ब्रेकिंग न्यूज़
लुधियाना में दिवाली से पहले अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग का अभियान, तस्करी रोकने के लिए लगेंगे सरप्राइज नाके

लुधियाना में दिवाली से पहले आबकारी विभाग ने अवैध और तस्करी की शराब के खिलाफ अभियान शुरू किया। सरप्राइज नाके, संयुक्त छापेमारी और हेल्पलाइन नंबर जारी।

लुधियाना / सत्ता संदेश

दिवाली के त्योहार को देखते हुए लुधियाना ईस्ट और वेस्ट रेंज के आबकारी विभाग ने जिलेभर में अवैध, नकली और तस्करी की शराब के खिलाफ विशेष प्रवर्तन अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत संदिग्ध स्थानों की जांच, संवेदनशील रास्तों पर अचानक नाकेबंदी और पुलिस के साथ संयुक्त छापेमारी की जाएगी। आबकारी विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे शराब केवल अधिकृत और लाइसेंस प्राप्त दुकानों से ही खरीदें।

आबकारी विभाग के सहायक आयुक्तों के अनुसार, त्योहारों के दौरान अवैध और तस्करी की शराब की आपूर्ति बढ़ने की आशंका रहती है। इसे रोकने के लिए अधिकारियों को खुद फील्ड में उतरकर अभियान का नेतृत्व करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग की टीमें खाली इमारतों, सुनसान शेड, गोदामों, फार्महाउसों, ढाबों और नदियों व नहरों के किनारे स्थित संदिग्ध स्थानों की सघन जांच करेंगी।

इसके अलावा झुग्गी-बस्तियों, ईंट-भट्टों, मजदूर कॉलोनियों और प्रवासी श्रमिकों के इलाकों पर भी विशेष नजर रखी जाएगी। दूसरे राज्यों से शराब की तस्करी रोकने के लिए संवेदनशील मार्गों पर सरप्राइज नाके लगाए जाएंगे। इस कार्रवाई में पुलिस विभाग का सहयोग भी लिया जाएगा।

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अनधिकृत स्रोतों से सस्ती कीमत पर मिलने वाली शराब नकली या अवैध तरीके से तैयार की गई हो सकती है। ऐसी शराब का सेवन गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं, आंखों की रोशनी जाने और यहां तक कि मौत का कारण बन सकता है। इसलिए लोगों को किसी भी अनधिकृत व्यक्ति या स्थान से शराब नहीं खरीदनी चाहिए।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध या तस्करी की शराब बनाने, रखने, परिवहन करने अथवा बेचने वाले व्यक्तियों के खिलाफ पंजाब आबकारी अधिनियम, 1914 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आबकारी विभाग ने नागरिकों से भी अभियान में सहयोग करने की अपील की है। यदि किसी व्यक्ति को अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, बिक्री या तस्करी से संबंधित जानकारी मिलती है, तो वह विभाग की हेल्पलाइन 98759-61127 पर सूचना दे सकता है। इसके अलावा संबंधित आबकारी अधिकारियों से भी संपर्क किया जा सकता है।

विभाग के अनुसार, सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। दिवाली के दौरान अवैध शराब की बिक्री और तस्करी पर रोक लगाने के लिए विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और जिम्मेदारी से सहयोग करने की अपील की है।

Ludhiana Police Commemoration Day 2026: पुलिस स्मृति दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि, 65 परिवार सम्मानित

लुधियाना / सत्ता संदेश

दिनांक : 21 अक्टूबर 2026

लुधियाना पुलिस लाइंस में बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस मनाया गया। इस अवसर पर देश की सुरक्षा और सेवा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में शहीद पुलिसकर्मियों के 65 परिवारों के सदस्यों सहित लुधियाना जिले के राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों, विभिन्न पुलिस इकाइयों के जवानों, नागरिक अधिकारियों और सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस की टुकड़ी ने परेड के माध्यम से शहीदों को सम्मान दिया। बिगुल वादक ने शोक धुन ‘लास्ट पोस्ट’ बजाई, जिसके बाद उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीद पुलिसकर्मियों को नमन किया। लुधियाना में PBI/विशेष अपराध शाखा की सहायक पुलिस आयुक्त रूप दीप कौर (PPS) ने उन पुलिसकर्मियों के नाम पढ़कर सुनाए, जिन्होंने 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच देश की सेवा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे लुधियाना के पुलिस उपायुक्त (कानून-व्यवस्था) अरविंद मीना (IPS) ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके बलिदान को याद किया। उन्होंने देश और समाज की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों के योगदान को नमन किया। इस दौरान शहीदों के परिवारों को सम्मानित किया गया। परिवारों के सदस्यों ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर अपने प्रियजनों को याद किया।

समारोह के बाद पुलिस अधिकारियों ने शहीद परिवारों के सदस्यों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना। अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

15 अक्टूबर से शुरू हुआ पुलिस स्मृति सप्ताह

लुधियाना में पुलिस स्मृति सप्ताह की शुरुआत 15 अक्टूबर 2026 को हुई थी। इस दौरान शहर के विभिन्न हिस्सों में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस लाइंस स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में विद्यार्थियों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता करवाई गई। इसके अलावा, शहर के विभिन्न मॉल और बाजारों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस बैंड ने प्रस्तुतियां देकर लोगों को पुलिस बल के योगदान और शहीदों के बलिदान के प्रति जागरूक किया।

स्मृति सप्ताह के अंतर्गत राजपत्रित पुलिस अधिकारियों ने शहीदों के परिवारों से मुलाकात कर उनके योगदान को याद किया। वहीं, पुलिस अधिकारियों और आम नागरिकों की भागीदारी से मिनी मैराथन का आयोजन भी किया गया।

क्यों मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस?

हर साल 21 अक्टूबर को देशभर में पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। यह दिवस 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सेना के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए पुलिसकर्मियों की स्मृति में मनाया जाता है। जनवरी 1960 में पुलिस महानिरीक्षकों के सम्मेलन में लिए गए निर्णय के बाद इस दिन को प्रतिवर्ष मनाने की परंपरा शुरू हुई।

पुलिस स्मृति दिवस उन सभी पुलिसकर्मियों के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान को याद करने का अवसर है, जिन्होंने देश और नागरिकों की सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। लुधियाना में आयोजित कार्यक्रम ने शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ-साथ उनके परिवारों के प्रति पुलिस विभाग की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को भी रेखांकित किया।

करमजीत सिंह ग्रेवाल के पंजाबी अल्फाबेट वीडियो को YouTube पर मिले 2 करोड़ से ज्यादा व्यूज

नेशनल टीचर अवॉर्ड विजेता करमजीत सिंह ग्रेवाल के पंजाबी अल्फाबेट वीडियो ने YouTube पर 2 करोड़ व्यूज पार किए। खेरी झमेड़ी स्कूल के बच्चों की उपलब्धि।

लुधियाना / सत्ता संदेश

दिनांक : 20 अक्टूबर 2026

पंजाबी मातृभाषा के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित नेशनल अवॉर्ड विजेता शिक्षक करमजीत सिंह ग्रेवाल के पंजाबी अल्फाबेट वीडियो ने YouTube पर दो करोड़ से अधिक व्यूज का आंकड़ा पार कर लिया है। सरकारी हाई स्कूल खेरी झमेड़ी के विद्यार्थियों के साथ मिलकर तैयार किए गए इस वीडियो को पंजाब सहित भारत के विभिन्न राज्यों और विदेशों में भी खूब पसंद किया जा रहा है। आसान और रोचक तरीके से पंजाबी वर्णमाला सिखाने वाले इस वीडियो ने बच्चों और पंजाबी भाषा सीखने के इच्छुक लोगों के बीच खास पहचान बनाई है।

इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए करमजीत सिंह ग्रेवाल ने कहा कि पंजाबी को मातृभाषा के रूप में सीखना सम्मान और आशीर्वाद की बात है। उन्होंने बताया कि कई ऐसे लोग भी उनसे संपर्क करते हैं, जिनकी मातृभाषा पंजाबी नहीं है, लेकिन वे उनके गीतों के माध्यम से पंजाबी सीख रहे हैं। उन्होंने इस प्यार और समर्थन के लिए दर्शकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे उन सभी लोगों के ऋणी हैं, जिन्होंने उनके गीतों और शैक्षिक प्रयासों को इतना प्यार दिया है।

ग्रेवाल ने कहा कि पंजाबी भाषा की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत बेहद समृद्ध है। अनेक विद्वानों, कवियों, गायकों, लेखकों और पंजाबी बोलने वाले लोगों ने इसे समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने संकल्प जताया कि भविष्य में भी बच्चों के साथ मिलकर मातृभाषा पंजाबी के प्रचार और विकास के लिए ऐसे प्रयास जारी रखेंगे।

गौरतलब है कि मास्टर करमजीत सिंह ग्रेवाल ने बच्चों के लिए 13 नाटक, गीत और कहानियों की पुस्तकें लिखी हैं, जिन्हें स्कूलों में उपयोग के लिए मंजूरी मिली है। उनकी कई रचनाएं पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के पाठ्यक्रम में भी शामिल हैं। उनके लिखे एक लोरी गीत को भारत सरकार की ओर से एक लाख रुपये का पुरस्कार भी मिल चुका है।

शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में योगदान के लिए ग्रेवाल को पंजाब सरकार का स्टेट अवॉर्ड और भारत सरकार का नेशनल टीचर अवॉर्ड मिल चुका है। इसके अलावा उन्हें भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की ओर से भी सम्मानित किया जा चुका है।

इस उपलब्धि पर सरकारी हाई स्कूल खेरी झमेड़ी के हेडमास्टर एस. गुरदर्शन सिंह, स्कूल स्टाफ, स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) के सदस्यों, ग्राम पंचायत खेरी, विद्यार्थियों के अभिभावकों और पंजाबी भाषा से प्रेम करने वाले लोगों ने करमजीत सिंह ग्रेवाल को बधाई दी है। दो करोड़ से अधिक व्यूज की यह उपलब्धि मातृभाषा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उनके प्रयासों को मिली व्यापक पहचान के रूप में देखी जा रही है।

Ludhiana News: दूध के 80 सैंपल की जांच, 27 में पानी की मात्रा ज्यादा; हानिकारक केमिकल नहीं मिला

लुधियाना के शिमलापुरी और राजगुरु नगर में दूध जांच कैंपों में 80 सैंपल जांचे गए। 27 में पानी की मात्रा ज्यादा मिली, जबकि किसी में हानिकारक केमिकल नहीं पाया गया।

लुधियाना / सत्ता संदेश

शहरवासियों को शुद्ध, साफ और अच्छी गुणवत्ता वाला दूध उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से डेयरी डेवलपमेंट विभाग की ओर से शिमलापुरी और राजगुरु नगर में दूध कंज्यूमर अवेयरनेस कैंप लगाए गए। इन दोनों कैंपों के दौरान कुल 80 दूध के सैंपल की जांच की गई, जिनमें से 27 सैंपल में पानी की मात्रा ज्यादा पाई गई। हालांकि, जांच के दौरान किसी भी सैंपल में हानिकारक केमिकल नहीं मिला।

विभाग की ओर से लगाए गए पहले कैंप का आयोजन शिमलापुरी मोहल्ले में किया गया। यहां दूध के कुल 42 सैंपल जांचे गए, जिनमें से 11 सैंपल में पानी की मात्रा ज्यादा पाई गई। इसके बाद राजगुरु नगर में लगाए गए दूसरे कैंप में 38 दूध के सैंपल की जांच की गई। इनमें से 16 सैंपल में पानी की मात्रा ज्यादा पाई गई।

दोनों कैंपों के आंकड़ों के अनुसार, जांचे गए कुल 80 सैंपल में से 27 में पानी की मात्रा ज्यादा मिली। इन कैंपों का मुख्य उद्देश्य दूध उपभोक्ताओं को दूध की गुणवत्ता के प्रति जागरूक करना और उन्हें शुद्ध एवं अच्छी गुणवत्ता वाले दूध की पहचान के बारे में जानकारी देना था।

डेयरी डेवलपमेंट विभाग ने लोगों से अपील की कि वे दूध की गुणवत्ता को लेकर जागरूक रहें और साफ-सुथरा तथा अच्छी गुणवत्ता वाला दूध ही इस्तेमाल करें। इन जागरूकता कैंपों के माध्यम से उपभोक्ताओं को दूध की जांच और उसकी गुणवत्ता के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई।

लुधियाना : 22 अक्टूबर को होगी सिधवां ब्रांच कैनाल में मछली पकड़ने के ठेके की बोली, जानें शर्तें

लुधियाना की सिधवां ब्रांच कैनाल में मछली पकड़ने के ठेके की नीलामी 22 अक्टूबर 2026 को सुबह 11 बजे होगी। जानें बोली की शर्तें और जरूरी दस्तावेज।

लुधियाना / सत्ता संदेश

सिधवां कैनाल सब-डिवीजन, लुधियाना के अंतर्गत आने वाली सिधवां ब्रांच कैनाल में मछली पकड़ने के अधिकारों के लिए 22 अक्टूबर 2026 को बोली (फिशिंग ऑक्शन) करवाई जाएगी। सब-डिवीजनल ऑफिसर के अनुसार, यह नीलामी सुबह 11 बजे सिधवां कैनाल सब-डिवीजन कार्यालय, लुधियाना में होगी। नीलामी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सिधवां कैनाल द्वारा गठित कमेटी की मौजूदगी में करवाई जाएगी।

अधिकारियों के मुताबिक, इस नीलामी में सिधवां मेन ब्रांच के बुर्जी नंबर 2,000 से 2,88,760 तक के हिस्से और बुर्जी नंबर 0 से टेल तक की सभी सहायक नदियों व माइनरों को शामिल किया गया है। नीलामी में सफल बोलीदाता को निर्धारित शर्तों के अनुसार संबंधित क्षेत्र में मछली पकड़ने का अधिकार मिलेगा। बोली को मंजूरी देने का अधिकार एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सिधवां कैनाल डिवीजन, लुधियाना के पास होगा। सफल बोलीदाता को मौके पर ही बोली की राशि जमा करवानी होगी, ऐसा न करने पर उसकी बोली रद्द की जा सकती है।

फिशिंग ऑक्शन के लिए ये शर्तें होंगी लागू

विभाग ने स्पष्ट किया है कि जुलाई और अगस्त के महीनों में मछली पकड़ने की अनुमति नहीं होगी। मछली पकड़ने के लिए जहरीली दवाओं या बिजली के करंट का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। बोलीदाता नहर, ब्रांच, सहायक नदी या माइनर को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा सकेगा और न ही प्रतिबंधित क्षेत्र में मछली पकड़ सकेगा।

यदि जल संसाधन विभाग या किसी अन्य विभाग के काम के कारण नहर, सहायक नदी या माइनर को बंद किया जाता है, तो बोलीदाता इस संबंध में आपत्ति या मुआवजे की मांग नहीं कर सकेगा। नीलामी में भाग लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए अपना मूल पहचान पत्र (Original ID Proof) और उसकी एक प्रति साथ लाना अनिवार्य होगा।

इच्छुक बोलीदाता नीलामी में भाग लेने से पहले सभी शर्तों को ध्यानपूर्वक पढ़ लें, ताकि बोली प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।

दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर प्रशासन अलर्ट, कोलकाता समेत 4 क्षेत्रों में 18 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की तैनाती

कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ में 19 लोगों की मौत के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बाबूघाट पर विसर्जन तैयारियों का जायजा लिया। सुरक्षा के लिए 18 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई।

कोलकाता / सत्ता संदेश

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के दौरान 19 लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने प्रतिमा विसर्जन के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को कोलकाता के बाबूघाट पहुंचकर दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ विजयादशमी पर विसर्जन प्रक्रिया को सुचारू और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के उपायों पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री के साथ कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय कुमार नंद और कोलकाता नगर आयुक्त स्मिता पांडे भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सावधानियां बरती जा रही हैं और इंतजाम मजबूत किए गए हैं। उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) को भी शामिल किया गया है। विसर्जन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सफाई अभियान चलाया जाएगा।

गौरतलब है कि महाष्टमी की शाम कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मच गई थी, जिसमें 19 लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद प्रशासन ने निगरानी बढ़ाने और विसर्जन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए हैं।

विसर्जन की निगरानी के लिए 18 वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तैनात

एक अधिकारी के अनुसार, कोलकाता और आसपास के तीन पुलिस आयुक्तालयों—हावड़ा, बैरकपुर और चंदननगर—में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की निगरानी के लिए कुल 18 आईपीएस अधिकारियों को तैनात किया गया है। इनमें से 12 अधिकारी कोलकाता में और छह अधिकारी अन्य तीन क्षेत्रों में जिम्मेदारी संभालेंगे। अधिकारियों की तैनाती 21 से 24 अक्टूबर तक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार की गई है।

कोलकाता में छह अधिकारी 21 और 23 अक्टूबर को, जबकि अन्य छह अधिकारी 22 और 24 अक्टूबर को विसर्जन की निगरानी करेंगे। हावड़ा में भी दो अधिकारियों को अलग-अलग तारीखों पर जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, बैरकपुर और चंदननगर में दो-दो अधिकारियों को विसर्जन व्यवस्था की निगरानी के लिए तैनात किया गया है।

प्रशासन का उद्देश्य विसर्जन के दौरान भीड़ को नियंत्रित करना, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना और श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारू रखना है। हालिया भगदड़ की घटना के बाद इस बार प्रतिमा विसर्जन के दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

BIMSTEC बैठक में आतंकवाद, ड्रग्स तस्करी और साइबर अपराध पर मंथन, दिल्ली घोषणा-पत्र अपनाया

नई दिल्ली में अमित शाह की अध्यक्षता में पहली BIMSTEC गृह मंत्री बैठक हुई। दिल्ली घोषणा-पत्र में आतंकवाद, ड्रग्स तस्करी, साइबर अपराध और मानव तस्करी के खिलाफ सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से पहली बिम्सटेक (BIMSTEC) गृह मंत्री बैठक नई दिल्ली में आयोजित की गई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए दिल्ली घोषणा-पत्र अपनाया गया।

बैठक में श्रीलंका का प्रतिनिधित्व सार्वजनिक सुरक्षा एवं संसदीय मामलों के मंत्री अनंदा विजेपाला ने किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा सतत आर्थिक और सामाजिक विकास की बुनियाद है। क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित वातावरण में रहने, यात्रा करने और बिना किसी भय के कारोबार करने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सदस्य देशों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।

नशीले पदार्थों की तस्करी और संगठित अपराध पर चिंता

बैठक में नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी को एक गंभीर सीमा पार चुनौती के रूप में उठाया गया। श्रीलंका के मंत्री अनंदा विजेपाला ने कहा कि ड्रग्स की तस्करी के तार संगठित आपराधिक नेटवर्क, अंतरराष्ट्रीय परिवहन मार्गों, वित्तीय लेन-देन और आधुनिक संचार तकनीकों से जुड़े हैं। ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए केवल राष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी जरूरी है।

उन्होंने श्रीलंका के राष्ट्रीय नशा रोकथाम कार्यक्रम ‘Ratama Ekata’ का उल्लेख करते हुए नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई के साथ रोकथाम, नशे की लत से प्रभावित लोगों के पुनर्वास और सामुदायिक भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया।

साइबर अपराध और मानव तस्करी के खिलाफ सहयोग पर जोर

बैठक में साइबर अपराध, वित्तीय अपराध, मानव तस्करी, प्रवासियों की अवैध तस्करी और समुद्री मार्गों से होने वाली आपराधिक गतिविधियों से निपटने के उपायों पर चर्चा की गई। सदस्य देशों के बीच खुफिया सूचनाओं और सुरक्षा संबंधी जानकारी का समय पर आदान-प्रदान करने तथा कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की जरूरत पर बल दिया गया।

श्रीलंका ने कहा कि सीमा पार अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए संबंधित एजेंसियों के बीच सूचनाओं का तेजी से आदान-प्रदान जरूरी है। क्षेत्रीय स्तर पर की गई प्रतिबद्धताओं को व्यावहारिक कार्रवाई में बदलना और आम लोगों को इसका लाभ पहुंचाना भी महत्वपूर्ण है।

दिल्ली घोषणा-पत्र में आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति

बैठक में अपनाए गए दिल्ली घोषणा-पत्र के माध्यम से बिम्सटेक सदस्य देशों ने बंगाल की खाड़ी क्षेत्र को सुरक्षित, मजबूत, विकसित और समृद्ध बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। घोषणा-पत्र में आतंकवाद, हिंसक उग्रवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद के वित्तपोषण, साइबर अपराध और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।

इसके साथ ही मौजूदा कानूनी समझौतों और व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने, आपराधिक मामलों में पारस्परिक कानूनी सहायता, प्रत्यर्पण और दोषसिद्ध कैदियों के स्थानांतरण जैसे विषयों पर सहयोग मजबूत करने की आवश्यकता भी रेखांकित की गई। सुरक्षा एजेंसियों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को भी क्षेत्रीय सहयोग का अहम हिस्सा माना गया।

सुरक्षा संस्थानों को मजबूत बनाने की जरूरत

श्रीलंका के मंत्री ने सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सुरक्षा संस्थानों की क्षमता बढ़ाने और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा केवल कानून लागू करने वाली एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए जनता का विश्वास, सामुदायिक भागीदारी और सामाजिक सहयोग भी जरूरी हैं।

बच्चों और युवाओं को नशीले पदार्थों, हिंसा और शोषण से बचाना भी प्रभावी सार्वजनिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बैठक से पहले 12 अक्टूबर को गृह मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में भी मानव तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद के वित्तपोषण, नशीले पदार्थों पर नियंत्रण और आपदा प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई थी।

बिम्सटेक सदस्य देशों की यह पहल बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। क्षेत्रीय सहयोग के जरिए सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने के साथ आर्थिक विकास, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।

पंजाब दौरे पर अमित शाह ने AAP सरकार को घेरा, नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की मौत पर उठाए सवाल

लुधियाना / मानसा / सत्ता संदेश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने पंजाब दौरे के दौरान राज्य में नशे की समस्या को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखा हमला बोला। मंगलवार को गुरदासपुर, संगरूर और मानसा में नशे से जुड़े मामलों से प्रभावित परिवारों से मुलाकात के बाद शाह ने आरोप लगाया कि पंजाब में नशीले पदार्थों का कारोबार गंभीर चुनौती बना हुआ है और इसके खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

अमित शाह ने गुरदासपुर के विक्रमजीत सिंह, संगरूर के गुलजार सिंह और मानसा के एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा के मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाओं ने उन्हें गहरा दुख पहुंचाया है। उन्होंने पंजाब सरकार से सवाल किया कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों और उनके परिवारों को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।

शाह ने आरोप लगाया कि राज्य में जमीनी हालात चिंताजनक हैं और नशे की समस्या से निपटने के लिए सरकार को ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों से मिलने का उनका उद्देश्य उनके दुख में शामिल होना और उन्हें न्याय का भरोसा दिलाना था।

‘गांव-गांव में बिक रहा नशा’, AAP सरकार से पूछे सवाल

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने से पहले पंजाब को नशामुक्त बनाने का वादा किया था, लेकिन उनके अनुसार राज्य में नशीले पदार्थों का कारोबार अब भी चिंता का विषय है। उन्होंने पुलिसकर्मियों से कथित तौर पर नशीले पदार्थों की बरामदगी का उल्लेख करते हुए नशे के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत बताई।

शाह ने पंजाब सरकार से PIT-NDPS कानून के तहत की गई कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उनके दावे के अनुसार, पिछले एक साल में इस कानून के तहत 929 मामले दर्ज किए गए, लेकिन नशे के कारोबार से प्रभावित क्षेत्रों में गिरफ्तारियों को लेकर उन्होंने सरकार से जवाब मांगा।

उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर गंभीर मामलों की समीक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया। शाह ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में केवल बयान देने के बजाय ठोस कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।

‘गालियां देने से फायदा नहीं, नशे का कारोबार बंद करें’

अमित शाह ने कहा कि पंजाब दौरे पर आने का उनका उद्देश्य नशे से प्रभावित परिवारों को सांत्वना देना था। उन्होंने कहा कि राजनीतिक बयानबाजी या उनके प्रति नाराजगी जताने से नशे की समस्या का समाधान नहीं होगा।

शाह ने राज्य सरकार से अपील की कि नशीले पदार्थों के कारोबार को रोकने और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार नशे के खिलाफ अभियान में पंजाब के लोगों के साथ खड़ी है।

BJP सरकार बनने पर 31 दिसंबर 2029 तक नशामुक्त पंजाब का वादा

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों और उन्हें संरक्षण देने वालों की पहचान कर कानून के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने पंजाब की जनता से वादा दोहराया कि राज्य में भाजपा की सरकार बनने पर 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य रखा जाएगा।

शाह ने यह भी कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को न्याय मिलना चाहिए और इस तरह की घटनाओं में शामिल आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए।

‘पाताल से भी ढूंढ निकाले जाएंगे आरोपी’, CBI जांच पर शाह का बयान

परविंदर सिंह झोटा के मामले का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि आरोपी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे कानून के सामने लाया जाना चाहिए। उन्होंने मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपे जाने के फैसले का स्वागत किया और दोषियों को सजा दिलाने का भरोसा दिया।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 20 अक्टूबर को झोटा हत्याकांड की जांच CBI को सौंपने की घोषणा की थी। इसके बाद CBI की टीम मानसा पहुंची और मामले की जांच अपने हाथ में लेने की प्रक्रिया शुरू की। शाह ने गुरदासपुर और संगरूर से जुड़े अन्य मामलों की जांच भी CBI को सौंपने की मांग उठाई।

झोटा परिवार से मुलाकात, इंसाफ की मांग पर कायम परिजन

मानसा में अमित शाह ने एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात की। परिवार ने उनसे मामले में इंसाफ दिलाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। परिजनों के अनुसार, शाह ने उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया और जांच में कार्रवाई को लेकर इंतजार करने के लिए कहा।

झोटा परिवार और समर्थक मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। CBI जांच शुरू होने के बाद अब इस मामले में जांच की प्रगति और सामने आने वाले तथ्यों पर नजर रहेगी।

अमित शाह का यह दौरा पंजाब में नशे की समस्या, कानून-व्यवस्था और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार के बीच राजनीतिक टकराव को भी सामने लाता है। जहां भाजपा ने राज्य सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, वहीं झोटा मामले को CBI को सौंपने का फैसला पंजाब सरकार की ओर से परिवार की मांग स्वीकार किए जाने के रूप में सामने आया है।

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: अमृतसर से मुंबई तक हथियार पहुंचाने का नेटवर्क, दो महिलाओं की भूमिका भी जांच के घेरे में

टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले में अमृतसर से हथियार मिलने की जानकारी सामने आई है। जांच में कथित डेड लेटर बॉक्स तरीके और हथियार सप्लाई नेटवर्क की भूमिका की पड़ताल हो रही है।

मुंबई / अमृतसर / सत्ता संदेश

अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में जांच के दौरान हथियारों की सप्लाई से जुड़ी नई जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल अमृतसर में पहले से तय एक जगह से हासिल की थी। हथियारों को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए कथित तौर पर ‘डेड लेटर बॉक्स’ तरीके का इस्तेमाल किया गया, जिसमें सामान को किसी निश्चित स्थान पर रख दिया जाता है और दूसरा व्यक्ति वहां से उसे उठा लेता है।

सूत्रों के अनुसार, कुणाल और सुमित नाम के दो आरोपी करीब दो सप्ताह पहले हथियार लेने अमृतसर गए थे। बताया जा रहा है कि अनिल पंडित ने एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए कुणाल को हथियार रखे होने की जगह की जानकारी दी थी। जांचकर्ताओं के मुताबिक, हथियार रखने वाले व्यक्ति और उन्हें उठाने वाले आरोपियों के बीच सीधे संपर्क की जरूरत नहीं पड़ी।

हथियारों की सप्लाई के लिए दिए गए 70 से 80 हजार रुपये

सूत्रों के मुताबिक, अनिल पंडित ने कथित तौर पर इस काम के लिए आरोपियों को 70 से 80 हजार रुपये दिए थे। इसमें से लगभग 10 से 12 हजार रुपये बबीता और राधा नाम की दो महिलाओं को दिए जाने की बात सामने आई है। इन महिलाओं पर हथियारों को मुंबई पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपे जाने का आरोप है। इस मामले में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, कुणाल इसी साल जुलाई में सोनीपत जेल से रिहा हुआ था। जेल से बाहर आने के बाद एक दोस्त के माध्यम से उसकी मुलाकात अनिल पंडित से हुई थी। इसके बाद दोनों कथित तौर पर एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए संपर्क में रहने लगे।

जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि करीब दो सप्ताह पहले कुणाल को अमृतसर से हथियार लेकर मुंबई पहुंचाने का काम सौंपा गया था। जांचकर्ताओं को शक है कि इस काम में कुणाल ने अपनी गर्लफ्रेंड राधा की मदद ली। बताया जा रहा है कि राधा और बबीता सोनीपत की एक फैक्ट्री में काम करती हैं और कुणाल की मुलाकात राधा से करीब दो महीने पहले हुई थी। हालांकि, इन सभी दावों की पुष्टि जांच एजेंसियों की आधिकारिक जानकारी से होना बाकी है।

18 अक्टूबर को जुहू में हुई थी फायरिंग

जानकारी के मुताबिक, 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में शाम करीब सात बजे टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना हुई थी। उस समय अभिनेता फुटबॉल क्लब से निकलकर अपने घर की ओर जा रहे थे। इस घटना में अभिनेता बाल-बाल बच गए, जबकि उनके ड्राइवर को चोटें आई थीं।

मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही है। खबरों के मुताबिक, बुधवार को गिरफ्तार किए गए तीन मुख्य आरोपियों को राजस्थान के कोटा से मुंबई लाया गया। मेडिकल जांच के बाद उन्हें पूछताछ के लिए एंटी एक्सटॉर्शन सेल के कार्यालय ले जाया गया। आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उन्हें अदालत में पेश किए जाने की जानकारी दी गई है।

इस मामले में अमृतसर से हथियारों की कथित सप्लाई, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के इस्तेमाल और आरोपियों के बीच संपर्क की कड़ियों को जोड़ने पर जांच एजेंसियों का ध्यान है। जांच पूरी होने और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही पूरे नेटवर्क की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

Punjab Roadways Strike: पंजाब में रोडवेज का चक्का जाम, कच्चे कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

पंजाब में पनबस और पीआरटीसी के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों ने मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया। जानें रेशम सिंह गिल ने सरकार पर क्या आरोप लगाए।

पंजाब / सत्ता संदेश

पंजाब में पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है। पंजाब रोडवेज पनबस/पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब (25/11) ने कर्मचारियों को पक्का करने और अन्य मांगें पूरी करने की मांग को लेकर आंदोलन का रास्ता अपनाया है। हड़ताल के चलते बस सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है।

यूनियन और पंजाब सरकार के बीच मांगों को लेकर गतिरोध बरकरार है। यूनियन ने सरकार पर बार-बार बैठकों को आगे बढ़ाकर कर्मचारियों की मांगों को टालने का आरोप लगाया है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों पर चर्चा हो रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।

यूनियन के प्रधान रेशम सिंह गिल ने बताया कि पिछले छह महीनों के दौरान वित्त एवं परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा के साथ सात से आठ बैठकें हो चुकी हैं। उनके मुताबिक, हर बैठक में यूनियन से दस दिन का समय मांगा जाता रहा, लेकिन इसके बावजूद कर्मचारियों की एक भी मांग पूरी नहीं हुई।

रेशम सिंह गिल के अनुसार, 5 अक्टूबर को हुई अंतिम बैठक में सरकार की ओर से 15 अक्टूबर तक लिए गए फैसलों को लागू करने और संबंधित नोटिफिकेशन जारी करने का आश्वासन दिया गया था। हालांकि, यूनियन का आरोप है कि तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी मांगों को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

यूनियन ने स्पष्ट किया है कि जब तक कर्मचारियों की मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता और सरकार अपने आश्वासनों को लागू नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रखने का रुख अपनाया जाएगा। हड़ताल की अवधि में बस सेवाओं पर पड़ने वाले वास्तविक असर और यात्रियों को होने वाली परेशानी की स्थिति संबंधित अपडेट के आधार पर स्पष्ट होगी।