरिए 3.33 लाख से अधिक नागरिकों के जुड़ने की जानकारी भी दी गई।

राज्यों में एंटी नारकोटिक्स व्यवस्था मजबूत करने पर जोर

रोडमैप के तहत राज्यों की एंटी-ड्रग्स व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से संसाधन उपलब्ध कराने और परिणाम आधारित निगरानी पर जोर दिया गया है। मार्च 2027 तक प्रत्येक राज्य में पूरी तरह सुसज्जित ANTF उपलब्ध कराने, मादक पदार्थों के नमूनों की रिपोर्टिंग 30 दिनों के भीतर सुनिश्चित करने और गृह मंत्रालय की ओर से त्रैमासिक समीक्षा किए जाने की योजना बताई गई है।

इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शिमला में NCB का जोनल कार्यालय स्थापित करने को मंजूरी दी है। इसे जल्द शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है।

केंद्र सरकार के इस रोडमैप में नशीले पदार्थों की सप्लाई रोकने के साथ मांग और नुकसान को कम करने, उपचार एवं पुनर्वास सुविधाओं के विस्तार और समाज में जागरूकता बढ़ाने को एक साथ आगे बढ़ाने की रणनीति रखी गई है।