ब्रेकिंग न्यूज़
नशा मुक्ति केंद्रों में अब होगी Triple H Screening, HIV और हेपेटाइटिस की जांच से जुड़ेगी डि-एडिक्शन प्रक्रिया

पंजाब में नशा मुक्ति एवं रिहैबिलिटेशन सेवाओं को Triple H Screening से जोड़ने की तैयारी है। HIV, Hepatitis-B और Hepatitis-C की जांच के साथ उपचार और परामर्श पर भी जोर दिया जाएगा।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब सरकार ने नशा मुक्ति एवं पुनर्वास सेवाओं को रक्त के जरिए फैलने वाले संक्रमणों की जांच से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नई व्यवस्था के तहत नशा मुक्ति एवं रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया से जुड़े लोगों की Triple H Screening की जाएगी। इसमें HIV, Hepatitis-B और Hepatitis-C की जांच शामिल होगी।

सरकार के अनुसार, यह पहल नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। इसका उद्देश्य नशे की लत से जूझ रहे लोगों को उपचार और पुनर्वास सेवाओं के साथ-साथ संक्रमणों की समय पर पहचान और चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराना है।

नशा मुक्ति प्रक्रिया से सीधे जुड़ेगी जांच

पंजाब में पिछले वर्षों से HIV और हेपेटाइटिस की जांच के लिए समय-समय पर कैंप लगाए जाते रहे हैं। हालांकि, केवल कैंप आधारित व्यवस्था में यह पता लगाना मुश्किल था कि कितने लोगों ने जांच करवाई, कौन जांच से छूट गया और किन लोगों को आगे उपचार या मेडिकल निगरानी की जरूरत है।

नई व्यवस्था में जांच को सीधे नशा मुक्ति एवं रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा। इससे जांच के अवसर नियमित होंगे और संक्रमण की पुष्टि होने पर संबंधित व्यक्ति को आगे की चिकित्सा सेवाओं से जोड़ने में मदद मिलेगी।

इंजेक्शन से नशा करने वालों में संक्रमण का जोखिम

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि इंजेक्शन के माध्यम से नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले लोगों में रक्त के जरिए फैलने वाले संक्रमणों का जोखिम अधिक होता है। ऐसे में HIV, Hepatitis-B और Hepatitis-C की समय रहते पहचान जरूरी है, ताकि मरीज को उचित उपचार, परामर्श और चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराई जा सके।

उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति का उद्देश्य केवल नशे की आदत से छुटकारा दिलाना नहीं है, बल्कि प्रभावित लोगों को स्वस्थ जीवन जीने और समाज की मुख्यधारा से दोबारा जुड़ने में मदद करना भी है।

जांच से लेकर उपचार तक बेहतर होगी निगरानी

नई व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यदि कोई व्यक्ति नियमित जांच शिविर में शामिल नहीं हो पाता था तो उसे अगली स्क्रीनिंग के लिए कई सप्ताह या महीनों तक इंतजार करना पड़ सकता था। नशा मुक्ति सेवाओं के साथ स्क्रीनिंग को जोड़ने से ऐसे लोगों की पहचान करना आसान होगा, जिन्हें जांच या आगे की चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता है।

संक्रमण की पुष्टि होने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने की व्यवस्था भी की जाएगी।

परामर्श और मनोवैज्ञानिक सहयोग पर भी जोर

सरकार की इस पहल में केवल बीमारी की जांच ही नहीं, बल्कि नशे से उबरने की पूरी प्रक्रिया को मजबूत करने पर जोर है। इसमें चिकित्सकीय देखभाल के साथ परामर्श, मनोवैज्ञानिक सहयोग और सामाजिक पुनर्वास को भी महत्वपूर्ण माना गया है।

राज्य में आम आदमी क्लीनिकों के माध्यम से भी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। पंजाब के स्वास्थ्य विभाग का ऑनलाइन स्वास्थ्य प्रबंधन तंत्र राज्य के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों और सुविधाओं की निगरानी करता है।

जानकारी के मुताबिक, निजी नशा मुक्ति केंद्रों में Triple H Screening की व्यवस्था शुरू हो चुकी है, जबकि सरकारी केंद्रों में इसे जल्द लागू किए जाने की उम्मीद है। इस पहल का उद्देश्य नशे की समस्या से प्रभावित लोगों के लिए जांच, उपचार, परामर्श और पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना है।