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Punjab Employees Strike: पंजाब में 21-22 अक्टूबर को सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों की हड़ताल

पंजाब में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों ने 21-22 अक्टूबर को सामूहिक छुट्टी लेकर हड़ताल का ऐलान किया। मुख्यमंत्री भगवंत मान से बैठक और मांगों के समाधान की मांग।

जालंधर / सत्ता संदेश

पंजाब में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों को लेकर विरोध तेज हो गया है। पंजाब मुलाजिम एवं पेंशनर सांझा फ्रंट और अन्य सरकारी कर्मचारी संगठनों ने 21 और 22 अक्टूबर को सामूहिक छुट्टी लेकर हड़ताल करने का ऐलान किया है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की ओर से बैठक बुलाकर उनकी समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

जालंधर में कर्मचारी संगठनों के प्रधानों ने बातचीत के दौरान बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अक्टूबर की शुरुआत में सरकारी कर्मचारियों के साथ बैठक करने और उनकी मांगों का समाधान करने का भरोसा दिया था। हालांकि, अक्टूबर के कई दिन बीत जाने के बावजूद बैठक नहीं हुई। इसी के विरोध में संगठनों ने 21 और 22 अक्टूबर को सामूहिक छुट्टी लेकर हड़ताल करने का फैसला किया है।

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार के सामने आवाज उठा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। संगठनों ने सरकार से जल्द बैठक बुलाने और कर्मचारियों तथा पेंशनरों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है।

कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो 21 और 22 अक्टूबर की हड़ताल के बाद बड़े स्तर पर दोबारा प्रदर्शन किया जाएगा। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यदि आंदोलन आगे बढ़ता है, तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

इस हड़ताल का सरकारी कार्यालयों में कामकाज और आम लोगों को मिलने वाली सेवाओं पर कितना असर पड़ेगा, यह संबंधित विभागों में कर्मचारियों की भागीदारी पर निर्भर करेगा।