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मैड संधू हत्याकांड में बड़ी कामयाबी, मुख्य शूटर अहमदाबाद से गिरफ्तार; अब तक 6 आरोपी काबू

अमृतसर के मैड संधू हत्याकांड में पुलिस ने मुख्य शूटर परमिंदर उर्फ काका को अहमदाबाद से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, अब तक 6 आरोपी पकड़े गए हैं और 125 किलोमीटर की CCTV ट्रेल खंगाली गई है।

125 किलोमीटर की CCTV ट्रेल खंगालकर पुलिस मुख्य शूटर तक पहुंची, गोल्डी ढिल्लों से जुड़े तारों की जांच जारी

अमृतसर / सत्ता संदेश

दिनांक : 9 अक्टूबर 2026

चर्चित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मैड संधू हत्याकांड में अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले के मुख्य शूटर बताए जा रहे परमिंदर सिंह उर्फ काका को गुजरात के अहमदाबाद से गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी के साथ मामले में अब तक कुल 6 आरोपियों को पुलिस हिरासत में लिया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दूसरे शूटर की गिरफ्तारी के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।

पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि वारदात के बाद परमिंदर उर्फ काका अहमदाबाद फरार हो गया था। वहां उसके पैसे खत्म होने के बाद उसने अपने भाई अमनदीप सिंह के माध्यम से पैसे मंगवाने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, तकनीकी जांच और QR कोड स्कैनर से जुड़े लेन-देन की पड़ताल के जरिए उसकी लोकेशन का पता लगाया गया। इसके बाद अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की मदद से उसे गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उसके पास से ऐसे जूते भी बरामद करने का दावा किया है, जिन्हें कथित तौर पर वारदात के समय पहना गया था।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में परमिंदर उर्फ काका का भाई अमनदीप सिंह भी शामिल है। जांच में सामने आए वित्तीय लेन-देन को लेकर पुलिस ने दावा किया कि विदेश में बैठे गैंगस्टरों की ओर से अमनदीप के खाते में 16 हजार रुपये भेजे गए थे। इनमें से 11 हजार रुपये परमिंदर और 5 हजार रुपये परमवीर को दिए गए थे। पुलिस अब इन पैसों के स्रोत और हत्याकांड में उनकी कथित भूमिका की जांच कर रही है।

मामले में परमवीर सिंह निवासी लोहियां खास को हथियार और अन्य लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध करवाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। बलराज सिंह उर्फ बंटी पर वारदात से पहले रेकी करने और हथियार पहुंचाने का आरोप है, जबकि विकास सिंह पर बलराज के साथ मिलकर रेकी और अन्य सहायता देने का आरोप लगाया गया है। छठे आरोपी बलजिंदर सिंह निवासी तरनतारन को आरोपियों को मोटरसाइकिल से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने और फरार होने में मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, परमिंदर के खिलाफ पहले पांच और बलजिंदर के खिलाफ चार आपराधिक मामले दर्ज हैं।

गोल्डी ढिल्लों से जुड़े तारों की जांच

पुलिस कमिश्नर के अनुसार, शुरुआती जांच में हत्याकांड के तार गोल्डी ढिल्लों से जुड़े होने की आशंका सामने आई है। पुलिस को संदेह है कि इलाके में दहशत पैदा करके गैंग की पहचान मजबूत करने और बाद में कारोबारियों से फिरौती मांगने की साजिश के तहत हत्या को अंजाम दिया गया हो सकता है। हालांकि, यह अभी जांच का विषय है। पुलिस ने बताया कि वारदात से पहले मैड संधू की ओर से फिरौती को लेकर कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई थी।

125 किलोमीटर की CCTV फुटेज खंगाली

आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने करीब 125 किलोमीटर के दायरे में CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। पुलिस के मुताबिक, जांच से बचने के लिए आरोपियों ने कच्चे रास्तों, वैकल्पिक मार्गों और हाईवे पर गलत दिशा में जाने जैसे तरीके अपनाए। इसके बावजूद पुलिस ने विभिन्न कैमरों की फुटेज को जोड़कर उनकी गतिविधियों का पता लगाया।

पुलिस अब वारदात में इस्तेमाल की गई पल्सर और स्प्लेंडर मोटरसाइकिलों के साथ हथियारों की बरामदगी के लिए छापेमारी कर रही है। पुलिस के अनुसार, वारदात में .30 बोर के हथियारों का इस्तेमाल किया गया था। दूसरे शूटर की पहचान भी कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है।

मुख्य शूटर परमिंदर उर्फ काका को अहमदाबाद से अमृतसर लाया जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान हत्या की कथित साजिश, हथियारों की सप्लाई और विदेश में बैठे गैंगस्टरों के साथ संभावित संपर्कों को लेकर और जानकारी मिल सकती है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और पूछताछ के आधार पर की जाएगी।

मैड संधू मर्डर केस: ‘मेरे बेटे का क्या कसूर था?’ पिता ने बयां किया दर्द, परिवार ने मांगा इंसाफ

मैड संधू मर्डर केस में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मधुसूदन सिंह के पिता भूपिंदर सिंह ने सुरक्षा में चूक के आरोप लगाए हैं। परिवार ने हत्यारों की गिरफ्तारी और छोटे बेटे के लिए सरकारी नौकरी की मांग की।

पंजाब / सत्ता संदेश

सोशल मीडिया पर ‘मैड संधू’ के नाम से मशहूर मधुसूदन सिंह की हत्या के बाद उनका परिवार गहरे सदमे में है। पंजाब पुलिस से रिटायर्ड सब-इंस्पेक्टर और मधुसूदन के पिता भूपिंदर सिंह ने मीडिया के सामने भावुक होते हुए अपने बेटे की हत्या पर कई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनका बेटा हमेशा लोगों की मदद और समाज सेवा के लिए आगे रहता था, फिर उसका क्या कसूर था?

भूपिंदर सिंह के मुताबिक, मधुसूदन पूरे परिवार का सहारा था। उसकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। पिता ने बताया कि मधुसूदन सोशल मीडिया पर अपनी अलग पहचान और स्टाइल के कारण युवाओं के बीच लोकप्रिय था और ‘मैड संधू’ के नाम से जाना जाता था। बढ़ती लोकप्रियता के बाद उसे विभिन्न कार्यक्रमों में बतौर मुख्य अतिथि भी बुलाया जाने लगा था।

बढ़ती लोकप्रियता को बताया हत्या की वजह

मधुसूदन के पिता ने आरोप लगाया कि उनके बेटे की बढ़ती शोहरत, लोकप्रियता और सोशल मीडिया फॉलोइंग से कुछ लोग नाराज थे। उनका दावा है कि इसी रंजिश के चलते साजिश रचकर मधुसूदन की हत्या कर दी गई। हालांकि, हत्या के पीछे वास्तविक कारण और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

गरीबों और जरूरतमंदों की करता था मदद

भूपिंदर सिंह ने बताया कि मधुसूदन केवल अपने परिवार की जिम्मेदारी नहीं निभाता था, बल्कि जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए भी आगे रहता था। उनके अनुसार, वह गरीब बच्चों की पढ़ाई और जरूरतमंद परिवारों के राशन का खर्च उठाता था। इसके अलावा उसने मेडिकल कैंप और रक्तदान शिविर आयोजित किए तथा बाढ़ प्रभावित लोगों की भी मदद की।

पिता ने बताया कि मधुसूदन गुरुद्वारों में सेवा करने के साथ पाठ में भी शामिल होता था। उसने एक सैलून भी शुरू किया था, जहां कई लोग काम करके अपने परिवार का गुजारा करते थे। उसकी मौत के बाद सैलून बंद हो गया है और वहां काम करने वाले लोगों के सामने भी रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।

धमकियों के बावजूद सुरक्षा नहीं मिलने का आरोप

मधुसूदन के पिता ने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि उनके बेटे को पहले से जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। परिवार की ओर से इन धमकियों की जानकारी संबंधित विभागों और सुरक्षा एजेंसियों को दिए जाने का दावा किया गया था।

भूपिंदर सिंह के अनुसार, CID, इंटेलिजेंस और पंजाब पुलिस को भी इस संबंध में जानकारी दी गई थी और सुरक्षा के लिए गनमैन की मांग की गई थी। उनका आरोप है कि इसके बावजूद मधुसूदन को स्थायी सुरक्षा नहीं मिली।

पिता ने कहा कि अगर समय रहते सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती और धमकियों को गंभीरता से लिया जाता, तो शायद उनका बेटा आज जिंदा होता। उन्होंने पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच करने की मांग की है।

उन्होंने यह भी कहा कि हत्या के बाद अब तक सरकार की ओर से परिवार से मिलने या उनका दुख साझा करने के लिए किसी बड़े प्रतिनिधि के नहीं पहुंचने से परिवार में नाराजगी है।

छोटे बेटे के लिए सरकारी नौकरी की मांग

मधुसूदन की मौत के बाद परिवार में बुजुर्ग माता-पिता और छोटा बेटा अर्शदीप सिंह रह गए हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए भूपिंदर सिंह ने पंजाब सरकार से छोटे बेटे को सहानुभूति के आधार पर पंजाब पुलिस में सब-इंस्पेक्टर या उसकी योग्यता के अनुरूप सरकारी नौकरी देने की मांग की है।

इसके साथ ही परिवार ने पुलिस प्रशासन से मधुसूदन के हत्यारों को जल्द गिरफ्तार करने और मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। परिवार का कहना है कि उन्हें अपने बेटे की हत्या का इंसाफ चाहिए और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।