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BIMSTEC बैठक में आतंकवाद, ड्रग्स तस्करी और साइबर अपराध पर मंथन, दिल्ली घोषणा-पत्र अपनाया

नई दिल्ली में अमित शाह की अध्यक्षता में पहली BIMSTEC गृह मंत्री बैठक हुई। दिल्ली घोषणा-पत्र में आतंकवाद, ड्रग्स तस्करी, साइबर अपराध और मानव तस्करी के खिलाफ सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से पहली बिम्सटेक (BIMSTEC) गृह मंत्री बैठक नई दिल्ली में आयोजित की गई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए दिल्ली घोषणा-पत्र अपनाया गया।

बैठक में श्रीलंका का प्रतिनिधित्व सार्वजनिक सुरक्षा एवं संसदीय मामलों के मंत्री अनंदा विजेपाला ने किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा सतत आर्थिक और सामाजिक विकास की बुनियाद है। क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित वातावरण में रहने, यात्रा करने और बिना किसी भय के कारोबार करने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सदस्य देशों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।

नशीले पदार्थों की तस्करी और संगठित अपराध पर चिंता

बैठक में नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी को एक गंभीर सीमा पार चुनौती के रूप में उठाया गया। श्रीलंका के मंत्री अनंदा विजेपाला ने कहा कि ड्रग्स की तस्करी के तार संगठित आपराधिक नेटवर्क, अंतरराष्ट्रीय परिवहन मार्गों, वित्तीय लेन-देन और आधुनिक संचार तकनीकों से जुड़े हैं। ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए केवल राष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी जरूरी है।

उन्होंने श्रीलंका के राष्ट्रीय नशा रोकथाम कार्यक्रम ‘Ratama Ekata’ का उल्लेख करते हुए नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई के साथ रोकथाम, नशे की लत से प्रभावित लोगों के पुनर्वास और सामुदायिक भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया।

साइबर अपराध और मानव तस्करी के खिलाफ सहयोग पर जोर

बैठक में साइबर अपराध, वित्तीय अपराध, मानव तस्करी, प्रवासियों की अवैध तस्करी और समुद्री मार्गों से होने वाली आपराधिक गतिविधियों से निपटने के उपायों पर चर्चा की गई। सदस्य देशों के बीच खुफिया सूचनाओं और सुरक्षा संबंधी जानकारी का समय पर आदान-प्रदान करने तथा कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की जरूरत पर बल दिया गया।

श्रीलंका ने कहा कि सीमा पार अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए संबंधित एजेंसियों के बीच सूचनाओं का तेजी से आदान-प्रदान जरूरी है। क्षेत्रीय स्तर पर की गई प्रतिबद्धताओं को व्यावहारिक कार्रवाई में बदलना और आम लोगों को इसका लाभ पहुंचाना भी महत्वपूर्ण है।

दिल्ली घोषणा-पत्र में आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति

बैठक में अपनाए गए दिल्ली घोषणा-पत्र के माध्यम से बिम्सटेक सदस्य देशों ने बंगाल की खाड़ी क्षेत्र को सुरक्षित, मजबूत, विकसित और समृद्ध बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। घोषणा-पत्र में आतंकवाद, हिंसक उग्रवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद के वित्तपोषण, साइबर अपराध और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।

इसके साथ ही मौजूदा कानूनी समझौतों और व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने, आपराधिक मामलों में पारस्परिक कानूनी सहायता, प्रत्यर्पण और दोषसिद्ध कैदियों के स्थानांतरण जैसे विषयों पर सहयोग मजबूत करने की आवश्यकता भी रेखांकित की गई। सुरक्षा एजेंसियों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को भी क्षेत्रीय सहयोग का अहम हिस्सा माना गया।

सुरक्षा संस्थानों को मजबूत बनाने की जरूरत

श्रीलंका के मंत्री ने सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सुरक्षा संस्थानों की क्षमता बढ़ाने और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा केवल कानून लागू करने वाली एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए जनता का विश्वास, सामुदायिक भागीदारी और सामाजिक सहयोग भी जरूरी हैं।

बच्चों और युवाओं को नशीले पदार्थों, हिंसा और शोषण से बचाना भी प्रभावी सार्वजनिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बैठक से पहले 12 अक्टूबर को गृह मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में भी मानव तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद के वित्तपोषण, नशीले पदार्थों पर नियंत्रण और आपदा प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई थी।

बिम्सटेक सदस्य देशों की यह पहल बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। क्षेत्रीय सहयोग के जरिए सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने के साथ आर्थिक विकास, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।