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दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर प्रशासन अलर्ट, कोलकाता समेत 4 क्षेत्रों में 18 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की तैनाती

कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ में 19 लोगों की मौत के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बाबूघाट पर विसर्जन तैयारियों का जायजा लिया। सुरक्षा के लिए 18 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई।

कोलकाता / सत्ता संदेश

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के दौरान 19 लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने प्रतिमा विसर्जन के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को कोलकाता के बाबूघाट पहुंचकर दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ विजयादशमी पर विसर्जन प्रक्रिया को सुचारू और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के उपायों पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री के साथ कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय कुमार नंद और कोलकाता नगर आयुक्त स्मिता पांडे भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सावधानियां बरती जा रही हैं और इंतजाम मजबूत किए गए हैं। उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) को भी शामिल किया गया है। विसर्जन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सफाई अभियान चलाया जाएगा।

गौरतलब है कि महाष्टमी की शाम कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मच गई थी, जिसमें 19 लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद प्रशासन ने निगरानी बढ़ाने और विसर्जन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए हैं।

विसर्जन की निगरानी के लिए 18 वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तैनात

एक अधिकारी के अनुसार, कोलकाता और आसपास के तीन पुलिस आयुक्तालयों—हावड़ा, बैरकपुर और चंदननगर—में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की निगरानी के लिए कुल 18 आईपीएस अधिकारियों को तैनात किया गया है। इनमें से 12 अधिकारी कोलकाता में और छह अधिकारी अन्य तीन क्षेत्रों में जिम्मेदारी संभालेंगे। अधिकारियों की तैनाती 21 से 24 अक्टूबर तक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार की गई है।

कोलकाता में छह अधिकारी 21 और 23 अक्टूबर को, जबकि अन्य छह अधिकारी 22 और 24 अक्टूबर को विसर्जन की निगरानी करेंगे। हावड़ा में भी दो अधिकारियों को अलग-अलग तारीखों पर जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, बैरकपुर और चंदननगर में दो-दो अधिकारियों को विसर्जन व्यवस्था की निगरानी के लिए तैनात किया गया है।

प्रशासन का उद्देश्य विसर्जन के दौरान भीड़ को नियंत्रित करना, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना और श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारू रखना है। हालिया भगदड़ की घटना के बाद इस बार प्रतिमा विसर्जन के दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।