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SIR पर सुनील जाखड़ का AAP-कांग्रेस पर निशाना, बोले- पंजाब की फाइनल वोटर लिस्ट में नहीं आई कोई परेशानी

अनिंदिता मित्रा से मुलाकात के बाद जाखड़ ने उठाए सवाल; हरपाल चीमा और भगवंत मान के विधानसभा क्षेत्रों के आंकड़ों का किया जिक्र, प्रगट सिंह ने फॉर्म-6 पर मांगा जवाब

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मुख्य चुनाव अधिकारी अनिंदिता मित्रा से मुलाकात के बाद मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं पर निशाना साधा। जाखड़ ने कहा कि देश के कुछ हिस्सों में SIR को लेकर विरोध और हंगामा हो रहा है, लेकिन पंजाब में अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद किसी बड़ी परेशानी की बात सामने नहीं आई। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पंजाब में प्रक्रिया को लेकर स्थिति सामान्य रही, तो दूसरे राज्यों में इसे लेकर इतना विवाद क्यों हो रहा है।

गौरतलब है कि पंजाब की अंतिम मतदाता सूची 12 अक्टूबर 2026 को जारी की गई। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, सूची में कुल 2,01,00,727 मतदाता दर्ज हैं। SIR से पहले दर्ज मतदाताओं की तुलना में अंतिम सूची में करीब 13.60 लाख की कमी आई है, जबकि अगस्त में जारी ड्राफ्ट सूची के मुकाबले अंतिम सूची में मतदाताओं की संख्या बढ़ी है। <Cite refs={[“turn557186search6″,”turn557186search9”]}/>

हरपाल चीमा और भगवंत मान के क्षेत्रों के आंकड़ों का किया जिक्र

सुनील जाखड़ ने अपने बयान में वित्त मंत्री हरपाल चीमा और मुख्यमंत्री भगवंत मान के विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या में हुई कमी का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि हरपाल चीमा के क्षेत्र में करीब 1.83 लाख मतदाताओं में से लगभग 3,000 नाम कम हुए, जबकि भगवंत मान के क्षेत्र में 1.57 लाख के आसपास मतदाताओं में से करीब 5,000 नाम कम हुए।

जाखड़ ने कांग्रेस नेताओं के विधानसभा क्षेत्रों के आंकड़ों का भी जिक्र किया और कहा कि इन आंकड़ों को सामने रखकर स्थिति को समझना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रगट सिंह पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कांग्रेस को ऐसा अध्यक्ष मिला है, जो किसी मुद्दे पर समझौता नहीं करता। साथ ही उन्होंने नेताओं से चुनावी प्रक्रिया को लेकर लोगों को गुमराह नहीं करने और व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने से पहले तथ्यों को देखने की अपील की।

नोट: विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित आंकड़े सुनील जाखड़ के बयान के अनुसार हैं; इनका स्वतंत्र निर्वाचन क्षेत्रवार सत्यापन उपलब्ध जानकारी में नहीं किया गया है।

फॉर्म-6 को लेकर प्रगट सिंह ने उठाए सवाल

SIR प्रक्रिया और फॉर्म-6 को लेकर कांग्रेस नेता प्रगट सिंह ने कहा कि यदि किसी को फॉर्म-6 से संबंधित कोई समस्या है, तो उसे तथ्यों और उचित प्रक्रिया के आधार पर उठाना चाहिए, न कि केवल हंगामा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई वास्तविक परेशानी थी, तो संबंधित स्तर पर उस पर सवाल उठाए जाने चाहिए थे।

जाखड़ ने प्रगट सिंह को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें अपने आसपास मौजूद ऐसे लोगों से सावधान रहना चाहिए, जो उनके मुताबिक उन्हें गलत दिशा में ले जा सकते हैं। दोनों नेताओं की टिप्पणियों के बीच मतदाता सूची के पुनरीक्षण और उसके आंकड़ों को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।

नशे के मामले में पिस्टल लाइसेंस पर उठाया सवाल

पंजाब में नशे के मुद्दे पर बोलते हुए सुनील जाखड़ ने एक व्यक्ति के खिलाफ नशे से संबंधित मामले होने के बावजूद उसके पास पिस्टल का लाइसेंस होने पर सवाल उठाया। उन्होंने इसे हैरानी की बात बताया और कहा कि ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए।

जाखड़ ने एक ड्रग इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि उसके बाद आगे की कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि, इस संबंध में उन्होंने जिस मामले का जिक्र किया, उसका विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।

मोहाली SSP को ED के पत्र पर सरकार को घेरा

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को पत्र लिखकर मामला दर्ज करने की मांग किए जाने के सवाल पर जाखड़ ने पंजाब सरकार की आलोचना की। उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसे “महाबेईमान सरकार” कहा।

यह जाखड़ की राजनीतिक टिप्पणी है। ED के पत्र, उसमें उल्लिखित आरोपों और पुलिस की कार्रवाई से जुड़े तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए संबंधित आधिकारिक दस्तावेजों या अधिकारियों का पक्ष जरूरी है।