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पंजाब में CBI छापेमारी के खिलाफ AAP का प्रदर्शन, पटियाला के फुहारा चौक पर जुटे मंत्री और कार्यकर्ता

पंजाब में CBI छापेमारी के विरोध में आम आदमी पार्टी ने प्रदर्शन किया। पटियाला के फुहारा चौक पर डॉ. बलबीर सिंह, हरपाल जुनेजा और कुंदन गोगिया समेत कई नेता शामिल हुए।

पटियाला / सत्ता संदेश

दिनांक : 10 अक्टूबर 2026

मुख्यमंत्री के कैंप कार्यालय समेत कई स्थानों पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की छापेमारी के विरोध में आम आदमी पार्टी (AAP) ने पंजाब भर में प्रदर्शन किया। पटियाला के फुहारा चौक पर भी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शन में पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, PRTC के चेयरमैन हरपाल जुनेजा, पटियाला नगर निगम के मेयर कुंदन गोगिया सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।

इस दौरान AAP नेताओं ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पंजाब में CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। नेताओं ने पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए कहा कि पंजाब में भी इसी तरह की कार्रवाई की जा रही है।

आप नेताओं ने दावा किया कि पंजाब की जनता इन कार्रवाइयों को समझती है और आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी फिर से सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) को पंजाब की जनता के जवाब का सामना करना पड़ेगा।

AAP नेताओं ने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज और तेज की जाएगी। उन्होंने छापेमारी की कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया। हालांकि, छापेमारी के पीछे के कारणों और एजेंसियों के पक्ष की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में उपलब्ध नहीं है।

लुधियाना : CBI रेड के विरोध में AAP का प्रदर्शन, BJP ऑफिस के बाहर जमकर नारेबाजी

लुधियाना / सत्ता संदेश

दिनांक: 7 अक्टूबर 2026

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD और उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर हुई CBI की कार्रवाई के विरोध में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बुधवार को लुधियाना में BJP कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन दाना मंडी, अरोड़ा पैलेस के पास स्थित BJP कार्यालय के बाहर किया गया।

प्रदर्शन में AAP जिला इंचार्ज जतिंदर सिंह खंगूरा, विधायक अशोक पराशर पप्पी, दलजीत सिंह भोला ग्रेवाल, कुलवंत सिंह सिद्धू, जीवन सिंह संगोवाल, हाकम सिंह ठेकेदार, लोकसभा इंचार्ज शरणपाल सिंह मक्कड़ और चेयरमैन हेमराज राजी समेत बड़ी संख्या में पार्टी नेता, कार्यकर्ता और वॉलंटियर शामिल हुए।

प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने BJP कार्यालय के आसपास बैरिकेडिंग कर सुरक्षा बढ़ा दी थी। AAP नेताओं ने CBI की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार और BJP पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल पंजाब में राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।

AAP नेताओं ने कहा कि BJP पंजाबियों को डराकर आगामी विधानसभा चुनाव नहीं जीत सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि CBI की कार्रवाई का उद्देश्य मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाना है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी CBI कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल से जोड़कर देखा है।

प्रदर्शन के दौरान AAP कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और BJP के खिलाफ नारेबाजी की। दूसरी ओर, BJP कार्यकर्ताओं ने भी विरोध जताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला जलाया। पुलिस ने दोनों पक्षों के प्रदर्शन को देखते हुए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी।

CBI की कार्रवाई को लेकर पंजाब में AAP और BJP के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है। CBI की जांच मुख्यमंत्री के OSD राजबीर सिंह घुमन और अन्य लोगों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में हो रही है, जबकि AAP इस कार्रवाई को राजनीतिक दबाव बता रही है।

पंजाब में CM भगवंत मान से जुड़े ठिकानों पर CBI रेड के बाद सियासी घमासान, 2027 चुनाव से जोड़ा मामला

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

दिनांक : 07 अक्टूबर 2026

Punjab CBI Raid: पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के कैंप ऑफिस और उनके OSD राजबीर सिंह घुम्मन से जुड़े ठिकानों पर CBI की कार्रवाई के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। संगरूर में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने CBI की रेड को आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए केंद्र सरकार और बीजेपी पर निशाना साधा।

भगवंत मान ने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही विपक्षी नेताओं और उनके परिवारों को केंद्रीय जांच एजेंसियों के जरिए परेशान करना बीजेपी की कार्यशैली रही है। उन्होंने कहा कि CBI की कार्रवाई से अब साफ हो गया है कि पंजाब में चुनावी माहौल शुरू हो चुका है।

रेड में कुछ नहीं मिला- CM भगवंत मान

संगरूर में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया कि CBI ने जिन-जिन ठिकानों पर छापेमारी की, वहां से कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी के अधिकारी कार्रवाई के बाद चले गए और उन्हें कोई आपत्तिजनक चीज नहीं मिली।

मान ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई का मकसद उन्हें, उनके परिवार और पंजाब सरकार को बदनाम करना है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने कुछ गलत नहीं किया है तो वह किसी भी जांच से डरने वाले नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने OSD राजबीर सिंह घुम्मन के गांव के लोगों द्वारा उनके समर्थन में खड़े होने की भी बात कही।

CBI ने पंजाब और चंडीगढ़ में 8 ठिकानों पर की तलाशी

वहीं, CBI के मुताबिक पंजाब और चंडीगढ़ में कुल आठ ठिकानों पर तलाशी ली गई। कार्रवाई के दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन और कई दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

CBI ने यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद दर्ज की गई FIR के आधार पर की है।

राजबीर सिंह घुम्मन समेत 6 लोग FIR में आरोपी

CBI ने मुख्यमंत्री के OSD राजबीर सिंह घुम्मन समेत छह लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। FIR में राजबीर घुम्मन के अलावा नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर और आरएस नागरा के नाम शामिल हैं।

CBI के अनुसार, जांच में आरोप है कि आरोपियों ने IAS और IPS अधिकारियों की पोस्टिंग, विभागीय कार्यवाही, नीतिगत फैसलों, प्रशासनिक मंजूरियों, टेंडर की शर्तों, लाइसेंसिंग, जमीन के इस्तेमाल में बदलाव, संपत्ति विवाद और राजस्व से जुड़े मामलों को प्रभावित करने के बदले कथित तौर पर आर्थिक लाभ हासिल किया।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI की एंट्री

इस मामले की शुरुआत ED की जांच से हुई थी। ED ने पंजाब के DGP को पत्र लिखकर कथित भ्रष्टाचार के आरोपों में FIR दर्ज करने को कहा था। इसके बाद मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचा।

5 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने CBI को मामले की जांच सौंपने और FIR दर्ज करने का निर्देश दिया। अदालत ने पंजाब पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर भी सवाल उठाए और CBI को दो महीने के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा।

हाईकोर्ट के इस आदेश को पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। इसी बीच CBI ने FIR दर्ज कर अगले ही दिन पंजाब और चंडीगढ़ में कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।

फिलहाल CBI की कार्रवाई के बाद पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया है, जबकि CBI अपनी जांच के तहत जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की जांच कर रही है।